प्रोफेसर गोविंदन रंगराजन होंगे भारतीय विज्ञान संस्थान के नये निदेशक

Professor Govindan Rangarajan
प्रोफेसर रंगराजन ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ऐंड साइंस, पिलानी से एकीकृत एमएससी (ऑनर्स) और मैरीलैंड विश्वविद्यालयसे पीएचडी डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1992 में भारत लौटने से पहले लॉरेंस बर्कले लैबोरेटरी, अमेरिका में काम किया।

भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बंगलूरू के नये निदेशक के रूप में प्रोफेसर गोविंदन रंगराजन का चयन किया गया है। वह एक अगस्त को औपचारिक रूप से संस्थान के प्रमुख के तौर पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। प्रोफेसर रंगराजन आईआईएससी के निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हो रहे प्रोफेसर अनुराग कुमार की जगह लेंगे। प्रोफेसर कुमार का कार्यकाल 31 जुलाई को समाप्त हो रहा है।

प्रोफेसर रंगराजन ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ऐंड साइंस, पिलानी से एकीकृत एमएससी (ऑनर्स) और मैरीलैंड विश्वविद्यालयसे पीएचडी डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1992 में भारत लौटने से पहले लॉरेंस बर्कले लैबोरेटरी, अमेरिका में काम किया। आईआईएससी के निदेशक के तौर पर नियुक्ति से पहले प्रोफेसर रंगराजन संस्थान के अंतर्विषयक अनुसंधान विभाग के प्रमुख तौर पर कार्यरत थे। प्रोफेसर रंगराजन ने आईआईएससी के गणित विभाग और अंतरराष्ट्रीय संबंध प्रकोष्ठ के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है।

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प्रोफेसर रंगराजन कहते हैं, "आईआईएससी के अगले निदेशक के रूप में नियुक्त होना मेरे लिए गर्व की बात है। संस्थान के पास विज्ञान और इंजीनियरिंग में प्रभावशाली योगदान की शानदार 111 वर्ष पुरानी विरासत है। मैं इस परंपरा को बनाए रखने और आने वाले वर्षों में संस्थान को अधिक ऊंचाई तक ले जाने का प्रयास करूंगा।”

सेवानिवृत्त हो रहे प्रोफेसर अनुराग कुमार ने वर्ष 1988 में आईआईटी कानपुर से स्नातक की डिग्री और कॉर्नेल विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। वर्ष 1988 में आईआईएससी में शामिल होने से पहले उन्होंने बेल लेबोरेटरीज, न्यू जर्सी, अमेरिका में काम किया। आईआईएससी के इलेक्ट्रिकल कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग और इलेक्ट्रिकल साइंस विभाग के अध्यक्ष के रूप में काम करने के बाद 1 अगस्त 2014 को उन्हें संस्थान का निदेशक नियुक्त किया गया था।

आईआईएससी द्वारा जारी एक बयान कहा गया है कि निदेशक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान प्रोफेसर रंगराजनने आईआईएससी के प्रशासन और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने, फैकल्टी भर्ती में सुधार, गैर-सरकारी स्रोतों से समर्थन बढ़ाने, संस्थान में महिला शोधकर्ताओं के करियर को मजबूती देने और विदेशों में आईआईएससी की पहुँच बढ़ाने की पहल की। वर्ष 2018 में, आईआईएससी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस (IoE) के रूप में भी चुना गया था। ऐसे समय में, जब दुनिया कोविड-19 महामारी से लड़ रही है, तो प्रोफेसर कुमार पर इस चुनौतीपूर्ण अवधि के दौरान संस्थान के संचालन की जिम्मेदारी थी।

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प्रोफेसर कुमार कहते हैं, "इंजीनियरिंग एवं विज्ञान के क्षेत्र में भारत के इस शीर्ष संस्थान के निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं देना मेरे लिए गौरवपूर्ण रहा है।" उन्होंने कहा कि "आईआईएससी के अगले निदेशक के रूप में नियुक्त किए जाने पर मैं प्रोफेसर गोविंदन रंगराजन को बधाई देता हूँ, और इस अनूठी संस्था को अगले स्तर तक ले जाने में उनकी सफलता की कामना करता हूँ।"

इंडिया साइंस वायर

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