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सोशल मीडिया पर बरतें यह सावधानी, नहीं होगा डाटा चोरी

By शुभा दुबे | Publish Date: Mar 28 2018 9:33AM

सोशल मीडिया पर बरतें यह सावधानी, नहीं होगा डाटा चोरी
Image Source: Google

फेसबुक डेटा लीक मामले के बाद से ही विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर लोगों को अब प्राइवेसी पॉलिसी पढ़ते और अपने अकाउंटों की सेटिंग में और सुरक्षा प्रबंध करते देखा जा सकता है। दरअसल डेटा के दुरुपयोग का आरोप भले सोशल साइटों पर लग रहा हो लेकिन उसके लिए हम भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। सोशल मीडिया वेबसाइटें इस बारे में हमारी सहमति पहले ही ले लेती हैं कि यूजर की जानकारी उनके पास रहेगी और विषयवस्तु की गुणवत्ता सुधारने के लिए उसका उपयोग किया जा सकता है। लेकिन जब हम सोशल मीडिया पर अपना अकाउंट बना रहे होते हैं तो धड़ाधड़ बिना कोई एग्रीमेंट पढ़े, उस पर सहमति का टिक लगा देते हैं और आगे बढ़ते जाते हैं तथा पूछी गयी जानकारी बेधड़क बताते जाते हैं।

खासकर फेसबुक की बात करें तो हम इतने लालच में पड़ जाते हैं कि खुद अपनी जानकारी थर्ड पार्टी को मुहैया कराने से हिचकते नहीं। आइए जानते हैं कैसे हमारा लालच हमारे से संबंधित डेटा तीसरे पक्ष की ओर ले जाता है।
 
लालच में नहीं पड़ें
 
भविष्य जानना है तो राशिफल पढ़ें और फेसबुक पर किसी एप्लीकेशन का सहारा नहीं लें। अकसर देखने में आता है कि फेसबुक पर लोग कुछ एप्स के परिणाम शेयर करते हैं जिसमें बताया गया होता है कि आपका अच्छा समय कब से शुरू होने वाला है, आप कब अमीर बनने वाले हैं, आपका सबसे करीबी दोस्त कौन है, आपकी शक्ल किस सेलेब्रेटी से मिलती है, आपकी मृत्यु कब होगी या पिछले जन्म में आप क्या थे। लोग बिना सोचे समझे सामने वाले का परिणाम देखने के बाद खुद के बारे में भी पता लगाने के लिए उस पर क्लिक कर बैठते हैं और यहीं से हो जाती है मुश्किल की शुरुआत। एप आपको भले यह कहे कि जब तक आप शेयर नहीं करेंगे यह परिणाम आपको ही दिखेगा लेकिन उसने आपको आपका परिणाम दिखाने के लिए आपसे जो डिटेल ले ली है उससे उसका काम तो हो गया।
 
एड पर क्लिक या लाइक में बरतें सावधानी
 
यही नहीं बीच-बीच में जब आप फेसबुक पर किसी खास एड पर क्लिक करते हैं तो भी आपका डेटा उन कंपनियों को चला जाता है। मसलन आपने पिज्जा वाले एड पर बार-बार लाइक किया है तो आपके फेसबुक वॉल पर ज्यादातर पिज्जा के एड दिखाई देंगे। यही नहीं आप जो पिज्जा खाते हुए या किसी अन्य रेस्टोरेंट में बैठकर वहां मौजूद होने और भोजन का आनंद लेने वाला स्टेटस अपडेट करते हैं वह डेटा भी कंपनियों के काम आता है और आपको उसी से संबंधित ऑफर मिलते रहते हैं। यही नहीं यदि आप घूमने फिरने के स्टेटस अपडेट करते रहते हैं तो आपको ट्रैवल साइटों के विज्ञापन भी दिखाई देंगे।
 
अपने प्रोफाइल को ज्यादा हाईफाई न बनायें
 
आपने अपना अकाउंट बनाते समय अपना जो प्रोफाइल बनाया है उसको देखते हुए भी विज्ञापन कंपनियां आप पर नजर रखती हैं। उन्हें पता है कि आपकी मासिक आमदनी कितनी है और उसमें से आप कितना रहन-सहन पर, कितना घूमने-फिरने पर और कितना मूवी इत्यादि देखने पर खर्च कर सकते हैं। इसलिए आपको उनसे संबंधित विज्ञापन अपने वॉल पर दिखाई देते हैं। यही नहीं आपको सिर्फ संबंधित विज्ञापन ही नहीं बल्कि विभिन्न तरह की पोस्ट जैसे आलेख और वीडियो आदि भी मिलेंगे।
 
थर्ड पार्टी एप के प्रति सतर्क रहें
 
फेसबुक का इस्तेमाल करने वालों की जानकारी चुराए जाने को लेकर जारी विवाद के बीच विशेषज्ञों ने स्मार्टफोन में तीसरे पक्ष यानी बाहरी एप से जुड़े जोखिमों के प्रति भी आगाह किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन पर इस तरह के 'थर्ड पार्टी एप’ को पहुंच के स्तर के बारे में सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि ऐसे एप से उपयोक्ताओं की संवेदनशील जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच सकती है। उदाहरण के लिए अनेक गेम अपने उपयोक्ताओं से उनकी मित्र सूची तक पहुंच या पाठ्य संदेश मैसेज पढ़ने की अनुमति मांगते हैं। सवाल उठता है कि किसी गेम एप को किसी की एड्रेस बुक का क्या करना है। आमतौर पर लोग इस पर ध्यान नहीं देते लेकिन इसके काफी प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं।
 
हालांकि फेसबुक ने कहा है कि वह लोगों के डेटा की सुरक्षा के प्रति गंभीर है और उसने अमेरिका और ब्रिटेन के अखबारों में विज्ञापन देकर इस लीक के लिए माफी भी मांगी है लेकिन लोगों को यह समझने की जरूरत है कि यदि कोई वेबसाइट हमें सारी चीज मुफ्त में दे रही है तो भी हम उसके ग्राहक ही हैं और ग्राहक को कीमत आखिरकार चुकानी ही पड़ती है।
 
-शुभा दुबे

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