मोजेक फाउंडेशन अवार्ड समारोह में पुरस्कृत हुए युवा वैज्ञानिक

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Mar 13 2019 2:15PM
मोजेक फाउंडेशन अवार्ड समारोह में पुरस्कृत हुए युवा वैज्ञानिक
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2018−19 के मोजेक कम्पनी फाउंडेशन अवॉर्ड तीन कृषि वैज्ञानिकों को दिए गए। इस बार कृषि पोषकों पर उत्कृष्ट खोज के लिए बेस्ट डॉक्टरेट थीसिस के लिए डॉ सुमंत कुंडू− वैज्ञानिक, आई.सी ए.आर−सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर ड्राईलैंड एग्रीकल्चर हैदराबाद को सम्मानित किया गया।

गुरुग्राम। कृषि क्षेत्र में विशेष शोध के लिए दिए जाने वाले प्रतिष्ठित मोजेक कम्पनी फाउंडेशन अवार्ड आज सहगल फाउंडेशन ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों को प्रदान किये गए। यह अवार्ड कृषि पोषकों पर विशेष शोध के लिए युवा वैज्ञानिकों को दिये जाते हैं। इनके लिए देशभर के कृषि वैज्ञानिकों के नए व प्रमाणिक शोधकार्यों के आधार पर ज्यूरी द्वारा वैज्ञानिकों का चयन किया जाता है। 2018−19 के मोजेक कम्पनी फाउंडेशन अवॉर्ड तीन कृषि वैज्ञानिकों को दिए गए। इस बार कृषि पोषकों पर उत्कृष्ट खोज के लिए बेस्ट डॉक्टरेट थीसिस के लिए डॉ सुमंत कुंडू− वैज्ञानिक, आई.सी ए.आर−सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर ड्राईलैंड एग्रीकल्चर हैदराबाद को सम्मानित किया गया। इसी के साथ युवा वैज्ञानिक पुरस्कार की श्रेणी में डॉ सी एम परिहार, वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और डॉ संजीब कुमार बेहरा− वैज्ञानिक, भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान को पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार 2015 से प्रतिवर्ष कृषि पोषकों पर शोध में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषि वैज्ञानिकों को दिया जाता है। 

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भारत के वातावरण के अनुरूप कृषि उत्पादन व भूमि की उर्वरता बढ़ाने, शोध व प्रशिक्षण पर आधारित कृषि ज्योति परियोजना के 11 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आज गुरुग्राम के सेक्टर 44 स्थित सहगल फाउंडेशन ऑडिटोरियम में आयोजित संयुक्त कार्यक्रम में चयनित कृषि वैज्ञानिकों को डेढ़ लाख रुपए की नकद धनराशि, प्रशस्ति पत्र, शाल व ब्लेजर देकर सम्मानित किया गया। कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आर्थिक स्थित सिुधारने की दिशा में काम कर रहे गैर सरकारी संगठन सहगल फाउंडेशन व मोजेक कम्पनी फाउंडेशन द्वारा संचालित 'कृषि ज्योति परियोजना' के अंतर्गत कृषि उत्पादन में सूक्ष्म विशेष पोषकों (माइक्रो न्यूटि्रएंट) पर शोध करने वाले तीन कृषि वैज्ञानिकों को यहां सम्मानित किया गया। समारोह में मोजेक कम्पनी फाउंडेशन तथा सहगल फाउंडेशन द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी के साथ ही भविष्यगत परियोजनाओं की रूप−रेखा भी प्रस्तुत की गई तथा जिसमें सहगल फाउंडेशन का ध्येय हम मिलकर ग्रामीण भारत को सशक्त बनाते हैं (टूगैदर वी इन्पावर रूरल इंडिया) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल रेनफैड एरिया अथारिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अशोक दलवई ने मोजेक कम्पनी फाउंडेशन और सहगल फाउंडेशन के कृषि उत्पादकता और छोटे किसानों की आय बढ़ाने और शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे अभिनव प्रयासों की सराहना की और अन्य उपक्रमों एवं कम्पनियों से भी किसानों के कल्याण के लिए आगे आने का आह्वान किया। इस मौके पर मोजेक कम्पनी के वाइस प्रेसीडेंट, कारर्पोरेट पब्लिक अफेयर्स बेंजामिन प्रैट ने मोजेक कम्पनी एवं सहगल फाउंडेशन द्वारा समाज कल्याण के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश और भविष्य में लगातार साथ मिलकर कृषि एवं शिक्षा के क्षेत्र में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जतायी। समारोह में प्रबंध निदेशक रोबिन एडविन और कंट्री एग्रोनोमिस्ट शशिकांत भेंडे और हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. जे. सी. कत्याल ने भी संबोधित किया।

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समारोह में बड़ी संख्या में इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च,  इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट, इंडियन इंस्टीट्यूट, अॉफ सोयल साइंस, नेशनल रिसर्च सेंटर, स्टेट एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटीज़, फर्टिलाईजर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, इंटरनेशनल जिंक एसोसिएशन सहित कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थानोंध्विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अलावा राज्य और केन्द्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों ने भाग लेकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। समारोह में फाउंडेशन द्वारा हरियाणा के नूंह और राजस्थान के अलवर जिले के 60 से अधिक गांवों में कृषि ज्योति पायलट परियोजना के तहत चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। सहगल फाउंडेशन की प्रवक्ता सोनिया चोपड़ा ने बताया कि अब तक इस परियोजना से जहां 50 हजार से अधिक किसानों को लाभ हुआ है वहीं उपरोक्त दोनों जिलों के 60 से अधिक गावों का विकास हुआ है। परियोजना के तहत ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में भी काम किए जा रहे हैं। 

इन जिलों में स्थित सरकारी स्कूलों में जरूरी संरचनात्मक सुविधाओं के मद्देनज़र निर्माण कार्य कर यहां पढ़ने वाले करीब 10000 स्कूली बच्चों को लाभ मिला है। कृषि ज्योति परियोजना अगले 10 वर्ष तक जारी रहेगी और इसका विस्तार भी किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किसानों एवं बच्चों की खासकर प्राथमिक ग्रामीण शिक्षा को इसका लाभ मिल सके। समारोह में सहगल फाउंडेशन की सी ओ ओ अंजली मखीजा, डायरेक्टर अंजलि गोदयाल, कृषि विकास कार्यक्रम के प्रोग्राम  लीडर पवन कुमारआदि के विशेष योगदान से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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