प्रो कबड्डी ऑक्शन से पहले बढ़ी धड़कनें, द हाई फ्लायर का सभी को बेसब्री से इंतज़ार

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आगामी 5 अगस्त को प्रो कबड्डी लीग के 9वें सीज़न के ऑक्शन से पहले ही पवन का डंका हर तरफ बजने लगा है। कबड्डी लवर्स बेसब्री से ऑक्शन का इंतज़ार कर रहे हैं। प्रो कबड्डी 2022 की नीलामी में हर टीम उन खिलाड़ियों के लिए बोली लगाएगी जो उनकी टीम को सर्वश्रेष्ठ बना सकते हैं।

पवन सेहरावत के नाम से तो सब वाकिफ होंगे ही। शुरुआती प्रो कबड्डी लीग में कुछ खास प्रदर्शन ना करने के कारण उन्हें गेम के बाहर बैठाया जाता था। लेकिन आज कबड्डी का नाम सुनते ही यदि कोई नाम सबसे पहले याद आता है, तो वह है पवन सेहरावत का। आगामी 5 अगस्त को प्रो कबड्डी लीग के 9वें सीज़न के ऑक्शन से पहले ही पवन का डंका हर तरफ बजने लगा है। कबड्डी लवर्स बेसब्री से ऑक्शन का इंतज़ार कर रहे हैं। प्रो कबड्डी 2022 की नीलामी में हर टीम उन खिलाड़ियों के लिए बोली लगाएगी जो उनकी टीम को सर्वश्रेष्ठ बना सकते हैं। 

इसी बीच कबड्डी के हाई फ्लायर के नाम से मशहूर पवन सेहरावत का एक दिलचस्प वीडियो स्टार स्पोर्ट्स इंडिया ने देश के अपने बहुभाषी माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफार्म, कू ऐप पर पोस्ट किया है, जिसमें कहा गया है। शुरुआती प्रो कबड्डी लीग में जिस पवन ने 53 पॉइंट्स लेकर कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया, हाई फ्लायर के नाम से मशहूर वही पवन सेहरावत सीज़न 6 और सीज़न 7 में रेड पॉइंट की झड़ी लगाकर सबसे ज्यादा रेड पॉइंट हासिल करने वाला कबड्डी खिलाड़ी बन गया।

तीसरे सीज़न से की थी शुरुआत

पवन सेहरावत ने अपने प्रो कबड्डी लीग करियर की शुरुआत तीसरे सीज़न में बैंगलुरु बुल्स टीम के साथ की थी। दबंग दिल्ली के खिलाफ सीज़न के पहले मुकाबले में उन्होंने सब्स्टीट्यूट के तौर पर दो अंक हासिल किए थे। इसके बाद जयपुर पिंक पैंथर्स के खिलाफ अगले मैच में उन्होंने सात अंक हासिल किए। सेहरावत ने उस सीज़न के 13 मुकाबलों में कुल 45 अंक हासिल किए। हालाँकि, बैंगलुरु की टीम प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई थी। 

अगले सीज़न में बैंगलुरु बुल्स ने रोहित कुमार और दीपक कुमार दहिया को भी टीम में शामिल किया। इससे टीम तो जरूर मजबूत हुई, लेकिन पवन सेहरावत को मौके कम मिलने लगे। उन्होंने 10 मैचों में कुल 11 पॉइंट्स हासिल किए। लगातार दूसरी बार बैंगलुरु बुल्स प्लेऑफ में नहीं जा पाई। प्रो कबड्डी लीग के पाँचवें सीज़न में पवन सेहरावत गुजरात की टीम में चले गए। हालाँकि, ज्यादा वक्त उन्हें बेंच पर ही बैठना पड़ा और 9 मुकाबलों में उन्होंने कुल 10 अंक हासिल किए। 

सीजन 6 में बनाया नाम

पवन सेहरावत के प्रो कबड्डी लीग करियर की शुरुआत भले ही उतनी अच्छी ना रही हो, लेकिन छठा सीज़न पूरी तरह से उनके नाम रहा। उन्होंने बैंगलुरु बुल्स की टीम में वापसी की और उस सीज़न में जबर्दस्त प्रदर्शन किया। पहले ही मुकाबले में पवन ने 20 अंक हासिल करके धमाकेदार शुरुआत की। 

छठे सीज़न में पवन सेहरावत ने कुल 282 अंक हासिल किए और इस दौरान 13 सुपर 10 अपने नाम किए। जोन बी में बैंगलुरु की टीम पहले पायदान पर रही और प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया। नॉकआउट मुकाबलों में भी पवन सेहरावत की परफॉर्मेंस काफी शानदार रही। पहले क्वालीफायर मुकाबले में उन्होंने 13 अंक हासिल किए। इसके बाद फाइनल मैच में 22 रेड पॉइंट्स लाकर उन्होंने बैंगलुरु बुल्स को पहली बार प्रो कबड्डी लीग का चैंपियन बना दिया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें उस सीजन का मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया।

सीज़न 7 में भी जारी रखा दबदबा

सातवें सीज़न में भी पवन सेहरावत का शानदार फॉर्म जारी रहा। उन्होंने इस सीज़न में कुल मिलाकर 360 अंक हासिल किए। इस दौरान 18 सुपर 10 उन्होंने लगाए। इनमें से सबसे यादगार सुपर 10 उनका 2 अक्टूबर 2019 को हरियाणा स्टीलर्स के खिलाफ मुकाबले में आया था। ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में उन्होंने 39 पॉइंट्स हासिल करके नया रिकॉर्ड बना दिया। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत बेंगलुरू बुल्स ने हरियाणा स्टीलर्स को 23 पॉइंट्स से हरा दिया। पवन ने अपने इस शानदार परफॉर्मेंस के जरिए एक मैच में सबसे ज्यादा रेड अंक हासिल करने का परदीप नरवाल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस मुकाबले में जीत के जरिए बैंगलुरु बुल्स ने प्लेऑफ में जगह बना ली।

सीज़न 9 में भी जारी रख सकते हैं धुँआधार पंरफॉर्मेंस

प्रो कबड्डी लीग के 9वें सीज़न में भी कबड्डी लवर्स और खास तौर पर पवन सेहरावत के फैंस को उनकी दमदार परफॉर्मेंस देखने की आस है, जिसके लिए खिलाड़ियों की नीलामी का आयोजन 5-6 अगस्त को किया जाएगा।इसमें 12 फ्रेंचाइजी बोली लगाते नजर आएंगे। उल्लेखनीय है कि प्रो कबड्डी लीग के दौरान एक फ्रेंचाइजी कम से कम 18 तो अधिकतम 25 खिलाड़ियों पर दाँव लगा सकता है। इसे लेकर हर टीम के पास में 4.4 करोड़ रुपये की रकम रहेगी। 9वें सीजन की नीलामी के लिए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी 2021 गेम्स के टॉप 2 में शामिल 24 खिलाड़ियों को भी पहली बार शामिल किया जा रहा है।  

4 कैटेगरी में की जाएगी खिलाड़ियों की नीलामी

नीलामी के लिए खिलाड़ियों को प्रमुख रूप से तीन कैटेगरी में बाँटा जाएगा, जिनमें डोमेस्टिक, ओवरसीज और न्यू यंग प्लेयर्स (एनवाईपी) शामिल हैं। इसके बाद चार सब-कैटेगरी- ए, बी, सी और डी बनाई जाएँगी और आगे प्रत्येक कैटेगरी में खिलाड़ियों को 'ऑलराउंडर', 'डिफेंडर्स' और 'रेडर्स' के रूप में बांटा जाएगा।

हर कैटेगरी के लिए आधार मूल्य कुछ इस प्रकार रखा गया है

कैटेगरी ए- 30 लाख रुपये

कैटेगरी बी- 20 लाख रुपये

कैटेगरी सी- 10 लाख रुपये

कैटेगरी डी- 6 लाख रुपये

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