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मनिका को मिश्रित युगल में भी पदक, शरत को एकल में कांस्य

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Apr 15 2018 12:07PM

मनिका को मिश्रित युगल में भी पदक, शरत को एकल में कांस्य
Image Source: Google

गोल्ड कोस्ट। महिला एकल का स्वर्ण पदक जीतने वाली मनिका बत्रा ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए आज यहां जी साथियान के साथ मिलकर टेबल टेनिस में मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीता। इस तरह से मनिका ने जिस भी स्पर्धा में हिस्सा लिया उसमें वह पदक जीतने में सफल रही। मनिका और साथियान ने कांस्य पदक के मैच में अचंता शरत कमल और मौमा दास की हमवतन सीनियर जोड़ी को 11-6, 11-2, 11-4 से हराया। इससे पहले मनिका ने महिला एकल में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला टीम का भी हिस्सा थी। उन्होंने महिला युगल में मौमा दास के साथ मिलकर रजत पदक जीता था। इस बीच शरत कमल ने पुरूष एकल के कांस्य पदक के मैच में इंग्लैंड के सैमुअल वाकर को 4-1 (11-7, 11-9, 9-11, 11-6, 12-10) से हराकर खेलों में अपना तीसरा पदक जीता। 

 
शरत स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्होंने साथियान के साथ मिलकर पुरूष युगल में रजत पदक जीता था। भारत की दस सदस्यीय टेबल टेनिस टीम ने इस तरह से इन खेलों में आठ पदक (तीन स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य) जीते। यह भारत का इन खेलों में टेबल टेनिस में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। बत्रा ने कहा कि वह साथियान के साथ अपनी जोड़ी बनाये रखेगी और उनके साथ मिलकर ही 2020 तोक्यो ओलंपिक में भाग लेगी। 
 
उन्होंने कहा, ‘‘हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मिश्रित जोड़ियों के लिये ज्यादा टूर्नामेंट नहीं होते हैं। हमने पुर्तगाल में अलग अलग जोड़ियों को आजमाकर अभ्यास किया था। यह मिश्रित युगल में जोड़ी बनाने के बाद हमारा पहला पदक है।’’ साथियान ने कहा कि अन्य खेलों की तरह टेबल टेनिस में भी सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दोनों जोड़ियों को कांस्य पदक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘आप राउंड आफ 64 से शुरूआत करते हो और यहां सबसे मुश्किल मैच में खेलते हो। आप सेमीफाइनल में मैच जीते बिना नहीं पहुंच सकते हो।’’ अपने सीनियर साथियों शरत के खिलाफ खेलने के बारे में साथियान ने कहा, ‘‘यह मानसिक तौर पर मुश्किल होता है जब आपके सामने आपका साथी हो। हमें खुशी होती अगर हम स्वर्ण पदक के लिये खेलते क्योंकि इससे कम से कम दोनों जोड़ियों को पदक तो मिलता।’’ 

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