LoC में अग्रिम सीमा चौकियों पर इसलिए बार-बार हमला करता है पाक

By सुरेश एस डुग्गर | Publish Date: Nov 20 2017 1:32PM
LoC में अग्रिम सीमा चौकियों पर इसलिए बार-बार हमला करता है पाक

एक हमले में मार खाने के उपरांत पाक सेना ने दूसरे हमले में अधिक ताकत का इस्तेमाल किया क्योंकि वे भारतीय ताकत तथा भारतीय नीतिओं का अंदाजा पहले हमले में लगा चुके होते थे।

पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर स्थित भारतीय सेना की अग्रिम सीमा चौकिओं पर पाक सेना के हमले खतरे के संकेत हैं। कुछ इसे भड़काऊ गतिविधियां कहते हैं तो कुछ की नजर में इन हमलों के पीछे का मकसद पाक सेना द्वारा अपनी और भारतीय सेना की ताकत को परखने के साथ-साथ भारतीय सैनिकों की सतर्कता तथा उनके हमलों का भारतीय कैसे जवाब देते हैं यह पता लगाना है।

शायद ही कोई दिन बीतता होगा जब पाक सेना जम्मू कश्मीर से सटी सीमाओं पर भारतीय सीमा चौकिओं को हथियाने के नाकाम प्रयास न करती हो। आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन माह के भीतर 5 और करगिल युद्ध की समाप्ति के पश्चात ऐसे करीब 904 प्रयास हो चुके हैं जिनमें भारतीय सेना की अग्रिम सीमा चौकिओं पर कब्जा जमाने के लिए कमांडो हमले किए गए।
 
वैसे अधिकतर प्रयास तथा हमले एलओसी पर ही हुए। एलओसी पर यह प्रयास इसलिए भी हुए क्योंकि एलओसी पर कभी शांति के अंतरराष्ट्रीय नियम लागू नहीं होते और दोनों ही पक्षों के तोपखाने हमेशा ही गरजते रहते हैं।
 


हालांकि अधिकारियों के अनुसार, सीमा चौकिओं पर कब्जे के प्रयास आने वाले खतरे के प्रति संकेत हैं। यह संकेत युद्ध की सीमा तक के खतरे का आभास देते हैं। वैसे भी यह याद रखने योग्य तथ्य है कि सेनाध्यक्ष इसे स्वीकार कर चुके हैं कि एलओसी पर होने वाली छिटपुट घटनाएं दोनों देशों को युद्ध की ओर ले जा रही हैं।
 
इन हमलों के प्रति चौंकाने वाला रहस्योद्घाटन सेनाधिकारियों ने यह किया है कि पाकिस्तानी सेना अपनी ताकत को परखना चाहती है। वह यह देखना चाहती है कि युद्ध की स्थिति में वह भारतीय सीमा चौकिओं पर कब्जे कर सकती है या नहीं। हालांकि यह सच है कि इन कोशिशों के दौरान माहौल तो पूरी तरह से युद्ध का तैयार किया गया था जिसमें पाक तोपखानों ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई। यह बात अलग है कि प्रत्येक ऐसी घटना में पाकिस्तानी सेना को ही मुंह की खानी पड़ी।
 
भारतीय सेना की उन सीमा चौकिओं, जो अग्रिम होती हैं और जिन पर घुसपैठ को रोकने का दायित्व होता है, पर हमले कर कब्जे करने की कोशिशों के प्रति एक अन्य चौंकाने वाला रहस्योद्घाटन यह भी है कि इन हमलों के पीछे का मकसद भारतीय सैनिकों की ताकत तथा सतर्कता को भी परखना होता है।
 


हमलों के दौरान पाक सेना के जवानों का ध्यान अन्य दो बातों पर भी रहा है। इनमें पहली यह थी कि भारतीय सेना किस प्रकार और किस नीति के साथ उसके हमलों का जवाब देती है और वह क्या एक ही नीति का इस्तेमाल प्रत्येक हमले में करती है या फिर अलग अलग हमलों में अलग अलग नीतिओं का इस्तेमाल किया जाता है।
 
रक्षाधिकारियों के अनुसार, एलओसी के विभिन्न सेक्टरों में पाक सेना के अलग अलग हमलों में यह भी देखने को मिला है कि एक हमले में मार खाने के उपरांत पाक सेना ने दूसरे हमले में अधिक ताकत का इस्तेमाल किया क्योंकि वे भारतीय ताकत तथा भारतीय नीतिओं का अंदाजा पहले हमले में लगा चुके होते थे। नतीजतन अब भारतीय सेना को अपनी नीतिओं को हर बार बदलना पड़ रहा है।
 
- सुरेश एस डुग्गर


रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप



Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.

Related Video