रायपुर पुलिस के पहुंचने से पहले रोहित रंजन फरार, पंचनामा तैयार किया गया

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रायपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने बताया, “रायपुर का पुलिस दल आज सुबह करीब नौ बजे रोहित रंजन के गाजियाबाद स्थित निवास पर पहुंचा। घर में ताला लगाकर फरार पाए जाने से आरोपी का फरारी पंचनामा तैयार किया गया है। अन्य संभावित स्थानों पर आरोपी की तलाश की जा रही है।

रायपुर।समाचार चैनल जी न्यूज के प्रस्तोता रोहित रंजन की गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश की पुलिस के साथ टकराव के दूसरे दिन रायपुर पुलिस बुधवार को एक बार फिर रंजन के घर पहुंची लेकिन वह वहां नहीं मिले। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पुलिस ने रंजन का फरारी पंचनामा तैयार किया है। रायपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने बताया, “रायपुर का पुलिस दल आज सुबह करीब नौ बजे रोहित रंजन के गाजियाबाद स्थित निवास पर पहुंचा। घर में ताला लगाकर फरार पाए जाने से आरोपी का फरारी पंचनामा तैयार किया गया है। अन्य संभावित स्थानों पर आरोपी की तलाश की जा रही है।”

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रायपुर जिले के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान को गलत संदर्भ में दिखाने के मामले में रंजन के खिलाफ रायपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कांग्रेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले की पुलिस मंगलवार तड़के पत्रकार रंजन को गिरफ्तार करने उनके इंदिरापुरम स्थित घर पहुंची थी। लेकिन इस दौरान उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया। अग्रवाल ने कहा, नोएडा पुलिस ने रोहित को जमानत पर रिहा किया है, उन्हें रायपुर पुलिस को सूचित करना चाहिए था। क्योंकि पुलिस दल रोहित के संबंध में जानकारी लेने मंगलवार को सेक्टर-20 पुलिस थाने गया था। उन्होंने हमें उसके बारे में कुछ नहीं बताया और मंगलवार की देर शाम एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि वह जमानत पर रिहा हैं। भारतीय जनता पार्टी शासित उत्तर प्रदेश की गौतमबुद्ध नगर पुलिस द्वारा जारी बयान में कहा गया, आज दिनांक पांच जुलाई को थाना सेक्टर-20 में पंजीकृत मामले की विवेचना के क्रम में जी न्यूज के समाचार प्रस्तोता रोहित रंजन को पूछताछ के लिए उनके आवास न्यू स्कोटिस सोसाइटी, अहिंसा खंड, इंदिरापुरम से नोएडा लाया गया। पूछताछ के बाद साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई। उनके ऊपर लगी धाराओं के जमानतीय अपराध होने के चलते उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है।

विवेचनात्मक कार्रवाई प्रचलित है। अग्रवाल ने बताया कि कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की शिकायत पर रायपुर जिले के सिविल लाइंस थाने में रविवार को रंजन और अन्य के खिलाफ विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि यादव ने शिकायत में कहा है कि जी न्यूज चैनल के द्वारा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड में सांसद कार्यालय पर हमले और तोडफोड पर दिए गए वक्तव्य को आपराधिक आशय और मनगढ़ंत तरीके से संपादित कर उदयपुर की घटना से जोड़कर राष्ट्रीय एकता और अखंडता को खंडित कर देश में आतंकवाद फैलाने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया है। शिकायत के मुताबिक, इससे कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता और आम नागरिकों में भारी आक्रोश और तनाव व्याप्त है। वहीं इससे हिंदू और मुस्लिम समुदाय के मध्य घृणा और वैमनस्यता की भावना पैदा होकर सांप्रदायिक तनाव और लोक शांति को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि विधायक की शिकायत के बाद पुलिस ने जी ग्रुप के चेयरमैन और निदेशक, जी न्यूज चैनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसारित कार्यक्रम के निर्माता तथा कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले समाचार प्रस्तोता रोहित रंजन और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

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उन्होंने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रायपुर पुलिस का एक दल विधानसभा क्षेत्र के शहर पुलिस अधीक्षक उद्यन बेहार के नेतृत्व में रंजन के घर पहुंचा था लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका। रायपुर जिले की पुलिस ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश पुलिस पर रंजन की गिरफ्तारी के दौरान गिरफ्तारी की प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया था। रंजन ने अपने टीवी कार्यक्रम में गांधी के बयान को गलत संदर्भ में उदयपुर हत्याकांड से गलती से जोड़कर दिखाने के लिए दो जुलाई को माफी मांगी थी। रंजन ने ट्वीट किया था, हमारे शो डीएनए में राहुल गांधी का बयान उदयपुर की घटना से जोड़कर गलत संदर्भ में चल गया था। यह एक मानवीय भूल थी, जिसके लिए हमारी टीम क्षमा प्रार्थी है। हम इसके लिए खेद जताते हैं। भाजपा नेताओं समेत कई लोगों ने “गलत संदर्भ” में दिखाए गए इस वीडियो का इस्तेमाल राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की नृशंस हत्या की घटना के मद्देनजर गांधी और कांग्रेस पर हमला करने के लिए किया था। राहुल गांधी का वीडियो गलत संदर्भ में दिखाने के मामले में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में तीन सांसदों और एक विधायक समेत पांच भाजपा नेताओं के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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