अब मैं चैंपियन्स ट्राफी के लिये तैयार हूं: दिनेश कार्तिक

दिनेश कार्तिक ने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच में 94 रन की पारी खेलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें लगता है कि अब वह इस टूर्नामेंट के लिये पूरी तरह से तैयार हैं और अंतिम एकादश में जगह बना सकते हैं।

लंदन। मनीष पांडे के चोटिल होने के कारण आईसीसी चैंपियन्स ट्राफी के लिये टीम में शामिल किये गये दिनेश कार्तिक ने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच में 94 रन की पारी खेलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें लगता है कि अब वह इस टूर्नामेंट के लिये पूरी तरह से तैयार हैं और अंतिम एकादश में जगह बना सकते हैं। कार्तिक ने कल ओवल में रिटायर्ड आउट होने से पहले 77 गेंदों पर 94 रन बनाये जिससे भारत सात विकेट पर 324 रन बनाने में सफल रहा। उसने बाद में बांग्लादेश को 84 रन पर आउट करके 240 रन से जीत दर्ज की। कार्तिक ने मैच के बाद कहा, ‘‘मेरे लिये यह मैच अपना कौशल दिखाने के लिये अच्छा मौका था और मुझे खुशी है कि मैंने क्रीज पर कुछ समय बिताया। अब मुझे लगता है कि मैं टूर्नामेंट के लिये तैयार हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर यह मेरे लिये महत्वपूर्ण मैच था। कप्तान और कोच मुझे बल्लेबाजी करते हुए देख रहे थे और उनके लिये यह महत्वपूर्ण था कि वह यह जानें कि मैं किस स्थिति में हूं। यह अहम है कि जब मुझे मौका मिलता है तब मैं अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करता हूं।’’ इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ कार्तिक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाये थे और नौ गेंद खेलने के बावजूद बिना खाता खोले पवेलियन लौट गये थे। अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच मार्च 2014 में खेलने वाले कार्तिक ने कहा कि लंबे अर्से बाद वापसी करने के कारण वह थोड़ा नर्वस थे। 

उन्होंने कहा, ‘‘बांग्लादेश के खिलाफ मैंने खुद को शांतचित बनाये रखा। मैंने सोचा कि यह मेरे लिये क्रीज पर कुछ समय बिताने और शाट खेलने का अच्छा मौका है। मैंने अपनी बल्लेबाजी पर कुछ काम किया था और आज मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं।’’ कार्तिक ने कहा कि इंग्लैंड में बल्लेबाजी करते समय परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ होना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘आपको परिस्थितियों से वाकिफ होना होगा। अगर धूप खिली हो तो यह बल्लेबाजी के लिये अनुकूल स्थिति होती है। असल में यह भारत से भी बेहतर स्थिति होती है क्योंकि गेंद बेहतर उछाल के साथ बल्ले पर आती है।’’ इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, ‘‘लेकिन अगर थोड़ा भी बादल छाये हुए हों तो फिर गेंदबाजों को मदद मिलती है। उन्हें थोड़ा स्विंग मिलती है और अचानक ही चीजें बदल जाती है और आप देख सकते हैं कि किस तरह से खेल आगे बढ़ा।''

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