Prabhasakshi
शनिवार, अप्रैल 21 2018 | समय 07:25 Hrs(IST)
प्रेम पूजनीय है (कविता)

प्रेम पूजनीय है (कविता)

हिन्दी काव्य संगम मंच से जुड़े लेखक शेखर शुक्ला के द्वारा रचित कविता 'प्रेम पूजनीय है' में शब्दों की माला पिरोते हुए प्रेम की विस्तृत व्याख्या की गयी है।

उपवास का मौसम (व्यंग्य)

उपवास का मौसम (व्यंग्य)

आजकल बेमौसमी उपवासों का दौर चल रहा है। वैसे तो साल में दो बार नवरात्र आते हैं। दो मौसम के संधिकाल में नौ दिन कम खाने या कुछ नहीं खाने से पेट को आराम मिलता है। इससे पूरे शरीर की आंतरिक शुद्धि हो जाती है।