विराट कोहली और विश्व के बाकी बल्लेबाजों के बीच काफी अंतर: ब्रायन लारा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 4, 2019   17:15
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विराट कोहली और विश्व के बाकी बल्लेबाजों के बीच काफी अंतर: ब्रायन लारा
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लारा ने कहा कि सचिन का खेल पर जो प्रभाव है, वह अविश्वसनीय है क्योंकि उसने उस समय में ऐसा प्रदर्शन किया जब माना जाता था कि भारतीय बल्लेबाज भारतीय सरजमीं और भारतीय पिचों के बाहर इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते।

नवी मुंबई। वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने विराट कोहली की तुलना रन मशीन से की और कहा कि जहां तक विभिन्न प्रारूपों में बल्लेबाजी की बात है तो भारतीय कप्तान दुनिया के बाकी खिलाड़ियों से कहीं ज्यादा आगे है। भारतीय महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हालांकि लारा के सर्वकालिक पंसदीदा खिलाड़ियों में शुमार रहेंगे लेकिन उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में कोहली सर्वश्रेष्ठ हैं। लारा को यहां नेरूल में डी वाई पाटिल विश्वविद्यालय द्वारा विज्ञान में मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। उन्होंने इसके बाद कहा, ‘‘वह (कोहली) एक (रन) मशीन है। लेकिन माफ करना सचिन तेंदुलकर मेरी पसंद बने रहेंगे।’’

लारा के नाम टेस्ट में सर्वाधिक स्कोर का रिकार्ड अब भी बरकरार है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आपके सवाल के बारे में कहूं तो इसमें कोई शक नहीं कि खेल के सभी प्रारूपों में विराट कोहली और पूरी दुनिया के बीच में काफी बड़ा अंतर है। रोहित शर्मा ने इस विश्व कप में चार शतक जड़े हों, जानी बेयरस्टो या कोई और भी हो, लेकिन अगर आप किसी को टी20, टी10, 100 गेंद (क्रिकेट) या टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी करते हुए देखना चाहते हो तो आज यह विराट कोहली होगा।’’

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लारा ने कहा, ‘‘सचिन का खेल पर जो प्रभाव है, वह अविश्वसनीय है क्योंकि उसने उस समय में ऐसा प्रदर्शन किया जब माना जाता था कि भारतीय बल्लेबाज भारतीय सरजमीं और भारतीय पिचों के बाहर इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते। लेकिन सचिन तेंदुलकर हर पिच पर अच्छा करते थे। पर आज की बात करें तो सभी भारतीय बल्लेबाज हर पिच पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं। मुझे लगता है क्योंकि उन्होंने सचिन के खेलने का तरीका सीख लिया है।’’







कोरोना महामारी का असर, बीजिंग ओलंपिक 2022 के स्थलों पर स्की प्रतियोगितायें रद्द

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   18:26
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कोरोना महामारी का असर, बीजिंग ओलंपिक 2022 के स्थलों पर स्की प्रतियोगितायें रद्द
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बीजिंग ओलंपिक 2022 के स्थलों पर स्की प्रतियोगितायें रद्द हो गया।महासंघ ने कहा, ‘‘आगामी महीनों में यात्रा की परिस्थितियों के पेचीदा बने रहने की संभावना है। ’’ रद्द टूर्नामेंट में फ्रीस्टाइल स्कींग विश्व चैम्पियनशिप, स्कींग विश्व कप रेस, क्रास कंट्री स्कींग, स्की जम्पिंग और मिश्रित नोर्डिक शामिल हैं।

ओबरहोफेन (स्विट्जरलैंड)। अंतरराष्ट्रीय स्की महासंघ ने शुक्रवार को चीन में कई प्रतियोगितायें रद्द कर दी जो 2022 बीजिंग ओलंपिक के लिये स्थल परीक्षण के लिये आयोजित होनी थी जिसमें अगले साल की स्नोबोर्डिंग विश्व चैम्पियनशिप भी शामिल है।

इसे भी पढ़ें: किसानों के समर्थन में आए पूर्व मुक्केबाजी कोच जीएस संधू, द्रोणाचार्य पुरस्कार लौटाने की पेशकश की

अंतरराष्ट्रीय स्की महासंघ ने कोरोना वायरस महामारी के बीच यात्रा पाबंदियों का हवाला दिया जिसमें चीन में सभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिये 14 दिन का अनिवार्य पृथकवास शामिल है। महासंघ ने कहा, ‘‘आगामी महीनों में यात्रा की परिस्थितियों के पेचीदा बने रहने की संभावना है। ’’ रद्द टूर्नामेंट में फ्रीस्टाइल स्कींग विश्व चैम्पियनशिप, स्कींग विश्व कप रेस, क्रास कंट्री स्कींग, स्की जम्पिंग और मिश्रित नोर्डिक शामिल हैं।







किसानों के समर्थन में आए पूर्व मुक्केबाजी कोच जीएस संधू, द्रोणाचार्य पुरस्कार लौटाने की पेशकश की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   16:44
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किसानों के समर्थन में आए पूर्व मुक्केबाजी कोच जीएस संधू, द्रोणाचार्य पुरस्कार लौटाने की पेशकश की
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पूर्व मुक्केबाजी कोच जीएस संधू ने प्रदर्शनरत किसानों के समर्थन में द्रोणाचार्य लौटाने की पेशकश की है। संधू ने पटियाला में अपने घर से कहा, ‘‘मैं किसानों के परिवार से आया हूं, उनके डर को संबोधित किया जाना चाहिए। अगर चल रही बातचीत से किसानों के लिये संतोषजनक नतीजा नहीं निकलता तो मैं पुरस्कार लौटा दूंगा। ’’

नयी दिल्ली। पूर्व राष्ट्रीय मुक्केबाजी कोच गुरबक्श सिंह संधू ने शुक्रवार को कहा कि अगर नये कृषि नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह अपना द्रोणाचार्य पुरस्कार लौटा देंगे। संधू के कार्यकाल में ही भारत ने मुक्केबाजी का पहला ओलंपिक पदक हासिल किया था। वह दो दशक तक भारत के राष्ट्रीय पुरूष कोच रहे ,जिसके बाद वह दो वर्षों से महिला मुक्केबाजों को कोचिंग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह किसानों का समर्थन करने का उनका तरीका है जो इतनी ठंड में खुद की परवाह किये बिना आंदोलन कर रहे हैं। संधू ने पटियाला में अपने घर से कहा, ‘‘मैं किसानों के परिवार से आया हूं, उनके डर को संबोधित किया जाना चाहिए। अगर चल रही बातचीत से किसानों के लिये संतोषजनक नतीजा नहीं निकलता तो मैं पुरस्कार लौटा दूंगा। ’’

इसे भी पढ़ें: खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा-

विजेंदर सिंह जब 2008 में ओलंपिक पदक जीतने वहले भारतीय मुक्केबाज बने थे, तब संधू राष्ट्रीय कोच थे और उनकी कोचिंग के दौरान ही आठ भारतीय मुक्केबाजों ने लंदन 2012 ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया था। संधू को इससे पहले ही 1998 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्होंने कहा, ‘‘यह पुरस्कार मेरे लिये काफी मायने रखता है लेकिन साथी किसानों का दुख इससे भी ज्यादा अहमियत रखता है। इस सर्दी में उन्हें सड़कों पर बैठे हुए देखना मेरे लिये बहुत कष्टकारी है। सरकार को उनसे बातचीत करने की जरूरत है और उनके संदेहों को दूर करके उन्हें आश्वस्त करने की जरूरत है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर इसका संतोषजनक हल निकलता है तो मैं ऐसा नहीं करूंगा लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं पुरस्कार लौटा दूंगा। ’’ कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया है जिसमें पद्म श्री और अर्जुन पुरस्कृत पहलवान करतार सिंह, अर्जुन पुरस्कृत बास्केटबॉल खिलाड़ी साजन सिंह चीमा और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त हॉकी खिलाड़ी राजबीर कौर शामिल हैं।







खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा- "भारत को प्रेरित करते हैं पैरा एथलीट"

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   11:16
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खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा-
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खेल मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पैरा एथलीट और ‘दिव्यांग’ योद्धा हमारी ताकत हैं। वे हमें प्रेरणा देते हैं। हमारे खेल मंत्रालय में सक्षम और दिव्यांग खिलाड़ियों के बीच कोई अंतर नहीं है। ’’ उन्होंने बयान में कहा, ‘‘हम उन्हें उन्हें एक समान तरीके से सम्मानित करते हैं, पुरस्कार राशि देते हैं और अन्य चीजें भी समान हैं।

नयी दिल्ली। खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने गुरूवार को कहा कि दिव्यांग एथलीट देश की ताकत और प्रेरणा हैं और सरकार उन्हें सक्षम खिलाड़ियों के बराबर ही अहमियत देती है। रीजीजू ने भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) की अध्यक्ष दीपा मलिक और शीर्ष एथलीट जैसे देवेंद्र झाझरिया, पारूल परमार और शताब्दी अवस्थी की मौजूदगी में 29वें विश्व विकलांगता दिवस के मौके पर आयोजित वर्चुअल सत्र के दौरान यह बयान दिया। खेल मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पैरा एथलीट और ‘दिव्यांग’ योद्धा हमारी ताकत हैं। वे हमें प्रेरणा देते हैं। हमारे खेल मंत्रालय में सक्षम और दिव्यांग खिलाड़ियों के बीच कोई अंतर नहीं है। ’’ उन्होंने बयान में कहा, ‘‘हम उन्हें उन्हें एक समान तरीके से सम्मानित करते हैं, पुरस्कार राशि देते हैं और अन्य चीजें भी समान हैं। ’’

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रीजीजू ने यह भी कहा कि वे संबंधित राज्य सरकारों से अनुरोध करेंगे कि अपने संबंधित क्षेत्र में पैरालंपियनों का बेहतरीन तरीके से सहयोग करें। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार, पीसीआई और सभी एक टीम की तरह हैं, हमें अपने पैरा एथलीटों को समर्थन के काम को करते रहना होगा। ’’ पद्म श्री, खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त कर चुके देवेंद्र झाझरिया ने सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा, ‘‘जब भी हम सरकार को अपनी समस्याओं को बताते हुए या फिर हमें जिस चीज की जरूरत होती है, उसके बारे में मेल करते हैं तो हमें एक घंटे के अंदर जवाब मिल जाता है।