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बॉलीवुड

बॉलीवुड का एक ऐसा स्टार जिसने दी थी मौत को मात...

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jan 3 2018 10:23AM

बॉलीवुड का एक ऐसा स्टार जिसने दी थी मौत को मात...
Image Source: Google

76 साल के हो चुके बॉलीवुड एक्टर संजय खान आज अपना जन्मदिन मना रहें हैं। संजय ने फिल्मों में काफी नाम कमाया, लेकिन टेलीविजन शो 'द स्वॉर्ड्स ऑफ टीपू सुल्तान' उनके कॅरियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। वैसे, आज संजय फिल्मों से दूर रहकर अपना टाइम फैमिली के साथ स्पेंड करते हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में...

प्रारंभिक जीवन
संजय खान का जन्म 3 जनवरी 1941 बंगलुरु के एक अफगानी परिवार में हुआ था। उनके पिता अफगानिस्तान के ग़ज़नी प्रांत से पठान वंश के तानोली जनजाति का थे, जबकि उनकी मां फारसी पृष्ठभूमि की थी। खान की प्रारंभिक शिक्षा बैंगलोर के ही बिशप कॉटन बॉयज़ स्कूल और सेंट जर्मेन हाई स्कूल में हुए थी। उनके भाई फिरोज खान, शाहरुख शाह अली खान, सेमीर खान और अकबर खान हैं। उनकी बहनें खुर्शीद शाहनवार और दिलशेद बेगम शेख हैं, जिन्हें दिलशाद बीबी के नाम से जाना जाता है। बैंगलोर में अपनी स्कूली शिक्षा के बाद वह मुंबई गए जहां उन्होंने अपने भाई फिरोज खान से जुड़कर निर्देशकों की सहायता करने लगे।
 
शादी और परिवार
संजय खान की शादी 60 के दशक के एक प्रसिद्ध मॉडल ज़रीन कटराक से हुई है। जरीन ने 1963 में आई फिल्म 'तेरे घर के सामन' में देवानंद के सचिव के रूप में अभिनय किया था। 1966 में संजय के साथ विवाह के बाद उन्होंने अभिनय छोड़ दिया। संजय खान की तीन बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी फराह का जन्म 1969 में दूसरी बेटी सिमोन का जन्म 1971 में और उनकी सबसे छोटी बेटी सुज़ैन खान का जन्म 1978 में हुआ था। इकलौते बेटे जायद खान का जन्म 5 जुलाई 1980 को हुआ था। अभिनेता ऋतिक रोशन उनकी छोटी बेटी सुज़ैन के पति थे, अब उन दोनों ने तलाक ले लिया है। अभिनेता फरदीन खान उसने भतीजे हैं जोकि फिरोज खान के बेटे हैं।
 
कॅरियर
संजय खान ने तीन फिल्मों के बतौर निर्माता-निर्देशक काम किया जिसमें उन्होंने प्रमुख भूमिका भी निभाई। वो फिल्में है चंडी सोना (1977), अब्दुल्ला (1980) और कला ढांडा गोरो लॉग (1986)। उन्होंने 1990 में  उपन्यास पर आधारित भारत की पहली ऐतिहासिक टेलीविजन सीरियल 'द स्वॉर्ड्स ऑफ टीपू सुल्तान' का निर्देशन किया और उसमें उन्होंने अभिनय भी किया था। यह सीरियल उन्हें लोगों का चहेता सितारा बना दिया।
 
बाद में उन्होंने मराठा जेनरल महादजी सिंधिया के जीवन के आधारित टीवी सीरियल द ग्रेट मराठा का निर्माण और निर्देशन किया। 90 के दशक के दौरान उन्होंने कई टीवी सीरियल जैसे जय हनुमान, 1857 क्रांति और महारथी कर्ण का निर्माण और निर्देशित भी किया। संजय खान ने एक बार मौत के मुंह से बाहर निकले हैं जब शूटिंग के दौरान सेट पर आग लग गई थी।  इस दुर्घटना में संजय काफी जख़्मी हो गए थे जिसके बाद उन्हें अस्पताल में 13 महीने बिताया और 73 शल्य चिकित्सा से गुजरे।

पुरस्कार
उत्तर प्रदेश फिल्म पत्रकार एसोसिएशन अवार्ड- 1981
आंध्र प्रदेश पत्रकार पुरस्कार- 1986
राजीव गांधी उत्कृष्टता पुरस्कार- 1993
उद्योग रत्न स्वर्ण पदक पुरस्कार- 1994
आशिर्वाद अवार्ड- 1994
राष्ट्रीय नागरिक पुरस्कार- 1994
द ग्लोरी ऑफ इंडिया अवार्ड्स- 1995
सुपर अचीवर ऑफ इंडिया पुरस्कार-1995
हिंदु गौरव पुरस्कार- 1997
काशी पंडित सन्द पुरस्कार
बिजनेस इनिशिएशन डेवलपमेंट अवार्ड-1997
लाइफटाइम अचीवर अवार्ड- 1996
मिलेनियम अवार्ड- 1999
मिलेनियम अचीवर्स- 2000
अमेरिकन फेडरेशन ऑफ़ मुस्लिम ऑफ़ इंडियन ओरिजिन- 2006
स्क्रीन स्टार 2009 द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
 
- अंकित कुमार

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