विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण की कोशिश में फिटनेस व डिफेंस सुधार रही हैं सिंधू

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Aug 16 2019 1:51PM
विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण की कोशिश में फिटनेस व डिफेंस सुधार रही हैं सिंधू
Image Source: Google

क्या दुनिया की नंबर एक यामागुची विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक की उम्मीद में सबसे बड़ा खतरा होंगी तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता। मैं इंडोनेशिया में उसके खिलाफ अच्छा खेली लेकिन वह भी अच्छी थी।

नयी दिल्ली। ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधू ने शुक्रवार को कहा कि अगले हफ्ते होने वाली विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करने की कोशिश में वह अपनी फिटनेस और डिफेंस सुधारने पर काम कर रही हैं। सिंधू विश्व चैम्पियनशिप में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं और पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने दो रजत और दो कांस्य पदक तो जीते लेकिन स्वर्ण पदक नहीं हासिल कर सकीं। अब 24 साल की यह शीर्ष भारतीय खिलाड़ी 19 अगस्त से स्विट्जरलैंड के बासेल में शुरू होने वाली विश्व चैम्पियनशिप में देश की अगुआई के दौरान फिर से बड़ी उम्मीद होंगी। वह 2017 और 2018 विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल में क्रमश: जापान की नोजोमी ओकुहारा और स्पेन की कैरोलिना मारिन से हार गयीं। यह पूछने पर कि क्या वह तीसरी बार भाग्यशाली रहेंगी तो सिंधू ने जवाब दिया, मैंने कड़ी ट्रेनिंग की है और उम्मीद कर रही हूं कि मैं अच्छा कर सकती हूं। मुझे बेहतर खेल दिखाना होगा लेकिन कोई दबाव नहीं है। 

इसे भी पढ़ें: महावीर और बबीता फोगाट आज बीजेपी में होंगे शामिल

उन्होंने कहा, मैं अपने डिफेंस, शारीरिक फिटनेस पर और कोर्ट के अंदर के कौशल पर भी काम कर रही हूं। हमारे पास सभी तरह के स्ट्रोक्स हैं लेकिन सुधार करने के लिये हमें ट्रेनिंग करते रहना चाहिए। इसलिये खुद को ‘परफेक्ट’ बनाये रखने के लिये मुझे हर समय ऐसा करना होता है। सिंधू ने कहा, ‘‘यह जानना अहम है कि सही समय पर कौन सा स्ट्रोक खेला जाये, कभी कभार आप थक जाते हो और आपको पता नहीं चलता लेकिन एक खिलाड़ी के तौर पर आपको जानने की जरूरत होती है कि मुश्किल परिस्थितियों में कौन सा स्ट्रोक खेला जाये। 

इसे भी पढ़ें: Davis Cup: AITA से नाराज भारतीय टेनिस संघ ने की पाकिस्तान से मैच हटाने की मांग



जापान की अकाने यामागुची ने साल के अंतिम दो टूर्नामेंट इंडोनेशिया और जापान में सिंधू की आक्रामक रणनीति को रोका। यह पूछने पर कि क्या दुनिया की नंबर एक यामागुची विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक की उम्मीद में सबसे बड़ा खतरा होंगी तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता। मैं इंडोनेशिया में उसके खिलाफ अच्छा खेली लेकिन वह भी अच्छी थी। वह अच्छा आक्रमण कर रही थी और वह भी रैली की अच्छी खिलाड़ी है। ’उन्होंने कहा, मैं उसकी आक्रामकता से हैरान नहीं थी। मैं तैयार थी लेकिन ऐसा होता है। अगर मैंने पहला गेम जीता होता तो शायद चीजें कुछ अलग हो सकती थीं।  सिंधू को विश्व चैम्पियनशिप में पांचवीं वरीयता मिली है और पहले दौर में बाई मिली है। वह अपने अभियान की शुरूआत चीनी ताइपे की पाई यु पो या बुल्गारिया की लिंडा जेचिरी के खिलाफ कर सकती हैं। अगर वह जीत जाती हैं तो तीसरे दौर में अमेरिका की बेईवेन झांग से भिड़ सकती हैं जबकि क्वार्टरफाइनल में वह चीनी ताइपे की ताई जु यिंग के सामने हो सकती हैं। 

इसे भी पढ़ें: इंग्लैंड को दूसरे एशेज टेस्ट में स्मिथ के खिलाफ आर्चर से उम्मीद

उन्होंने कहा, विश्व चैम्पियनशिप में पहले दौर से ही चीजें मुश्किल होंगी। अगर आप ड्रा देखोगे तो मैं चीनी ताइपे की खिलाड़ी से खेल रही हूं, फिर बेईवेन से भिड़ सकती हूं। अगर जीत गयी तो मुझे क्वार्टर में ताई जु यिंग से खेलना होगा। मुझे हर मैच पर ध्यान लगाना होगा क्योंकि कुछ भी हो सकता है।

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप