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विशेषज्ञ राय

क्रेडिट कार्ड पर लिमिट बढ़वानी है? जानिये क्या करें क्या नहीं करें

By साहिल अरोड़ा | Publish Date: Feb 2 2018 4:08PM

क्रेडिट कार्ड पर लिमिट बढ़वानी है? जानिये क्या करें क्या नहीं करें
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आपके क्रेडिट कार्ड पर क्रेडिट लिमिट का मतलब है जब बैंक आपके कार्ड पर खरीदने की लिमिट को बढ़ा देता है। क्रेडिट कार्ड पर क्रेडिट लिमिट बढ़ाने से पहले बैंक कस्टमर का प्रोफाइल, परचेजिंग पावर, टाइम टू टाइम रिपेयमेंट हो रहा है कि नहीं और साथ ही में क्रेडिट पैटर्न को भी देखता है। बैंक आम तौर पर इन्हीं पारामीटर के आधार पर कस्टमर की क्रेडिट लिमिट बढ़ाता है। क्रेडिट लिमिट बढ़ने से न सिर्फ आपके खरीदने की क्षमता बढ़ती है बल्कि इससे आप क्रेडिट लेने की जरूरतों को भी कम करते हैं और अपने क्रेडिट स्कोर को भी बढ़ाते हैं।

क्रेडिट कार्ड इश्यू करने वाले बैंक तभी ही कस्टमर से संपर्क करते हैं जब वो क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की पात्रता को पूरा कर लेता है। आमतौर पर जब सीधे बैंक से हमें क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का ऑफर मिलता है तो हमें यह संदेह हो जाता है कि कहीं बैंक या एजेंसी ट्रैप तो नहीं कर रही है। लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है।
   
बैंक तभी ही क्रेडिट लिमिट बढ़ाती है जब आपका अकाउंट प्रोफाइल क्रेडिट लेने की पात्रता और शर्तों को पूरा करता हो और आप ज्यादा अमाउंट की लोन राशि हैंडल करने में सक्षम हों। हालांकि जब आप स्वयं क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिए अप्लाई करते हैं तो संभावना है कि आपके आवेदन को कभी रिजेक्ट भी किया जा सकता है। 
 
लिमिट बढ़ाने के लिए आवेदन देने का कब होता है उचित समय
 
आपको क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिए तभी अप्लाई करना चाहिए जब आप को इसकी जरूरत नहीं हो। जी हां आप सही पढ़ रहे हैं। एक निराश कर्जदार को ज्यादा राशि की उधारी लेने में संघर्ष करना पड़ता है और वहीं जिसे क्रेडिट यानि उधारी की जरूरत नहीं है वो आसानी से ज्यादा से ज्यादा राशि उधारी लेने के लिए सौदेबाजी कर सकता है। 
 
आइए जानते हैं उन मौकों के बारे में जब क्रेडिट लेने के लिए सौदेबाजी करना बेहतर आइडिया हो सकता है।
 
जब आपका रिपेमेंट रिकार्ड मजबूत हो जाए
 
जब बैंक को ये लगता है कि आप एक अनुशासित कर्जदार हो गए हैं, समय पर रिपेमेंट कर रहे हैं तब बैंक भी आपके क्रेडिट लिमिट बढाने वाले आवेदन को अप्रूव करने की सोचता है। बैंक इसके लिए आपके पिछले कई महीनों के रिपेमेंट रिकार्ड को खंगालता है और यह भी देखता है कि आपने कब कर्ज लिया और कितने समय में उसे चुकाया। बैंक जब आपके रिपेमेंट रिकॉर्ड से संतुष्ट हो जाए तो यह बेहतर समय होता है क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिए अप्लाई करने का। 
 
जब आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर हो
 
बता दें कि बैंक लिमिट अपग्रेड करने के लिए सिर्फ क्रेडिट स्कोर के ही फैक्टर को नहीं देखता है। हालांकि बेहतर क्रेडिट स्कोर होने से लिमिट अपग्रेड होने की संभावना जरूर बढ़ जाती है। जितना ज्यादा क्रेडिट स्कोर होगा उतना ही बेहतर रिपेमेंट करने की प्रवृति भी कस्टमर में दिखती है। जिसके वजह से बैंक की रिस्क कम हो जाती है और बैंक आसानी से आपके क्रेडिट लिमिट को बढ़ा देता है। इसलिए अगर आप लिमिट अपग्रेड कराने के लिए अप्लाई करने का प्लान बना बना रहे हैं तो आपको महीने भर पहले से एडवांस में ही क्रेडिट स्कोर चेक करना होगा। बिलों का भुगतान समय पर करना होगा। आपको बैंक को जताना होगा कि आपके अंदर देनदारी चुकाने की जवाबदेही है।
 
जब आपकी सैलरी बढ़ी हो
 
ज्यादा इनकम का मतलब है कि आप वित्तीय रुप से कर्ज को चुकाने मे ज्यादा समर्थ होते हैं और कर्ज की राशि को बेहतर हैंडल कर सकते हैं। अगर आप पुराने सैलरी पर लिमिट बढ़ाने के लिए अप्लाई करेंगे तो हो सकता है कि आपका आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाए, लेकिन जैसे ही आपकी सैलरी बढ़ती है और अगर उस समय आप लिमिट बढ़ाने के लिए आवेदन करते हैं तो बैंक फौरन आपके आवेदन को अप्रूव कर सकता है। 
 
कब क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिए नहीं करना चाहिए आवेदन 
 
ऊपर बताई गई स्थितियों से आपको कमोबेश यह जानकारी मिल गई होगी कि कब लिमिट बढ़ाने के लिए आवेदन देने का सही समय होता है। अब आप उन परिस्थितियों के बारे में भी जान लीजिए जब आपको लिमिट बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं करनी चाहिए।
 
जब आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर नहीं हो
 
आप अपने सभी भुगतान समय पर करते तो हैं लेकिन आप अपने कार्ड पर क्रेडिट स्कोर नहीं कर पाते हैं। क्रेडिट स्कोर करने में आपको महीनों लग जाते हैं तो ऐसी स्थिति में लिमिट अपग्रेड करने का आवेदन नहीं करना चाहिए। स्कोर का मतलब नियमित भुगतान करना ही नहीं है। क्रेडिट स्कोर के लिए और भी कई फैक्टर काम करते हैं। मसलन- क्रेडिट के उपयोग का रेशियो, पिछले किसी लोन चुकाने में डिफॉल्टर साबित होना और पेमेंट में देरी करना, बैंक इन सभी फैक्टर पर भी ध्यान देती है।
 
जब आप कम सैलरी वाले जॉब में स्विच करते हैं
 
कभी-कभी कई लोग अच्छे मौके की तलाश में कम सैलरी वाले जॉब में भी स्विच कर जाते हैं, या फिर नौकरी से संतुष्टि के लिए भी कम सैलरी वाले जॉब को अपना लेते हैं। ऐसी स्थिति में आपके लिमिट बढ़ाने का आवेदन बैंक रिजेक्ट कर देती है। दरअसल बैंक देखती है कि कम इनकम की स्थिति में आपकी परचेजिंग पावर और खर्च करने की क्षमता भी कम हो जाती है, लिहाजा बैंक आपको आगे कर्ज देने से इनकार कर देती है। 
 
जब आपने हाल में किसी दूसरे लोन के लिए आवेदन किया हो पहली बात यह जान लें कि आपको एक ही समय पर कई बैंकों से लोन के लिए आवेदन नहीं करना चाहिए। इससे क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंक को यह पता लग जाता है कि आप कर्ज लेने के आदी होते जा रहे हैं या फिर कर्ज के लिए भूखे हैं। कार्ड पर लिमिट बढ़ाना भी आप पर एक तरह का कर्ज ही है जिसमें बैंक आपके कार्ड पर ज्यादा राशि खर्च करने की लिमिट बढ़ा देती है। अगर आपने कहीं और जगह या किसी दूसरे बैंक में लोन के लिए आवेदन दिया है तो आपको क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिए अप्लाई नहीं करना चाहिए। 
 
जब आप विदेश की सैर पर जा रहे हैं 
 
यात्रा पर जाना आपको सुखद भले लगता है लेकिन यात्रा में होने वाले खर्च आपके लिए वित्तीय अवरोध बन कर सामने आ जाते हैं। विदेश की सैर पर जाने से पहले आप अपने कार्ड पर क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के बारे में सोचते होंगे। लेकिन हम आपको यह सलाह देने चाहेंगे कि विदेश के टूर पर आपकी परचेजिंग पावर ज्यादा हो जाती है और आप ज्यादा से ज्यादा सामान खरीदने में ज्यादा खर्च कर सकते हैं। इस स्थिति में आपके कार्ड पर अनचाहे बिल्स के रिपेमेंट करने का बोझ आ जाएगा और आपको ऐसी स्थिति में अपने कार्ड पर लिमिट बढ़ाने का आवेदन नहीं करना चाहिए। जब तक आप यह निश्चिंत नहीं हो जाएं कि आप सैर से वापस लौटने के बाद एक्स्ट्रा खर्च की राशि को चुकाने के लिए समर्थ हैं तब तक आपको कार्ड की लिमिट नहीं बढ़ानी चाहिए। 
 
बहुत लोगों की शिकायत रहती है कि बैंक वाले उनके आवेदन को रिजेक्ट कर देते हैं, फिर भी वो ट्राई करते रहते हैं। लिमिट बढ़ाने से आपके क्रेडिट स्कोर पर भी असर पड़ता है। यह हर कर्जदार के लिए अलग-अलग भी हो सकता है। जब लिमिट बढ़ा दी जाती है तो आपके क्रेडिट रिपोर्ट पर कड़ी इन्क्वायरी होती है और रिजेक्ट कर दी जाती है। ऐसी स्थिति में आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसलिए अगर आप सही में लिमिट बढ़ाना चाहते हैं तो आप क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंक से यह पूछ लें कि क्या इसके लिए कड़ी इन्क्वायरी की कार्रवाई भी होगी क्या? अगर इन्क्वायरी नहीं होती है तो ट्राई किया जा सकता है। 
 
बैंक उस स्थिति में भी आपके आवेदन को अस्वीकृत कर देता है जब आपका बैंक अकाउंट नया होता है। कुछ क्रेडिट कार्ड पर लिमिट बढ़ाने की सुविधा नहीं दी जाती है, इस स्थिति में आप उसी बैंक में नए क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकते है। कोई-कोई बैंक लिमिट बढ़ाने के लिए कस्टमर से शुल्क भी चार्ज करते हैं।
 
लिमिट बढ़ाने के लिए आवेदन करने से पहले आपको अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाना होगा, समय पर बिलों को भुगतान करना होगा औऱ वर्तमान कार्ड पर क्रेडिट को मेंटेन करना होगा। याद रखें कि क्रेडिट स्कोर का 30 फीसदी हिस्सा क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो से बनता है। एक बार जब बैंक आपकी लिमिट को बढ़ा दे तो आपको कभी भी सारी राशि को एकमुश्त खर्च नहीं करना चाहिए। क्रेडिट स्कोर करने के लिए आपको निश्चित अंतराल पर राशि खर्च करनी चाहिए।
 
-साहिल अरोड़ा
(लेखक परिचयः Vice President & Business Head- Payment Products at Paisabazaar.com)

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