स्वामी विवेकानंद जयंती विशेषः उठो, जागो और कुछ कर दिखाओ

  •  सुखी भारती
  •  जनवरी 12, 2021   11:35
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स्वामी विवेकानंद जयंती विशेषः उठो, जागो और कुछ कर दिखाओ

युवा होना एक अवस्था का नाम नहीं है अपितु यह किसी दीपक की वह अवस्था है जब उससे सबसे ज्यादा प्रकाश की आशा की जाती है। यह किसी व्यक्ति की उम्र का वह दौर है जब किसी व्यक्ति विशेष का नहीं अपितु राष्ट्र का भविष्य भी निर्धिरत होता है।

'हे मेरे देश के युवको! उठो जागो, साहसी एवं सामर्थ्यवान बनो। देश के उत्थान का सारा कार्यभार अपने सशक्त कंधें पर ले लो। इस बात को सदैव याद रखना कि आप स्वयं ही अपना भाग्य लिखने वाले हैं। क्योंकि आप के अंदर ही सारी संभावनाएं व सामर्थ्य छुपा हुआ है। पूरे देश में उठो, जागो का बिगुल बजा दें। दीन दुनिया के सारे दुखः कष्ट हरने की अपार शक्ति आप के भीतर ही समाई हुई है। अगर आप इस बात पर दृढ़ता से विश्वास करेंगे तो वह सोई हुई शक्ति जाग उठेगी। यह संसार भीरु लोगों के लिए नहीं है। अपितु शेर जैसा हौंसला रखने वाले शूरवीरों के लिए है। इस लिए अपने कर्त्तव्यों से भागने की कोशिश न करें। सफलता−असफलता का विचार न करते हुए पूर्ण निष्काम भाव से निरंतर कर्त्तव्यरत्त रहें। इस बात को सदैव याद रखना कि जीत उसी की होती है जो दृढ़ संकल्पवान एवं धीरजवान होते हैं। हे मेरे देश के वीरो! आप सब अज्ञानता की जंजीरों में जकड़े हुए लोगों को मुक्त करने के लिए आगे बढ़ें। पवित्र एवं परोपकारी बने क्योंकि यही धर्म का सार है। सच्चा युवा वही होता है जो अनीति, अत्याचार एवं अज्ञानता से लड़ता है। जो बुरी आदतों से सदैव दूर रहता है। जो काल की चाल को बदल के रख देता है। जिसके अंदर जोश के साथ होश भी होता है। जिसके अंदर भटकती मानवता के लिए कुछ कर गुजरने की आस्था हिलोरे ले रही होती है। जो समस्याओं का सटीक समाधान ढूंढता है एवं प्रेरणादायक इतिहास रचता है। जो बातों का बादशाह नहीं अपितु कुछ कर गुजरने का ज़ज्बा रखता है।' 

उपरोक्त कथन 20वीं सदी के महान संत, समाज सुधरक एवं विचारक स्वामी विवेकानंद जी के हैं। एक महान युवा संन्यासी, युग पुरुष एवं विदेशों में भारतीय संस्कृति की कीर्ति को चार चाँद लगाने वाले स्वामी विवेकानंद को समर्पित 'राष्ट्रीय युवा दिवस' 12 जनवरी को उनके जन्मदिवस वाले दिन मनाया जाता है। 

युवा होना एक अवस्था का नाम नहीं है अपितु यह किसी दीपक की वह अवस्था है जब उससे सबसे ज्यादा प्रकाश की आशा की जाती है। यह किसी व्यक्ति की उम्र का वह दौर है जब किसी व्यक्ति विशेष का नहीं अपितु राष्ट्र का भविष्य भी निर्धिरत होता है। युवा शक्ति ही वह शक्ति है जिसने हर काल में युग निर्माण किया है। जिनकी योग्य अगुवाई में सभ्यता संस्कृति आगे बढ़ी है। फिर चाहे वह श्री राम जी की वानर सेना हो, वीर अंगद, नल−नील, हनुमान जैसे उत्साह एवं गुरु भक्ति से लबालब युवा हों। या फिर देश को आज़ाद करवाने के लिए शहीद भगत सिंह, करतार सिंह सराभा, ऊधम सिंह जैसे देश भक्त या फिर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा सजाई गई खालसा फौज हो। भगवान श्री कृष्ण जी की योग्य अगुवाई में अधर्मी लोगों का नाश करने वाली पांडव सेना हो या फिर विश्वामित्र जी की आज्ञा अनुसार देश के अंदर आतंकी राक्षसों का नाश करने वाले युवा श्री राम जी एवं लक्ष्मण जी हों। अर्थात हर समय में ही युवा शक्ति ने ही विश्व में नए आयामों का निर्माण करके देश के मान−प्रतिष्ठा, सभ्यता−संस्कृति एवं धर्म की रक्षा की है। 

स्वामी विवेकानंद जी का कथन है− 'उत्तिष्ठ जाग्रत प्राप्य वरान्नि बोधत' अर्थात उठो, जागो एवं तब तक न रुको जब तक आपका लक्ष्य, आप के कदमों में न आ जाए। इस लिए आज के समय में युवा शक्ति को संचित एवं पोषित करना बेहद आवश्यक है जिसके द्वारा हर असंभव को संभव किया जा सके। क्योंकि किसी देश की उन्नति एवं विकास का आधर स्तंभ सिर्फ युवा ही हुआ करते हैं। किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी सम्पति एवं ताक्त उसके युवा ही हुआ करते है। 

जनसंख्या के मामले में भारत आज अपनी युवा अवस्था में है। दुनिया के महान चिंतकों द्वारा आज भारत को एक खुशकिस्मत देश कहा जा रहा है। क्योंकि मौजूदा समय में भारत की कुल आबादी का लगभग 66 प्रतिशत युवा हैं। जो कि विश्व के दूसरे देशों की तुलना में बहुत ज्यादा है। इसलिए इन नौजवानों की ऊर्जा का संपूर्ण रुप में सही दिशा में प्रयोग करना इस समय की सबसे बड़ी चुनौती है। जब तक यह ऊर्जा, उत्साह, सामर्थ्य, प्रतिभा सकारात्मक रुप में है। तब तक किसी भी देश का सर्वांग्रीण विकास होता रहता है। परंतु जैसे ही इसका नकारात्मक रुप में इस्तेमाल होने लगता है तो यह विनाशक रुप धारण कर लेती है। 

हमारे विचारकों का कथन है कि एक बच्चे का मन बिलकुल कोरे कागज़ की मानिद होता है। उस कागज़ पर नैतिक मूल्यों एवं अच्छी आदतों की छाप डालना माता−पिता का ही कर्त्तव्य है। परंतु आजकज माता पिता अपनी निजी जिंदगी में ही इतने व्यस्त हो गए हैं कि वह भूल ही गए हैं कि उनके बच्चे भाव देश की भावी पीढ़ी की जरुरत क्या है? कल को देश की कमान भावी युवकों के हाथ में ही होगी। परंतु जो आज खुद को ही नहीं संभाल पा रहे वह देश क्या संभालेंगे? इसलिए अब कुंभकर्णी नींद से जागने का अवसर आ चुका है। बच्चों को दोष देने की बजाय बड़ों को उन पर ध्यान देना पड़ेगा। 

डा. एपीजे अब्दुल कलाम के अनुसार− 'युवा अवस्था वह बिंदु है जब एक व्यक्ति असाधारण तल में प्रवेश कर जाता है एवं सफलता के नए आयाम छूता है। युवकों के अंदर अपार संभावनाएं हैं जिन्हें भरपूर तरीके से खिलने एवं बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। एक अच्छा व्यक्ति बनने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ ही अध्यात्मिक होना भी बहुत ही जरुरी है। इसके अलावा हर चीज में हमेशा सकारात्मक पहलू देखने की आदत होना भी एक आदर्श युवा का गुण होता है।'

इसलिए युवा शक्ति का जाग्रित होना बेहद जरुरी है। युवकों का सर्वप्रथम कर्त्तव्य यही बनता है कि वह कुंभकर्णी निद्रा का त्याग करके दूसरों के कल्याणार्थ कदम बढ़ाएं। युवकों के सामर्थ्य को बयां करता स्वामी विवेकानंद जी का कथन है− 'युवा वही है जो सदा क्रियाशील रहता है। जो निकम्मा नहीं जिसके अंदर शेर जैसा हौसला है। जिसकी दृष्टि सदैव अपने लक्ष्य पर केंदरित रहती है। जो इस संसार में कुछ अलग करना चाहता है। जो भाग्य के सहारे न बैठ कर हिम्मत एवं ज़ज्बे से अपने कर्त्तव्यों के प्रति जागरुक रहता है। ऐसा युवक फिर कभी परिस्थितियों का दास नहीं बनता अपितु परिस्थितियां उसकी दास बन जाती है। क्योंकि युवा राष्ट्र एवं समाज का प्राण हुआ करते हैं। राष्ट्र निर्माण में सबसे ज्यादा योगदान युवकों का ही होता है। युवा राष्ट्र के भूत एवं भविष्य को जोड़ने का पुल होने के साथ−साथ समाज के नैतिक मूल्यों का प्रतीक भी होते हैं। देश की युवा शक्ति ही राष्ट्र को जीवन मूल्यों एवं सांसकृतिक विरासत का प्रसार एवं आधार प्रदान करती है। इस दुनिया में भारत ही वह देश है जिसके युवकों के अंदर आध्यात्मिक, सांसकृतिक, राष्ट्र प्रेम, मानव सेवा एवं देश भक्ति सदियों से ही रहे हैं।' 

जिस समय बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जब श्री रामकृष्ण परमहंस से पहली भेंट हुई तो स्वामी जी ने कहा कि आपका नाम बंकिम झुका हुआ क्यों है? इस बात पर बंकिम ने उत्तर दिया−अंग्रेजों की चाकरी में झुकने के कारण। उनका जवाब सुनकर रामकृष्ण परमहंस जी ने रहस्यमई मुस्कान दी एवं कहा आपका जन्म झुकने के लिए नहीं अपितु झुके हुए को सीध करने के लिए हुआ है। रामकृष्ण परमहंस जी की प्रेरणा के कारण उन्हें अपने जीवन की दिशा मिल गई। उन्होंने निश्चय किया कि अब मैं अंग्रेजों के सामने खुद भी नहीं झुकूंगा एवं दूसरों के अंदर भी चेतना पैदा करुंगा। इस प्रकार उनके द्वारा रचित देशभक्ति की रचनाएं भारतीय युवकों के अंदर सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत बन गईं। एवं 'वंदे मातरम' भारतीय स्वतंत्रता का नाद, मूल मंत्र एवं प्रेरणा बिंदु बन गया। 

इसी प्रकार ब्रिटिश शासन से इंडियन सिविल सर्विस परीक्षा पास किए हुए सुरेन्द्र नाथ बैनर्जी, अरविंद घोष एवं सुभाष चंद्र जैसे युवकों ने सरकारी नौकरी न करके राष्ट्र सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। सुरेन्द्र नाथ बैनरजी जिन्हें लोग 'सरेंडर नोट' कहते थे ने अंग्रेजों की नीतियों का डटकर विरोध किया। अरविंद घोष क्रांतिकारी आध्यात्मिक मार्ग अपना कर लोगों के अंदर दोहरी चेतना पैदा की। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने भी सोई हुई मानवता को जगाकर संत सिपाही की दोहरी भूमिका निभाने के लिए तैयार किया। सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज द्वारा इस देश की स्वतंत्रता के लिए अनेकों प्रयास किए। 

देश की स्वतंत्रता के लिए सबसे ज्यादा बलिदान भी युवा क्रांतिकारियों ने दिए। 1857 के संग्राम से लेकर 1947 तक युवा क्रांतिकारियों की एक लंबी लिस्ट है। जिन्होंने अपना लहू देकर देश की मिट्टी के प्रति अथाह श्रद्धा एवं भक्ति का सबूत दिया। इसी प्रकार भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्र शेखर आज़ाद, राम प्रसाद बिस्मिल आदि जैसे देशभक्तों ने देश, धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए हंसते−हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। 

आज का भारत युवा भारत है। भारत देश में युवकों की बढ़ रही संख्या विदेशियों में हलचल पैदा कर रही है। चीन के शी जिनपिंग इस बात से बहुत चिंतित हैं कि 2050 तक चीन का हर चौथा व्यक्ति 65 साल से ज्यादा उम्र का होगा। एवं भारत में उस समय सब से ज्यादा युवा होंगे और भारत एक महाशक्ति के रुप में उभरकर सामने आएगा। फ्रांस के प्रमुख अखबार 'ली फिगारो' के विशेष रिर्पोटर फरोनोस गिउटीयर ने निष्कर्ष निकाला है कि भारत का पुनर्जन्म हो रहा है। देश की युवा शक्ति के द्वारा यह उद्योग, अर्थव्यवस्था एवं आध्यात्मिकता में सुपर पॉवर होगा। विश्व के विद्वान आज भी हमारी भारतीय संस्कृति को विश्व संस्कृति के रुप में देखते हैं। क्योंकि भारतीय संस्कृति 'वसुधैव कुटुम्बकम्' एवं 'सर्वे सुखिनः संतु' का भाव व्यक्त करती है। 

मार्च 2013 में अमेरिका के राष्ट्रपति बरॉक ओबामा ने Economy of President रिपोर्ट पेश की थी। जिसके तहत वहाँ घट रही युवकों की गिनती के कारण अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। 

अमेरिका जो कि तकनीकी एवं आर्थिक क्षेत्र में पूरी दुनिया में सब से आगे है। वहाँ युवकों की घट रही संख्या चिंता का विषय है। अमेरिका के ही प्रसिद्ध विद्वान डेविड फराले विश्व के कल्याण के लिए भारतीय युवकों का आह्नान करते हुए कहते हैं−हे भारतीय युवकों! उठो, आप उठेंगे तो सारे विश्व का कल्याण होगा। इस लिए जरुरत है देश की युवा शक्ति द्वारा एक क्रांति की जो सकारात्मक एवं विवेकपूर्ण हो। फिर ही भारत एक चेतन, बलवान एवं समर्थ राष्ट्र बनेगा।

- सुखी भारती







Unlock-5 का 112वां दिन: देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर दो लाख से नीचे आई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 20, 2021   20:20
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Unlock-5 का 112वां दिन: देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर दो लाख से नीचे आई

सरकार ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,637 रह गयी। उसमें कहा गया कि चित्तूर जिले में 46 और विशाखापत्तनम में 27 नए मामले सामने आए। शेष 11 जिलों में 20 से कम मामले सामने आए। राज्यभर में करीब 1.27 करोड़ नमूनों की जांच हो चुकी हैं।

नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि देश में करीब सात महीने बाद कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घट कर दो लाख के आंकड़े से नीचे आ गई है और यह कुल संक्रमितों का महज 1.86 प्रतिशत है। मंत्रालय ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों में 72 प्रतिशत केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में हैं। वहीं, देश के 34 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 10,000 से भी कम है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘उपाचाराधीन मरीजों की कुल संख्या घट कर 1,97,201 रह गई है। 207 दिनों के बाद यह सबसे कम संख्या है।’’ मंत्रालय ने कहा कि कुल 16,988 लोग पिछले 24 घंटे में इस रोग से उबरे हैं। इससे कुल उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 3,327 की कमी आई है। मंत्रालय ने यह उल्लेख किया है कि भारत में कोविड-19 के मामलों में क्रमिक रूप से कमी आ रही है, जिसके चलते भी उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटी है।  

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मंत्रालय ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर, भारत उन कुछ देशों में शामिल है, जहां पिछले सात दिनों में प्रति 10 लाख की आबादी पर प्रतिदिन के नये मामले सबसे कम रहे हैं।’’ मंत्रालय ने कहा कि 20 जनवरी 2021 तक कुल 6,74,835 लाभार्थियों को कोविड-19 का टीका लगाया गया है। 24 घंटे की अवधि में 3,860 सत्रों के तहत 2,20,786 लोगों को टीका लगाया गया। अब तक कुल 11,720 सत्र आयोजित किये गये हैं।’’ देश में कोविड-19 के अब तक कुल 1.02 करोड़ मरीज ठीक हो चुके हैं। मंत्रालय ने कहा कि ठीक हो चुके मरीजों की संख्या और उपचाराधीन मरीजों की संख्या में अभी 10,048,540 का अंतर है। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में सर्वाधिक संख्या में मरीज ठीक हुए और उनकी संख्या 4,516 है। वहीं, केरल में 4,296 और कर्नाटक में 807 मरीज ठीक हुए। नये मामलों में 79 प्रतिशत से अधिक सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। केरल में प्रतिदिन के सर्वाधिक नये मामले सामने आये और यह संख्या 6,186 है। इसके बाद 2,294 नये मामलों के साथ महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है। कोरोना वायरस संक्रमण से प्रतिदिन मरने वाले लोगों की संख्या भी घटी है जो आज 162 रही। पिछले एक दिन में हुई मौतों में 71.6 प्रतिशत छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। मंत्रालय के अनुसार महाराष्ट्र में सर्वाधिक संख्या में लोगों की मौत हुई और यह संख्या 50 है। वहीं, केरल में 26 और पश्चिम बंगाल में 11 लोगों की मौत हुई।

बुधवार शाम छह बजे तक कुल 7.86 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को लगा कोविड-19 का टीका

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 16 जनवरी से देश में शुरू हुए कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत आज शाम छह बजे तक कुल 7.86 लाख स्वस्थ्य कर्मियों का टीकाकरण हुआ है। प्रोविजनल रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को देश के 20 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में शाम छह बजे तक 1,12,007 लोगों को टीका लगा है। मंत्रालय का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा रात को एकत्र करने के बाद एक दिन की देरी से उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय में अवर सचिव मनोहर अगनानी ने बताया कि टीकाकरण के दुष्प्रभाव के 10 मामले आए हैं... दिल्ली में चार, कर्नाटक में दो जबकि उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पश्चिम बंगाल से एक-एक मामले आए हैं। इन सभी को अस्पताल में भर्ती करने की जरुरत पड़ी है। अगनानी ने कहा, ‘‘कोविड-19 टीकाकरण का अभी तक कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं हुआ है। 

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नाक में दिए जाने वाला कोविड-19 टीका बच्चों को देने में आसान होगा: एम्स निदेशक

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को कहा कि नाक के जरिए दिए जाने वाले कोविड​​-19 टीके स्कूली बच्चों को देना आसान होगा जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण ‘‘बहुत हल्का’’ होता है। प्रख्यात पल्मोनोलॉजिस्ट गुलेरिया ने यहां राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 16वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान उनके कर्मियों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं, उन्हें भी ठीक होने के लगभग चार से छह हफ्ते बाद टीके लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, यह (कोरोना वायरस संक्रमण) बच्चों में बहुत हल्का होता है लेकिन वह संक्रामक होतर है। उनसे बीमारी फैल सकती है। उन्होंने कहा, जो टीके आए हैं उन्हें बच्चों के लिए मंजूर नहीं की गई हैं क्योंकि बच्चों पर इसका कोई अध्ययन नहीं किया गया है लेकिन यह (टीकाकरण) एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है और परीक्षण पूरा किया जा रहा है। दिल्ली स्थित एम्स के निदेशक ने कहा कि जब बच्चे नियमित रूप से स्कूल जाना शुरू कर देंगे और वे कोविड-19 से संक्रमित हो जाते हैं, तो उन्हें ज्यादा समस्या नहीं होगी, लेकिन अगर उनके साथ यह बीमारी घर पर आ जाती हैं, तो उनसे यह बीमारी उनके माता-पिता या दादा-दादी को फैल सकती है। 

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पुडुचेरी में कोविड-19 के 31 नए मामले सामने आए

पुडुचेरी में कोविड-19 के 31 नए मामले सामने आने के बाद बुधवार को केन्द्र शासित प्रदेश में संक्रमण के मामले बढ़कर 38,737 हो गए। अधिकारी ने बताया कि चारों संभागों पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम में संक्रमण से मौत का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। वायरस से यहां अब भी मृतक संख्या 643 ही है। उन्होंने बताया कि 3,679 नमूनों की जांच के बाद 31 नए मामले सामने आए। निदेशक एस. मोहन कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 32 लोग संक्रमण मुक्त भी हुए। उन्होंने बताया कि राज्य में मरीजों के ठीक होने की दर 97.58 प्रतिशत और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.66 प्रतिशत है। निदेशक ने बताया कि नए 31 मामलों में से पुडुचेरी में 24, कराईकल में दो और माहे में पांच नए मामले सामने आए। उन्होंने बताया कि यानम में संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया। उन्होंने बताया कि केन्द्र शासित प्रदेश में अभी 296 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है और 37,798 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।

भारत ने भूटान, मालदीव को कोविड-19 के टीके की पहली खेप भेजी

भारत ने सहायता अनुदान के तहत पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति बुधवार को शुरू कर दी और इस श्रृंखला में भूटान और मालदीव को टीके की खेप भेजी गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने ट्वीट किया, ‘‘ भारत ने पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति शुरू कर दी। पहली खेप भूटान के लिये रवाना हो गई। ’’ प्रवक्ता ने ट्वीट के साथ चित्र भी साझा किया। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘ मालदीव के लिये कोविड टीके की खेप रवाना हुई। ’’ गौरतलब है कि मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत सहायता अनुदान के तहत भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमा, सेशेल्स को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में कहा था कि भारत वैश्विक समुदाय की स्वास्थ्य सेवा जरूरतों को पूरा करने के लिये ‘भरोसेमंद’ सहयोगी बनकर काफी सम्मानित महसूस कर रहा है और बुधवार से टीकों की आपूर्ति शुरू होगी तथा आने वाले दिनों में और काफी कुछ होगा। गौरतलब है कि भारत दुनिया केबड़े टीका निर्माताओं में से एक है और कोरोना वायरस का टीका खरीदने के लिये काफी देशों ने सम्पर्क किया है। समझा जाता है कि पाकिस्तान को इसका फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि अभी तक इस पड़ोसी देश ने भारत से सम्पर्क नहीं किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत आगामी हफ्ते, महीने में चरणबद्ध तरीके से सहयोगी देशों को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति करेगा। भारत इस संबंध में श्रीलंका, अफगानिस्तान और मारिशस से टीके की आपूर्ति के लिये जरूरी नियामक मंजूरी की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहा है। गौरतलब है कि भारत ने देशभर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ कर्मियों को दो टीको कोविशिल्ड और कोवैक्सीन लगाने के लिये व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है। 

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अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कोविड-19 का एक और नया मामला सामने आया

अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कोरोना वायरस से एक और व्यक्ति के संक्रमित होने की पुष्टि होने के साथ इस केंद्र शासित प्रदेश में अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या बढ़ कर 4,989 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की जांच के बाद यह नया मामला सामने आया। अधिकारी ने बताया कि 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से केंद्र शासित प्रदेश में कुल 645 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 4,897 लोग इस रोग से उबर चुके हैं। वहीं, कुल मृतक संख्या 62 है। केंद्र शासित प्रदेश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 30 है।

जम्मू-कश्मीर में संक्रमण के 109 नए मामले, पिछले 24 घंटों में एक भी व्यक्ति की मौत नहीं

जम्मू-कश्मीर में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 109 नए मामले आने के साथ ही केन्द्र शासित प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,23,647 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि नए मामलों में जम्मू में 45, जबकि कश्मीर में 64 सामने आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि चार जिलों गांदेरबल, कठुआ, किश्तवाड़ और रामबन में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। वहीं, 14 अन्य जिलों में 10 से कम नए मामले आए हैं। केन्द्र शासित प्रदेश में फिलहाल 1,099 लोगों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है, जबकि 1,20,625 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है। केंद्र शासित प्रदेश में अभी तक 1,923 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है।

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महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 3,015 नए मामले

महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3,015 नए मामले सामने आए तथा 59 और मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही कुल मामले बढ़कर 19,97,992 हो गए और मृतकों की संख्या 50,582 पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। विभाग की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि दिन भर में 4,589 मरीज ठीक हो गए। राज्य में अब तक कोविड-19 के 18,99,428 मरीज ठीक हो चुके हैं। अभी 46,769 मरीज उपचाराधीन हैं।

आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से कोई मौत नहीं, 173 नए मामले आए

आंध्र प्रदेश में बुधवार को कोविड-19 से कोई मौत नहीं हुई, जबकि संक्रमण के 173 नए मामले आए, तो वहीं 196 और लोग इस बीमारी से ठीक हुए। राज्य सरकार के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, राज्य में अब संक्रमण के कुल मामले 8,86,418 हो चुके हैं, जबकि 8,77,639 लोग ठीक हो चुके हैं और 7,142 मौतें हुई हैं। सरकार ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,637 रह गयी। उसमें कहा गया कि चित्तूर जिले में 46 और विशाखापत्तनम में 27 नए मामले सामने आए। शेष 11 जिलों में 20 से कम मामले सामने आए। राज्यभर में करीब 1.27 करोड़ नमूनों की जांच हो चुकी हैं।





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Unlock-5 का 111वां दिन: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- टीकाकरण में प्रतिकूल असर के केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 19, 2021   20:24
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Unlock-5 का 111वां दिन: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- टीकाकरण में प्रतिकूल असर के केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं

जम्मू-कश्मीर में बीते 24 घंटे में 113 और लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। इसके बाद मंगलवार को इस केंद्रशासित प्रदेश में कुल मामले 1,23,538 पहुंच गए हैं।

नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीका लेने वाले कुल लोगों में से 0.18 प्रतिशत में ही प्रतिकूल असर देखने को मिला, जबकि 0.002 प्रतिशत लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा जो कि बहुत निम्न स्तर है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव और गंभीर समस्या अब तक नहीं देखने को मिली है। प्रतिकूल असर के नगण्य मामले आए हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दोनों टीके सुरक्षित हैं। पॉल ने कहा कि ‘‘यह निराशाजनक है कि कुछ डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी टीका लेने से इनकार कर रहे हैं’’ और उन्होंने लोगों से टीके की खुराक लेने का अनुरोध किया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, ‘‘उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक टीकाकरण के बाद प्रतिकूल असर (एईएफआई) के अब तक केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं और केवल 0.002 प्रतिशत लोगों को ही अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो कि निम्न स्तर है। जहां तक हमें पता है पहले तीन दिनों में प्रतिकूल असर का यह सबसे कम मामला है।’’

उन्होंने कहा कि भारत में पहले दिन कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत सबसे अधिक लोगों को टीके दिए गए। भूषण ने कहा कि पहले दिन भारत में 2,07,229 लोगों को टीके दिए गए जबकि अमेरिका में पहले दिन 79,458 लोगों का टीकाकरण हुआ। ब्रिटेन में पहले दिन 19,700 और फ्रांस में केवल 73 लोगों को टीके दिए गए। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यहां यह है कि अगर हम पहले सप्ताह के आंकड़ों पर गौर करें तो अमेरिका में 5,56,208 लोगों का टीकाकरण हुआ जो कि हम तीन दिनों में ही पार कर गए। ब्रिटेन में पहले सात दिनों में 1,37,897 लोगों को टीके दिए गए, फ्रांस में पहले सप्ताह में 516 लोगों और रूस में 52,000 लोगों का टीकाकरण हुआ। इसलिए आप तुलना कर सकते हैं और हमने तो शुरुआत ही की है, जिसमें और रफ्तार आएगी।’’ पॉल ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव और गंभीर समस्या अब तक नहीं देखने को मिली है। प्रतिकूल असर के नगण्य मामले आए हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि ‘‘स्थिति बिल्कुल ठीक’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘हम आपको फिर से आश्वस्त करना चाहेंगे कि ये दोनों टीके सुरक्षित हैं। ये दोनों टीके असरदार हैं।’’ भूषण ने कहा कि राजस्थान और उत्तरप्रदेश समेत नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 70 प्रतिशत से ज्यादा टीकाकरण किया है। उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 टीकाकरण कवरेज में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लक्षद्वीप (89.3 प्रतिशत), सिक्किम (85.7 प्रतिशत), ओडिशा (82.6 प्रतिशत), तेलंगाना (81.1 प्रतिशत), उत्तरप्रदेश (71.4 प्रतिशत), राजस्थान (71.3 प्रतिशत) शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कुल उपचाराधीन मरीजों में 72 प्रतिशत केरल, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के हैं।

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अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में कोविड-19 के पांच नए मामले सामने आए

अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में कोविड-19 के पांच और नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,988 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान करने के क्रम में ये नए मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग के उप निदेशक और नोडल अधिकारी अविजित रॉय ने बताया कि 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद अब तक 43 लोगों को टीके लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि उपचार के बाद संक्रमण से मुक्त हुए एक व्यक्ति को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दी गई। अब तक यहां 4,897 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और 29 मरीजों का उपचार चल रहा है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण से किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है और मृतकों की संख्या 62 बनी हुई है।


पुडुचेरी में कोविड-19 के 37 नए मामले, कुल संक्रमितों की संख्या 38,706 हुई

पुडुचेरी में मंगलवार को कोविड-19 के 37 नए मामले सामने आए, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 38,706 हो गई। केंद्रशासित प्रदेश के चार क्षेत्र पुडुचेरी, कराइकल, माहे और यनम में संक्रमण से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई। पुडुचेरी में इस खतरनाक वायरस की वजह से मरने वालों की संख्या 643 बनी हुई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक एस. मोहन कुमार ने बताया कि 3,763 नमूनों की जांच के बाद पुडुचेरी में 23, कराइकल में चार, माहे में 10 मामले सामने आए हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में 26 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिली है। केंद्र शासित प्रदेश में संक्रमण से मृत्यु दर 1.66 फीसदी तथा स्वस्थ होने की दर 97.57 फीसदी है। यहां अभी 297 मरीजों का उपचार चल रहा है।

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लक्षद्वीप में कोविड-19 के मामले बढ़े

करीब एक साल पहले देश में महामारी का प्रकोप उभरने के बाद से अब तक इस घातक वायरस के हमले से अछूते रहे लक्षद्वीप में कोविड-19 मामलों की संख्या अब 14 हो गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि द्वीप में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने के एक दिन बाद उसके प्राथमिक संपर्क में आए 13 लोगों को मंगलवार को वायरस से संक्रमित पाया गया। इससे इस द्वीप समूह में संक्रमण दर बढ़कर 42.4 प्रतिशत हो गई। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) से संबंधित व्यक्ति तीन जनवरी को कोच्चि से जहाज से कावारत्ती के लिए रवाना हुआ था और चार जनवरी को द्वीप पर पहुंचा था। वह सोमवार को संक्रमित पाया गया। सूत्रों ने बताया कि उनके प्राथमिक संपर्क में आए 31 लोगों का पता लगाया गया और उनकी जांच की गई जिनमें से 13 संक्रमित निकले। उन्होंने बताया कि सभी संक्रमित लोग आईआरबी के हैं। 

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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस के 113 नए मरीज आये सामने

जम्मू-कश्मीर में बीते 24 घंटे में 113 और लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। इसके बाद मंगलवार को इस केंद्रशासित प्रदेश में कुल मामले 1,23,538 पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि में एक संक्रमित की मौत हुई है। अब केंद्र शासित प्रदेश में मृतक संख्या अब 1923 हो गई है। उन्होंने बताया कि 53 नये मरीज जम्मू क्षेत्र के हैं जबकि कश्मीर क्षेत्र से 60 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू में सबसे ज्यादा 40 नये मामले आए। श्रीनगर में और 37 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उपचाररत मरीजों की संख्या 1103 है जबकि 1,20,512 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। इस अवधि में कश्मीर क्षेत्र में एक मरीज ने दम तोड़ा है।





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Unlock-5 का 110वां दिन: उपचाराधीन मरीजों के मुकाबले ठीक होने वालों की संख्या करीब 50 गुना

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   20:18
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Unlock-5 का 110वां दिन: उपचाराधीन मरीजों के मुकाबले ठीक होने वालों की संख्या करीब 50 गुना

भारत में दैनिक आधार पर संक्रमण के आने वाले मामलों में लगातार गिरावट आ रही है, रोजाना कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या में भी तेजी से कमी आई है। गत 24 घंटे में कोविड-19 से 145 लोगों की मौत हुई और इस प्रकार करीब आठ महीनों (सात महीने 23 दिनों) में पहली बार रोजाना संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या 150 से कम रही।

नयी दिल्ली। भारत में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों के मुकाबले ठीक होने वाले मरीजों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को इसे एक बड़ी उपलब्धि करार देते हुए यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि देश में आज कोविड-19 से ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या 1,02,11,342 तक पहुंच गई जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या 2,08,012 है। मंत्रालय ने रेखांकित किया, ‘‘उपचाराधीन एवं ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में अंतर तेजी से बढ़ा और यह अब 1,00,03,330 के स्तर पर पहुंच गया है। देश में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या उपचाराधीन मरीजों की संख्या के मुकाबले करीब 50 गुना अधिक है।’’ इसके साथ ही देश में कोविड-19 बीमारी से ठीक होने की दर 96.59 प्रतिशत हो गई है। गत 24 घंटे में देश में 14,457 मरीजों ने कोरोना वायरस के संक्रमण को मात दी जबकि इस अवधि में 13,788 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। मंत्रालय ने बताया, ‘‘भारत में दैनिक आधार पर संक्रमण के आने वाले मामलों में लगातार गिरावट आ रही है, रोजाना कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या में भी तेजी से कमी आई है। गत 24 घंटे में कोविड-19 से 145 लोगों की मौत हुई और इस प्रकार करीब आठ महीनों (सात महीने 23 दिनों) में पहली बार रोजाना संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या 150 से कम रही।’’ विभिन्न राज्यों में कोविड-19 से गत 24 घंटे में हुई मौतों की राज्यवार जानकारी देते हुए मंत्रालय ने बताया कि इस अवधि में 15 राज्य ऐसे हैं जहां पर एक भी मौत दर्ज नहीं की गई है जबकि 13 राज्यों में संक्रमण से मृतकों की संख्या एक से पांच के बीच रही। मंत्रालय ने बताया कि चार राज्य ऐसे हैं जहां पर पांच से 10 संक्रमितों की मौत गत 24 घंटे में हुई है जबकि एक राज्य ऐसा है जहां पर एक दिन में संक्रमितों की मौत की संख्या 10 से 20 के बीच है। वहीं, दो राज्य ऐसे हैं जहां पर 20 से अधिक मौतें हुई हैं। मंत्रालय ने बताया कि गत 24 घंटे में ठीक होने वाले 71.70 प्रतिशत मरीज सात राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के हैं। केरल में सबसे अधिक 4,408 लोग एक दिन में ठीक हुए हैं। वहीं महाराष्ट्र और कर्नाटक में 24 घंटे के भीतर क्रमश: 2342 और 855 मरीजों ने कोविड-19 को मात दी है। मंत्रालय ने बताया कि 76 प्रतिशत नए मामले छह राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए हैं। इस मामले में केरल शीर्ष पर बना हुआ है जहां पर 24 घंटे में 5,005 और लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है जिसके बाद महाराष्ट्र एवं कर्नाटक का स्थान है, जहां पर 24 घंटे में संक्रमण के क्रमश: 3081 और 745 नए मामले सामने आए हैं। मंत्रालय ने बताया कि गत 24 घंटे में कोविड-19 से हुई कुल मौतों में 83.45 प्रतिशत मौतें सात राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेश में हुई है। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 50 मरीजों की गत 24 घंटे में मौत हुई है जबकि केरल में 21 मरीजों की इस अवधि में संक्रमण से जान गई है। पश्चिम बंगाल में 12 मरीजों की मौत हुई है।

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मुरादाबाद में कोविड-19 का टीका लगवाने के एक दिन बाद स्वास्थ्यकर्मी की मौत

कोरोना वायरस का टीका लगवाने के एक दिन बाद यहां 46 वर्षीय महिपाल नामक स्वास्थ्यकर्मी की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शव परीक्षण रिपोर्ट में मौत का कारण ‘ह्रदय और फेफड़ों संबंधी रोग’ बताया गया है। स्वास्थ्यकर्मी महिपाल के परिवार का आरोप है कि उनकी मौत टीकाकरण के कारण हुई तथा उन्हें बुखार एवं खांसी के अलावा स्वास्थ्य संबंधी और कोई परेशानी नहीं थी। महिपाल मुरादाबाद के सरकारी दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में वार्ड ब्वॉय के रूप में काम करते थे। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि व्यक्ति की मौत सेप्टिकैमिक शॉक (प्राणघातक स्तर तक निम्न रक्तचाप) और हृदयगति रूकने की वजह से हुई और मौत का कोविड-19 के टीकाकरण से संबंध नहीं है। लखनऊ में संवाददाताओें से राज्य के अवर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कहा, ‘‘मुरादाबाद में व्यक्ति की मौत की घटना की टीकाकरण (एईएफआई) समिति ने जांच की। मौत की वजह सेप्टिकैमिक शॉक और हृदय गति का रूकना है और टीकाकरण से इसका कोई संबंध नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि कुछ लोग टीका और टीकाकरण के बारे में गलत खबर फैला रहे हैं और लोगों को उन पर विश्वास नहीं करना चाहिए। 

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अरुणाचल प्रदेश में कोविड-19 के तीन नए मामले

अरुणाचल प्रदेश में कोविड-19 के तीन नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर सोमवार को 16,811 हो गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्य निगरानी अधिकारी डॉक्टर एल जाम्पा ने बताया कि तवांग से दो नए मामले सामने आए हैं और एक मामला वेस्ट कमांग जिले से सामने आया है। उन्होंने बताया कि हालांकि एक को छोड़कर बाकी सभी में संक्रमण के लक्षण नहीं है। रविवार को सात और लोग संक्रमण मुक्त हुए, जिसके बाद कुल स्वस्थ हुए लोगों की संख्या बढ़कर 16,697 हो गई। अधिकारी ने बताया कि राज्य में स्वस्थ होने की दर 99.32 फीसदी है। अरुणाचल प्रदेश में 58 लोगों का उपचार चल रहा है और अब तक 56 लोगों की महामारी से मौत हो चुकी है। राज्य में मृत्यु दर 0.33 फीसदी है और संक्रमण दर 0.34 फीसदी है।

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सात महीने बाद में आंध्रप्रदेश में कोविड-19 के सबसे कम 81 नये मामले आये सामने

आंध्र प्रदेश में सोमवार को सात महीने बाद पहली बार कोरोना वायरस के सबसे कम 81 नये मामले सामने आये। साथ ही, सुबह नौ बजे तक पिछले 24 घंटे में 263 मरीज स्वस्थ भी हुए और एक मरीज की मौत हो गयी।। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार राज्य में सुबह नौ बजे तक पिछले 24 घंटे में 25,542 नमूनों की जांच की गयी। विभाग के मुताबिक राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8,86,066 हो गयी है। अब तक 8,77,212मरीज स्वस्थ हो चुके हैं जबकि कोविड-19 के 7,141 मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं।। बुलेटिन में बताया गया है कि फिलहाल राज्य में उपचाररत मरीजों की संख्या 1,713, है। विशाखापत्तनम में सोमवार को एक मरीज की मौत हो गयी। राज्य में संक्रमणदर घटकर 7.03 फीसद रह गयी है। अबतक 1.26 करोड़ लोग कोविड-19 जांच करवा चुके हैं।

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पुडुचेरी में कोरोना वायरस के 23 नये मामले आये सामने

पुडुचेरी में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 23 नये मरीज सामने आने के साथ ही संक्रमितों की संख्या 38,669 हो गयी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक एस मोहन कुमार ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि 1584 नमूनों की जांच के बाद 23 नये मरीजों की पहचान की गयी। उन्होंने बताया कि इस महामारी के एक मरीज की पिछली रात सरकारी सामान्य अस्पताल में मौत हो जाने के बाद मृतकों की संख्या 643 हो गयी। उनके अनुसार 23 में से 13 माहे के, सात पुडुचेरी और तीन नये मरीज कराईकल के हैं। अब कुल संक्रमितों की संख्या 38,669 हो गयी है। निदेशक के अनुसार सुबह दस बजे तक पिछले 24घंटे में 20 मरीज स्वस्थ हुए है। कुमार के मुताबिक पिछली रात को जिस मरीज ने दम तोड़ दिया, उसे अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं। इस केंद्रशासित प्रदेश में अबतक 5.37 लाख लोगों की कोविड-19 जांच हुईं जिनमें से 4.93 लाख में संक्रमण सामने नहीं आया। फिलहाल यहां मृत्यु दर 1.66 फीसद और स्वस्थ होने की दर 97.60 फीसद है।

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झारखंड में कोविड-19 के 87 नए मामले

झारखंड में कोविड-19 के 87 नए मामले सामने आने से सोमवार को संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,17,686 हो गयी। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में पिछले चौबीस घंटे में कोरोना संक्रमित किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई। राज्य में 1,15,411 लोग ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा 1,225 अन्य संक्रमितों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। संक्रमण से कुल 1,050 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले चौबीस घंटे में कुल 10,390 नमूनों की जांच की गयी। रांची में 60, पूर्वी सिंहभूम में 12 और बोकारो में पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

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केरल में कोविड-19 के 3,000 से ज्यादा नए मामले

केरल में सोमवार को कोविड-19 के 3,346 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8.50 लाख हो गई। वहीं 17 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 3480 हो गई। राज्य में 3921 लोगों के स्वस्थ होने के बाद कुल स्वस्थ हुए लोगों की संख्या बढ़कर 7,79,097 हो गई। स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि मौजूदा समय में 68,399 लोगों का इलाज चल रहा है। राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 8,50,597 है और अब तक 89,54,140 नमूनों की जांच हो चुकी है। एर्नाकुलम में सबसे ज्यादा 574 मामले, कोझिकोड में 385, मामल्लापुरम में 357, कोल्लम में 322, कोट्टायम में 308 मामले सामने आए हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में ब्रिटेन से लौटा कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं पाया गया है। अब तक ब्रिटेन से लौटे 56 लोग संक्रमित पाए गए और नौ लोग वायरस के नए प्रकार से संक्रमित पाए गए हैं।





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