ऑनलाइन मंच पर लगेगा विज्ञान फिल्मों का मेला

ऑनलाइन मंच पर लगेगा विज्ञान फिल्मों का मेला

फिल्म महोत्सव में सरकारी अनुदान पर आधारित फिल्मों के साथ-साथ स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं, मीडिया अध्ययन संस्थानों, कॉलेज छात्रों एवं विश्वविद्यालयों और स्कूली छात्रों की फिल्मों के लिए मुख्य रूप से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।

समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संचार माध्यमों का उपयोग होता है। इनमें फिल्मों को सबसे अधिक सशक्त एवं लोकप्रिय माध्यम माना जाता है, क्योंकि फिल्में जनमानस से सीधे जुड़ती हैं। विज्ञान को आम लोगों तक पहुँचाने के उद्देश्य के साथ 10वां भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव (10th National Science Film Festival Of India) इस बार अपने ऑनलाइन स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। 

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की स्वायत्त संस्था विज्ञान प्रसार द्वारा आयोजित इस वार्षिक फिल्म महोत्सव में शामिल होने के लिए विभिन्न भाषाओं की कुल 372 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। दस सदस्यीय निर्णायक मंडल द्वारा इनमें से चुनी गई 115 फिल्मों को 24 से 27 नवंबर तक चलने वाले ऑनलाइन विज्ञान फिल्म महोत्सव के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मलयालम, कश्मीरी, बंगाली, मराठी, पंजाबी और तमिल भाषाओं की फिल्में शामिल हैं। ये फिल्में अलग-अलग संस्थानों, निर्माताओं और छात्रों द्वारा बनायी गई हैं।

इसे भी पढ़ें: वर्चुअल स्वरूप में आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव

इस महोत्सव में डॉक्यूमेंट्री, डॉक्यू-ड्रामा, एनिमेशन एवं साइंस फिक्शन वर्गों में फिल्में आमंत्रित की गई थीं। ये फिल्में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, ऊर्जा, पर्यावरण, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं औषधि, बायोग्राफी, कृषि, परंपरागत ज्ञान और विज्ञान के इतिहास जैसे विषयों पर केंद्रित हैं। 

फिल्म महोत्सव में सरकारी अनुदान पर आधारित फिल्मों के साथ-साथ स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं, मीडिया अध्ययन संस्थानों, कॉलेज छात्रों एवं विश्वविद्यालयों और स्कूली छात्रों की फिल्मों के लिए मुख्य रूप से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। फिल्मों के प्रदर्शन के अलावा इस वर्चुअल महोत्सव में विज्ञान, मीडिया, स्वास्थ्य और सिनेमैटोग्राफी जैसे विषयों पर चर्चाएं भी आयोजित होंगी। आयोजन के आखिरी दिन चुनी गई बेहतर फिल्मों को पुरस्कृत किया जाएगा। 

विज्ञान प्रसार के निदेशक डॉ नकुल पाराशर ने कहा है कि “अपनी तीन दशक की यात्रा में विज्ञान प्रसार ने निरंतर विज्ञान और प्रौद्योगिकी से लोगों को जोड़ने का कार्य किया है। विज्ञान फिल्म महोत्सव इस यात्रा का एक अहम हिस्सा है। विज्ञान फिल्म महोत्सव देश में विज्ञान आधारित फिल्मों के निर्माण एवं उनके प्रसार के जरिये समाज में वैज्ञानिक चेतना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”

विज्ञान प्रसार के वरिष्ठ वैज्ञानिक और भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव के प्रमुख निमिष कपूर ने इंडिया साइंस वायर को बताया कि “विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, ऊर्जा, पर्यावरण, चिकित्सा, कृषि और पारंपरिक ज्ञान को लोकप्रिय बनाने वाली फिल्मों के माध्यम से वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए यह आयोजन किया जाता है। विज्ञान को बढ़ावा देने के साथ-साथ इसका उद्देश्य विज्ञान आधारित फिल्मों और उनके निर्माताओं के काम को प्रोत्साहित करना भी है।” 

10वां भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव विज्ञान प्रसार और त्रिपुरा स्टेट काउंसिल ऑफ साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन इस वर्ष 18-22 मार्च को त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में होना था। पर, कोविड-19 के चलते यह फिल्म महोत्सव वर्चुअल रूप में आयोजित हो रहा है। विज्ञान प्रसार की वेबसाइट पर जाकर इस विज्ञान फिल्म महोत्सव से वर्चुअल रूप में जुड़ा जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: परीक्षण के लिए तैयार कोरोना वायरस से लड़ने के लिए गंगाजल आधारित नेज़ल स्प्रे

इससे पहले 9वां भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया था, जिसमें 88 भारतीय और 17 विदेशी विज्ञान फिल्में प्रदर्शित की गई थीं। 9वें विज्ञान फिल्म महोत्सव में विज्ञान की विभिन्न श्रेणियों में भारत के अलावा स्वीडन, डेनमार्क और नीदरलैंड जैसे देशों की फिल्में शामिल की गई थीं। लेकिन, कोविड-19 को देखते हुए इस बार यह फिल्म महोत्सव एक सीमित दायरे में ही आयोजित किया जा रहा है।

(इंडिया साइंस वायर)