वायु प्रदूषण से हर साल पांच साल से कम उम्र के एक लाख बच्चों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जून 5, 2019   18:20
  • Like
वायु प्रदूषण से हर साल पांच साल से कम उम्र के एक लाख बच्चों की मौत
Image Source: Google

सीएसई की रिपोर्ट में कहा गया, “वायु प्रदूषण भारत में होने वाली 12.5 प्रतिशत मौतों के लिए जिम्मेदार है। बच्चों पर इसका प्रभाव उतना ही चिंताजनक है। देश में खराब हवा के चलते करीब 1,00,000 बच्चों की पांच साल से कम उम्र में मौत हो रही है।”

नयी दिल्ली। विश्व पर्यावरण दिवस पर जारी एक अध्ययन के मुताबिक वायु प्रदूषण एक राष्ट्रीय आपात स्थिति बन गई है क्योंकि यह भारत में हर साल पांच वर्ष से कम उम्र के एक लाख बच्चों की जान ले रहा है और यह देश में होने वाली 12.5 प्रतिशत मौतों के लिए भी जिम्मेदार है। 

पर्यावरण थिंक टैंक सीएसई के स्टेट ऑफ इंडियाज इन्वायरन्मेंट (एसओई) रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदूषित हवा के कारण भारत में 10,000 बच्चों में से औसतन 8.5 बच्चे पांच साल का होने से पहले मर जाते हैं जबकि बच्चियों में यह खतरा ज्यादा है क्योंकि 10,000 लड़कियों में से 9.6 पांच साल का होने से पहले मर जाती हैं। सीएसई की रिपोर्ट में कहा गया, “वायु प्रदूषण भारत में होने वाली 12.5 प्रतिशत मौतों के लिए जिम्मेदार है। बच्चों पर इसका प्रभाव उतना ही चिंताजनक है। देश में खराब हवा के चलते करीब 1,00,000 बच्चों की पांच साल से कम उम्र में मौत हो रही है।”

इसे भी पढ़ें: सेहत का खजाना है भिन्डी, जानिए इसके लाभ

 थिंक टैंक ने कहा कि वायु प्रदूषण से लड़ने की सरकार की योजनाएं अब तक सफल नहीं हुई हैं और इस तथ्य को पर्यावरण मंत्रालय ने भी स्वीकार किया है। इससे पहले वायु प्रदूषण पर वैश्विक रिपोर्ट में सामने आया था कि 2017 में इसके चलते भारत में 12 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

इसे भी पढ़ें: कैंसर फ्री हुए ऋषि कपूर, भाई रणधीर कपूर ने कहा- जल्द भारत लौटेंगे

ग्रीनपीस की एक रिपोर्ट के मुताबिक नयी दिल्ली पूरी दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहर है। भारत ने 2013 में प्रण लिया था कि गैर इलेक्ट्रिक वाहनों को हटा दिया जाएगा और 2020 तक 1.5 से 1.6 करोड़ हाइब्रिड एवं इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा था। हालांकि सीएसई की रिपोर्ट के मुताबिक ई-वाहनों की संख्या मई 2019 तक महज 2.8 लाख थी जो तय लक्ष्य से काफी पीछे है। इस रिपोर्ट में जल, स्वास्थ्य, कचरा उत्पादन एवं निस्तारण, वनों एवं वन्यजीव को शामिल किया गया है। 







Unlock 5 के 65वें दिन PM मोदी ने दी खुशखबरी, कहा- कुछ सप्ताह में तैयार हो सकता है कोरोना का टीका

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   21:34
  • Like
Unlock 5 के 65वें दिन PM मोदी ने दी खुशखबरी, कहा- कुछ सप्ताह में तैयार हो सकता है कोरोना का टीका
Image Source: Google

मोदी ने विभिन्न दलों के नेताओं को बताया कि भारत ने एक विशेष सॉफ्टवेयर ‘को-विन’ भी बनाया है जिसमें संबंधित समस्त जानकारी होगी। उन्होंने कहा कि भारत ने जिस तरह कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, वह प्रत्येक देशवासी की अदम्य इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत में कोविड-19 का टीका कुछ सप्ताह में तैयार हो सकता है और वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलते ही देश में टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा। कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम मोर्चे पर डटे अन्य कर्मियों तथा पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्ग लोगों को टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाएगी। इस डिजिटल बैठक में विपक्षी नेताओं ने भी अपनी राय रखी।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कोरोना वायरस जैसी महामारियों से देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो सकता है और ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां तय करने वालों को इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटना चाहिए। आजाद ने इस बात पर जोर दिया कि कोरोना वायरस का टीका किफायती दर पर और जल्द हासिल करने के लिए देश को तैयारी करनी चाहिए। कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत के बाद संक्रमण के हालात पर चर्चा करने के लिए सरकार की ओर से आयोजित यह दूसरी सर्वदलीय बैठक थी। बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रस्तुति थी। उसने कहा कि टीका आने के बाद पहले सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में काम करने वाले करीब एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा और फिर अग्रिम मोर्चे पर डटे करीब दो करोड़ कर्मियों को टीका लगाया जाएगा। मोदी ने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले भारत में टीका बनाने का प्रयास कर रहे वैज्ञानिकों के दल से काफी देर तक मेरी सार्थक बातचीत हुई। भारत के वैज्ञानिक अपनी सफलता को लेकर बहुत आश्वस्त हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विशेषज्ञ मानकर चल रहे हैं कि कोविड-19 के टीके के लिए अब बहुत ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा और माना जा रहा है कि यह कुछ सप्ताह में तैयार हो सकता है।’’ मोदी ने बताया कि जैसे ही वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलेगी भारत में कोविड-19 टीकाकरण का अभियान शुरू कर दिया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘टीकाकरण के पहले चरण में टीका किसे लगाया जाएगा, इसे लेकर भी केंद्र सरकार, राज्य सरकारों से मिले सुझावों के आधार पर काम कर रही है। इसमें प्राथमिकता कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम मोर्चे पर डटे अन्य कर्मियों तथा पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्ग लोगों को दी जाएगी।’’ मोदी के मुताबिक, जहां तक कोविड-19 रोधी टीके की कीमत की बात है तो इस बारे में फैसला जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जाएगा और राज्य सरकारों की इसमें पूरी सहभागिता होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की नजर कम कीमत वाले सबसे सुरक्षित टीके पर है और यह स्वाभाविक है कि पूरी दुनिया की नजर भारत पर भी है। उन्होंने कहा कि भारत के पास टीका वितरण की विशेषज्ञता और क्षमता भी दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले बहुत बेहतर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पास टीकाकरण के लिए दुनिया का बहुत बड़ा और अनुभवी नेटवर्क भी मौजूद है जिसका पूरा लाभ उठाया जाएगा। मोदी ने कहा, ‘‘आप एक तरह से मानकर चलिए कि सभी कमर कस कर तैयार बैठे हैं। करीब-करीब आठ ऐसे संभावित टीके हैं जो परीक्षण के अलग-अलग चरण में हैं और जिनका उत्पादन भारत में ही होना है। भारत के अपने तीन अलग-अलग टीकों का परीक्षण अलग-अलग चरणों में है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बार अफवाहें फैल जाती हैं जो जनहित और राष्ट्रहित के खिलाफ होती हैं। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी जागरुकता फैलाने की है।

इसे भी पढ़ें: कोरोना संकट पर सर्वदलीय बैठक, पीएम मोदी की अगुवाई में वैक्सीन पर मंथन

मोदी ने विभिन्न दलों के नेताओं को बताया कि भारत ने एक विशेष सॉफ्टवेयर ‘को-विन’ भी बनाया है जिसमें संबंधित समस्त जानकारी होगी। उन्होंने कहा कि भारत ने जिस तरह कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, वह प्रत्येक देशवासी की अदम्य इच्छाशक्ति को दर्शाता है। विकसित देशों, अच्छे स्वास्थ्य देखभाल ढांचे वाले देशों की तुलना में भी भारत ने इस लड़ाई को कहीं बेहतर तरीके से लड़ा है और अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों की जान बचाई है। मोदी ने कहा, ‘‘हम भारतीयों का संयम, हम भारतीयों का साहस, हम भारतीयों का सामर्थ्य, इस पूरी लड़ाई के दौरान अतुलनीय रहा है, अभूतपूर्व रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत आज उन देशों में शामिल है जहां पर प्रतिदिन जांच बहुत ज्यादा हो रही है। भारत आज उन देशों में शामिल है जहां पर संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर भी बहुत ज्यादा है। भारत उन देशों में भी शामिल है जहां पर कोरोना वायरस की वजह से होने वाली मृत्यु दर इतनी कम है।’’ मोदी ने कुछ देशों में कोविड-19 के मामलों में हाल ही में हुई वृद्धि की ओर इशारा करते हुए कहा कि कोई नहीं जानता कि भविष्य कैसा होगा। उन्होंने ऐसे में वायरस से बचने के लिए मास्क पहनने तथा सामाजिक दूरी बनाकर रखने जैसे नियमों का पालन करने की जरूरत बताई। बैठक में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि राज्य सरकारें कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार के साथ सहयोग करती आ रही हैं तथा वे संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए उपायों के साथ भी सामने आ रही हैं। बैठक में संसद में विभिन्न दलों के सदन के नेताओं ने भाग लिया। कांग्रेस की ओर से अधीर रंजन चौधरी और गुलाम नबी आजाद, तृणमूल कांग्रेस की ओर से सुदीप बंधोपाध्याय, राकांपा से शरद पवार और सपा के रामगोपाल यादव ने इसमें शिरकत की। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी भी बैठक में उपस्थित थे।

इसे भी पढ़ें: राष्‍ट्रपति का कार्यभार संभालते ही जो बाइडेन सबसे पहले अमेरिकियों से करेंगे ये अपील

तृणमूल नेता ने सर्वदलीय बैठक में कहा, राज्य कोविड-19 से निपटने में कर रहे हैं केंद्र का सहयोग

तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने सर्वदलीय बैठक में कहा कि राज्य सरकारें कोविड-19 से निपटने में और कई अन्य मामलों में केंद्र का सहयोग कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारें महामारी से निपटने के कई नई उपाय लेकर सामने आ रही हैं। देश में कोविड-19 की स्थिति पर चर्चा के लिए सरकार ने ऑनलाइन बैठक बुलाई थी और इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बंदोपाध्याय ने कहा, ‘‘हम सभी कोविड-19 से लड़ रहे हैं।, राज्य सरकारें केंद्र सरकार का इस बीमारी से लड़ने और कई अन्य मामलों में सहयोग कर रही हैं।” उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में महामारी से निपटने के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं।’’ टीएमसी नेता ने कहा कि राज्य सरकार ने महामारी से लड़ने के लिए विभिन्न उपाय किए हैं और इनमें कोविड अस्पतालों, प्लाज्मा बैंकों की स्थापना से लेकर टेली काउंसलिंग, मुफ्त एम्बुलेंस, विशेष हेल्पलाइन सेवाएं आदि शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: किसान आंदोलन पर बोले अभिनेता धर्मेंद्र, कहा- सरकार जल्द निकाले समाधान

भारत में कोविड के इलाजरत रोगियों की संख्या घट कर कुल मामलों का 4.35 प्रतिशत हुई :स्वास्थ्य मंत्रालय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में कोविड-19 के इस समय इलाज करा रहे रोगियों की संख्या अब तक सामने आये संक्रमण के कुल मामलों का 4.35 प्रतिशत हो गयी है, जबकि बृहस्पतिवार को यह 4.44 प्रतिशत थी। मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पिछले सात दिन से जारी प्रवृत्ति के अनुरूप ही पिछले 24 घंटे में संक्रमण के दैनिक नये मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वाले रोगियों की संख्या अधिक रही। उसने कहा कि इसकी वजह से रोजाना उपचाराधीन रोगियों की संख्या कम हुई है जो शुक्रवार को 4,16,082 रही। मंत्रालय ने कहा कि भारत में 24 घंटे की अवधि में 36,595 लोग कोविड-19 से संक्रमित मिले, वहीं इसी अवधि में स्वस्थ हुए संक्रमितों की संख्या 42,916 रही। उसने कहा कि प्रति दस लाख आबादी पर संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत दुनिया के सबसे कम मामले वाले देशों में से एक है। यहां प्रति दस लाख आबादी पर संक्रमण के मामलों की संख्या पश्चिमी के कई अन्य देशों से बहुत कम है। देश में अब तक 90,16,289 लोग पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं और संक्रमण से उबरने वाले लोगों की दर 94.2 प्रतिशत हो गयी है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या और इलाज करा रहे रोगियों की संख्या में अंतर निरंतर बढ़ रहा है और इस समय यह 86,00,207 है।’’ उसने बताया कि स्वस्थ हुए नये रोगियों में से 80.19 प्रतिशत 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से हैं। वहीं संक्रमण के नये मामलों में से 75.76 प्रतिशत मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से हैं। पिछले 24 घंटे में संक्रमण से देश में 540 लोगों की मौत हो गयी जिनमें से 77.78 प्रतिशत लोग 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुलना करें तो प्रति दस लाख आबादी पर संक्रमण से मृत्यु के मामलों की संख्या बहुत कम है और यह 101 है।

इसे भी पढ़ें: कोरोना जैसी महामारियों से आंतरिक सुरक्षा के लिए पैदा हो सकता है खतरा: गुलाम नबी आजाद

केरल में कोविड-19 के 5,718 नए मरीज सामने आए, 5,496 मरीज स्वस्थ हुए

केरल में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 5,718 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़ कर 6,25,767 हो गई। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 5,496 मरीज ठीक हुए हैं, जबकि 61,401 मरीज उपचाराधीन हैं। राज्य में अब तक कुल 5,61,874 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। यहां जारी एक बयान में मंत्री ने कहा कि 29 और कोविड मरीजों की मौत से मृतकों की संख्या बढ़कर 2,358 हो गई है। बयान के अनुसार राज्य में अबतक 64,96,210 नमूनों की कोरोना वायरस के लिए जांच की जा चुकी है। नए मरीजों में 60 स्वास्थ्यकर्मी हैं और 95 लोग यात्रा कर राज्य लौटे हैं जबकि 4,991 मरीज संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान करने के दौरान मिले।

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में कोरोना से 29 और मौतें, 1985 नये संक्रमित मिले

कोविड-19 टीकाकरण: दिल्ली सरकार ने चिकित्सा केन्द्रों से स्वास्थ्य कर्मियों का ब्यौरा मांगा

दिल्ली सरकार ने कोविड-19 के टीकाकरण के लिए विभिन्न अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और अन्य केन्द्रों से स्वास्थ्य कर्मियों का ब्यौरा एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक राष्ट्रीय दैनिक समाचार में प्रकाशित एक सार्वजनिक नोटिस के अनुसार यह जानकारी ‘अपलोड’ करने के लिए ‘दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन’ की वेबसाइट पर एक लिंक दिया गया है। दिल्ली में सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों में सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मी (एचसीडब्ल्यू) कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं और कई अब भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। नोटिस में कहा गया, ‘‘ दिल्ली सरकार ने कोविड-19 के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीकरण शुरू कर दिया है,कई पंजीकृत नर्सिंग होम्स और अस्पताल व कुछ छोटे अपंजीकृत क्लीनिक अपना ब्यौरा दे चुके हैं। ’’ इसमें कहा गया है कि दिल्ली सरकार उन सभी शेष स्वास्थ्य केन्द्रों को अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों के नाम मुहैया कराने का आग्रह करती है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, कोरोना वायरस का टीका आने पर उसे एक विशेष कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बांटा जाएगा। टीकाकरण में स्वास्थ्य कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में बृहस्पतिवार को 70 हजार से अधिक नमूनों की कोविड-19 जांच के बाद 3,734 नए मामले सामने आए। स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में अभी तक कोविड-19 के कुल 5,82,058 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, मरीजों के ठीक होने की दर 93 प्रतिशत से अधिक है।

इसे भी पढ़ें: उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के 618 नए मामले, 10 मरीजों की मौत

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के 1934 नए मामले, 19 मरीजों की मौत

राजस्थान में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1934 नए मामले सामने आए। इससे अब तक राज्य में संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 2,76,420 हो गई है। वहीं, राज्य में संक्रमण से 19 और लोगों की मौत हो गई, जिससे संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 2389 तक पहुंच गई। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार शाम छह बजे तक के बीते 24 घंटों में राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से 19 और मौत हुई हैं। संक्रमण से अब तक जयपुर में 448, जोधपुर में 248, अजमेर में 194, बीकानेर में 163, कोटा में 142, भरतपुर में 110, उदयपुर में 102, और पाली में 92 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को राज्य में 3141 लोग कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हुए हैं। इससे राज्य में अब तक कुल 2,49,713 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। राज्य में फिलहाल 24,318 रोगी उपचाराधीन हैं। नए मामलों में जयपुर में 548, जोधपुर में 295, कोटा में 128,अजमेर में 111, उदयपुर में 95,नागौर में 68, डूंगरपुर में 66 मामले शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 4,067 नए मामले, 73 और मरीजों की मौत

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 1324 नए मामले, 14 लोगों की मौत

मध्यप्रदेश में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1324 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 2,11,698 तक पहुंच गयी। राज्य में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से 14 और व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है जिससे इस घातक वायरस से मरने वालों की संख्या 3,314 हो गयी है। मध्यप्रदेश के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से इंदौर में पांच, ग्वालियर एवं सागर में दो-दो और भोपाल, रायसेन, झाबुआ, हरदा एवं टीकमगढ़ में एक-एक मरीज की मौत की पुष्टि हुई है।’’ उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक कोरोना वायरस से सबसे अधिक 776 मौत इंदौर में हुई हैं, जबकि भोपाल में 525, उज्जैन में 100, सागर में 144, जबलपुर में 226 एवं ग्वालियर में 184 लोगों की मौत हुई हैं। बाकी मौतें अन्य जिलों में हुई हैं। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में शुक्रवार को कोविड-19 के 526 नये मामले इंदौर जिले में जबकि भोपाल में 321, ग्वालियर में 48 और जबलपुर में 27 नये मामले सामने आए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 1,94,743 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गये हैं और 13,641 मरीज़ों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार को 1,556 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।







Unlock 5 के 64वें दिन नये मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 3, 2020   22:06
  • Like
Unlock 5 के 64वें दिन नये मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी
Image Source: Google

महाराष्ट्र में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 5,182 नए मामले सामने आए जिसके बाद प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 18,37,358 हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संक्रमण से 115 और लोगों की मौत के बाद राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 47,472 हो गई।

नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत में कोविड-19 के संक्रमण के प्रतिदिन के नये मामलों की तुलना में कहीं अधिक संख्या में मरीज पिछले 24 घंटों में इस रोग से उबरे हैं। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में फिलहाल कोविड-19 के 4,22,943 मरीज उपचाराधीन हैं, जो कुल मरीजों का 4.44 प्रतिशत है। मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में 35,551 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए, जबकि इसी अवधि के दौरान 40,726 मरीज स्वस्थ हुए। मंत्रालय ने कहा है, ‘‘इसके चलते पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के कुल उपचाराधीन मरीजों में 5,701 की कमी आई है। स्वस्थ हुए इन मरीजों की संख्या पिछले छह दिनों से लगातार सामने आ रहे प्रतिदिन के नये मामलों से अधिक है। ’’ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर इस रोग से स्वस्थ होने की दर बेहतर होकर 94.11 प्रतिशत हो गई है और कुल 89,73,373 मरीज स्वस्थ्य हुए हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘स्वस्थ हुए मरीजों और उपचाराधीन मामलों के बीच अंतर धीरे-धीरे बढ़ रहा है।’’ मंत्रालय ने कहा कि स्वस्थ हुए नये मरीजों में 77.64 प्रतिशत 10 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। केरल में सर्वाधिक संख्या में कोविड-19 के मरीज स्वस्थ्य हुए और यह आंकड़ा 5,924 है, जबकि दिल्ली में प्रतिदिन5,329 मरीज और महाराष्ट्र में 3,796 मरीज स्वस्थ्य हुए हैं। मंत्रालय ने कहा कि 10 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों से संक्रमण के 75.5 प्रतिशत नये मामले सामने आए हैं। मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटों में केरल से 6,316 मामले, दिल्ली में 3,944 नये मामले और महाराष्ट्र में 3,350 नये मामले सामने आए। मंत्रालय के बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक देश में एक दिन में संक्रमण के35,551 नये मामले सामने आने के साथ कुलमामले बढ़ कर 95,34,964 हो गये हैं। वहीं, महामारी से और 526 लोगों की मौत हो जाने सेमृतक संख्या बढ़ कर 1,38,648 हो गई है।

इसे भी पढ़ें: योगी का निर्देश, मण्डलायुक्त और जिलाधिकारी मेडिकल कॉलेजों में जाकर करें बैठक

कोविड-19 की जांच करने और संपर्क में आए लोगों का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित करें सरकार: अदालत

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को शहर की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को निर्देश दिया कि वह राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के मामलों से निपटने के लिए जांच में तेजी लाने और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित करे। अदालत ने कहा कि लोगों में मन में वायरस के बारे में काफी डर समाया हुआ है। न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि जांच के नतीजे बताने में अभी 48 घंटे या उससे ज्यादा वक्त लगता है, जबकि यह 24 घंटे के अंदर होना चाहिए। अदालत ने कहा कि जांच प्रयोगशालाएं नमूना लेते समय ही लोगों के नंबर ले लें और कोविड-19 की जांच के नतीजे उनके मोबाइल फोन पर दिए जा सकते हैं तथा वेबसाइट पर इसे बाद में डाला जा सकता है। अदालत का निर्देश और सुझाव, राष्ट्रीय राजधानी में जांच की संख्या बढ़ाने और तेजी से जांच के नतीजे देने को लेकर दायर की गई अधिवक्ता राकेश मल्होत्रा की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आया है। अदालत ने सरकार से कहा कि वर्तमान में हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहा है। ‘‘यह केवल संक्रमण के कारण नहीं है, बल्कि इस कारण है कि आप नहीं जानते हैं कि वायरस का वाहक कौन हैं। ये दोनों चीजों लोगों में मन में समाई हुई हैं। हल्के संक्रमण वाले मरीज शीघ्रता से स्वस्थ हो सकते हैं , लेकिन इस समय डर की भावना बहुत ज्यादा है। ’’ अदालत ने यह भी कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि घर पर पृथक रह रहे लोग घरों के अंदर ही रहें और बाहर नहीं जाएं तथा अन्य को संक्रमित नहीं करें। पीठ ने कहा, ‘‘आप कैसे निगरानी करते हैं , यह बहुत महत्वपूर्ण है। ’’ पीठ ने पूछा, ‘‘आप किस तरह से निगरानी कर रहे हैं। ’’ अदालत ने दिल्ली सरकार द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा कि इसमें आईसीयू बेड में वृद्धि आदि के बारे में विस्तृत जानकारी का अभाव है। साथ ही, इन पहलुओं पर उसने अगली स्थिति रिपोर्ट में सूचना देने का निर्देश दिया, जो 14 दिसंबर तक दाखिल की जानी है।

इसे भी पढ़ें: कोरोना के टीके को मंजूरी देने के बावजूद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कोविड-19 को लेकर किया आगाह

उत्तराखंड में कोरोना के 491 नए मामले सामने आए

उत्तराखंड में बृहस्पतिवार को 491 नए मरीजों में  महामारी की पुष्टि हुई जबकि 12 मरीजों ने महामारी के कारण दम तोड दिया। यहां प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 491 नए मरीजों के मिलने के साथ ही प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढकर 76,275 हो गयी है। ताजा मामलों में से सर्वाधिक 179 मरीज देहरादून जिले में सामने आए जबकि हरिद्वार में 52, नैनीताल में 76, चमोली में 42 मरीज मिले। बृहस्पतिवार को प्रदेश में 12 और कोविड मरीजों की मौत हो गई। इस महामारी से अब तक प्रदेश में 1,263 मरीज जान गंवा चुके हैं। प्रदेश में बृहस्पतिवार को 433 और मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो गए। अब तक कुल 69,271 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और उपचाराधीन मरीजों की संख्या 4,967 है। प्रदेश में कोविड-19 के 774 मरीज प्रदेश से बाहर चले गए हैं।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में पिछले सात दिनों में संक्रमण दर में गिरावट, निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या में वृद्धि

केन्द्र ने न्यायालय से कहा : कोविड-19 मरीजों के घरों के बाहर पोस्टर लगाने का कोई निर्देश नहीं

केन्द्र ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि उसके दिशानिर्देशों में कोविड-19 के मरीजों के घर के बाहर पोस्टर लगाने के बारे में कोई निर्देश नहीं है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ को सरकार ने यह जानकारी दी। सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट किये जाने के बाद पीठ ने कोविड-19 से ग्रस्त मरीजों के घर के बाहर पोस्टर लगाने का सिलसिला बंद करने के लिये कुश कालड़ा की याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली। पीठ ने कहा कि इस मामले में फैसला बाद में सुनाया जायेगा। सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान इस मामले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दाखिल हलफनामे का जिक्र किया और कहा कि उसके दिशानिर्देशों में पोस्टर लगाने जैसा कोई निर्देश शामिल नहीं है। मेहता ने कहा, ‘‘केन्द्र सरकार के दिशानिर्देश के तहत इसकी आवश्यकता नहीं है। इसे कलंक नहीं माना जा सकता।’’ पीठ ने मेहता से सवाल किया कि क्या केन्द्र ऐसा नहीं करने के बारे में कोई परामर्श जारी कर सकता है? इस पर मेहता ने कहा कि केन्द्र सरकार पहले ही ऐसा कर चुकी है। 

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में कोरोना से 31 और मौतें, 1967 नए मरीज

भारत में पांच टीके ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रो में वितरण के लिहाज से व्यावहारिक हैं: गुलेरिया

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने बृहस्पतिवार को उम्मीद जताई कि कोविड-19 के टीके भारत के शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में वितरण के लिए व्यावहारिक हैं। गौरतलब है कि भारत में कोविड-19 का टीका बना रही पांच कंपनियों का क्लीनिकल परीक्षण काफी आगे के चरण में पहुंच चुका है। उनका बयान फाइजर बायोटेक के कोरोना वायरस टीके को ब्रिटेन में आपात मंजूरी मिलने के बीच आया है। इस मंजूरी के बाद ब्रिटेन में यथासंभव अगले सप्ताह से इस जानलेवा वायरस के खिलाफ बड़े पैमाने पर टीकाकरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। डॉ. गुलेरिया ने उम्मीद जतायी कि इस महीने के आखिर या अगले महीने के प्रारंभ तक पांचों में से कम से कम एक टीके को लोगों को लगाये जाने के लिए दवा नियामक निकाय से आपात उपयोग मंजूरी मिल जाएगी और टीकाकरण की शुरुआत प्राथमिकता समूह से होगी। इन पांचों टीके का देश में परीक्षण चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, वैश्विक दवा कंपनी फाइजर ने अगस्त में भारत सरकार के साथ बातचीत की थी लेकिन तब से इस विषय पर कोई बात आगे नहीं बढ़ी है। 

हरियाणा में कोविड-19 के 1,635 नए मामले, 32 मरीजों की मौत

इसे भी पढ़ें: बिहार में कोरोना वायरस से 7 और मरीजों की मौत, 571 नए मामले

हरियाणा में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,635 नए मामले सामने आए, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,39,239 हो गयी। इसके अलावा 32 और मरीजों की मौत होने से राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 2,520 हो गयी। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश में अभी 15,516 लोगों का इलाज चल रहा है। राज्य में स्वस्थ होने की दर 92.46 प्रतिशत है। राज्य के गुरुग्राम में 437 और फरीदाबाद में संक्रमण के 305 मामले पाए गए हैं।'

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में कोरोना संक्रमण के 3,734 नए मामले, 82 और लोगों की मौत

गुजरात में कोविड-19 के 1,540 नए मामले, 13 मरीजों की मौत

गुजरात में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 1,540 नए मामले आने से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,14,309 हो गयी। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संक्रमण से 13 और मरीजों की मौत से मृतकों की संख्या बढ़कर 4,031 पर पहुंच गयी। विभाग ने बताया कि स्वस्थ होने के बाद 1,427 और मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गयी। राज्य में अब तक 1,95,365 लोग ठीक हो चुके हैं। विज्ञप्ति में बताया गया कि राज्य में कोविड-19 से स्वस्थ होने की दर 91.16 प्रतिशत है।

इसे भी पढ़ें: तमिलनाडु में कोरोना के 1,416 नए मामले, 14 मरीजों की मौत

न्यायालय ने कोविड-19 के आंकड़ों की दुबारा जाच के तरीके के बारे में दिल्ली सरकार से मांगी जानकारी

दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार से पूछा कि क्या उसके पास कोविड-19 के आंकड़ों के सत्यापन की कोई व्यवस्था है। न्यायालय ने यह सवाल उस समय किया जब दिल्ली सरकार ने कहा कि ताजा आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या में कमी आई है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ से दिल्ली सरकार ने कहा कि उसने कोविड-19 की स्थिति से निबटने के लिये पूरी ईमानदारी से कदम उठाये हैं और आईसीयू में बेड की उपलब्धता, कोविड जांच, इस संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले व्यक्तियों के अंतिम संस्कार और अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा के उपायों की ‘सर्वोच्च स्तर’ पर निगरानी की जा रही है। दिल्ली सरकार के अधिवक्ता ने जब जांच की संख्या, इससे संक्रमितों और ठीक होने वालों के ताजा आंकड़ों का जिक्र किया तो पीठ ने पूछा, ‘‘ये जो आंकड़े आप दे रहे हैं, क्या इनकी दुबारा जांच का भी कोई तरीका है?’’ शीर्ष अदालत अस्पतालों में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के समुचित इलाज और शवों को गरिमामय तरीके से उठाने के बारे में स्वत: संज्ञान लिये गये मामले की सुनवाई कर रही थी। दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के वी विश्वनाथन ने कहा कि इस काम के लिये मनोनीत जांच एजेनसियां हैं जो ये आंकड़े उपलब्ध करा रही हैं। 

इसे भी पढ़ें: मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के 1450 नए मामले, 13 लोगों की मौत

कोविड-19: महाराष्ट्र में 5,182 नए मामले,115 मरीजों की मौत

महाराष्ट्र में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 5,182 नए मामले सामने आए जिसके बाद प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 18,37,358 हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संक्रमण से 115 और लोगों की मौत के बाद राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 47,472 हो गई। विभाग ने एक बयान में कहा कि इस दौरान 8,066 मरीज संक्रमण से मुक्त हुए और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दी गई। बयान में कहा गया है कि अब तक 17,03,274 मरीज संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं और राज्य में फिलहाल उपचाराधीन मरीजों की संख्या 85,535 है। अब तक राज्य में कोविड-19 की 1,10,59,305 जांच की जा चुकी है।







Unlock 5 के 63वें दिन देश में 132 दिन बाद उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 4.28 लाख हुई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 2, 2020   22:27
  • Like
Unlock 5 के 63वें दिन देश में 132 दिन बाद उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 4.28 लाख हुई
Image Source: Google

मंत्रालय ने कहा कि इससे ठीक होने वाले मरीजों की दर में भी सुधार हुआ है और अब यह 94.03 प्रतिशत है। अब तक कुल 89,32,647 मरीज ठीक हो चुके हैं। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में से 78.35 प्रतिशत लोग दस राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के हैं। महाराष्ट्र में एक दिन में सर्वाधिक 6,290 मरीज ठीक हुए।

भारत में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या उल्लेखनीय रूप से घटकर 4.28 लाख रह गई है जो कि 132 दिन के बाद सबसे कम है तथा संक्रमण के कुल मामलों का मात्र 4.51 प्रतिशत है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार 23 जुलाई को उपचाराधीन मरीजों की संख्या4,26,167 थी। मंत्रालय ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट देखने को मिली है। पिछले तीन दिन से देश में प्रतिदिन कोविड-19 के 30,000 के आसपास मामले सामने आ रहे हैं। पिछले चौबीस घंटे में संक्रमण के 36,604 नए मामले सामने आए। इस दौरान कोविड-19 के कुल 43,062 मरीज ठीक हो गए। मंत्रालय ने कहा कि पिछले पांच दिन में ठीक होने वालों की संख्या, प्रतिदिन सामने आने वाले संक्रमण के नए मामलों से ज्यादा हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि इससे ठीक होने वाले मरीजों की दर में भी सुधार हुआ है और अब यह 94.03 प्रतिशत है। अब तक कुल 89,32,647 मरीज ठीक हो चुके हैं। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में से 78.35 प्रतिशत लोग दस राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के हैं। महाराष्ट्र में एक दिन में सर्वाधिक 6,290 मरीज ठीक हुए।केरल में 6,151 और दिल्ली में 5,036 लोग ठीक हुए। मंत्रालय ने कहा कि संक्रमण के नए मामलों में से 77.25 प्रतिशत दस राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के हैं। केरल में संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 5,375 नए मामले सामने आए और इसकेबाद4930 नए मामलों के साथमहाराष्ट्र का नंबर रहा। इसके अलावा एक दिन में कोविड-19 से 501 मरीजों की मौत हो गई। मौत के नए मामलों में से 79.84 फीसदी 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सामने आए हैं। महाराष्ट्र में संक्रमण से सर्वाधिक 95 और लोगों की मौत हुई। जबकि दिल्ली और पश्चिम बंगाल में क्रमश 86 और 52 और मरीजों की संक्रमण से मौत हुई। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार एक दिन में कोविड-19 के 36,604 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 94,99,413 हो गए। वहीं 501 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,38,122 हो गई।

जम्मू कश्मीर में कोविड-19 के 452 नए मामले, छह मरीजों की मौत

जम्मू-कश्मीर में बुधवार को कोविड-19 के 452 नए मामले सामने आए और पिछले 24 घंटे में छह लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रशासित प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,11,130 हो गई है। वहीं, मृतकों की संख्या बढ़कर 1,708 हो गई है। अधिकारी ने बताया कि नए मामलों में से 258 मामले जम्मू संभाग से तथा 194 मामले कश्मीर घाटी से सामने आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू जिले में सबसे ज्यादा 127 नये मामले सामने आए जबकि श्रीनगर में 81 लोग संक्रमित पाये गए। उन्होंने बताया कि अब केंद्रशासित प्रदेश में 4,951 मरीजों का इलाज चल रहा है और अभी तक कुल 1,04,471 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इस बीच, जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटे में छह लोगों की मौत हुई। इनमें से तीन मरीजों की मौत जम्मू में और तीन की मौत कश्मीर घाटी में हुई।

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में कोरोना के 1357 नये मामले, कोरोना से अब तक 3270 लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल के मंत्री कोलकाता में तीसरे चरण के परीक्षण में ‘कोवैक्सिन’ लेने वाले पहले स्वयंसेवक बने

पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मंत्री फरहाद हकीम कोरोना वायरस के संभावित टीके ‘कोवैक्सिन’ के तीसरे चरण के चिकित्सकीय परीक्षण के तहत पहला टीका लिया। तीसरे चरण में टीका लेने वाले वह पहले स्वयंसेवक बन गए हैं। उल्लेखनीय है कि कोवैक्सिन का तीसरे चरण का नियामकीय परीक्षण कोलकाता स्थित आईसीएमआर - राष्ट्रीय हैजा और आंत्र रोग संस्थान (एनआईसीईडी) में शुरू हुआ। टीका लेने के बाद 62 वर्षीय मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मैं भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं कि मैं इस परीक्षण का हिस्सा बना हूं। टीका लेने के बाद में बिल्कुल ठीक हूं। मुझे फर्क नहीं पड़ता अगर इस परीक्षण के दौरान मेरी मौत भी हो जाती है।’’ हकीम ने कहा कि उन्हें खुशी होगी अगर उनके योगदान से टीके के अनुसंधान में मदद मिलती है। मंत्री को टीका देने से पहले उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया ताकि पता चल सके कि उन्हें कोई गंभीर बीमारी तो नहीं है। इससे पहले राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने संस्थान में कोवैक्सिन टीके के तीसरे चरण के नियामकीय परीक्षण का उद्घाटन किया।

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में कोरोना से 29 और लोगों की मौत, 1799 नए मरीज

कोविड-19 से भोपाल गैस कांड के 254 पीड़ितों की मौत, डाव केमिकल दे अतिरिक्त मुआवजा : संगठन

विश्व की भीषणतम औद्योगिक त्रासदी भोपाल गैस कांड की 36वीं बरसी की पूर्व संध्या पर इस त्रासदी के पीड़ितों के लिए काम कर रहे संगठनों ने दावा किया है कि कोरोना वायरस संक्रमण से भोपाल जिले में 18 अक्टूबर तक भोपाल गैस त्रासदी के 254 पीड़ितों की मौत हुई है। इस संगठनों ने कहा कि भोपाल में कोविड-19 से भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ित लोगों की मृत्यु दर अन्य लोगों से करीब 6.5 गुना ज्यादा है। इसलिए कोरोना वायरस महामारी से साबित हुए दूरगामी शारीरिक क्षति के लिए यूनियन कार्बाइड और उसके वर्तमान मालिक डाव केमिकल अतिरिक्त मुआवजा दें। हालांकि, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास निदेशक बसंत कुर्रे ने कहा, ‘‘दो दिसंबर तक कोविड-19 से भोपाल जिले में कुल 518 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से मात्र 102 लोग भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ित थे। भोपाल गैस त्रासदी पीड़ित जिन 102 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 69 लोगों की उम्र 50 साल से अधिक थी, जबकि 33 लोगों की उम्र 50 साल से कम थी।’’ भोपाल गैस पीड़ितों के हितों के लिये लंबे अरसे से काम करने वाले संगठन ‘भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन’ की सदस्य रचना ढींगरा ने बुधवार को दावा किया, ‘‘भोपाल जिले में कोविड-19 की वजह से अब तक 518 मौत हुई है। 

इसे भी पढ़ें: कोरोना वैक्सीन लगवाने की जल्दी में नहीं भारतीय, जानिए कारण

तमिलनाडु में कोविड-19 के 1,428 नए मामले, 11 मरीजों की मौत

तमिलनाडु में बुधवार को कोरोना वायरस के 1,428 नए मरीज सामने आए, जबकि 11 और संक्रमितों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, राज्य में संक्रमण के कुल मामले 7,84,747 हो गए हैं, जबकि मृतक संख्या 11,733 पर पहुंच गई है। बुलेटिन में बताया गया है कि 1,398 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दी गई है। इसके बाद संक्रमण से मुक्त होने वाले मरीजों की कुल संख्या 7,62,015 हो गई है। वहीं राज्य में 10,999 लोग संक्रमण का उपचार करा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: गुजरात में कोरोना के 1,512 नए मामले, 14 मरीजों की मौत

कर्नाटक में कोविड-19 के 1,440 नये मामले, 16 मरीजों की मौत

कर्नाटक में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,440 नए मामले सामने आये तथा 16 मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 8,87,667 पर पहुंच गई है, जबकि मृतकों की संख्या 11,808 हो गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, आज 983 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई। राज्य मेंअब तक 8,51,690 लोग इस संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। विभाग के अनुसार, राज्य में अभी 24,150 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से 318 ‘आईसीयू’ में हैं। बेंगलुरु शहर में बुधवार को संक्रमण के 712 नये मामले सामने आये।