दिल्ली में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला कैसे ? जरा समझ लो भईया

दिल्ली में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला कैसे ? जरा समझ लो भईया

चुनावी मौसम और ऐसे में तरह-तरह के दागे अक्सर सुनने को मिलते हैं। लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा था कि स्थानीय मुद्दों पर दूसरे देश हावी होने लगेंगे। वैसे आज के समय में तो यह आम बात है। जैसे यह कहा जाना कि तुम पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हो।

चुनावी मौसम और ऐसे में तरह-तरह के दागे अक्सर सुनने को मिलते हैं। लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा था कि स्थानीय मुद्दों पर दूसरे देश हावी होने लगेंगे। वैसे आज के समय में तो यह आम बात है। जैसे यह कहा जाना कि तुम पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हो। चुनाव हिन्दुस्तान की राजधानी दिल्ली में हो रहे हैं फिर यहां पाकिस्तान का जिक्र क्यों... क्या पाकिस्तानी नागरिक दिल्ली के चुनावों में वोट देंगे। ऐसे कई सवाल आज हम आपके सामने रखेंगे।

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पाकिस्तान का जिक्र क्यों ?

भाजपा के नेता है कपिल मिश्रा... जो 2015 के चुनावों में आम आदमी पार्टी से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे लेकिन बाद में अरविंद केजरीवाल की नीतियां उन्हें खराब लगने लगी। जिसका उन्होंने विरोध किया फिर पार्टी छोड़कर भाजपा के साथ आ गए। भाजपा के साथ आने के बाद उन्होंने जमकर अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लिया और अभी के चुनावों में तो वह मॉडल टाउन से उम्मीदवार भी लड़ रहे हैं। और आज हम कपिल मिश्रा का जिक्र इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने एक विवादित ट्वीट किया है।

ट्वीट पर लिखा कि- 𝗜𝗻𝗱𝗶𝗮 𝘃𝘀 𝗣𝗮𝗸𝗶𝘀𝘁𝗮𝗻, 8𝘁𝗵 𝗙𝗲𝗯𝗿𝘂𝗮𝗿𝘆, 𝗗𝗲𝗹𝗵𝗶... 8 फरवरी को दिल्ली की सड़कों पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान का मुकाबला होगा... हिन्दुस्तान और पाकिस्तान का मुकाबला सुनते ही जहन में सबसे पहले क्रिकेट मैच याद आता है...

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हिन्दुस्तान और पाकिस्तान का मुकाबला कैसे ?

अगर हम आरोप-प्रत्यारोप को छोड़ दें और मोटे-मोटे शब्दों में कहें तो चुनाव हिन्दुस्तान और पाकिस्तान का मुकाबला नहीं है। क्योंकि यह चुनाव देश की राजधानी दिल्ली में होने वाला है और चुनाव में देश की ही राजनीतिक पार्टियां हिस्सा लेती हैं। तो जो पार्टियां हिस्सा ले रही है मने आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस... ये तीनों भारत की राजनीतिक पार्टियां हैं। ऐसे में कपिल मिश्रा का हिंदुस्तान और पाकिस्तान कहना कितना सही है इस बात अंदाजा आप सब लगा सकते हैं।

70 सीटों वाली दिल्ली में 8 फरवरी को मतदान होना है और 11 फरवरी को उम्मीदवारों के किस्मत का फैसला होगा। अब सरकार किसकी बनेगी यह तो चुनाव नतीजों से ही पता चलेगा। हालांकि यह कोई पहली दफा नहीं है जब चुनावों में पाकिस्तान का जिक्र गया हो।

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कौन हैं कपिल मिश्रा ?

करावल नगर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे कपिल मिश्रा ने मंत्री पद से हटाए जाने पर अरविंद केजरीवाल पर 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। लेकिन जब आरोप साबित करने का समय आया था तो वो ऐसे कोई भी तथ्य नहीं दे पाएं जिससे की उनके द्वारा लगाए गए इल्जाम को अंजाम वजन मिल सके। वैसे तो कपिल मिश्रा को कुमार विश्वास का करीबी माना जाता है। लेकिन अब दोनों ही नेता आम आदमी पार्टी में नहीं हैं। और दोनों में से कोई एक भी नेता केजरीवाल के खिलाफ बोलने से चूकता नहीं है। जबकि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी से कपिल मिश्रा का नामांकन रद्द करने की मांग की है। 

केजरीवाल के नाम से एक बात याद आ गई। आपको 21 तारीख याद है। हां, वहीं नामांकन का आखिरी दिन... क्योंकि आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल के नामांकन में देरी के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। जबकि केजरीवाल को 7 घंटे इंतजार करने में मजा आया क्योंकि उन्होंने नामांकन दाखिल करने वाले निर्दली उम्मीदवारों के साथ खूब बातचीत की।