डी ब्रुइन और बेल्जियम को मिलेगा विश्वकप में प्रभाव छोड़ने का दूसरा मौका

De Bruyne
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बेल्जियम ने अपने पहले मैच में कनाडा को 1-0 से हराया लेकिन उसकी टीम किसी भी समय प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही। अब बेल्जियम को मोरक्को के खिलाफ रविवार को यह साबित करना होगा कि आखिर वह विश्व में ब्राजील के बाद दूसरे नंबर की टीम क्यों है।

बेल्जियम के स्टार मिडफील्डर केविन डी ब्रुइन जानते हैं कि उन्होंने और उनकी टीम ने पिछले मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था जिसकी भरपाई वह विश्वकप में मोरक्को के खिलाफ रविवार को होने वाले दूसरे मैच में पूरी करना चाहेंगे। डी ब्रुइन को पिछले मैच में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था लेकिन उन्होंने तब कहा था,‘‘ मैं नहीं जानता कि मुझे यह ट्रॉफी क्यों दी गई है। हो सकता है कि मेरी ख्याति के कारण ऐसा किया गया हो।’’

बेल्जियम ने अपने पहले मैच में कनाडा को 1-0 से हराया लेकिन उसकी टीम किसी भी समय प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही। अब बेल्जियम को मोरक्को के खिलाफ रविवार को यह साबित करना होगा कि आखिर वह विश्व में ब्राजील के बाद दूसरे नंबर की टीम क्यों है। बेल्जियम को उसके स्टार खिलाड़ियों के कारण खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उसकी टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जो 30 वर्ष से अधिक के हैं और उनका यह आखिरी विश्वकप हो सकता है। इनमें डी ब्रुइन, एडेन हैजार्ड, एक्सल विटसेल, जान वर्टोंघेन, टोबी एल्डरविएरल्ड और गोलकीपर थिबाउट कर्टोइस शामिल हैं।

ये सभी खिलाड़ी अब आगामी मैचों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे। कनाडा के खिलाफ प्रदर्शन को कोच रहते हुए टीम का सबसे खराब मैच करार देने वाले बेल्जियम के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज मोरक्को के खिलाफ कुछ नए चेहरों को मैदान में उतार सकते हैं। इनमें स्टार स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकु भी शामिल है जो चोटिल होने के कारण कनाडा के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाए थे। मोरक्को ने अपने पहले मैच में 2018 में उपविजेता रही क्रोएशियाई टीम के खिलाफ गोल रहित ड्रा खेला था जो उसके कोच वालिद रेगरागुई के लिए उत्साहजनक शुरूआत रही थी। टीम ने इस मैच में अपनी रक्षा पंक्ति की मजबूती दिखाई थी और बेल्जियम के खिलाफ वह अपने इसी प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेंगे।

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