बांग्लादेश के खिलाफ ‘असंभव को संभव’ करने के इरादे से उतरेगी पाकिस्तानी टीम

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 4, 2019   14:02
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बांग्लादेश के खिलाफ ‘असंभव को संभव’ करने के इरादे से उतरेगी पाकिस्तानी टीम
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चिर प्रतिद्वंद्वी भारत से हारने के बाद पाकिस्तान ने वापसी करते हुए बाबर आजम और हैरिस सोहेल के शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन से दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान को शिकस्त दी।

लंदन। पूर्व चैम्पियन पाकिस्तान के लिये सेमीफाइनल में जगह बनाना अब महज गणितीय संभावना है क्योंकि इसके हिसाब से विश्व कप के अंतिम में प्रवेश करने के लिये उसे शुक्रवार को यहां होने वाले मैच में बांग्लादेश पर असंभव जीत हासिल करनी होगी। पाकिस्तान का विश्व कप में अभियान 1992 विश्व कप चरण में टीम के प्रदर्शन के समान दिख रहा था लेकिन भारत के इंग्लैंड से हारने से उसकी सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद को करारा झटका लगा और जब बीती रात न्यूजीलैंड की टीम मेजबानों से हार गयी तो उसके लिये यह उम्मीद बिलकुल क्षीण हो गयी। अब यह मामला जोड़-घटाव मात्र रह गया है और ऐसा तभी हो सकता है जब पाकिस्तान टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करे। क्योंकि अगर पाकिस्तान टास हार गया और उसे क्षेत्ररक्षण के लिये कहा जाता है तो पहली गेंद खेलने से पहले ही यह खत्म हो जायेगा। न्यूजीलैंड के इंग्लैंड से 119 रन से हारने के बाद उसके नौ मैचों में 11 अंक हैं लेकिन इस करारी हार के बावजूद उसका नेट रन रेट पाकिस्तान की तुलना में काफी अधिक है जो प्लस 0.175 है जबकि पाकिस्तान का नेट रन रेट माइनस 0.792 है। 

आठ मैचों में नौ अंक से पांचवें स्थान पर बैठी पाकिस्तानी टीम को अगर न्यूजीलैंड को पछाड़ना है तो उसे टास जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 350 रन बनाकर बांग्लादेश को 311 रन से हराना होगा या फिर 400 रन का स्कोर खड़ाकर 316 रन से शिकस्त देनी होगी जो सामान्य हालात में असंभव है। चिर प्रतिद्वंद्वी भारत से हारने के बाद पाकिस्तान ने वापसी करते हुए बाबर आजम और हैरिस सोहेल के शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन से दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान को शिकस्त दी। बायें हाथ के तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी का न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच विकेट झटकने वाला प्रदर्शन भी काफी सकारात्मक रहा जिससे मोहम्मद आमिर की अगुवाई वाले गेंदबाजी आक्रमण को पैनापन मिला। वहीं मौके चूकने वाली बांग्लादेश की टीम पाकिस्तान के खिलाफ मजबूत प्रदर्शन से घरेलू प्रशंसकों को खुशी का मौका देना चाहेगी जैसा उन्होंने 1999 चरण में किया था। 

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दक्षिण अफ्रीका, अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार जीत से बांग्लादेश की टीम सातवें स्थान पर है। टीम ने उन मैचों में अच्छा जज्बा दिखाया है जिसमें उसे हार मिली है और मशरफी मुर्तजा की टीम शुक्रवार को पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगी। टीम अपने स्टार आल राउंडर शाकिबुल हसन पर काफी निर्भर है जो विश्व कप इतिहास में 10 विकेट झटकने के अलावा 500 रन बनाने वाले एकमात्र क्रिकेटर बन गये हैं। बांग्लादेश ने उनके प्रदर्शन से इस विश्व कप में लगातार 300 रन का आंकड़ा पार किया है लेकिन उनकी गेंदबाजी ने उन्हें निराश किया है, विशेषकर कप्तान मुर्तजा की निराशाजनक फार्म ने। मुस्तफिजुर रहमान ने अपनी वैरिएशन के बूते पर पांच विकेट चटकाये और मोहम्मद सैफुद्दीन के अर्धशतक से उन्होंने पिछले मैच में भारत को भी परेशान किया। 

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टीमें इस प्रकार हैं। 

पाकिस्तान: 

सरफराज अहमद (कप्तान), फखर जमां, इमाम उल हक, बाबर आजम, हैरिस सोहेल, हसन अली, शाहदाब खान, मोहम्मद हफीज, मोहम्मद हसनैन, शाहीन शाह अफरीदी, वहाब रियाज, मोहम्मद आमिर, शोएब मलिक, इमरान अली।

बांग्लादेश: 

मशरफी मुर्तजा (कप्तान), तमीम इकबाल, सौम्य सरकार, शाकिब अल हसन, मुश्फिकुर रहीम (विकेटकीपर), महमूदुल्लाह रियाद, सब्बीर रहमान, मेहदी हसन मिराज, मोसादेक हुसैन, मोहम्मद सैफुद्दीन, मुस्तफिजुर रहमान, रूबेल हुसैन, लिटन दास, अबू जायद और मोहम्मद मिथुन। 







कोरोना महामारी का असर, बीजिंग ओलंपिक 2022 के स्थलों पर स्की प्रतियोगितायें रद्द

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   18:26
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कोरोना महामारी का असर, बीजिंग ओलंपिक 2022 के स्थलों पर स्की प्रतियोगितायें रद्द
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बीजिंग ओलंपिक 2022 के स्थलों पर स्की प्रतियोगितायें रद्द हो गया।महासंघ ने कहा, ‘‘आगामी महीनों में यात्रा की परिस्थितियों के पेचीदा बने रहने की संभावना है। ’’ रद्द टूर्नामेंट में फ्रीस्टाइल स्कींग विश्व चैम्पियनशिप, स्कींग विश्व कप रेस, क्रास कंट्री स्कींग, स्की जम्पिंग और मिश्रित नोर्डिक शामिल हैं।

ओबरहोफेन (स्विट्जरलैंड)। अंतरराष्ट्रीय स्की महासंघ ने शुक्रवार को चीन में कई प्रतियोगितायें रद्द कर दी जो 2022 बीजिंग ओलंपिक के लिये स्थल परीक्षण के लिये आयोजित होनी थी जिसमें अगले साल की स्नोबोर्डिंग विश्व चैम्पियनशिप भी शामिल है।

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अंतरराष्ट्रीय स्की महासंघ ने कोरोना वायरस महामारी के बीच यात्रा पाबंदियों का हवाला दिया जिसमें चीन में सभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिये 14 दिन का अनिवार्य पृथकवास शामिल है। महासंघ ने कहा, ‘‘आगामी महीनों में यात्रा की परिस्थितियों के पेचीदा बने रहने की संभावना है। ’’ रद्द टूर्नामेंट में फ्रीस्टाइल स्कींग विश्व चैम्पियनशिप, स्कींग विश्व कप रेस, क्रास कंट्री स्कींग, स्की जम्पिंग और मिश्रित नोर्डिक शामिल हैं।







किसानों के समर्थन में आए पूर्व मुक्केबाजी कोच जीएस संधू, द्रोणाचार्य पुरस्कार लौटाने की पेशकश की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   16:44
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किसानों के समर्थन में आए पूर्व मुक्केबाजी कोच जीएस संधू, द्रोणाचार्य पुरस्कार लौटाने की पेशकश की
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पूर्व मुक्केबाजी कोच जीएस संधू ने प्रदर्शनरत किसानों के समर्थन में द्रोणाचार्य लौटाने की पेशकश की है। संधू ने पटियाला में अपने घर से कहा, ‘‘मैं किसानों के परिवार से आया हूं, उनके डर को संबोधित किया जाना चाहिए। अगर चल रही बातचीत से किसानों के लिये संतोषजनक नतीजा नहीं निकलता तो मैं पुरस्कार लौटा दूंगा। ’’

नयी दिल्ली। पूर्व राष्ट्रीय मुक्केबाजी कोच गुरबक्श सिंह संधू ने शुक्रवार को कहा कि अगर नये कृषि नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह अपना द्रोणाचार्य पुरस्कार लौटा देंगे। संधू के कार्यकाल में ही भारत ने मुक्केबाजी का पहला ओलंपिक पदक हासिल किया था। वह दो दशक तक भारत के राष्ट्रीय पुरूष कोच रहे ,जिसके बाद वह दो वर्षों से महिला मुक्केबाजों को कोचिंग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह किसानों का समर्थन करने का उनका तरीका है जो इतनी ठंड में खुद की परवाह किये बिना आंदोलन कर रहे हैं। संधू ने पटियाला में अपने घर से कहा, ‘‘मैं किसानों के परिवार से आया हूं, उनके डर को संबोधित किया जाना चाहिए। अगर चल रही बातचीत से किसानों के लिये संतोषजनक नतीजा नहीं निकलता तो मैं पुरस्कार लौटा दूंगा। ’’

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विजेंदर सिंह जब 2008 में ओलंपिक पदक जीतने वहले भारतीय मुक्केबाज बने थे, तब संधू राष्ट्रीय कोच थे और उनकी कोचिंग के दौरान ही आठ भारतीय मुक्केबाजों ने लंदन 2012 ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया था। संधू को इससे पहले ही 1998 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्होंने कहा, ‘‘यह पुरस्कार मेरे लिये काफी मायने रखता है लेकिन साथी किसानों का दुख इससे भी ज्यादा अहमियत रखता है। इस सर्दी में उन्हें सड़कों पर बैठे हुए देखना मेरे लिये बहुत कष्टकारी है। सरकार को उनसे बातचीत करने की जरूरत है और उनके संदेहों को दूर करके उन्हें आश्वस्त करने की जरूरत है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर इसका संतोषजनक हल निकलता है तो मैं ऐसा नहीं करूंगा लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं पुरस्कार लौटा दूंगा। ’’ कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया है जिसमें पद्म श्री और अर्जुन पुरस्कृत पहलवान करतार सिंह, अर्जुन पुरस्कृत बास्केटबॉल खिलाड़ी साजन सिंह चीमा और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त हॉकी खिलाड़ी राजबीर कौर शामिल हैं।







खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा- "भारत को प्रेरित करते हैं पैरा एथलीट"

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   11:16
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खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा-
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खेल मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पैरा एथलीट और ‘दिव्यांग’ योद्धा हमारी ताकत हैं। वे हमें प्रेरणा देते हैं। हमारे खेल मंत्रालय में सक्षम और दिव्यांग खिलाड़ियों के बीच कोई अंतर नहीं है। ’’ उन्होंने बयान में कहा, ‘‘हम उन्हें उन्हें एक समान तरीके से सम्मानित करते हैं, पुरस्कार राशि देते हैं और अन्य चीजें भी समान हैं।

नयी दिल्ली। खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने गुरूवार को कहा कि दिव्यांग एथलीट देश की ताकत और प्रेरणा हैं और सरकार उन्हें सक्षम खिलाड़ियों के बराबर ही अहमियत देती है। रीजीजू ने भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) की अध्यक्ष दीपा मलिक और शीर्ष एथलीट जैसे देवेंद्र झाझरिया, पारूल परमार और शताब्दी अवस्थी की मौजूदगी में 29वें विश्व विकलांगता दिवस के मौके पर आयोजित वर्चुअल सत्र के दौरान यह बयान दिया। खेल मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पैरा एथलीट और ‘दिव्यांग’ योद्धा हमारी ताकत हैं। वे हमें प्रेरणा देते हैं। हमारे खेल मंत्रालय में सक्षम और दिव्यांग खिलाड़ियों के बीच कोई अंतर नहीं है। ’’ उन्होंने बयान में कहा, ‘‘हम उन्हें उन्हें एक समान तरीके से सम्मानित करते हैं, पुरस्कार राशि देते हैं और अन्य चीजें भी समान हैं। ’’

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रीजीजू ने यह भी कहा कि वे संबंधित राज्य सरकारों से अनुरोध करेंगे कि अपने संबंधित क्षेत्र में पैरालंपियनों का बेहतरीन तरीके से सहयोग करें। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार, पीसीआई और सभी एक टीम की तरह हैं, हमें अपने पैरा एथलीटों को समर्थन के काम को करते रहना होगा। ’’ पद्म श्री, खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त कर चुके देवेंद्र झाझरिया ने सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा, ‘‘जब भी हम सरकार को अपनी समस्याओं को बताते हुए या फिर हमें जिस चीज की जरूरत होती है, उसके बारे में मेल करते हैं तो हमें एक घंटे के अंदर जवाब मिल जाता है।