टीम की ही एकजुटता खिताब दिला सकती है: रोहित शर्मा

मुंबई इंडियन्स के कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी टीम के तीसरी बार इंडियन प्रीमियर लीग का खिताब जीतने के बाद कहा कि व्यक्तिगत शानदार प्रदर्शन से टीम कुछ मैच जीत सकती है लेकिन टूर्नामेंट जीतने के लिए ‘टीम वर्क’ की जरूरत पड़ती है।

हैदराबाद। मुंबई इंडियन्स के कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी टीम के तीसरी बार इंडियन प्रीमियर लीग का खिताब जीतने के बाद कहा कि व्यक्तिगत शानदार प्रदर्शन से टीम कुछ मैच जीत सकती है लेकिन टूर्नामेंट जीतने के लिए ‘टीम वर्क’ की जरूरत पड़ती है। मुंबई इंडियन्स ने अपने गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत रविवार रात कम स्कोर वाले फाइनल में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट को एक रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। रोहित ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि व्यक्तिगत शानदार प्रदर्शन से आप कुछ मैच जीत सकते हैं लेकिन चैम्पियनशिप जीतने के लिए टीम की एकजुटता और टीम वर्क की जरूरत पड़ती है। मेरा मानना है कि यह चीजें चैम्पियनशिप जीतने के लिए काफी महत्वपूर्ण है।’’ रोहित ने तीनों खिताबी जीत को विशेष करार दिया और कहा कि सही संयोजन तैयार करना टीम की जीत के लिए महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, ‘‘तीनों खिताब विशेष हैं। मुझे निजी तौर पर लगता है कि टूर्नामेंट की शुरूआत में आप तैयारी अपना सही संयोजन तैयार करके कर सकते हैं। मुझे लगता है कि टूर्नामेंट जीतने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।’’ रोहित ने आस्ट्रेलिया के बायें हाथ के तेज गेंदबाज मिशेल जानसन की तारीफ की जिन्होंने पारी का अंतिम ओवर फेंका जिसमें पुणे को जीत के लिए 11 रन की दरकार थी।

रोहित ने कहा, ‘‘हमारी टीम में कुछ ऐसे मैच विजेता हैं जो खुद को साबित कर चुके हैं। मिशेल जानसन खुद को कई बार साबित कर चुके हैं। आस्ट्रेलिया की ओर से खेलते हुए उन्होंने बार-बार खुद को साबित किया है और मुंबई के लिए भी उन्होंने ऐसा किया है। जब सबसे ज्यादा जरूरत हो तो मैं उस पर निर्भर रह सकता हूं। अंतिम ओवर बेहद महत्वूपर्ण था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरे सत्र के दौरान उनकी मौजूदगी महत्वपूर्ण रही।’’ मुंबई इंडियन्स की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 129 रन ही बना सकी थी और रोहित ने कहा कि उन्होंने इस पिच पर 30 से 40 रन कम बनाए। उन्होंने कहा, ‘‘इस विकेट पर हमारा लक्ष्य 140 से 160 रन था। इस विकेट पर 160 रन संभवत: विजयी स्कोर होता।’’ लसिथ मलिंगा और जसप्रीत बुमराह को डेथ ओवरों का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज करार देते हुए रोहित ने कहा कि उन्होंने हमेशा पांच गेंदबाजों को खिलाने को प्राथमिकता दी है। रोहित ने कृणाल पंड्या की भी तारीफ की जिन्हें 47 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलने के लिए मैन आफ द मैच चुना गया। रोहित से जब यह पूछा किया कि क्या वह भारतीय कप्तान बनने की इच्छा रखते हैं तो उन्होंने कूटनीतिक जवाब देते हुए कहा, ‘‘यह काफी आगे के बारे में सोचने की तरह है। मैं काफी आगे के बारे में नहीं सोचता। जब मौका आता है तो आता है। मैं दोनों हाथों से इसे स्वीकार करूंगा।''

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