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अपनी बीमा पॉलिसी को आधार से इस प्रकार कर सकते हैं लिंक

By शुभा दुबे | Publish Date: Nov 15 2017 12:04PM

अपनी बीमा पॉलिसी को आधार से इस प्रकार कर सकते हैं लिंक
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बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने आधार और पैन नंबर को बीमा पॉलिसियों से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है। यदि आपने ऐसा नहीं किया तो पॉलिसी मैच्योर होने पर या कोई अप्रिय घटना होने पर आपको क्लेम नहीं मिल पायेगा। बीमा नियामक ने अपने एक बयान में कहा है कि मनी लांड्रिंग रोधक (कार्ड का रखरखाव) दूसरा संशोधन नियम, 2017 के तहत आधार नंबर को बीमा पॉलिसियों से जोड़ना अनिवार्य है। इरडा ने सभी जीवन बीमा और साधारण बीमा कंपनियों को भेजी सूचना में कहा है कि उन्हें इस निर्देश का क्रियान्वयन बिना विलंब के करना होगा। इस समय देश में 24 जीवन बीमा कंपनियां और 33 साधारण बीमा कंपनियां काम कर रही हैं।

क्या होगा कंपनियों और ग्राहकों पर असर?
 
बीमा कंपनियों ने नियामक के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि यह पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में तो कदम है ही इससे केवाईसी प्रक्रिया भी आसान हो जायेगी। इसके साथ ही क्लेम लेने के जो फर्जी मामले सामने आते थे वह पॉलिसी के आधार से लिंक हो जाने के बाद बंद हो जाएंगे। कालाधन बीमा पॉलिसियों में लगाने वाले लोगों के चेहरे भी इस प्रक्रिया से सामने आ पाएंगे। ग्राहकों के लिए बड़ी सुविधा की बात यह होगी की क्लेम का सेटलमेंट जल्द हो सकेगा और आधार से पहचान जुड़ी होने के कारण बीमा कंपनी की ओर से ज्यादा संख्या में दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे। 
 
आपके लिए जानने योग्य अहम बातें-
 
-सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि बीमा पॉलिसी को आधार नंबर ही नहीं बल्कि पैन नंबर के साथ भी जोड़ना है। यदि पैन नंबर नहीं है तो फॉम 60 भरकर देना होगा। यह फॉर्म इनकमटैक्सऑफइंडिया की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
-चूंकि यह आदेश हाल ही में आया है इसलिए बीमा कंपनियों की ओर से ऑनलाइन पॉलिसी को आधार से लिंक करने की सुविधा अभी नहीं शुरू की गयी है।
-आपको अपना आधार नंबर और पैन नंबर लेकर बीमा कंपनी के निकटतम कार्यालय जाना होगा और वहां उसे पॉलिसी से लिंक कराने का आग्रह करना होगा। आग्रह करने के दौरान बीमा कंपनी से रिसीविंग लेना नहीं भूलें और उसे संभाल कर रखें।
-फिलहाल बीमा कंपनियां इस बात पर विचार कर रही हैं कि इस प्रक्रिया को उसी तरह सरल बना दिया जाये जैसे बैंक अकाउंट के साथ आधार संख्या को जोड़ना बेहद आसान है।
-इस प्रकार जल्द ही आपको ओटीपी के जरिये पॉलिसी को आधार से लिंक करने की सुविधा मिल सकती है लेकिन इसके लिए अपने आधार संख्या के साथ मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड जरूर करवा लें। साथ ही यदि बीमा पॉलिसी के साथ आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है तो इस काम को भी तुरंत करवा लें ताकि ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) मिल सके।
-अलग-अलग शाखाओं से यदि आपने किसी एक ही कंपनी (खासकर सरकारी) की बीमा पॉलिसी ले रखी है तो उसे एक ही ब्रांच में ट्रांसफर करवा लें नहीं तो आपको हर पॉलिसी के साथ आधार संख्या जुड़वाने के लिए अलग-अलग शाखाओं में जाना पड़ेगा।
-यदि आप नयी बीमा पॉलिसी लेने जा रहे हैं तो आवेदन करते समय ही आधार नंबर भी उसके साथ लगा दें।
 
- शुभा दुबे

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