Unlock 1 के 26वें दिन तक भारत में कोरोना के 1,89,463 सक्रिय मामले

Unlock 1 के 26वें दिन तक भारत में कोरोना के 1,89,463 सक्रिय मामले

उत्तराखंड में शुक्रवार को 34 नए लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने से राज्य में ऐसे लोगों की संख्या बढ़कर 2725 हो गयी जबकि प्रदेश में एक और मरीज की मौत हो गयी। ताजा मामले को मिलाकर प्रदेश में अब तक 37 संक्रमितों की मृत्यु हो चुकी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले चौबीस घंटे में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में सर्वाधिक वृद्धि शुक्रवार को सामने आई जब संक्रमण के दैनिक मामले बढ़कर 17,000 के पार पहुंच गए। इसके साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 4,90,401 हो गई है जिनमें आधे से अधिक मामले 10 शहरों और जिलों से सामने आए हैं। सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार देश में एक दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक 17,296 मामले सामने आए। इस दौरान महामारी से 407 मरीजों की मौत हो गई जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 15,301 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली, चेन्नई, ठाणे, मुंबई, पालघर, पुणे, हैदराबाद, रंगा रेड्डी, अहमदाबाद और फरीदाबाद उन 10 जिलों तथा शहरों में शामिल हैं जहां देश में बृहस्पतिवार तक सामने आए कुल मामलों में से आधे से अधिक 54.47 प्रतिशत मामले हैं। भारत में लगातार सातवें दिन 14,000 से अधिक मामले सामने आए हैं और एक जून से 26 जून तक के बीच संक्रमण के 2,99,866 मामले बढ़े हैं। हालांकि, ठीक होने वाले लोगों की संख्या कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों से 96,173 अधिक है। देश में 1,89,463 मरीजों का इलाज चल रहा है और एक दिन में 13,940 लोगों के ठीक होने के साथ ही संक्रमण से मुक्त होने वाले लोगों की संख्या 2,85,636 हो गई है। मंत्रालय ने कहा, “इससे ठीक होने वालों की दर 58.24 प्रतिशत हो गई है।” भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 25 जून तक कुल 77,76,228 नमूनों की जांच की जा चुकी है जिनमें से 2,15,446 नमूनों की जांच बृहस्पतिवार को की गई। देश में कोविड-19 जांच प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाने के क्रम में पिछले 24 घंटे में 11 नयी प्रयोगशालाओं को शामिल किया गया है। भारत में अब कुल 1,016 कोविड-19 जांच प्रयोगशालाएं हैं जिनमें से 737 सरकारी और 279 निजी प्रयोगशालाएं हैं। पिछले 24 घंटे में मौत के 407 नए मामलों में से 192 महाराष्ट्र से हैं। इस दौरान दिल्ली में 64, तमिलनाडु में 45, गुजरात में 18, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में 15-15, आंध्र प्रदेश में 12, हरियाणा में 10, मध्य प्रदेश में आठ, पंजाब में सात, कर्नाटक में छह, तेलंगाना में पांच, राजस्थान में चार और जम्मू-कश्मीर में दो लोगों की इस बीमारी से मौत हुई है। पिछले चौबीस घंटे में अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में कोविड-19 से एक-एक व्यक्ति की इस बीमारी से मौत हुई है। देश में महामारी से अब तक कुल 15,301 लोगों की मौत हुई है जिनमें से महाराष्ट्र में 6,931, दिल्ली में 2,429, गुजरात में 1,753, तमिलनाडु में 911, उत्तर प्रदेश में 611, पश्चिम बंगाल में 606, मध्य प्रदेश में 542, राजस्थान में 379 और तेलंगाना में हुई 230 लोगों की जान गई है। कोविड-19 से हरियाणा में अब तक 198, कर्नाटक में 170, आंध्र प्रदेश में 136, पंजाब में 120, जम्मू-कश्मीर में 90, बिहार में 57, उत्तराखंड में 36, केरल में 22 और ओडिशा में 17 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोविड-19 से छत्तीसगढ़ और झारखंड में 12-12, असम, हिमाचल और पुडुचेरी में नौ-नौ, चंडीगढ़ में छह, गोवा में दो और मेघालय, त्रिपुरा और लद्दाख में एक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। मंत्रालय ने कहा कि मौत के 70 प्रतिशत से अधिक मामलों में मरीज को पहले से ही कोई अन्य बड़ी बीमारी भी थी। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में अब तक कोविड-19 के 1,47,741 मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा दिल्ली में 73,780, तमिलनाडु में 70,977, गुजरात में 29,520, उत्तर प्रदेश में 20,193, राजस्थान में 16,296 और पश्चिम बंगाल में 15,648 मामले सामने आ चुके हैं। मध्य प्रदेश में कोविड-19 के मामले बढ़कर 12,596 हो गए हैं और हरियाणा में अब तक 12,463 मामले सामने आए हैं। तेलंगाना में 11,364, आंध्र प्रदेश में 10,884 और कर्नाटक में 10,560 मामले सामने आ चुके हैं। बिहार में अब तक कुल 8,473, जम्मू कश्मीर में 6,549, असम में 6,321 और ओडिशा में 5,962 लोग संक्रमण के शिकार हुए हैं। पंजाब में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 4,769 और केरल में 3,726 मामले सामने आ चुके हैं। उत्तराखंड में 2,691, छत्तीसगढ़ में 2,452, झारखंड में 2,262, त्रिपुरा में 1,290, मणिपुर में 1,056, गोवा में 995, लद्दाख में 941 और हिमाचल प्रदेश में 839 मामले सामने आए हैं। पुडुचेरी में कोविड-19 के 502, चंडीगढ़ में 423, नगालैंड में 355 और अरुणाचल प्रदेश में 160 मामले सामने आ चुके हैं। दादरा नगर हवेली और दमन-दीव में कुल मिलाकर अब तक कोविड-19 के 155 मामले सामने आए हैं। अब तक मिजोरम में 145, सिक्किम में 85, अंडमान - निकोबार द्वीप समूह में 59 और मेघालय में 46 मामले सामने आए हैं। मंत्रालय ने कहा, “हम आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ अपने आंकड़ों का मिलान कर रहे हैं।” मंत्रालय ने कहा कि राज्यवार आंकड़ों में परिवर्तन हो सकता है।

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असम में शुक्रवार से 12 घंटे का रात्रि कर्फ्यू

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच असम सरकार ने घोषणा की कि शुक्रवार से राज्यभर में शाम सात बजे से 12 घंटे का रात्रि कर्फ्यू लागू रहेगा और 28 जून आधी रात से कामरूप (महानगर) जिले में 14 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा। गुवाहाटी कामरूप (महानगर) जिले में पड़ता है। वहीं हैदराबाद के सबसे बड़े थोक बाजार बेगम बाजार के दुकानदारों ने रविवार से आठ दिनों तक दुकानें बंद रखने का फैसला किया है। असम के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने कहा कि गुवाहाटी में 15 जून से अब तक कोरोना वायरस के 762 मामले सामने आ चुके हैं और उनमें से 677 ने हाल में कोई यात्रा नहीं की थी। उन्होंने कहा कि कई लोग राज्य में बाहर से लौटे संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से संक्रमण के शिकार हुए होंगे। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को सामने आए संक्रमण के 276 मामलों में से 133 गुवाहाटी से थे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “हमारे पास अब 28 जून की आधी रात से 14 दिन के लिए संपूर्ण लॉकडाउन लागू करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। इस बार हम और कड़ाई करेंगे और पहले सात दिन तक सब्जी और किराना की दुकानें नहीं खोली जाएंगी।’’ 

तेलंगाना में हैदराबाद का बेगम बाजार रविवार से आठ दिनों के लिए बंद रहेगा। शहर के किराना कारोबारी संघ की एक आपात बैठक बृहस्पतिवार को हुई जिसमें नगर निगम के गोशामहल क्षेत्र में अब तक 400 से अधिक मामले सामने आने के मद्देनजर दुकानें आठ दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया गया। बाजार इसी क्षेत्र में आता है। संघ के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण राठी ने कहा, ‘‘एहतियाती कदम के तौर पर 28 जून से पांच जुलाई तक दुकानें बंद रखने का फैसला किया गया है। हमारे कुछ सदस्य भी कोरोना वायरस संक्रमित हुए हैं। हमारे दुकानदार साथियों, उनके परिवार के सदस्यों और ग्राहकों की सुरक्षा को देखते हुए हमने यह फैसला किया।’’ तेलंगाना में पिछले कुछ दिनों से कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को यहां संक्रमण के 920 मामले सामने आए और पांच लोगों की मौत हो गयी। राज्य में अब तक कुल 11,364 लोग संक्रमित हुए हैं और मृतक संख्या 230 हो गयी है। गोशामहल विधानसभा से भाजपा विधायक राजा सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि अब तक उनके पांच कर्मचारियों-दो चालकों और तीन अंगरक्षकों को संक्रमण की पुष्टि हुई है और पांच कर्मचारियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। 

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 19 जून से 12 दिन का लॉकडाउन लागू है। यहां अब तक 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच कर्नाटक सरकार ने कहा कि बेंगलुरू में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किये जाएंगे और लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। सरकार ने कहा कि वह विकास संबंधी गतिविधियां और कोविड-19 प्रबंधन साथ में संचालित करना चाहती है। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बेंगलुरू से सभी राजनीतिक दलों के विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और सांसदों की बैठक की अध्यक्षता की जिसमें उन्होंने वायरस पर रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहर में अब कोई लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। कांग्रेस राज्य में लॉकडाउन लगाने पर जोर दे रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की कि 31 जुलाई तक बढ़ाए गए लॉकडाउन में रात 10 बजे से सुबह पांच बजे के बीच रात्रि कर्फ्यू लागू रहेगा। इस समय रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक का कर्फ्यू लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि एक जुलाई से मेट्रो सेवाएं फिर से शुरू कर दी जाएं। इस दौरान सभी सवारियां बैठकर यात्रा करें और कोई भी खड़े होकर सफर न करे। बनर्जी ने कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हमने तय किया है कि (एक जुलाई से) रात्रि कर्फ्यू रात 10 से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। हम चाहते हैं कि सभी एहतियाती कदम उठाते हुए एक जुलाई से मेट्रो सेवाएं शुरू की जाएं। इस दौरान केवल बैठकर ही यात्रा की जाए।' उन्होंने कहा कि कोलकाता मेट्रो रेलवे यह सुनिश्चित करे कि यात्री केवल बैठकर यात्रा करें और कोई यात्री खड़ा न हो और न ही ट्रेन में भीड़ हो।

प्रत्येक पृथक वास कोच पर लगभग दो लाख खर्च

रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि वह प्रत्येक पृथक वास कोच के रखरखाव, रोगियों के लिये कपड़े और भोजन, कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर दो लाख रुपये खर्च कर रहा है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने कहा कि पृथक वास कोच में बदले गए 5,213 कोचों के लिए यह रेलवे का बजटीय अनुमान है। इसके लिए पहले ही केंद्रीय कोविड देखभाल कोष से पैसा मिल चुका है। उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय को इस कोष से अब तक 620 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। यादव ने कहा कि अच्छी बात यह है कि उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से लोगों ने काम पर लौटना शुरू कर दिया है। प्रवासी कामगार वापस उन राज्यों को जा रहे हैं, जिन्हें उन्होंने कोरोना वायरस के चलते छोड़ा था। उन्होंने कहा, 'हम विशेष ट्रेनों में यात्रियों की संख्या पर नजर रखे हुए हैं। जल्द ही हम राज्यों की मांग, यात्रियों की संख्या और कोविड हालात के हिसाब से और विशेष ट्रेनें चलाएंगे।' यादव ने कहा, 'उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से बड़े शहरों की ओर जा रही ट्रेंनों में यात्रियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, इससे आर्थिक हालात में सुधार का संकेत मिलता है।' उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से उत्पन्न हालात के मद्देनजर निकट भविष्य में सभी ट्रेनें चला पाना संभव नहीं लगता। यादव ने कहा कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत छह राज्यों में 160 परियोजनाओं की पहचान की गई है। इससे वापस लौटे प्रवासी कामगारों के लिये नौ लाख दिन के कामकाज की व्यवस्था होगी।

हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 के 11 नये मामले

हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को 11 और लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है, जिससे राज्य में कोविड-19 मामलों की कुल संख्या 851 तक पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आर डी धीमान ने कहा कि ताजा मामलों में, कांगड़ा से 10 और सोलन से एक मामला सामने आया है। राज्य में अब उपचाररत मरीजों की संख्या 339 हो गई है। उन्होंने बताया कि आठ मरीज शुक्रवार को संक्रमण से ठीक हुए हैं, जिनमें कांगड़ा के पांच और शिमला, सोलन और ऊना के एक-एक मरीज शामिल हैं। धीमान ने बताया कि अब तक 491 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 11 मरीज राज्य से बाहर चले गए हैं। हिमाचल प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण से आठ लोगों की मौत हो चुकी है।

कांग्रेस नेता सिंघवी कोरोना वायरस से संक्रमित

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं जाने माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं और वह फिलहाल अपने घर पर पृथक-वास में हैं। सिंघवी से जुड़े सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक सिंघवी को हल्का बुखार था। जांच होने पर उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई हैं। जांच में उनकी पत्नी भी कोरोना से संक्रमित पाई गई हैं। सिंघवी के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि के बाद उनके पुत्र, परिवार के अन्य सदस्यों और साथ काम करने वाले कर्मचारियों की जांच की जा रही है। वह कांग्रेस के दूसरे ऐसे नेता हैं जो कोरोना से संक्रमित हुए हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता संजय झा भी कोरोना से संक्रमित पाए गए थे।

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पश्चिम बंगाल में रात्रि कर्फ्यू में ढील

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को घोषणा की कि 31 जुलाई तक बढ़ाए गए कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान रात 9 से सुबह 5 बजे के बजाय अब रात 10 से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि एक जुलाई से मेट्रो सेवाएं फिर से शुरू कर दी जाएं। इस दौरान सभी सवारियां बैठकर यात्रा करें और कोई भी खड़े होकर सफर न करे। बनर्जी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हमने तय किया है कि (एक जुलाई से) रात्रि कर्फ्यू रात 10 से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। हम चाहते हैं कि सभी ऐहतियाती कदम उठाते हुए एक जुलाई से मेट्रो सेवाएं शुरू की जाएं। इस दौरान केवल बैठकर ही यात्रा की जाए।' उन्होंने कहा कि कोलकाता मेट्रो रेलवे यह सुनिश्चित करे कि यात्री केवल बैठकर यात्रा करें और कोई यात्री खड़ा न हो और न ही ट्रेन में भीड़ हो। इस सप्ताह की शुरुआत में बनर्जी ने मौजूदा लॉकडाउन 31 जुलाई तक बढ़ाने की घोषणा की थी।

अधिकतम शुल्क तय किया

हरियाणा सरकार ने निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज के लिए अधिकतम शुल्क तय कर दिया है। ऐसे अस्पताल जोकि एनएबीएच से मान्यता प्राप्त नहीं हैं, वेटिंलेटर की आवश्यकता वाले आईसीयू में भर्ती मरीजों से अधिकतम 15,000 रुपये प्रतिदिन की दर से शुल्क ले सकते हैं। सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को जारी आदेश के मुताबिक, ऑक्सीजन और सहायक सुविधाओं के साथ पृथक-वास बिस्तर के लिए एक मरीज से प्रतिदिन 8,000 रुपये का शुल्क तय किया गया है। इसके मुताबिक, अन्य बीमारियों से ग्रसित ऐसे कोविड-19 के मरीज, जिन्हें बिना वेंटिलेटर के आईसीयू की आवश्यकता है, उनसे प्रतिदिन के हिसाब से 13,000 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। इसी तरह वेंटिलेटर की आवश्यकता वाले आईसीयू में भर्ती मरीज से 15,000 रुपये प्रतिदिन तक का शुल्क लिया जा सकता है। इसी तरह, एनएबीएच (अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड) से मान्यता प्राप्त अस्पतालों में कोविड-19 मरीज के इलाज के लिए तीन श्रेणियों में प्रतिदिन क्रमश: 10,000 रुपये, 15,000 रुपये और 18,000 रुपये का शुल्क तय किया गया है। इससे पहले मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पीटीआई-भाषा से कहा था कि हरियाणा सरकार निजी अस्पताल में इलाज कराने के इच्छुक लोगों समेत सभी के लिए सस्ता इलाज सुनिश्चित करेगी। सरकार ने अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे कोविड-19 के मरीजों से तय किए गए शुल्क से अधिक दर वसूल नहीं करें। साथ ही कहा कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके मुताबिक, पैकेज के रूप में सभी निर्धारित दरें शामिल हैं। बाल रोगियों के मामले में भी यह दरें लागू रहेंगी लेकिन गर्भवती महिला के मामले में डिलीवरी संबंधित शुल्क अलग से वसूल किए जा सकते हैं। साथ ही आदेश में कहा गया है कि अस्पताल को कोविड-19 के मरीज के इलाज के मामले में निर्बाध सेवाएं उपलब्ध करानी चाहिए और उपचार के मानदंडों से कोई समझौता नहीं करना चाहिए। इसके मुताबिक, आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को कैशलेश आधार पर इलाज का लाभ मिलेगा।

सत्येंद्र जैन की जांच निगेटिव आई

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की कोरोना वायरस संक्रमण जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है और शुक्रवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि जैन का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से किया गया। 55 वर्षीय जैन को तेज बुखार और ऑक्सजीन स्तर में गिरावट के बाद राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया था और इसके एक दिन बाद 17 जून को उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई। जैन की हालत बिगड़ने पर उन्हें साकेत के मैक्स अस्पताल के आईसीयू में ले जाया गया। सूत्र ने बताया, ''उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है और जल्द ही उन्हें छुट्टी मिलने की संभावना है।’’ प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किये जाने के दो दिन बाद वह आईसीयू से बाहर आए। 

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पश्चिम बंगाल में एक दिन में सबसे ज्यादा मामले

पश्चिम बंगाल में एक दिन में कोविड-19 के सबसे अधिक 542 नए मामले सामने आने के साथ ही राज्य में शुक्रवार तक कोरोना वायरस से संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 16,190 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में राज्य में 10 लोग की कोविड-19 से मौत हुई है जिनमें से आठ को अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं। बुलेटिन के अनुसार, चार लोग की मौत हावड़ा में हुई है वहीं कोलकाता में तीन और हुगली, दार्जिलिंग और दक्षिण 24 परगना जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। उसमें कहा गया है कि अभी तक कुल 10,535 लोग इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हुए हैं। राज्य में फिलहाल 5,039 लोग ऐसे हैं जिनका कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है।

हालात की समीक्षा की

राकांपा प्रमुख शरद पवार, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे और राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने शुक्रवार को पुणे जिले के परिषद सभागार में आयोजित एक बैठक में कोविड-19 हालात की समीक्षा की। राकांपा प्रमुख ने अधिकारियों से जहां जांच में तेजी लाने को कहा वहीं उपमुख्यमंत्री ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिला, निकाय और पुलिस अधिकारों से साथ मिलकर समन्वय के साथ काम करने को कहा। राकांपा प्रमुख ने अधिकारियों से निषिद्ध क्षेत्रों के हालात की लगातार समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि निजी अस्पताल मरीजों से ज्यादा फीस ना वसूलें। राज्य के वित्त मंत्री अजित पवार ने कहा कि वह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से कोविड-19 के कारण पुणे नगर निकाय पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करने पर बात करेंगे। टोपे ने पुणे के जिला और निकाय प्रशासन से कहा कि वे कोरोना वायरस से लड़ने में मुंबई का उदाहरण लें। उन्होंने कहा कि एंटीजन जांच के बाद राज्य सरकार ने एंटीबॉडी जांच कराने का फैसला लिया है, जिससे निषिद्ध क्षेत्रों में संक्रमण का पता चलेगा। गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आज एक घोषणा में कहा कि इस कोरोना वायरस महामारी के दौरान संक्रमण से मरने वाले पुलिसकर्मियों का परिवार अपने सरकारी आवास में उस वक्त तक रह सकेगा, जब तक वह पुलिसकर्मी सामान्य परिस्थिति में सेवानिवृत्त होता। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान साइबर अपराध में भी वृद्धि हुई है और विशेषज्ञ उससे निपटने में जुटे हुए हैं।

केजरीवाल का ऐलान

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर तीन सरकारी अस्पतालों में बड़े पैमाने पर आईसीयू बेड लगाएगी। उन्होंने ऑनलाइन प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में अब तक संक्रमण के 74,000 मामले सामने आए हैं जिनमें से 45,000 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। केजरीवाल ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कोविड-19 की स्थिति ‘‘अब भी नियंत्रण में है।” उन्होंने कहा, “हमने जांच की क्षमता तीन गुना बढ़ा दी है और इसलिए शहर में मामले बढ़ रहे हैं। अगर हम आगामी दिनों में एक-दो लाख जांच करेंगे तो स्वाभाविक है कि संक्रमण के मामले बढ़ेंगे।” उन्होंने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और जीटीबी अस्पताल में सरकार बड़े पैमाने पर आईसीयू बेड लगाने वाली है। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि दिल्ली सरकार पिछले 10 दिन में कोविड-19 मरीजों के लिए होटलों में पहले ही 3,500 बेड उपलब्ध करा चुकी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घरों में पृथक रह रहे कोविड-19 के मरीजों को ऑक्सीमीटर दिए गए हैं और यह बीमारी के खिलाफ “सुरक्षा कवच” की तरह काम करेगा। केजरीवाल ने कहा कि सरकार को शहर में 200 मरीजों की प्लाज्मा थैरेपी की अनुमति मिल गई है तथा एलएनजेपी अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों पर इसका ट्रायल होगा। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों ने भी प्लाज्मा थैरेपी की अनुमति मांगी है। उन्होंने घर पर पृथक-वास में रह रहे एक मरीज से अपनी बातचीत का ऑडियो क्लिप भी चलाया। इस क्लिप में मरीज ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह ठीक है और कोई लक्षण नहीं है। मरीज ने कहा कि दिल्ली सरकार की मेडिकल टीम हर दिन उसे फोन कर उसका मार्गदर्शन करती है। केजरीवाल ने कहा कि उनके मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को बैठक की और बुराड़ी अस्पताल में 450 अतिरिक्त बेड लगाने का फैसला किया गया। इसके लिए धन आवंटन की मंजूरी दे दी गयी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले एक हफ्ते में हल्के लक्षण वाले ज्यादा मामले आए हैं। यही कारण है कि अस्पतालों में कुल 13,500 बेड के बावजूद केवल 6,000 पर ही मरीज हैं। केजरीवाल ने कहा कि अस्पतालों में अचानक से बेड की जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन दिल्ली सरकार भविष्य को ध्यान में रखते हुए और बेड जोड़ने पर काम कर रही है।

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दिल्ली में 31 जुलाई तक बंद रहेंगे स्कूल

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के हालात को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सभी स्कूल 31 जुलाई तक बंद रहेंगे। सिसोदिया ने कहा, ‘‘स्कूलों को फिर से खोलना सिर्फ तकनीकी काम नहीं है, यह रचनात्मक कार्य है जो स्कूलों को नयी और बड़ी भूमिका देगा। दिल्ली में स्कूल 31 जुलाई तक बंद रहेंगे।’’ दिल्ली के शिक्षा मंत्री सिसोदिया ने स्कूलों को फिर से कैसे खोला जाए, इस विषय पर शिक्षा निदेशालय की बैठक के बाद यह घोषणा की।

केंद्रीय बलों में कोरोना वायरस के 100 नए मामले

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और दो अन्य बलों एनएसजी और एनडीआरएफ में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 100 नए मामले सामने आने के साथ ही इन बलों में संक्रमण के मामले बढ़कर 3,300 तक पहुंच गए। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन बलों में कोविड-19 के कारण 23 कर्मियों की मौत हुई है। सीएपीएफ के तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) आते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सीआरपीएफ में संक्रमण के सबसे अधिक 1,000 मामले हैं, जिसके बाद बीएसएफ में 868, सीआईएसएफ में 733 और आईटीबीपी में 306 और एसएसबी में 139 मामले हैं। वहीं, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) में कुल 184 मामले सामने आ चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सात केंद्रीय बलों के कुल 3,300 मामलों में से अब तक 1,999 कर्मी स्वस्थ हो चुके हैं जबकि 1,278 उपचाराधीन हैं। इसके मुताबिक, शुक्रवार को इन बलों में संक्रमण के 100 नए मामले सामने आए। इनमें से सीआईएसएफ में 32, सीआरपीएफ में 31, बीएसफ और एनडीआरएफ में 12-12, आईटीबीपी में 10 मामले सामने आए। वहीं, 590 से अधिक कर्मियों के जांच नतीजे आना बाकी हैं।

योजना पर न्यायालय की मुहर

उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर एक से 15 जुलाई के दौरान प्रस्तावित बोर्ड की परीक्षायें रद्द करने की सीबीएसई और आईसीएसई की योजना पर शुक्रवार को अपनी मुहर लगा दी। न्यायालय ने इसके साथ ही छात्रों के अंकों के मूल्यांकन के बारे में दोनों बोर्ड के फार्मूले को भी मंजूरी दे दी। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने सीबीएसई को 10वीं और 12वीं कक्षा की शेष परीक्षाओं को रद्द करने के लिए एक अधिसूचना जारी करने की अनुमति दी। इस बीच, काउन्सिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टीफिकेट एग्जामिनेशन ने पीठ से कहा कि वह अपनी अधिसूचना एक सप्ताह के भीतर वेबसाइट पर अपलोड कर देगा। पीठ ने सीबीएसई की अधिसूचना के मसौदे का अवलोकन किया और इसकी योजना का अपने आदेश में उल्लेख किया है। शीर्ष अदालत ने कोविड-19 के मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर बोर्ड की 12वीं कक्षा की शेष परीक्षायें 1 से 15 जुलाई के दौरान कराने संबंधी अधिसूचना रद्द करने के लिये दायर याचिकाओं पर यह आदेश दिया। इसी तरह की राहत आईसीएसई बोर्ड के मामले में भी देने का अनुरोध किया गया था। सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षायें 15 फरवरी से शुरू हुयी थीं। ये परीक्षायें तीन अप्रैल को समाप्त होनी थीं। इसी तरह, 10वीं की परीक्षायें 21 फरवरी को शु्रू हुयीं थीं और उन्हें 29 मार्च को समाप्त होना था, लेकिन इसी दौरान 25 मार्च को देश में कोविड-19 महामारी की वजह से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया था। आईसीएसई ने कोरोना वायरस महामारी की वजह से अपनी 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षायें स्थगित की थी। ये परीक्षायें 31 मार्च तक संपन्न होनी थीं। लेकिन इसी दौरान 25 मार्च को देश व्यापी लॉकडाउन घोषित हो गया था। आईसीएसई ने पीठ को सूचित किया था कि वह 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को पुन: परीक्षा का विकल्प उपलब्ध नहीं करायेगी और परीक्षा फल पिछले प्रदर्शन के आधार पर ही घोषित किया जायेगा। न्यायालय द्वारा दर्ज की गयी सीबीएसई की अधिसूचना के अनुसार विभिन्न राज्य सरकारों के अनुरोध और बदले हुये हालात में यह फैसला किया गया है कि 10वीं और 12वीं कक्षा के लिये 1 से 15 जुलाई के दौरान प्रस्तावित परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि रद्द की गयी परीक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन का आकलन 10वीं और 12वीं के परीक्षाफल घोषत करने के लिये सीबीएसई की सक्षम समिति द्वारा दिये गये सुझाव में प्रदत्त योजना के आधार पर किया जायेगा। बोर्ड ने कहा कि इस आकलन योजना के आधार पर परीक्षा फल 15 जुलाई, 2020 तक घोषित किया जायेगा ताकि छात्र इसके आधार पर देश और विदेशों में उच्च शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश ले सकें। इसमें यह भी कहा गया है कि 12वीं कक्षा के लिये केन्द्र सरकार के आकलन के आधार पर स्थिति सामान्य होते ही बोर्ड 1 से 15 जुलाई के दौरान जिन विषयों की परीक्षा होनी थी, उनकी वैकल्पिक परीक्षा लेगा। बोर्ड ने कहा कि जिन छात्रों के परीक्षा फल आकलन योजना के आधार पर घोषित किये जायेंगे उन्हें अपने प्रदर्शन में सुधार के लिये, यदि वे चाहें, इन वैकल्पिक परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति होगी। इन परीक्षाओं का चयन करने वाले छात्रों के मामले में इन वैकल्पिक परीक्षाओं में मिले अंकों को अंतिम माना जायेगा। इसमें कहा गया है कि 10वीं कक्षा के छात्रों के लिये अब कोई और परीक्षा नहीं होगी और आकलन योजना के आधार पर बोर्ड द्वारा घोषित परीक्षा फल अंतिम माना जायेगा। सीबीएसई की योजना में कहा गया है कि 10वीं कक्षा के दिल्ली से बहुत ही कम छात्र हैं जिन्होंने एक या दो विषयों की परीक्षा दी थी। उनके परीक्षा फल संबंधित विषयों में उनके प्रदर्शन और आंतरिक तथा प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट प्रदर्शन के आधार पर घोषित किए जायेंगे। इन छात्रों को भी बोर्ड द्वारा आयोजित वैकल्पिक परीक्षा में शामिल होने की अनुमति होगी अगर वे अपने प्रदर्शन में सुधार के लिये ऐसा करना चाहेंगे। बोर्ड ने कहा कि इन छात्रों के परीक्षा फल अन्य छात्रों के साथ ही घोषित किए जायेंगे। सीआईसीएसई के बारे में पीठ ने कहा कि वह भी कुछ अतिरिक्त पहलुओं के साथ सीबीएसई जैसी अधिसूचना जारी करने पर सिद्धांत रूप में सहमत है। सीआईसीएसई ने अपने हलफनामे में न्यायालय से कहा कि उसके आईसीएसइ के 10वीं और आईएससी के 12वीं की बोर्ड की एक से 14 जुलाई के लिये प्रस्तावित परीक्षायें 22 मई की अधिसूचना के अनुरूप रद्द की जाती हैं।

कोरोना ने जीवन के प्रति हमारी सोच बदली

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी ने जीवन के प्रति हमारी सोच को बदला है और इसने भौतिकतावाद की ओर तेजी से बढ़ रहे हमारे कदमों को थामा है। गहलोत ने कहा, 'यह उचित समय है कि हम ऐसे विषयों पर चर्चा करें जिनसे सुखी और समृद्ध जीवन की तरफ बढ़ा जा सके। जब तक हम आदर्श जीवन मूल्यों को नहीं अपनाएंगे, हमारा जीवन खुशहाल नहीं हो सकता। ऐसे में जरूरी है कि विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनका चरित्र निर्माण भी हो।' गहलोत शुक्रवार को बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 'सुखी एवं समृद्ध जीवन' विषयक पांच दिवसीय कार्यशाला में ई-प्रमाण पत्र वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की चुनौती को हमने अवसर के रूप में लेते हुए चिकित्सा क्षेत्र को मजबूत किया है। इसी तरह के नवाचार हर क्षेत्र में किए जाएं। उन्होंने कहा कि आज अर्थव्यवस्था बेहद नाजुक दौर में है। लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। हमें यह सोचना है कि जरूरतमंद लोगों को किस तरह संबल दिया जाए। इस दिशा में ऐसी कार्यशालाएं महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। साथ ही, ऐसे समय में लोगों को जागरूक करने में शिक्षाविदों, लेखकों एवं पत्रकारों की बड़ी भूमिका है। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राजस्थान ने शासन संचालन का नया मॉडल पेश करते हुए लोकतंत्र में लोगों की आशाओं को पूरा करने का प्रयास किया है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवरसिंह भाटी ने कहा कि कॉलेज शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों ने कोरोना संकट के दौरान सेवाभाव के साथ काम किया है। बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति एचडी चारण ने बताया कि विश्वविद्यालय में सुखी और समृद्ध जीवनशैली के लिए 'आनंदम' पाठयक्रम की तैयारी की गई है। शासन सचिव उच्च शिक्षा शुचि शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

तमिलनाडु में लगातार दूसरे दिन 3500 से ज्यादा मामले

तमिलनाडु में शुक्रवार को कोरोना वायरस के सर्वाधिक 3,645 नए मामले आए। राज्य में संक्रमितों की संख्या 74,662 हो गयी है जबकि 46 और मरीजों की मौत के साथ 957 लोग दम तोड़ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन में बताया गया कि अब तक संक्रमण के एक दिन में आए सबसे अधिक मामलों में चेन्नई में 1956 लोगों में कोविड-19 की पुष्टि हुई। लगातार दूसरे दिन 3500 से ज्यादा मामले आए। चेन्नई में संक्रमित लोगों की संख्या 49,690 हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में वर्तमान में संक्रमण के 32,305 मामले हैं और 1358 लोगों को विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दे दी गयी। अब तक 41,357 लोग संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं। जांच भी बढ़ा दी गयी है। शुक्रवार को अब तक के सर्वाधिक 33675 नमूनों की जांच की गयी। राज्य में कुल मिलाकर 10,42,649 नमूनों की जांच की गयी है। बुलेटिन में बताया गया कि 31 सरकारी और 15 निजी अस्पतालों में 46 लोगों की मौत हुई। इनमें से 44 लोग पहले से गंभीर रोग से पीड़ित थे।

रैपिड टेस्टिंग किट का उपयोग करे

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कोविड-19 की जांच के लिए जल्द से जल्द सभी जिलों में रैपिड टेस्टिंग किट का उपयोग करने का निर्देश दिया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि राज्य में मास्क पहनना और सामाजिक दूरी का पालन हो। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने एक जनहित याचिका पर बृहस्पतिवार को यह आदेश पारित किया और इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख नौ जुलाई तय की। सुनवाई के दौरान अपर महाधिवक्ता ने अदालत को सूचित किया कि एक मई, 2020 को जारी सरकारी आदेश के मुताबिक, प्रयागराज शहर को विभिन्न मोहल्ला समितियों में बांटा गया है और ये समितियां शहर के लोगों से संपर्क कर यह पता लगा रही हैं कि कहीं उनके परिवार में किसी को कोविड-19 के लक्षण तो नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, पिछले एक सप्ताह में राज्य सरकार ने जांच की संख्या 17,000 प्रतिदिन से बढ़ाकर 20,000 प्रतिदिन कर दी है। रैपिड टेस्टिंग किट से इस वायरस का पता लगाने की पद्धति उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जल्द से जल्द लागू की जाएगी। अदालत ने प्रदेश सरकार की यह कहते हुए सराहना की कि “जांच में पिछले एक सप्ताह में आए उल्लेखनीय परिवर्तन और राज्य में कोविड-19 मरीजों का पता लगाने, उनकी जांच और इलाज करने के लिए हम प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की तारीफ करना चाहेंगे।” अदालत ने जिला प्रशासन को सुनवाई की अगली तारीख तक एक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। इससे पूर्व 18 जून को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को प्रदेश में व्यापक स्तर पर कोविड-19 की जांच करने का सुझाव दिया था।

नहीं होगा 2020 डेविस कप फाइनल्स

कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल डेविस कप पुरूष टेनिस प्रतियोगिता को रद्द कर दिया गया और इसे 2021 में आयोजित किया जायेगा। मैचों का आयोजन इस साल सितंबर में होना था और डेविस कप फाइनल्स मैड्रिड में नवंबर में होना तय था। अब विश्व ग्रुप एक और विश्व ग्रुप दो के शुरूआती मैच 2021 में मार्च में या सितंबर में विभिन्न स्थानों पर खेले जायेंगे। मैड्रिड में फाइनल्स 22 नवंबर 2021 के हफ्ते के दौरान होगा। अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) ने कहा कि 2020 फाइनल्स के लिये क्वालीफाई करने वाले 18 देशों को 2021 में जगह दी जायेगी। आईटीएफ ने इस साल का महिला फेड कप भी स्थगित कर दिया है और यह हंगरी के बुडापेस्ट में 13 से 18 अप्रैल को खेला जायेगा।

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कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी

ऐसे में जब चीन बीजिंग में कोविड-19 महामारी के ताजा प्रसार को नियंत्रित करने के करीब पहुंच गया है, वायरस का प्रकोप अमेरिका सहित दुनिया में अन्य देशों में बढ़ा है। शुक्रवार को भारत में कोविड-19 के मामलों में एक और रिकार्ड वृद्धि होने से विश्व के दूसरे सबसे अधिक जनसंख्या वाले इस देश में कुल मामले पांच लाख के नजदीक पहुंच गए। वहीं इंडोनेशिया, पाकिस्तान और मेक्सिको जैसे अधिक जनसंख्या वाले देश संक्रमण के अधिक मामले और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का सामना कर रहे हैं। अफ्रीका महाद्वीप में संक्रमण के कुल मामलों में से लगभग आधे मामले दक्षिण अफ्रीका में सामने आये हैं और वहां लॉकडाउन में ढील देने के बाद रिकार्ड 6579 नये मामले सामने आये हैं। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने चेतावनी दी कि सरकार को भीड़ एकत्रित होने से रोकने का अधिकार है क्योंकि ऐसा होने से संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। वह समुद्र तटों के साथ ही तटीय नगरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में भीड़ के बारे में सवालों का जवाब दे रहे थे। हैनकॉक ने कहा कि वह सार्वजनिक स्थलों को बंद करने को लेकर अनिच्छुक हैं क्योंकि लोगों ने काफी कड़े लॉकडाउन का सामना किया है। उन्होंने हालांकि कहा कि यदि कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी होती हैं तो ‘‘हमें कदम उठाने होंगे।’’ सबसे अधिक प्रभावित यूरोपीय देशों में शामिल इटली नेपल्स में बुल्गारियाई श्रमिकों में संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है। दक्षिण कैंपेनिया के गवर्नर विन्सेंजो डी लुका ने कहा कि एक अपार्टमेंट कम्पार्टमेंट में रहने वाले श्रमिकों को दो सप्ताह से अधिक समय तक बाहर नहीं निकलना चाहिए, भोजन के लिए भी नहीं, उन्हें किराने के सामान की आपूर्ति प्राधिकारियों द्वारा की जाएगी। स्वीडन के मुख्य महामारी विशेषज्ञ एंडर्स टेगनेल ने विश्व स्वास्थ्य संगठन पर शुक्रवार को निशाना साधा और उनके देश को उन देशों की सूची में डालने को एक गलती बताया जहां बढ़ते हुए मामले स्वास्थ्य प्रणाली क्षमता से अधिक हो सकते हैं। डब्ल्यूएचओ यूरोप कार्यालय की बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में 11 देशों का नाम लिया गया जिसमें स्वीडन, आर्मेनिया, अल्बानिया, कजाखिस्तान और यूक्रेन शामिल हैं। स्वीडन में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, हालांकि कहा जा रहा है कि इसके पीछे जांच की संख्या में बढ़ोतरी है। चीन में प्राधिकारियों ने बीजिंग के हिस्सों में इस महीने लॉकडाउन कर दिया है जहां महामारी का नए सिरे से प्रकोप फैला है। इस ताजा संक्रमण की चपेट में 260 लोग आये हैं। शुक्रवार को बीजिंग में 11 नये मामले सामने आये लेकिन इससे यह बात सामने आयी है कि संक्रमण के मामलों में कमी का रुख जारी है। अमेरिका के एरिजोना में बृहस्पतिवार को 3056 नये मामले सामने आये। एक सप्ताह में लगातार चौथे दिन 3000 से अधिक मामले सामने आये। संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हुई है लेकिन होने वाली मौतों में कमी आयी है। यह इसका संभवत: संकेत है कि इलाज में सुधार हुआ है और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए बेहतर प्रयास किये जा रहे हैं। भारत और पड़ोसी देश पाकिस्तान में नेताओं ने नयी पाबंदियां लगाने का विरोध किया है और कहा है कि इससे उनकी अर्थव्यवस्था और प्रभावित हो सकती हैं। वहीं भारतीय रेलवे ने नियमित रेल सेवा पर रोक 12 अगस्त तक बढ़ा दी। दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के शुक्रवार को 39 नये मामले सामने आये। इनमें से अधिकतर मामले अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों से आये हैं। इसको लेकर आलोचना हो रही है कि अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित प्राधिकारियों ने एक दूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम में ढील देने में जल्दबाजी की और मई में स्कूल फिर से खोल दिये। आस्ट्रेलिया में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 37 नये मामले सामने आये। इसमें से 30 विक्टोरिया प्रांत में आये जहां स्वास्थ्य प्राधिकारी प्रसार को काबू में करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्राधिकारियों ने कहा कि उन्होंने मेलबर्न के उपनगरीय क्षेत्रों में 20 हजार लोगों की जांच की है और इसके लिए वे घर घर गए।

वृद्धि दर प्रभावित होगी

लॉकडाउन की अवधि लंबी खिंचने तथा कोविड-19 संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने से वृद्धि दर बुरी तरह प्रभावित होगी। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट (डीएंडबी) की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं की वजह से खाद्य वस्तुओं के दाम ऊपरी स्तर पर बने रहेंगे। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के अर्थव्यवस्था के बारे में जारी अनुमान में कहा गया है कि मांग में सुस्ती, प्रवासी मजदूरों के पलायन की वजह से कंपनियों विशेषरूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) के लिए चुनौतियां बढ़ी हैं। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट इंडिया के मुख्य अर्थशास्त्री अरुण सिंह ने कहा, ‘‘हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि लॉकडाउन लंबा खिंचने तथा संक्रमण के मामले बढ़ने से आपूर्ति श्रृंखला की स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है।’’ कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 25 मार्च से लगाया गया था। मई से अंकुशों में ढील दी गई है। सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ने का भी वृद्धि पर असर पड़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों की वजह से आपूर्ति श्रृंखला अभी बाधित रहेगी। इससे जिंसों पर मुद्रास्फीतिक दबाव बढ़ेगा। रिपोर्ट कहती है कि सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों बढ़ोतरी के साथ वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से मुद्रास्फीति पर ईंधन के निचली कीमतों का प्रभाव समाप्त हो रहा है। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट का अनुमान है कि जून में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति शून्य से 3 से लेकर शून्य से 3.1 प्रतिशत नीचे रहेगी।

-नीरज कुमार दुबे