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पुरुष मित्रों को रिटर्न गिफ्ट देने का खास मौका है 'व्हाइट डे'

By प्रज्ञा पाण्डेय | Publish Date: Mar 13 2018 4:03PM

पुरुष मित्रों को रिटर्न गिफ्ट देने का खास मौका है 'व्हाइट डे'
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14 मार्च को मनाया जाने वाला व्हाइट डे बहुत खास होता है। वैलेनटाइन डे के एक महीने बाद मनाया जाने वाला यह दिवस महिलाओं को अपने पुरुष मित्रों को रिटर्न गिफ्ट देने का मौका देता है। तो आइए आपको व्हाइट डे के बारे में कुछ रोचक जानकारी देते हैं। 

व्हाइट डे का क्रेज वैसे तो पूरी दुनिया में दिखाई दे रहा है लेकिन जापान, वियतनाम, ताइवान, हांगकांग, चीन और दक्षिण कोरिया में खासतौर से मनाया जाता है। व्हाइट डे सबसे पहले जापान में मनाया गया था। 1978 में व्हाइट डे को 14 मार्च को मनाने का फैसला किया गया था। व्हाइट डे को सफेद रंग से इसलिए जोड़ा जाता है कि क्योंकि सफेद रंग शुद्धता, प्रेम और पवित्रता को दर्शाता है। यही नहीं चीनी का रंग भी सफेद होता है जो मिठास का परिचायक होता है। व्हाइट डे के दिन पुरुष उम्मीद करते हैं कि उनकी महिला मित्र उन्हें उपहार स्वरूप तोहफे और चाकलेट दें। 
 
व्हाइड डे पर महिलाएं प्राथमिकता देती हैं कि वह अपने पुरुष मित्रों को सफेद रंग की चाकलेट उपहार में दें। साथ ही इस दिन नारियां शौक से अपने हाथ की बनी चाकलेट देती हैं। अपनी हाथ से बनी चाकलेट का खास मतलब होता है। यह विशेष चाकलेट स्त्री की पुरुष के प्रति प्रेम और वफादारी को दर्शाता है। साथ ही सफेद फूलों का गुलदस्ता और सफेद रंग के सॉफ्ट टवायज देने का भी चलन है। 
 
व्हाइट डे के दिन जापान में पुरुष अपने महिला मित्रों से जो चाकलेट उपहार के रूप में प्राप्त करते हैं उन्हें होनोमेइ चोको या गिरी चोको कहा जाता है। होनोमेइ चोको का मतलब होता है चाकलेट के प्रति प्रेम। इसके अलावा गिरी चोको का अर्थ होता है औपचारिक रूप से दी गई चाकलेट। गिरी चोको पुरुषों को रोमांटिक अंदाज से नहीं दिया जाता है। कई बार व्हाइट डे के दिन महिलाओं द्वारा दिए गए तोहफों को सनाबाई गयेशी कहा जाता है। सनाबाई गयेशी का अर्थ है तीन गुना अधिक मूल्यवान। वैलेनटाइन डे के दिन दिए गए तोहफे से तीन गुना अधिक मूल्यवान। 
 
जापान में 1977 में नेशनल कनफेशनरी इन्ड्स्ट्री एसोशिएसन ने वैलेटाइन डे के उत्तर के रूप में व्हाइट मनाने की शुरूआत की। इस व्हाइट डे पर स्त्रियां पुरुषों को विभिन्न प्रकार के चाकलेट उपहार स्वरूप दे सकती हैं। उसके बाद कनफेशनरी कम्पनियों ने व्हाइट और डार्क कलर की मार्केटिंग शुरू की। इस तरह बाजार में सफेद और गहरे रंग की चाकलेट उपलब्ध होती है जिसे अपने पसंद से दिया जा सकता है। इस तरह जापान में व्हाइट डे मनाया जाने लगा। उसके बाद जापान के पड़ोसी देश चीन, दक्षिण कोरिया और ताइवान में भी इसी तरह से व्हाइट डे मनाया जाने लगा। 
 
-प्रज्ञा पाण्डेय

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