बेरोजगारी के चलते प्रधानमंत्री का जन्मदिन ‘बेरोजगार दिवस’ के रूप मना रहे हैं युवा: कांग्रेस

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कांग्रेस ने दावा किया कि बेरोजगारी की भयावह स्थिति के कारण आज देश के युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन ‘राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस’ के रूप में मना रहे हैं, जो दुख की बात है। मुख्य विपक्षी दल ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई भी दी और उनके दीर्घायु होने की कामना की।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने दावा किया कि बेरोजगारी की भयावह स्थिति के कारण आज देश के युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन ‘राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस’ के रूप में मना रहे हैं, जो दुख की बात है। मुख्य विपक्षी दल ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई भी दी और उनके दीर्घायु होने की कामना की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री के खिलाफ हमारी वैचारिक और राजनीतिक लड़ाई जारी है। हमारे खिलाफ उनका निजी प्रतिशोध तेज हो हो गया है। इसके बावजूद हम अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 72वें जन्मदिवस की बधाई देते हैं।’’

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पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज मोदी जी का 72वां जन्मदिवस है, उन्हें हमारी हार्दिक शुभकामनाएं, ईश्वर उनको स्वस्थ और दीर्घायु बनाएं।’’ उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘ भारत में महान प्रधानमंत्रियों के जन्मदिवस को प्रतीकात्मक रूप से मनाया जाता रहा है। बच्चों के प्रिय चाचा नेहरू के जन्मदिन को बाल दिवस , इंदिरा जी के जन्मदिन को कौमी एकता दिवस के रूप में, राजीव जी के जन्मदिन को, सद्भावना दिवस और अटल जी के जन्मदिन को सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। आज देश के युवा राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस मना रहे हैं।’’

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सुप्रिया ने दावा किया कि भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और आज कामकाजी उम्र के 60 प्रतिशत लोग या तो काम नहीं कर रहे हैं या काम की तलाश भी नहीं कर रहे। उन्होंने कहा, ‘‘20-24 वर्ष की उम्र के 42 प्रतिशत युवा बेरोज़गार हैं। अगर यह स्थिति भयावह नहीं तो और क्या है? मोदी जी ना ही कोरोना और ना ही यूक्रेन-रूस के युद्ध के पीछे छुप सकते हैं।’’ कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, देश में कोविड के पहले ही 45 वर्षों में सबसे शीर्ष स्तर पर बेरोज़गारी पहुंच गयी थी और इस समय बेरोज़गारी एक साल में सबसे ऊपर 8.3 प्रतिशत के स्तर पर है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी से आशा थी कि उनके वादे के मुताबिक 8 साल में 16 करोड़ नौकरियां मिल जानी चाहिए थीं।

लेकिन इन 8 वर्षों में नौकरी के आवेदन आए 22 करोड़ और रोज़गार मात्र 7 लाख लोगों को मिले। बेरोज़गारी की मार तो सबसे ज़्यादा महिलाओं पर पड़ी है। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 26 प्रतिशत से गिरकर 15 प्रतिशत पर चली गयी है।’’ सुप्रिया ने सवाल किया, ‘‘कहां हैं सालाना 2 करोड़ रोज़गार? आख़िर क्यों 60 लाख सरकारी पद केंद्र और राज्य सरकारों में ख़ाली पड़े हैं? सबसे ज़्यादा रोज़गार का सृजन करने वाले छोटे लघु मध्यम उद्योगों के लिए कोई नीति क्यों नहीं?

आख़िर लाख उकसाने और फटकारने के बावजूद निजी क्षेत्र निवेश क्यों नहीं कर रहा, क्या आपकी नीतियों में भरोसा नहीं है?’’ उन्होंने यह भी पूछा, ‘‘सारा ध्यान हम दो और हमारे दो पर ही केंद्रित रहेगा, तो बाक़ी रोज़गार कहां और कौन सृजित करेगा? युवाओं को स्थायी रोज़गार देने के बजाय 4साल के ठेके पर रखकर 23 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त करने का षड्यंत्र क्यों?’’ कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मुझे दुख है और बहुत चिंता है कि आज देश के युवा राष्ट्रीय बेरोज़गार दिवस क्यों मना रहे हैं? अभी तो आपके पास लगभग 2 साल हैं - युवाओं को रोज़गार दीजिए - इतिहास इमारतों से नहीं - इरादों से बनता है।

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