Tokyo Olympic : वो पहली मुलाकात जब तीरंदाज दीपिका कुमारी के करीब आये थे अतनु दास

Tokyo Olympic : वो पहली मुलाकात जब तीरंदाज दीपिका कुमारी के करीब आये थे अतनु दास

दास ने पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा के दूसरे दौर में यहां दो बार के ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया के ओह जिन हयेक के खिलाफ पिछड़ने के बाद जीत दर्ज करने का श्रेय दीपिका को दिया। मिश्रित युगल में जोड़ी टूटने के बाद दीपिका जिन हयेक के खिलाफ अंतिम 32 के मुकाबले में दास की हौसलाअफजाई के लिए मौजूद थीं।

भारतीय तीरंदाज अतनु दास ने तोक्यो ओलंपिक की मिश्रित टीम स्पर्धा में अपनी पत्नी और दुनिया की नंबर एक तीरंदाज दीपिका कुमारी के साथ प्रतिस्पर्धा पेश करने का मौका नहीं मिलने पर गुरुवार को निराशा जताई। दास ने पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा के दूसरे दौर में यहां दो बार के ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया के ओह जिन हयेक के खिलाफ पिछड़ने के बाद जीत दर्ज करने का श्रेय दीपिका को दिया। मिश्रित युगल में जोड़ी टूटने के बाद दीपिका जिन हयेक के खिलाफ अंतिम 32 के मुकाबले में दास की हौसलाअफजाई के लिए मौजूद थीं। जिन हयेक तोक्यो खेलों में पुरुष टीम स्पर्धा जीतने वाली कोरिया की टीम का हिस्सा थे। दीपिका को दास का हौसला बढ़ाते हुए देखा गया जो 2-4 से पिछड़ने के बाद शूट आफ में जीत दर्ज करने में सफल रहे। दास और दीपिका दोनों व्यक्तिगत स्पर्धाओं के प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना चुके हैं और प्रतियोगिता में भारत की ओर से तीरंदाजी में सिर्फ इन्हीं दोनों की चुनौती बरकरार है। 

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कैसे शुरू हुई इनकी लव स्टोरी? उन्होंने शादी करने का फैसला कब किया? वे ओलंपिक में एक साथ प्रतिस्पर्धा करने वाले दूसरे विवाहित भारतीय जोड़े कैसे बने? पेश है उनकी कहानी। अतनु दास और दीपिका कुमारी जमशेदपुर में टाटा अकादमी में बैचमेट थे। शुरूआती दौर में वे दोस्त नहीं बन पाये थे क्योंकि दोनों की भाषा और राज्य अलग थे जिसकी वजह से दोनों को बात करने में बाधा होती थी। दीपिका ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें हिंदी नहीं आती और इसलिए उन्होंने अतनु दास बात नहीं की थी लेकिन धीरे-धीरे वे एक-दूसरे को जानने लगे और एक-दूसरे से बात करके अपने मतभेदों को दूर करने लगे।

 

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इन दोनों ने 2016 के रियो ओलंपिक में एक साथ भाग लिया था लेकिन डेटिंग के बारे में सोचा नहीं था। दिलचस्प बात यह है कि उनकी पहली मुलाकात के लगभग एक दशक दोनों ने एक दूसरे को डेट करने के बारे में सोचा था। सूत्रों के अनुसार,कामदेव ने उन्हें 2017 में हराया था मैक्सिको सिटी में 2017 विश्व चैंपियनशिप में यह उनकी हार थी, जिसने उन्हें बहुत सारी आत्मा की खोज करने का मौका दिया। अपनी एक अच्छी मेमोरी के बारे में बात करते हुए बताया कि हम एक साथ खरीदारी करने गए और उस मुलाकात में हम दोनों काफी एक दूसरे के करीब आये। हम दोनों में से किसी ने इस प्यार का प्रपोजल वाला प्रस्ताव नहीं रखा, यह सिर्फ एक आपसी भावना थी और मैक्सिको सिटी में हमारे कार्यकाल के दौरान हुई थी। हम सोचने लगे कि हम दोबारा कब जीत पाएंगे और हमने अपनी शूटिंग की प्लानिंग शुरू कर दी। 

दास ने कहा वे अपने रिश्ते के बारे में किसी को नहीं बताना चाहते थे इसलिए उन्होंने पूरे मामले को गुप्त रखने का फैसला किया। उन्होंने दिसंबर (2018) में अपनी सगाई के आसपास इसे सार्वजनिक किया दोनों 2020 में टोक्यो ओलंपिक के बाद शादी करना चाहते थे। महामारी ने टोक्यो ओलंपिक को स्थगित कर दिया, लेकिन उन्होंने 30 जून को दीपिका के गृहनगर रांची में एक शांत समारोह में शादी के बंधन में बंध गए।

यह जोड़ी अब ओलंपिक खेलों में समान अनुशासन में भाग लेने वाले पहले भारतीय युगल हैं। इस साल अप्रैल में, आर्चर अतनु दास ने विश्व कप स्टेज 1 जीता। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी पत्नी को दिया और कहा, "यह दीपिका हैं जिन्होंने मेरे पहले स्वर्ण पदक में सबसे अधिक भूमिका निभाई है"।

टोक्यो ओलंपिक 2020 में भी दास ने जीत दर्ज करने के बाद ‘मिक्सड जोन’ (जहां खिलाड़ी मीडिया से बात करते हैं) में कहा, ‘‘मैं हर समय उसकी बात सुन रहा था। वह मेरा हौसला बढ़ा रही थी, कह रही थी कि ‘अपने ऊपर भरोसा रखो’, ‘तुम कर सकते हो’, ‘धैर्य रखो और स्थिति का सामना करो’।’’उन्होंने कहा, ‘‘वह दुनिया की नंबर एक तीरंदाज है और मेरी खुशकिस्मती है कि इस प्रतियोगिता में मेरी पत्नी मेरे साथ है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा समर्थन और प्रेरणा है।’’दास को मिश्रित युगल में दीपिका के साथ जोड़ी बनाने का मौका नहीं मिला क्योंकि वह रैंकिंग दौर में प्रवीण जाधव से पीछे रहे। पहली बार ओलंपिक में हिस्सा ले रहे जाधव ने 31वां जबकि दास ने 35वां स्थान हासिल किया था। भारतीय तीरंदाजी टीम प्रबंधन ने रैंकिंग के अनुसार चलने का फैसला किया और इस स्टार जोड़ी की एक महीने से भी कम समय पहले पेरिस विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि को नजरअंदाज कर दिया। जाधव और दीपिका ने पहली बार जोड़ी बनाई और उन्हें कोरिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। दास ने कहा, ‘‘मुझे मिश्रित टीम में उसके साथ खेलने की उम्मीद थी लेकिन दुर्भाग्य से यह संभव नहीं था। 

मुझे नहीं पता क्यों?’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह काफी संतोषजनक है (कि हम दोनों अंतिम 16 में पहुंच गए हैं)। हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं। देखते हैं क्या होता है।’’ दास अगले दौर में स्थानीय दावेदार तकाहारू फुरुकावा से भिड़ेंगे जो लंदन 2012 ओलंपिक के व्यक्तिगत रजत पदक विजेता और यहां कांस्य पदक जीतने वाले जापान की टीम के सदस्य थे। पिछले साल जून में शादी करने वाली दास और दीपिका की जोड़ी ओलंपिक खेलों में एक ही स्पर्धा में चुनौती पेश करने वाली पति-पत्नी की पहली भारतीय जोड़ी है। यह पूछने पर कि क्या वे खेल गांव में एक साथ रहते हैं, दास ने कहा, ‘‘मैं पुरुष टीम के साथ रहता हूं। वह खेल गांव में अलग रहती है लेकिन अधिकांश समय हम साथ होते हैं।