मुंबई इंडियन्स रोमांचक जीत से तीसरी बार बना चैंपियन

कृणाल पंड्या की 47 रन की पारी और मिशेल जानसन की शानदार गेंदबाजी से मुंबई ने रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे कम स्कोर वाले फाइनल में राइजिंग पुणे को एक रन से हराकर तीसरी बार आईपीएल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

हैदराबाद। कृणाल पंड्या की विषम परिस्थितियों में खेली गयी 47 रन की पारी और मिशेल जानसन की अगुवाई वाले आक्रमण की शानदार गेंदबाजी से मुंबई इंडियन्स ने रोमांच की पराकाष्ठा तक पहुंचे कम स्कोर वाले फाइनल में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट को एक रन से हराकर तीसरी बार आईपीएल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मुंबई के पांच बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे जिनमें से कृणाल पंड्या (38 गेंदों पर 47) और कप्तान रोहित शर्मा (22 गेंदों पर 24 रन) ही 20 रन की संख्या को छू पाये। कृणाल और जानसन (नाबाद 13) ने आठवें विकेट के लिये 50 रन जोड़कर टीम का स्कोर आठ विकेट पर 129 रन तक पहुंचाया। मुंबई ने पहले 17 ओवरों में 92 रन बनाये थे लेकिन आखिरी तीन ओवरों में वह 37 रन बनाने में सफल रहा जो आखिर में निर्णायक साबित हुए। पुणे के लिये अंजिक्य रहाणे ने 38 गेंदों पर 44 रन बनाये जबकि स्मिथ ने 50 गेंदों पर 51 रन की पारी खेली। इन दोनों के अलावा कोई भी अन्य बल्लेबाज योगदान नहीं दे पाया और उसकी टीम आखिर में छह विकेट पर 128 रन ही बना पायी। मुंबई के लिये जानसन ने 26 रन देकर तीन और जसप्रीत बुमराह ने 26 रन देकर दो विकेट लिये। फिर से इन दोनों टीमों के बीच आखिरी गेंद तक मैच खिंचा। पिछले तीन अवसरों पर पुणे जीता था लेकिन इस सबसे महत्वपूर्ण मैच में मुंबई बाजी मारने में सफल रहा। मुंबई ने इससे पहले 2013 और 2015 में रोहित शर्मा की ही अगुवाई में खिताब जीता था। पुणे को आखिरी ओवर में 11 रन चाहिए थे लेकिन जानसन ने इस ओवर में नौ रन दिये और दो विकेट लिये। मुंबई को इस जीत से चमचमाती ट्राफी और 15 करोड़ रूपये मिले जबकि दो साल के लिये आईपीएल से जुड़ी पुणे की टीम को उप विजेता के रूप में दस करोड़ रूपये की धनराशि मिली।

मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने भी पहले पांच ओवरों में ही पांच गेंदबाज आजमाकर बल्लेबाजों को परेशानी में डालने के प्रयास किये। इनमें से तीसरे ओवर में बुमराह ने राहुल त्रिपाठी (तीन) को पगबाधा आउट करके मुंबई को पहली सफलता दिलायी। लसित मलिंगा के अगले ओवर में दूसरे सलामी बल्लेबाज रहाणे भी पवेलियन लौट जाते लेकिन कृणाल ने शार्ट एक्स्ट्रा कवर पर उनका आसान कैच छोड़ दिया। रहाणे ने तब 14 रन बनाये थे। रहाणे ने स्मिथ के साथ दूसरे विकेट के लिये 54 रन जोड़े। रहाणे की पारी का अंत कीरोन पोलार्ड ने जानसन की गेंद पर खूबसूरत कैच लेकर किया। उन्होंने ने अपनी पारी में पांच चौके लगाये। मुंबई के गेंदबाजों ने भी पिच का फायदा उठाकर बल्लेबाजों पर लगाम कसे रखी। स्मिथ और महेंद्र सिंह धोनी क्रीज पर थे लेकिन पुणे का स्कोर कछुआ चाल से आगे बढ़ रहा था। ऐसे में इन दोनों बल्लेबाजों ने कृणाल के ओवर में 14 रन लेकर रन और गेंदों के बीच अंतर कम किया। स्मिथ का पारी के इस 16वें ओवर में रिवर्स स्वीप से लगाया गया छक्का दर्शनीय था। बुमराह ने धोनी (10) को विकेट के पीछे कैच कराकर मुंबई के खिलाड़ियों में फिर से जान भर दी। स्मिथ ने मलिंगा पर चौका लगाया लेकिन तब भी दो ओवर में 23 रन की दरकार थी। स्मिथ ने बुमराह पर लांग आफ क्षेत्र में छक्का जड़ा जिसके बाद पुणे को आखिरी ओवर में छह रन की जरूरत थी। मनोज तिवारी (सात) ने जानसन की पहली गेंद पर चौका लगाया लेकिन अगली गेंद पर उन्होंने सीमा रेखा पर कैच दे दिया। अगली गेंद पर स्टीव स्मिथ ने भी एक्स्ट्रा कवर पर कैच थमा दिया। आखिरी गेंद पर पुणे को चार रन चाहिए थे लेकिन डेनियल क्रिस्टियन दो रन ही ले पाये।

उनका यह फैसला हालांकि सही साबित नहीं हुआ और उसने तीसरे ओवर में ही आठ रन के अंदर दोनों सलामी बल्लेबाज पार्थिव पटेल (चार) और लेंडल सिमन्स (तीन) के विकेट गंवा दिये। इन दोनों को उनादकट ने पवेलियन की राह दिखायी। पार्थिव ने मिड आन पर आसान कैच थमाया लेकिन सिमन्स का उनादकट ने अपनी ही गेंद पर जबर्दस्त कैच लिया। इससे टीम दबाव में आ गयी और पहले पांच ओवर के बाद स्कोर 16 रन तक ही पहुंच पाया था। रोहित ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में लॉकी फगरुसन पर चार चौके जड़कर मुंबई के समर्थकों में कुछ जान भरी। उन्होंने अंबाती रायुडु (15 गेंदों पर 12 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिये 33 रन जोड़े। स्मिथ ने अपने कुशल क्षेत्ररक्षण से रायुडु को रन आउट किया। दसवें ओवर के बाद स्कोर तीन विकेट पर 56 रन था लेकिन जंपा के अगले ओवर में उसने रोहित और कीरोन पोलार्ड (सात) के दो महत्वपूर्ण विकेट गंवाये। शादरुल ठाकुर ने डीप मिडविकेट पर शानदार कैच लेकर रोहित को आउट करने में अहम भूमिका निभायी लेकिन पोलार्ड ने लांग आन पर खड़े मनोज तिवारी को आसान कैच थमाया। हार्दिक पंड्या (10) और कर्ण शर्मा (एक) भी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाये जिससे मुंबई का स्कोर छह विकेट पर 78 रन हो गया। कृणाल ने हालांकि एक छोर संभाले रखा जबकि जानसन ने दूसरे छोर से विकेट बचाये रखा। आखिरी तीन ओवरों में जानसन ने एक जबकि कृणाल ने दो छक्के लगाये। कृणाल की पारी में इनके अलावा तीन चौके भी शामिल हैं।

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