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जानिए त्रिपुरा में कमल खिलाने वाले विप्लव देव के बारे में

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Mar 5 2018 12:55PM

जानिए त्रिपुरा में कमल खिलाने वाले विप्लव देव के बारे में
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त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में वाममोर्चा का पुराना किला ढह गया और अब एक युवा के हाथ में राज्य की कमान जाती दिख रही है। भाजपा की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल माने जा रहे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विप्लव देव की पृष्ठभूमि बहुत ही सामान्य रही है।

देव का जन्म 25 नवम्बर 1971 को गोमती जिले के राजधर नगर के एक मध्यम वर्ग परिवार में हुआ। देव ने अपना स्नातक 1999 में दक्षिण त्रिपुरा के उदयपुर कालेज से पूरा किया। उनके पिता हर्धन देव जनसंघ के स्थानीय नेता थे। विप्लव स्नातक की अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद आरएसएस में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो गए। पढ़ाई के दौरान विप्लव दिल्ली में प्रोफेशनल जिम इंस्ट्रक्टर भी रहे। 48 वर्षीय नेता ने लगभग 16 वर्षों तक संघ में काम किया।

देव ने संघ के दो प्रमुख नेताओं गोविंदाचार्य और कृष्ण गोपाल शर्मा के मार्गदर्शन में काम किया। वह 2015 में त्रिपुरा लौट आये और भाजपा के केंद्रीय जन सम्पर्क प्रमुख का प्रभार संभाला। उन्हें छह जनवरी 2016 को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। उन्होंने सुधींद्र दासगुप्ता का स्थान लिया। विप्लव ने वाममोर्चा सरकार के खिलाफ पार्टी की सफल तरीके से अगुवाई की और 2018 के विधानसभा चुनावों में विप्लव ने बनामालीपुर सीट से चुनाव लड़ा और लगभग साढ़े 9 हजार वोटों के अंतर से यह चुनाव जीत लिया। चूँकि वह राज्य में भाजपा की अगुवाई कर रहे थे इसलिए वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में भी सबसे आगे हैं। हालांकि भाजपा ने किसी को भी मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश नहीं किया था लेकिन पार्टी इस राज्य में किसी युवा को आगे लाना चाहती है।

विप्लव युवा भी हैं, संघ में कार्य करने का अनुभव भी है और राज्य भाजपा के अध्यक्ष भी हैं और उनकी छवि साफ और ईमानदार नेता की भी है। यह सभी गुण उन्हें त्रिपुरा का मुख्यमंत्री बनने में काम आ सकते हैं। और तो और अब तो निवर्तमान मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने भी विप्लव को अपना आशीर्वाद प्रदान कर दिया है।

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