राष्ट्रमंडल खेलों में भारत : लॉन बॉल्स में ऐतिहासिक स्वर्ण , टेबल टेनिस टीम का जलवा भी कायम

Table tennis
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भारतीय महिला लॉन बॉल्स टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण जीतकर एक ‘गुमनाम’ से खेल को रातोंरात देश में लोकप्रिय बना दिया तो पुरूष टेबल टेनिस टीम ने अपेक्षाओं पर खरे उतरते हुए अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा।

बर्मिंघम, 3 अगस्त।  भारतीय महिला लॉन बॉल्स टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण जीतकर एक ‘गुमनाम’ से खेल को रातोंरात देश में लोकप्रिय बना दिया तो पुरूष टेबल टेनिस टीम ने अपेक्षाओं पर खरे उतरते हुए अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा। भारत के लिये राष्ट्रमंडल खेलों में आज का दिन अच्छा रहा जिसमें लॉन बॉल्स और टेबल टेनिस में स्वर्ण पदक मिले जबकि भारोत्तोलन में विकास ठाकुर ने रजत पदक जीता।

महिला हॉकी में हालांकि भारतीय टीम पहली कठिन चुनौती का सामना नहीं कर सकी और इंग्लैंड से हार गई। एथलेटिक्स स्पर्धा का पहला दिन भारत के लिये मिला जुला रहा। लॉन बॉल महिला टीम ने रचा इतिहास : बर्मिंघम जाने से पहले शायद इनके और इनके खेल के बारे में कोई जानता भी नहीं था लेकिन भारतीय महिला लॉन बॉल्स टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया और पूरे देश को इस गुमनाम से खेल को देखने के लिये प्रेरित भी किया।

भारत की लवली चौबे (लीड), पिंकी (सेकंड), नयनमोनी सैकिया (थर्ड) और रूपा रानी टिर्की (स्लिप) की चौकड़ी ने दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में 17 . 10 से हराया। प्रतियोगिता की महिला फोर स्पर्धा में भारत पहली बार उतरा था। भारतीय टीम की अगुवाई करने वाली लवली झारखंड पुलिस में कांस्टेबल हैं जबकि रूपा रांची में खेल विभाग में कार्यरत है। पिंकी दिल्ली के डीपीएस आरके पुरम में खेल शिक्षक है तो वहींकिसान परिवार से आने वाली नयनमोनी असम में वन विभाग में कार्यरत है।

इन खिलाड़ियों को उम्मीद है कि उनकी सफलता से देश में इस खेल को लोकप्रियता मिलेगी। टेबल टेनिस में भी स्वर्णिम सफलता : हरमीत देसाई ने निर्णायक एकल मुकाबले में अपनी लय कायम रखते हुए जीत दर्ज की और भारतीय पुरूष टेबल टेनिस टीम ने करीबी मुकाबले में सिंगापुर को हराकर राष्ट्रमंडल खेलों में अपना स्वर्ण बरकरार रखा। दुनिया के 121वें नंबर के खिलाड़ी हरमीत ने तीसरे एकल में 133वीं रैंकिंग वाले झे यू क्लारेंस चीयू को 11 . 8, 11 . 5, 11 . 6 से हराकर भारत की जीत सुनिश्चित की।

राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पुरूषों की टीम स्पर्धा में भारत का यह तीसरा स्वर्ण पदक है। मैनचेस्टर में 2002 में हुए खेलों में टेबल टेनिस को शामिल किये जाने के बाद भारत का यह सातवां पदक है। हरमीत और जी साथियान की जोड़ी ने योन इजाक क्वेक और यू इन कोएन पांग की जोड़ी को13-11, 11-7, 11-5 से शिकस्त देकर भारत को शानदार शुरुआत दिलायी। दिग्गज शरत कमल पुरुष एकल के पहले मैच में झे यू क्लारेंस चीयू से 11 - 7 , 12 - 14, 11 - 3, 11 - 9से हार गए।

विश्व रैंकिंग में 35 वें स्थान पर काबिज जी साथियान ने इसके बादपांग को 12-10, 7-11 , 11-7, 11-4 से हराकर मुकाबले में भारत की वापसी करायी। भारोत्तोलन में पदकों का सिलसिला जारी : भारत के हैवीवेट भारोत्तोलक विकास ठाकुर ने 96 किग्रा वर्ग में रजत पदक के साथ राष्ट्रमंडल खेलों का एक और पदक अपने नाम किया। अनुभवी ठाकुर ने कुल 346 किग्रा (155 किग्रा और 191 किग्रा) वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया और इस दौरान अपने लगातार तीसरे राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीता।

ठाकुर का राष्ट्रमंडल खेलों में यह दूसरा रजत पदक है। वह 2014 ग्लास्गो खेलों में भी दूसरे स्थान पर रहे थे जबकि गोल्ड कोस्ट में 2018 में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। एथलेटिक्स में अच्छी शुरूआत : भारत के राष्ट्रीय रिकार्डधारक मुरली श्रीशंकर ने एथलेटिक्स प्रतियोगिता की पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा के क्वालीफाइंग दौर में शीर्ष पर रहकर जबकि मोहम्मद अनीस याहिया ने आठवां स्थान हासिल करके फाइनल में जगह बनाई। गोला फेंक में मनप्रीत कौर ने भी फाइनल में प्रवेश किया।

वह उन नौ खिलाड़ियों में शामिल थीं जो 18 मीटर के स्वत: क्वालीफाइंग स्तर को हासिल करने में नाकाम रहीं। मनप्रीत ने हालांकि 12 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक के रूप में फाइनल में प्रवेश किया। भारत की शीर्ष धाविका दुती चंद हालांकि 100 मीटर में शुरुआती हीट रेस में कुल 27वें स्थान पर रहते हुए स्पर्धा से बाहर हो गईं। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक (11.17 सेकेंड) दुती हीट नंबर पांच में 11.55 सेकेंड के निराशाजनक प्रदर्शन से चौथे स्थान पर रहीं।

महिला हॉकी टीम जीत की हैट्रिक लगाने से चूकी : भारतीय महिला हॉकी टीम राष्ट्रमंडल खेलों में पहली कठिन चुनौती का सामना नहीं कर सकी और पूल ए के मैच में मंगलवार को इंग्लैंड ने उसे 3 . 1 से हरा दिया। इंग्लैंड के लिये जिसेले एंसले ने तीसरे मिनट में पहला गोल पेनल्टी कॉर्नर पर दागा। टेस हॉवर्ड ने तीसरे क्वार्टर में 40वें मिनट में दूसरा गोल किया जबकि हन्नाह मार्टिन ने चौथे और आखिरी क्वार्टर में 53वें मिनट में इंग्लैंड का तीसरा गोल दागा। भारत के लिये एकमात्र गोल आखिरी मिनट पर वंदना कटारिया ने किया।

भारतीय टीम 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक के मुकाबले में इंग्लैंड से 6 . 0 से मिली हार का बदला चुकता करने उतरी थी लेकिन उसे नाकामी मिली। इसी इंग्लैंड टीम ने तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक के प्लेआफ मुकाबले में भारत को 4 . 3 से हराकर भारतीय हॉकीप्रेमियों का दिल तोड़ा था। तैराकी में अच्छी खबर : भारतीय तैराक अद्वैत पागे और कुशाग्र रावत ने अपनी अपनी हीट में चौथे स्थान पर रहकर पुरूषों की 1500 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया।

पागे ने पहली हीट में 15 : 39 . 25 सेकंड का समय निकाला जबकि रावत ने दूसरी हीट में 15 : 47 . 77 सेकंड का समय निकाला। दोनों हीट से शीर्ष आठ तैराक फाइनल में पहुंचे। इससे पहले श्रीहरि नटराज ने 200 मीटर बैकस्ट्रोक में ‘सर्वश्रेष्ठ भारतीय समय’ निकाला लेकिन वह हीट दो में तीसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहे। स्क्वाश में निराशा : भारत के शीर्ष स्क्वाश खिलाड़ी सौरव घोषाल को मंगलवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के पॉल कोल के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी पॉल कोल ने दुनिया के 15वें नंबर के खिलाड़ी घोषाल को सीधे गेम में 3-0 (11 - 9, 11 - 4, 11 - 1) से हराया।

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