देश की 12 कंपनियों को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार-2020 के लिए चुना गया

  •  इंडिया साइंस वायर
  •  फरवरी 23, 2021   19:07
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देश की 12 कंपनियों को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार-2020 के लिए चुना गया

इन कंपनियों का चयन तीन श्रेणियों-स्वदेशी प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रम और स्टार्टअप्स के अन्तर्गत किया गया है। तीनों श्रेणियों के लिए हर वर्ष प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीबीडी) के पास प्रविष्टियां भेजी जाती हैं।

उद्यमिता में नवाचारों के प्रवर्तन एवं प्रोत्साहन के लिए देश की 12 कंपनियों को अभिनव स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के सफल व्यावसायीकरण के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार 2020 के लिए चुना गया है। ये पुरस्कार विभिन्न उद्योगों को उनके और उनके प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को एक टीम के रूप में काम करते हुए बाजार में नवीनता लाने और 'आत्मनिर्भर भारत' मिशन में योगदान देने के लिए दिए जाते हैं। इस बार विजेताओं का चयन 128 आवेदनों को परखने के उपरांत किया गया। इसकी परख प्रख्यात प्रौद्योगिकीविदों और एक कड़े द्वि-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया द्वारा गहन पड़ताल के माध्यम से की गई।

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इन कंपनियों का चयन तीन श्रेणियों-स्वदेशी प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रम और स्टार्टअप्स के अन्तर्गत किया गया है। तीनों श्रेणियों के लिए हर वर्ष प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीबीडी) के पास प्रविष्टियां भेजी जाती हैं। टीबीडी भारत सरकार का सांविधिक निकाय है, जो प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्य कर रहा है। यह स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण और घरेलू अनुप्रयोगों के लिए आयातित प्रौद्योगिकियों के अनुकूलन के लिए काम करने वाली कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इसकी स्थापना 1996 में अभिनव स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए भारतीय कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। स्थापना के बाद से अब तक बोर्ड ने प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण के लिए 300 से अधिक कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान की है।

पहली श्रेणी में स्वदेशी प्रौद्योगिकी का सफलतापूर्वक विकास और उसके सफल व्यवसायीकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाता है। इस पुरस्कार के तहत यदि कंपनी और तकनीक के प्रदाता यानी प्रौद्योगिकी डेवलपर अलग-अलग संगठन से हों तो प्रत्येक को 25 लाख रुपये और एक ट्रॉफी पुरस्कार के रूप में दी जाती है। इस वर्ष सूरत की मैसर्स एलएंडटी स्पेशल स्टील एंड हेवी फोर्जिंग्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और मुंबई स्थित न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड नामक प्रौद्योगिकी प्रदाता को यह पुरस्कार दिया जा रहा है। साथ ही मुंबई की विनती ऑर्गेनिक्स लिमिटेड और प्रौद्योगिकी प्रदाता सीएसआईआर-इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (सीएसआईआर-आईआईसीटी), हैदराबाद को भी इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।

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पुरस्कार की दूसरी श्रेणी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाता है। इस श्रेणी में चयनित प्रत्येक प्रविष्टि को 15 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। इस वर्ष नोएडा स्थित मैसर्स एकेएस इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई स्थित मैसर्स एसवीपी लेजर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, पुणे स्थित मैसर्स कान बायोसिस प्राइवेट लिमिटेड और तंजावुर स्थित मैसर्स एल्गलआर न्यूट्राफार्म्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।

तीसरी श्रेणी में प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिये जाते हैं। यह पुरस्कार व्यावसायीकरण की संभावनाओं के साथ नई तकनीक को लेकर आश्वासन के लिए एक प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप को दिया जाता है। ट्रॉफी के अतिरिक्त पुरस्कार में 15 लाख रुपए का नकद पुरस्कार शामिल है। इस वर्ष इन पुरस्कारों के लिए मैसर्स आरएआर इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली, मैसर्स फाइब्रोहील वूंड केयर प्राइवेट लिमिटेड बेंगलुरु, मैसर्स एलथियन टेक इनोवेशन्स प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद, मैसर्स केबीकोल्स साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड पुणे, मैसर्स केबीकोल्स साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड पुणे, मैसर्स शिरा मेडटेक प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद और मैसर्स न्यूंड्रा इनोवेशन्स प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर नामक छह स्टार्टअप चुने गए हैं। 

(इंडिया साइंस वायर)







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