दिल्ली में है एक ऐसा अस्पताल जो कैंसर के रोगियों का करता है आयुर्वेदिक इलाज

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Feb 4 2019 11:45AM
दिल्ली में है एक ऐसा अस्पताल जो कैंसर के रोगियों का करता है आयुर्वेदिक इलाज
Image Source: Google

कैंसर पर आयुर्वेदिक दवाओं के असर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हमारे मरीज हमारे सबसे बड़े गवाह हैं। उन्हें फायदा महसूस होता है और वे दूसरों को बताते हैं या वीडियो बनाकर उसे ऑनलाइन पोस्ट कर देते हैं।’’

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी का एक परमार्थ अस्पताल कैंसर मरीजों का आयुर्वेद, योग तथा आहार और जीवन शैली में बदलाव के माध्यम से उपचार कर रहा है। चार फरवरी के विश्व कैंसर दिवस से पहले पश्चिम पंजाबी बाग के आयुर्वेदिक कैंसर ट्रीटमेंट हॉस्पिटल के संस्थापक ने कहा कि यह अस्पताल इस बीमारी से लड़ने में जागरुकता फैला रहा है तथा कई मरीज अपना अनुभव बताकर इसके नाम को फैलाने में मदद कर रहे हैं। उसके संस्थापक अध्यक्ष अतुल सिंघल ने कहा, ‘‘कई मरीज एलौपैथिक उपचार में सारी उम्मीदें गंवाने के बाद हमारे पास आते हैं।

भाजपा को जिताए

इसे भी पढ़ें- आयकर आकलन में किसी अधिकारी के पास जाने की जरूरत नहीं होगी : CBDT

हम चतुष आयामी --जीवन शैली और खान-पान की आदत में बदलाव, आयुर्वेदिक दवाइयां और योग -- उपचार का इस्तेमाल करते हैं।’’ कैंसर पर आयुर्वेदिक दवाओं के असर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हमारे मरीज हमारे सबसे बड़े गवाह हैं। उन्हें फायदा महसूस होता है और वे दूसरों को बताते हैं या वीडियो बनाकर उसे ऑनलाइन पोस्ट कर देते हैं।’’ 

इसे भी पढ़ें- वित्त मंत्री पीयूष गोयल नौ फरवरी को RBI बोर्ड को करेंगे संबोधित



उन्होंने कहा, ‘‘दवाओं के तौर पर हम पंचगव्य -- गाय के पांच उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं और हम स्वास्थ्य लाभ में सहयोग के लिए योग का उपयोग करते हैं।’’ सिंघल ने कहा, ‘‘हम उनकी जीवन शैली और खान-पान की आदत बदल देते हैं और हम उनसे इलाज के वास्ते उनमें कुछ को भूल जाने को कहते हैं। अतएव हम उन्हें गेहूं के बजाय जौ, लाल मिर्च के बजाय काली मिर्च, चीनी के बजाय गुड़ खाने को कहते हैं। 52 वर्षीय सिंघल ने बताया कि 2011 में अपनी मां को गंवाने के बाद उन्होंने यह अस्पताल खोला।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी मां तीन साल तक कैंसर से संघर्ष करती रही और आखिरकार वह चल बसीं। इसलिए मैं इसके लिए कुछ करना चाहता था और मुझे आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति पर विश्वास है। इसलिए 2013 में हमने पहला आयुर्वेदिक कैंसर ट्रीटमेंट रिसर्च सेंटर शुरू किया जो 2015 में आयुर्वेदिक कैंसर ट्रीटमेंट अस्पताल बन गया। सिंघल के अनुसार न्यास द्वारा संचालित इस अस्पताल में 20 बिस्तर हैं ।

यहां तीन स्थायी चिकित्सक हैं तथा अन्य संबंधित कार्यों के लिए करीब 15 लोग हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मरीज की पृष्ठभूमि या उसके परिवार के आर्थिक दर्जे के विपरीत हम बस 11000 रुपये में उपचार करते हैं। यदि कोई मरीज निर्धन है तो हम उससे, इससे भी कम पैसे मांगते हैं या मुफ्त इलाज करते हैं। हमारा विचार इसे परमार्थ स्वरुप में रखना है न कि वाणिज्यिक रुप देना है।’’

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप   


Related Video