सब कुछ जीत लेने में और अंत तक हिम्मत न हारने में कोई अंतर नहीं, जिसकी मिसाल हैं धोनी

By अभिनय आकाश | Publish Date: Jul 11 2019 6:24PM
सब कुछ जीत लेने में और अंत तक हिम्मत न हारने में कोई अंतर नहीं, जिसकी मिसाल हैं धोनी
Image Source: Google

टिकट कलेक्टर से ट्रॉफी कलेक्टर बने धोनी वैसे तो 38 बरस के हो गए हैं लेकिन टीम इंडिया के लिए खेलने का उनका जज्बा आज भी वैसा ही है। वैसे तो क्रिकेट को बाई चांस कहा जाता है यानि की किस्मत का खेल। लेकिन महेंद्र सिंह धोनी ने अपने हुनर से भारतीय क्रिकेट की नई किस्मत लिखी।

विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली और झारखंड का मैच चल रहा था। धोनी बैटिंग कर रहे थे। मैच एकतरफा दिल्ली की ओर जा रहा था, लेकिन धोनी उसे खींच रहे थे। वह अकेले कब तक खींचते? लेकिन दिल्ली उन्हें आउट नहीं कर पाई। ये तो थी बीते दिनों की बात लेकिन भारतीय टीम विश्व कप सेमीफाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के 240 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। शुरूआत में ही छह विकेट गंवाने के बाद रवींद्र जडेजा के आकर्षक पारी के बाद महेंद्र सिंह धोनी टीम को संकट से उबारने की कोशिश में लगे थे।  इस दौरान महेंद्र सिंह धोनी दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से मार्टिन गुप्टिल के डायरेक्ट थ्रो पर रनआउट हो जाते हैं। धोनी के रन आउट होते ही भारत के विश्वकप जीतने की संभावनाएं भी खत्म हो जाती हैं। लेकिन क्रिकेट के मैदान पर कुछ ऐसा नजारा देखा गया जो अक्सर कम ही देखने को मिलता है। पवेलियन की ओर जाते हुए महेंद्र सिंह धोनी इमोशनल हो गए और उनके आंखों से आंसू निकल गए। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस मैच के बाद से ही यह कयास लगाए जाने लगे कि धोनी क्या क्रिकेट को अलविदा कह देंगे?

जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर धोनी के रिटायरमेंट नहीं लेने की अपील तमाम क्रिकेट प्रशंसकों की ओर से की जाने लगी। इस क्रम में फिल्मी जगत के कई नामचीन सितारों से लेकर देश-विदेश के क्रिकेटर और न्यूज चैनलों के एंकर भी शरीक हो गए। स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने महेंद्र सिंह धोनी के क्रिकेट से संन्यास की अफवाहों पर अपने ट्विटर एकाउंट से रिएक्ट करते हुए ट्वीट किया 'नमस्कार एम.एस. धोनी जी। आजकल मैं सुन रही हूं कि आप रिटायर होना चाहते हैं। कृपया आप ऐसा मत सोचिए। देश को आप के खेल की जरूरत है और ये मेरी भी रिक्वेस्ट है कि रिटायरमेंट का विचार भी आप मन में मत लाइए।' 


इसके अलावा पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "धोनी एक दिग्गज हैं। वह इस खेल के महान दूत हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर गिलक्रिस्ट ने कहा कि मुझे नहीं पता कि आप आगे कब तक खेलोगे लेकिन आपने जितना भी खेल को दिया उसके लिए आपका बहुत शुक्रिया। मैं आपके धीरज रखने के तरीके और खुद में विश्वास का कायल हूं। 

देश के सबसे सफल कप्तानों में शुमार गांगुली ने कहा कि ऐसा कभी कभार होता है और मैं इससे ज्यादा चिंतित नहीं हूं। हां, धोनी पहले भी ऐसी स्थिति का सामना कर चुके हैं। धोनी के पास अनुभव की कोई कमी नहीं है ऐसे में उनकी बल्लेबाजी पर शक करना सही नहीं है। मैच के बाद टीम के कप्तान विराट ने कहा कि उन्होंने रिटायरमेंट को लेकर कुछ नहीं कहा है। धोनी टीम इंडिया के सबसे सफल बल्लेबाजों और कप्तानों में हैं। उनकी कप्तानी में टीम ने आईसीसी के तीनों बड़े टूर्नामेंट विश्व कप, टी-20 विश्व कप और चैम्पियन्स ट्रॉफी जीती है।

टीवी एंकर रोहित सरदाना लिखते हैं धोनी था तो इज़्ज़त बची। जीत का सेहरा कप्तान के सिर बंधता है तो हार का ठीकरा भी कप्तान के ही सिर फोड़ो ना भाई! इसके अलावा मानक गुप्ता ने भी लिखा कि आज उन्होंने जानदार पारी खेली है। हम 92/6 थे...वहाँ से मैच बनाना और जीत के क़रीब ले जाना दिखाता है, बंदे में आज भी दम है।
टिकट कलेक्टर से ट्रॉफी कलेक्टर बने धोनी वैसे तो 38 बरस के हो गए हैं लेकिन टीम इंडिया के लिए खेलने का उनका जज्बा आज भी वैसा ही है। वैसे तो क्रिकेट को बाई चांस कहा जाता है यानि की किस्मत का खेल। लेकिन महेंद्र सिंह धोनी ने अपने हुनर से भारतीय क्रिकेट की नई किस्मत लिखी। धोनी कोई तेंदुलकर नहीं हैं लेकिन धोनी, धोनी है.. सब कुछ जीत लेने में और अंत तक हिम्मत न हारने में कोई अंतर नहीं और इसका उदाहरण धोनी ने इस मैच में अपने प्रदर्शन से दर्शाया। धोनी में अभी काफी क्रिकेट शेष है और अगले वर्ष होने वाले टी 20 विश्व कप में भी उनके अनुभव और सलाह और बेहतरीन मैच फिनिश करने की पारी की दरकार टीम इंडिया को है। 
 

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप