CWG 2022: वेटलिफ्टिंग में भारत ने जीते दो मेडल, बॉक्सिंग में पक्के हुए पदक, सेमीफाइनल में पहुंची महिला हॉकी टीम

Vikas Thakur
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भारतीय खिलाड़ियों ने छठें दिन धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए दो मेडल अपने नाम किये। वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए लवप्रीत सिंह ने कांस्य और विकास ठाकुर ने रजत पदक जीता। इसके अलावा बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर दो पदक पक्के कर लिए है। भारतीय महिला हॉकी टीम आज कनाडा को धूल चटाकर सेमीफाइनल में पहुंच गई।

भारतीय खिलाड़ियों ने छठें दिन धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए दो मेडल अपने नाम किये। वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए लवप्रीत सिंह ने कांस्य और विकास ठाकुर ने रजत पदक जीता। इसके अलावा बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर दो पदक पक्के कर लिए है। भारतीय महिला हॉकी टीम आज कनाडा को धूल चटाकर सेमीफाइनल में पहुंच गई।

CWG 2022: लवप्रीत सिंह का कमाल, वेटलिफ्टिंग में भारत को दिलाया कांस्य पदक

भारत के लवप्रीत सिंह ने बुधवार को यहां पुरूषों की 109 किग्रा स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया जिससे राष्ट्रमंडल खेलों में देश को भारोत्तोलन से पदक मिलना जारी है। पंजाब के 24 साल के भारोत्तोलक ने कुल 355 किग्रा का वजन उठाया। इसमें लवप्रीत ने क्लीन एवं जर्क में 192 किग्रा का भार उठाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम किया जिससे वह पोडियम में तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने स्नैच में 163 किग्रा का वजन उठाया।

CWG 2022: वेटलिफ्टर विकास ठाकुर ने सिल्वर मेडल जीत सिद्धू मूसेवाला के अंदाज में मनाया जश्न

भारतीय वेटलिफ्टर विकास ठाकुर कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रतिस्पर्धा के दौरान पंजाब के दिवंगत सिंगर सिद्धू मूसेवाला के बारे में सोच रहे थे। बता दें कि विकास ठाकुर सिद्धू मूसेवाला के बहुत बड़े फैन रहे हैं और उन्होंने यह बात सिल्वर मेडल जीतकर साबित कर दी है। ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योंकि जब विकास ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीता तो मूसेवाला के अंदाज में जांघ पर हाथ मारकर उन्होंने अपनी जीत का जश्न मनाया था। भारत से बर्मिंघम तक की यात्रा में विकास ने मूसेवाला के ही सॉन्ग सुने और अपने आपको मोटिवेट करते रहे।

नीतू और हुसामुद्दीन का शानदार प्रदर्शन, भारत के मुक्केबाजी में दो पदक किये पक्के

भारतीय मुक्केबाज नीतू गंघास और हुसामुद्दीन मोहम्मद ने बुधवार को यहां क्रमश: महिलाओं के 48 किग्रा और पुरूषों के 57 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में पदक पक्के कर दिये। दो बार की युवा स्वर्ण पदक विजेता नीतू (21 वर्ष) को क्वार्टरफाइनल के तीसरे और अंतिम राउंड में उत्तरी आयरलैंड की प्रतिंद्वद्वी निकोल क्लाइड के स्वेच्छा से रिटायर होने (एबीडी) के बाद विजेता घोषित किया गया जिससे देश का बर्मिंघम में पहला मुक्केबाजी पदक सुनिश्चित हुआ। फिर निजामाबाद के 28 साल के हुसामुद्दीन नामीबिया के ट्रायागेन मार्निंग नदेवेलो पर 4-1 से जीत दर्ज कर अंतिम चार में पहुंच गये जिससे देश का दूसरा पदक पक्का हुआ। पिछले चरण के कांस्य पदक विजेता हुसामुद्दीन को हालांकि अपने मुकाबले के विभाजित फैसले में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत: लॉन बॉल्स में ऐतिहासिक स्वर्ण, टेबल टेनिस टीम का जलवा भी कायम

भारतीय महिला लॉन बॉल्स टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण जीतकर एक ‘गुमनाम’ से खेल को रातोंरात देश में लोकप्रिय बना दिया तो पुरूष टेबल टेनिस टीम ने अपेक्षाओं पर खरे उतरते हुए अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा। भारत के लिये राष्ट्रमंडल खेलों में आज का दिन अच्छा रहा जिसमें लॉन बॉल्स और टेबल टेनिस में स्वर्ण पदक मिले जबकि भारोत्तोलन में विकास ठाकुर ने रजत पदक जीता।

ऊषा महिला 87 किग्रा में पदक जीतने में नाकाम, छठे स्थान पर रहीं

भारतीय भारोत्तोलक ऊषा बानुर मंगलवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों की महिला 87 किग्रा स्पर्धा में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए छठे स्थान पर रहीं। ऊषा ने स्नैच में काफी कम वजन उठाया जबकि क्लीन एवं जर्क में उनका एक ही प्रयास वैध रहा जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। ऊषा कुल 205 किग्रा (95 किग्रा और 110 किग्रा) वजन ही उठा पाईं। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक आस्ट्रेलिया की एलीन सिकामाताना ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए कुल 255 किग्रा (110 किग्रा और 145 किग्रा) वजन उठाकर जीता।

राष्ट्रमंडल बैडमिंटन मिश्रित टीम स्पर्धा: मलेशिया से फाइनल में हारा भारत, रजत पदक मिला

भारत को राष्ट्रमंडल खेलों की बैडमिंटन मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में मंगलवार को यहां मलेशिया के खिलाफ 1-3 की हार के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इस मुकाबले में भारत के एकल खिलाड़ियों और मलेशिया की युगल जोड़ियों पर नजरें थी। भारत के एकल खिलाड़ी हालांकि अपने से कम रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए जिससे भारत स्वर्ण पदक जीतने से चूक गया।

महिला चक्का फेंक: सीमा और नवजीत पदक जीतने में नाकाम

भारत की स्टार खिलाड़ी सीमा पूनिया और नवजीत कौर ढिल्लों मंगलवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों की महिला चक्का फेंका स्पर्धा के फाइनल में क्रमश: पांचवें और आठवें स्थान पर रहते हुए पदक जीतने में नाकाम रहीं। पांचवीं बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रही चार बार की पदक विजेता सीमा ने अपने दूसरे प्रयास में चक्के को 55.92 मीटर की दूरी तक फेंका जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।

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