विंडीज बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ने कहा- 'फुटबॉल की तरह T20 लीग का आयोजन होता रहे, इंटरनेशनल क्रिकेट कम हो'

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 30, 2020   16:45
विंडीज बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ने कहा- 'फुटबॉल की तरह T20 लीग का आयोजन होता रहे, इंटरनेशनल क्रिकेट कम हो'

वेस्टइंडीज क्रिकेट के पूर्व अध्यक्ष डेव कैमरन ने लंबी इंडियन प्रीमियर लीग का प्रस्ताव दिया और वह चाहते हैं कि सभी टी20 लीग साथ साथ चलती रहे जैसे शीर्ष फुटबॉल लीग ईपीएल, ला लिगा और सीरी ए का आयोजन होता है जो एक ही समय शुरू होती हैं।

नयी दिल्ली। वेस्टइंडीज क्रिकेट के पूर्व अध्यक्ष डेव कैमरन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का अगला चेयरमैन बनने की इच्छा रखते हैं और वह क्रिकेट की दुनिया की कल्पना कुछ इस तरह करते हैं कि इसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर के बजाय ज्यादा जोर निजी टी20 लीग को दिया जाये। कैमरन हालांकि आईसीसी के इस पद पर काबिज होना चाहते हैं लेकिन क्रिकेट वेस्टइंडीज ने वैश्विक संस्था में इस शीर्ष पद के लिये उनकी उम्मीदवारी को समर्थन नहीं दिया है। वर्ष 2013 से 2019 तक क्रिकेट वेस्टइंडीज प्रमुख रहे कैमरन ने लंबी इंडियन प्रीमियर लीग का प्रस्ताव दिया और वह चाहते हैं कि सभी टी20 लीग साथ साथ चलती रहे जैसे शीर्ष फुटबॉल लीग ईपीएल, ला लिगा और सीरी ए का आयोजन होता है जो एक ही समय शुरू होती हैं।

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कैमरन ने कहा, ‘‘टेस्ट क्रिकेट खेलना छोटी टीमों जैसे अफगानिस्तान और आयरलैंड के लिये विकल्प होना चाहिए, यह अनिवार्य नहीं होना चाहिए। ’’ इंग्लैंड के कोलिन ग्रेव्स को आईसीसी चेयरमैन पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है और भारत के सौरव गांगुली भी इस दौड़ में शामिल हो सकते हैं। इसके लिये आईसीसी बोर्ड से कम से कम दो वोट की जरूरत होती है और कैमरन का कहना है कि उनके पास ये सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास ये दोनों वोट हैं, मुझे नहीं लगता है कि इसमें बदलाव होगा। मैं आईसीसी में गांगुली के भविष्य के बारे में सुनने का अब भी इंतजार कर रहा हूं। उन्होंने अभी तक चुनाव प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दिया है। ’’ विश्व क्रिकेट के बारे में बात करते हुए कैमरन ने कहा, ‘‘खेल को उप महाद्वीप से बाहर ले जाना चाहिए, हमें चीन और अन्य जगहों पर इसके विकास की जरूरत है। यह योजना है जिसमें भारत को शामिल करना होगा। किसी भी वैश्विकरण में भारत के निवेश की जरूरत होगी (जो खेल राजस्व का 80 प्रतिशत हिस्सा लाता है।





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