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यूपी में हो गया 'विवाह घोटाला', चूना लगा सरकार को, माल ले गये फर्जी जोड़े

By नीरज कुमार दुबे | Publish Date: Mar 5 2018 2:22PM

यूपी में हो गया 'विवाह घोटाला', चूना लगा सरकार को, माल ले गये फर्जी जोड़े
Image Source: Google

विवाह में घोटाला हो जाये तो क्या हो या फिर घोटाले से विवाह हो जाये तो क्या हो। चूना किसी ना किसी को तो लगना ही है। लेकिन अब जो विवाह घोटाला हुआ है उसमें चूना लगा है सरकार को और माल उड़ा ले गये अफसर और पहले से शादीशुदा लोग। दरअसल उत्तर प्रदेश में 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' में बड़ा घोटाला सामने आया है। समाज कल्याण विभाग के तहत वार्षिक 250 करोड़ रुपये के बजट वाली यह योजना गरीब लड़कियों की शादी के लिए है लेकिन लोग इसका बेजा फायदा उठाने में लगे हैं।

दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में 11 जोड़ों ने पहले से शादीशुदा होते हुए भी 20 हजार रुपए की रकम, गहने और उपहारों के लालच में फिर से 'सरकारी शादी' रचा ली। समाचार रिपोर्टों में बताया गया है कि इनमें से 3 जोड़ों के तो पहले से कई-कई बच्चे भी हैं। सरकार का लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष में 10 हजार विवाह कराने का है तो ऐसे में अधिकारियों पर भी दबाव रहता है कि जिले में ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों का विवाह कराया जाये लेकिन इसी दबाव के चलते घपले भी हो जाते हैं।
 
ताजा मामला 24 फरवरी को ग्रेटर नोएडा के वाईएमसीए क्लब में 66 जोड़ों का सामूहिक विवाह का है। इसमें 11 जोड़ों की फर्जी शादी की बात सामने आई है। यही नहीं एक जोड़े का तो 10 साल का बेटा भी है। मामले का खुलासा होने से सरकारी अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है और उन ग्राम प्रधानों और जिले के अफसरों की खोज की जा रही है जिन्होंने सरकारी योजना के तहत इन जोड़ों का विवाह कराने की संस्तुति की थी। इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नवदंपतियों को आशीर्वाद देने केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, दादरी के विधायक तेजपाल नागर, जेवर के विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह, डीएम और डीआईजी समेत कई अफसर पहुंचे थे। 
 
ऐसा नहीं है कि सामूहिक विवाह योजना के तहत घोटाला पहली बार उजागर हुआ है। इससे पहले भी यह योजना हाल ही में तब विवादों में आई थी जब ओरैया में 25 दुल्हनों ने आरोप लगाया था कि उन्हें नकली गहने दिये गये। इसके अलावा जो राशि दुल्हनों को देने की बात कही गयी थी उसमें से 15-15 हजार रुपये विवाह की व्यवस्था कराने के नाम पर काट लिये गये। अन्य जिलों में भी फर्जी जोड़ों के विवाह का मामला सामने आया था तब अधिकारियों ने दान का सामान तो वापस ले लिया लेकिन जो राशि दुल्हनों को दी गयी थी उसका क्या हुआ यह बात अभी तक स्पष्ट नहीं हो पायी है।
 
जो गरीब हैं और जिनकी शादी नहीं हुई है वह तो सामूहिक विवाह योजना के तहत अपनी शादी कराने के लिए आ जाते हैं लेकिन आइए जानते हैं शादीशुदा लोग क्यों और किस लालच के तहत दोबारा से अपने जीवनसाथी के साथ ही फिर से फेरे लेते हैं।
 
-हर दंपति को कुछ गहने तथा घर की जरूरत से जुड़ा सामान सरकार की तरफ से तो दिया ही जाता है साथ ही कुछ सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं की ओर से भी नवदंपतियों को आर्थिक रूप से मदद प्रदान की जाती है।
-प्रशासन की तरफ से दुल्हन को 20 हजार रुपये का चेक प्रदान किया जाता है।
 

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