लखनऊ की ये जगह दिलाती है नवाबों की नवाबी की याद

By सुषमा तिवारी | Publish Date: Dec 4 2018 4:31PM
लखनऊ की ये जगह दिलाती है नवाबों की नवाबी की याद
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लखनऊ को ‘नवाबों के शहर’ के नाम से जाना जाता है क्योंकि इस शहर का इतिहास इस शहर को सबसे अलग बनाता है। यहां का रहन सहन, खाना-पानी, तौर तरीके, भाषा, इमारतें-पार्क, पहनावा आदि। सब कुछ में राजसी जीवन की झलक दिखाई देती है।

लखनऊ को ‘नवाबों के शहर’ के नाम से जाना जाता है क्योंकि इस शहर का इतिहास इस शहर को सबसे अलग बनाता है। यहां का रहन सहन, खाना-पानी, तौर तरीके, भाषा, इमारतें-पार्क, पहनावा आदि। सब कुछ में राजसी जीवन की झलक दिखाई देती है। यहां की बोली की मिठास, मिठाई से ज्यादा मीठी हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश का जिला ‘लखनऊ’ इस शहर को खास बनाता है। अगर आप भी लखनऊ घूमने की चाहत रखते है तो इस शहर की नवाबी झलक को इन इमारतों में देखना न भूले- 
 
 


मोती महल
लखनऊ में गोमती नदी के किनारे पर बना है मोती महल। इसकी तीन इमारतें इस महल को खास बनाती हैं। इसे सआदत अली खां ने बनवाया था। मुबारक मंजिल और शाह मंजिल अन्य दो इमारतें हैं। बालकनी से जानवरों की लड़ाई और उड़ते पक्षियों को देखने हेतु नवाबों के लिए इन इमारतों को बनवाया गया था।
 
अंबेडकर पार्क
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर मायावती ने लखनऊ के पॉश इलाके में अंबेडकर पार्क बनवाया था। अम्बेडकर उद्यान लखनऊ में स्थित एक दर्शनीय उद्यान वाला स्मारक है। यह भीमराव अम्बेडकर की याद में समर्पित है। 


 
 
बड़ा इमामबाड़ा


बड़ा इमामबाड़ा लखनऊ की एक ऐतिहासिक धरोहर है। इसे भूलभुलैया भी कहते हैं। इसे आसिफ उद्दौला ने बनवाया था। लखनऊ के इस प्रसिद्ध इमामबाड़े का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है। इस इमामबाड़े में एक अस़फी मस्जिद भी है जहां गैर मुस्लिम लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं है। मस्जिद परिसर के आंगन में दो ऊंची मीनारें हैं।
 
हजरतगंज मार्केट
हजरतगंज मार्केट, लखनऊ का केंद्र है जो शहर के परिवर्तन चौक क्षेत्र में स्थित है और लखनऊ का सबसे प्रमुख शॉपिंग कॉम्लेक्स है। इसे 1810 में अमजद अली शाह ने बनवाया था यह मार्केट पहले क्वींरस मार्ग पर स्थित था जहां अंग्रेज अपनी गाडि़यां और बग्घी चलाने जाया करते थे।
 
- सुषमा तिवारी

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