आखिर क्यों बेटी से छेड़खानी का विरोध करने पर पिता की हत्या हुई? जानें मोतीनगर हत्याकांड का पूरा सच

By रेनू तिवारी | Publish Date: May 17 2019 12:19PM
आखिर क्यों बेटी से छेड़खानी का विरोध करने पर पिता की हत्या हुई? जानें मोतीनगर हत्याकांड का पूरा सच
Image Source: Google

बताया जा रहा था की ध्रुव त्यागी अपनी बीमार बेटी को लेकर डॉक्टर के पास गये थे वहां से वापस आते हुए पड़ोस के लड़कों ने बेटी पर कमेंट किया। उस वक्त तो पिता ने कुछ नहीं कहा उन्होंने अपनी बेटी को घर छोड़ा और फिर वो उन लड़कों के पास गये पिता के विरोध करने पर लड़कों ने चाकू से हमला कर दिया।

राजधानी दिल्ली के मोतीनगर इलाके में छेड़छाड़ का विरोध करने पर बेटी के सामने पिता और भाई पर चाकू से हमला कर दिया गया। इस हमले में पिता की मौत हो गई। पूरा मामला मोती नगर के बसई दारापुर इलाके का है, जहां शनिवार की देर रात को बदमाशों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक का नाम राजू त्यागी (ध्रुव त्यागी) है और उनके घायल बेटे का नाम अनमोल त्यागी है। राजू की हत्या करने वाले बदमाश कोई और नहीं बल्कि उनके पड़ोस में रहने वाले ही 4 लड़के हैं। हैरानी की बात ये है कि कुल 4 हत्यारों में शामिल 2 हत्यारे नाबालिग हैं। पुलिस ने राजू की हत्या करने वाले मोहम्मद आलम (20) और जहांगीर खान (45) को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में दो आरोपी के परिवार की दो महिलाओं की भी गिरफ्तारी हुई हैं। जिस वक्त से सारा घटना हुई उस वक्त लोग सिर्फ तमाशा देखते रहे।

बेटी से छेड़खानी का विरोध करने पर पिता की हत्या 

बताया जा रहा था की ध्रुव त्यागी अपनी बीमार बेटी को लेकर डॉक्टर के पास गये थे वहां से वापस आते हुए पड़ोस के लड़कों ने बेटी पर कमेंट किया। उस वक्त तो पिता ने कुछ नहीं कहा उन्होंने अपनी बेटी को घर छोड़ा और फिर वो उन लड़कों के पास गये पिता के विरोध करने पर लड़कों ने चाकू से हमला कर दिया। इसे देख घर वाले पिता के बचाव के लिए भागे तो बदमाशों ने ध्रुव त्यागी के बेटे अनमोल पर भी चाकू से हमला कर दिया। ध्रुव त्यागी को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। अभी अनमोल की हालत काफी नाजुक है और वह जिंदगी की जंग लड़ रहा है। ध्रुव त्यागी की हत्या के बाद उनके घर पर मातम छाया हुआ है। ध्रुव त्यागी के घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। वारदात के बाद से इलाके के लोगों में काफी दहशत है। इसके साथ ही इलाके लोग इस वारदात से काफी गुस्सा भी हैं। पुलिस ने हत्यारों पर धारा 302, 506 और 509 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।

हत्या के बाद भड़का हंगामा



मोतीनगर हत्याकांड के खिलाफ गुरुवार को जुटे लोगों ने सड़क पर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। लोगों ने रिंग रोड पर जाम लगाया और पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारी भड़क गए। प्रदर्शन के चलते मोती नगर से नजफगढ़ के रास्ते पर भारी जाम लग गया। इस हत्या के विरोध में गुरुवार को मोतीगनगर में महापंचायत बुलाई गई और शोक सभा आयोजित की गई।

मोतीनगर हत्याकांड को संप्रदायिक रूप देने की कोशिश 

कुछ लोगों ने इस घटना को संप्रदायिक रूप देने की भी कोशिश की। जबकि परिवार के लोगों ने इसे सांप्रदायिक रूप देने से मना करते हुए कहा कि यहां की शांति भंग न हो, लेकिन आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। परिवार के लोग उग्र हो रहे लोगों को बार-बार समझा रहे थे। शोक सभा में पहुंचे लोगों की मांग है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए व परिवार के किसी सदस्य को नौकरी। शोक सभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। चौपाल लोगों की भीड़ से पूरी तरह भर चुकी थी। लोगों की बढ़ती तादाद को देखते हुए पुलिस ने इलाके को एक तरीके से छावनी में तब्दील कर दिया। 

मोतीनगर हत्याकांड से राजनीति गर्म

इस मामले पर राजनीति तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी जहां इस मामले को लेकर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है, तो वहीं बीजेपी ने इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चुप्पी पर सवाल उठाया है। इस बीच बुधवार को केंद्रीय मंत्री और दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष विजय गोयल ने मृतक कारोबारी की पत्नी और बेटी के साथ गृहमंत्री के आवास पर मुलाकात की और इस मामले में आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की। गृह मंत्री से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में मृतक कारोबारी की पत्नी, बेटी और बीजेपी नेता विजय गोयल के अलावा जेडीयू नेता के.सी. त्यागी और आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा भी शामिल थे। 



दिल्ली पुलिस आयुक्त से आप नेताओं की मुलाकाल

कारोबारी की हत्या होने के सिलसिले में आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और सुशील गुप्ता ने बृहस्पतिवार को दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक से मुलाकात की। सिंह और गुप्ता के साथ मादीपुर के विधायक गिरिश सोनी भी थे, जिन्होंने बताया कि उन्होंने पुलिस आयुक्त से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि इलाके में धार्मिक झड़प नहीं हो। आप ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि कुछ राजनीतिक ताकतें हत्या को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही हैं।

हत्याकांड को अंजाम देने में महिलाओं ने की मदद

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) मोनिका भारद्वाज ने कहा कि परिवार के दो सदस्यों को बुधवार को गिरफ्तार किया गया है। उनमें से एक मुख्य आरोपी की पत्नी (45) और दूसरी उसकी बेटी (30) है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महिलाओं को भारतीय दंड संहिता की धारा 34 के तहत अपराध करने की साझा मंशा में गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित के परिवार ने आरोप लगाया कि दोनों महिलाओं ने हमले में आरोपियों की मदद की और उनमें से एक ने अपराध में इस्तेमाल चाकू उपलब्ध कराया। अधिकारी ने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि क्या महिलाओं ने आरोपियों की अपराध स्थल से भागने में मदद की।



रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप