गूगल क्रोम में आपके लिए बहुत कुछ है ''उपयोगी''

क्रोम का मार्किट शेयर 41.71% के साथ सबसे आगे है, जबकि माइक्रोसॉफ्ट का इंटरनेट एक्सप्लोरर 41.33% के साथ दूसरे तो कभी बेहद लोकप्रिय रहे फ़ायरफ़ॉक्स का नंबर 10.06% के साथ तीसरा हो गया है।

अपने पिछले कई लेखों में मैंने गूगल के विभिन्न प्रोडक्ट्स और उनके उन फीचर्स के बारे में ज़िक्र किया है, जो आम तौर पर इस्तेमाल नहीं करते हैं अथवा उनसे अंजान हैं। इसी कड़ी में आज हम 'गूगल क्रोम' की बात करेंगे। गूगल क्रोम के पहले हम, आप इंटरनेट एक्सप्लोरर, मोज़िला, सफारी इत्यादि ब्राउज़र इस्तेमाल करते ही थे, किन्तु 'क्रोम' ने आते ही मार्किट पर अपनी ऐसी पकड़ बनाई कि दूसरे ब्राउजर्स पीछे छूटते चले गए। चूंकि, इंटरनेट एक्सप्लॉरर तमाम विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम्स के साथ बाई डिफ़ॉल्ट आता है, तो आम यूजर्स जो बहुत ज्यादा सॉफ्टवेयर इत्यादि नहीं समझते हैं, वह क्रोम डाउनलोड करने का ऑप्शन आजमाते ही नहीं हैं, अन्यथा इंटरनेट एक्स्प्लोरर और क्रोम के यूजर एक्सपीरियंस में साफ़ अंतर महसूस होता है। हालिया आंकड़ों के अनुसार क्रोम का मार्किट शेयर 41.71% के साथ सबसे आगे है, जबकि माइक्रोसॉफ्ट का इंटरनेट एक्सप्लोरर 41.33% के साथ दूसरे तो कभी बेहद लोकप्रिय रहे फ़ायरफ़ॉक्स का नंबर 10.06% के साथ तीसरा हो गया है। आखिर कुछ तो बात जरूर रही है गूगल के इन प्रोडक्ट्स में, जो मार्किट में अपनी धाक जमाने में इन्हें समय नहीं लगता है।

क्रोम वेबस्टोर: गूगल क्रोम की बात है तो, ब्राउजिंग के लिए सर्वाधिक स्पेस के साथ सिंपल डिज़ाइन, सुरक्षा और हाई स्पीड इसकी विशेषताएं तो हैं ही, साथ ही साथ 'क्रोम के वेबस्टोर' को इस्तेमाल करने पर आपको सैकड़ों 'ऐड-ऑन' दिखते हैं, जो आपके ब्राउजिंग एक्सपीरियंस को सौ गुणा बढ़ा देते हैं। यह कुछ-कुछ आपके 'स्मार्टफोन' की ही तरह है, जहाँ आप एप्लिकेशन को इंस्टॉल करते हैं और फिर उस आइकॉन को क्लिक करके उस एप्लिकेशन को इस्तेमाल करते हैं, फिर वह चाहे आपका जीमेल ऑफ़लाइन हो, पेज रैंक चेक करने का ऐड ऑन हो, एंग्री बर्ड गेम हो अथवा गूगल कैलेण्डर ही क्यों न हो। यूजर-एक्सपीरियंस की इतनी सहूलियत आपको किसी दूसरे ब्राउज़र में मिलना मुमकिन नहीं!

क्रोम टास्क मैनेजर: यह ठीक उसी प्रकार कार्य करता है, जैसे आपका विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम। शिफ्ट बटन के साथ एस्केप बटन (Shift+Esc) दबाने पर आपके सामने 'टास्क मैनेजर' का पॉप-अप खुल जाता है, जहाँ आप विभिन्न वेबसाइट टैब्स और उसके द्वारा आक्यूपाई स्पेस देख सकते हैं। इस फीचर की सबसे खूबसूरत बात यह है कि अगर आपके ब्राउज़र में कई टैब्स खुले हैं तो निश्चित रूप से वह ज्यादा मेमोरी का इस्तेमाल करते हैं, किन्तु कई बार आपकी मजबूरी होती है कि आप उन यूआरएल को बंद नहीं कर सकते हैं। ऐसे में आप क्रोम टास्क मैनेजर की सहायता से उन यूआरएल को 'एन्ड प्रोसेस' की ओर धकेल दें और जब आपको उस यूआरएल को देखना हो तो पुनः उसे रिफ्रेश कर लें।

'सेट ऑफ़ पेजेज ऑप्शंस': क्रोम की सेटिंग में जो फीचर मुझे सबसे बढ़िया लगा, वह उसका क्रोम खोलते ही (startup) के समय 'सेट ऑफ़ पेजेज' का ऑप्शन है। इसके जरिये जब आप कंप्यूटर ऑन करते हैं तो स्वाभाविक रूप से कुछ वेबसाइट आप खोलकर देखना चाहते ही हैं। मसलन अपना मेलबॉक्स, फेसबुक अकाउंट, ब्लॉग स्टेट इत्यादि। ऐसे में आप इच्छानुसार अपने कुछ यूआरएल इस ऑप्शन में डाल दें, जो शुरू में आपको बेहद आरामदायक लगेगा. पर इस फीचर में ध्यान यह रखें कि 4 या 5 यूआरएल से ज्यादा सेट न करें, क्योंकि क्रोम ब्राउज़र शुरू होते ही अत्यधिक लोड पड़ने की स्थिति में दिक्कत पेश आने लगती है।

अपने बच्चे के लिए सुपरवाइज्ड अकाउंट बनाएं: गूगल क्रोम की सेटिंग में जाकर, आप पर्सन सेक्शन में 'एड पर्सन करें', फिर जो पॉप-अप विंडो खुलेगी, वहां आपको उस क्रोम अकाउंट का नाम, डेस्कटॉप शॉर्टकट क्रिएट करने का ऑप्शन और उसके साथ ही नीचे इस अकाउंट द्वारा देखी गयी वेबसाइट पर नज़र रखने के लिए 'कंट्रोल' का चेक बॉक्स, तब दिखाई देगा, जब आप लॉगिन करेंगे। इस नए अकाउंट को एड करते ही, आपके द्वारा लॉगिन के लिए इस्तेमाल की गयी आईडी पर एक मेल आ जायेगा (2 से 5 मिनट के बीच), जहाँ आपके द्वारा सेट दूसरे क्रोम अकाउंट (किड अकाउंट) के द्वारा एक्सेस वेबसाइट की डिटेल दिख जाएगी। आप इन वेबसाइट को एप्रूव या ब्लॉक कर सकते हैं। साफ़ तौर पर यह एक अच्छा फीचर है, खासकर पैरेंट्स के लिए।

इन कारणों के अतिरिक्त कुछ और भी बातें हैं, जो आप शायद जानते भी हों, लेकिन अगर बात क्रोम की हो रही हो तो उन सभी फीचर्स का ज़िक्र आवश्यक हो जाता है। क्रोम में अपने बुकमार्क्स को आप आसानी से सहेज सकते हैं। अगर आप अपने जीमेल अकाउंट से लॉगिन हैं तो फिर आप 'सेट अप सिंक' द्वारा आसानी से यह कार्य पूरा कर सकते हैं। इसी क्रम में, क्रोम में आप, एड्रेस बार से डायरेक्ट सर्च कर सकते हैं, बजाय कि गूगल.कॉम खोलने के तो अगर कोई डॉक्यूमेंट आप क्रोम में पढ़ रहे हैं और उस डॉक्यूमेंट के बीच में किसी वर्ड या फ्रेज को खोजने की आवश्यकता महसूस होती है तो बस उस वर्ड या फ्रेज को सेलेक्ट करें, राइट क्लिक करें और उसको गूगल में आसानी से ढूंढ लें। इसके अतिरिक्त अगर क्रोम में आपसे गलती से कोई TAB बंद हो गया है तो घबराने की बजाय बस Ctrl+Shift+T दबाएं और वह टैब पुनः आपके सामने हाजिर होगा।

इसके अतिरिक्त, अगर आप किन्हीं खास यूआरएल को डेस्कटॉप पर लिंक के रूप में सेव करना चाहते हैं तो क्रोम को रिस्टोर डाउन (दाहिनी और क्रोम बंद करने के साथ वाला ऑप्शन) क्लिक करें तो डेस्कटॉप और क्रोम एक साथ दिखने लगेंगे। फिर आप, यूआरएल को ड्रैग करके डेस्कटॉप पर ड्राप कर दें। इसके अतिरिक्त, https://www.chromeexperiments.com/ पर और भी विभिन्न तरह के एक्सपेरिमेंट आपको मिलेंगे, जो आपके एक्सपीरियंस को और भी बेहतर कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जब कभी (भारत में अक्सर ही) आपका इंटरनेट डिस्टर्ब हो जाए तो 'दुखी' होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि 'छोटे डायनासोर' के आकार का दिखने वाला आइकॉन, यहाँ आपके कीबोर्ड के नेक्स्ट, अप और डाउन बटन (कीज) की सहायता से एक इंटरेस्टिंग गेम खेल सकते हैं। इसके अतिरिक्त भी क्लाउंड प्रिंटिंग का ऑप्शन भी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। तो देखा आपने, जो गूगल क्रोम आप इस्तेमाल करते हैं, वाकई उसमें कितने फीचर हैं और इसको जानने-समझने के बाद हमारा इंटरनेट पर काम करना कितना आसान हो जायेगा।

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