Unlock 1 के 28वें दिन PM Modi ने कहा- अब अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान

Unlock 1 के 28वें दिन PM Modi ने कहा- अब अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान

दिल्ली में कोविड-19 के निरूद्ध क्षेत्रों का पुन: आकलन करने के बाद ऐसे क्षेत्रों की संख्या बढ़कर 421 हो गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की बड़ी कवायद के तहत अब तक करीब 2.45 लाख लोगों की जांच की गयी है।

एक दिन में करीब 20 हजार मामले आने के साथ भारत में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या रविवार को पांच लाख 28 हजार 859 हो गई, वहीं मृतकों की संख्या 16,095 हो गई है। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने भी घर-घर सर्वेक्षण कराने की घोषणा की है। केंद्र सरकार ने बताया कि ठीक होने वाले लोगों की संख्या कोविड-19 से संक्रमित लोगों की तुलना में एक लाख ज्यादा है। सरकार ने कहा कि राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर ‘‘एहतियाती कदम’’ उठाने के ‘‘उत्साहजनक परिणाम’’ दिख रहे हैं। अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज करा रहे लोगों की संख्या जहां दो लाख तीन हजार 51 है वहीं तीन लाख नौ हजार 712 लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं और एक मरीज दूसरे देश चला गया है। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘इस प्रकार अभी तक करीब 58.56 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं।’’ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भारत सरकार द्वारा उठाए गए चरणबद्ध एहतियाती कदमों से उत्साहजनक परिणाम दिख रहे हैं।’’ भारत में लॉकडाउन के नियमों में ढील दिए जाने की तारीख एक जून तक संक्रमित लोगों की संख्या तीन लाख 38 हजार 324 थी। देश में रविवार को संक्रमण के 19,906 मामले सामने आए। यह लगातार पांचवां दिन है जब कोरोना वायरस संक्रमण की संख्या 15 हजार से अधिक हुई है। देश में ‘‘अनलॉक’’ चरण शुरू होते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अब कोरोना वायरस को परास्त करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा आपदा को सफलता में परिवर्तित किया है और यह वर्ष भी अलग नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को लॉकडाउन के समय की तुलना में ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। प्रधानमंत्री ने अपने मासिक ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम में चेताया, ‘‘हमेशा याद रखिए, अगर आपने मास्क नहीं पहना, छह फुट सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया या अन्य एहतियात नहीं बरते तो खुद के अलावा आप दूसरों को भी खतरे में डाल रहे हैं, खासकर घर के बुजुर्गों और बच्चों को।’’ प्रधानमंत्री की बातों का समर्थन करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि 30 जून के बाद भी राज्य में लॉकडाउन की पाबंदियां जारी रहेंगी, क्योंकि संकट अभी टला नहीं है। ठाकरे ने कहा कि अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए अनलॉक की प्रक्रिया को धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है, जिसे ‘मिशन बिगिन अगेन’ नाम दिया गया है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहां संक्रमण के कुल एक लाख 59 हजार 133 मामले हैं जबकि दिल्ली में 80,188, तमिलनाडु में 78,335, गुजरात में 30,709, उत्तरप्रदेश में 21,549, राजस्थान में 16,944 और पश्चिम बंगाल में 16,711 मामले सामने आए हैं। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के प्रयास के तहत मुंबई पुलिस ने लोगों से अपील की है कि व्यायाम के लिए जिम या दुकानों और सैलूनों में जाने के लिए अपने घर से दो किलोमीटर से ज्यादा के दायरे में नहीं जाएं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कार्यालय या चिकित्सकीय आपातकाल को ध्यान में रखकर ही दो किलोमीटर से ज्यादा जाने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि इस दायरे से बाहर खरीदारी करने जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध होगा। कोरोना वायरस के कारण लागू पाबंदियों में ढील दिए जाने के बाद मुंबई में रविवार को तीन महीने के अंतराल के बाद कुछ सैलून खुले, जबकि कई श्रमशक्ति की कमी के कारण बंद रहे। 

दिल्ली में मामलों में अचानक बढ़ोतरी के बाद अधिकारी संशोधित रणनीति को लागू कर रहे हैं और कोविड-19 निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या 218 से बढ़कर 417 हो गई है, जबकि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए घर-घर सर्वेक्षण की नीति के तहत करीब दो लाख 45 हजार लोगों की जांच की गई है। अधिकारियों ने बताया कि निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि केंद्र के निर्देश के बाद अधिकारी कुछ जिलों में इस तरह के इलाकों की फिर से पहचान करने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘हमने महानगर में कोविड-19 के लिए घर-घर जाकर करीब दो लाख लोगों की जांच की है। करीब 45 हजार लोगों की जांच कोविड-19 निषिद्ध क्षेत्रों में की गई है।’’ प्रत्येक घर की जांच की प्रक्रिया छह जुलाई तक पूरी हो जाएगी। 2011 की जनगणना के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में करीब 34.35 लाख घर थे जिनमें 33.56 लाख शहरी क्षेत्रों में और 79,574 घर ग्रामीण क्षेत्रों में थे। दस हजार से अधिक मामलों वाले अन्य राज्य हैं तेलंगाना (13,436), हरियाणा (13,427), मध्यप्रदेश (12,965), आंध्र प्रदेश (12,285) और कर्नाटक (11,923)। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश ने भी निगरानी बढ़ाते हुए दिल्ली, गोवा, ओडिशा और झारखंड की तर्ज पर घर-घर सर्वेक्षण कराने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा और स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि राज्य में जुलाई में मेरठ मंडल से बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया जाएगा जिसमें पोलियो उन्मूलन की तर्ज पर घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘इसे निषिद्ध और गैर निषिद्ध क्षेत्रों में किया जाएगा।’’ मध्य प्रदेश की सरकार ने कहा कि राज्य में कोविड-19 के प्रसार पर नियंत्रण के लिए वह एक जुलाई से ‘कोरोना को मारो’ अभियान शुरू करेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोविड-19 महामारी पर डिजिटल समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि अभियान के तहत घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा ओर दूसरी बीमारियों से पीड़ित नागरिकों की भी जांच की जाएगी। चौहान ने कहा कि 15 दिनों के अभियान में ढाई लाख जांच की जाएंगी और रोजाना 15 हजार से 20 हजार नमूने एकत्रित किए जाएंगे। कर्नाटक में बेंगलुरू पुलिस ने कहा कि मास्क लगाने और सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। बेंगलुरू के पुलिस आयुक्त भास्कर राव ने रविवार को कहा कि महानगर में अगर कोई कोविड-19 के एहतियाती नियमों का पालन नहीं कर रहा है तो लोग पुलिस को फोन कर सकते हैं। सरकार द्वारा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने का प्रयास तेज करने के बीच उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि पुलिस और नगर निकाय के अधिकारी महानगर की सड़कों पर गश्त करेंगे और मास्क एवं सामाजिक दूरी के नियम लागू करेंगे, वहीं आम लोग भी इसका पालन नहीं करने वाले लोगों को आगाह कर सकते हैं। बिहार के पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्ग कल्याण मंत्री विनोद कुमार सिंह और उनकी पत्नी रविवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए और कटिहार जिले में एक होटल के पृथक-वास केंद्र में उन्हें भेज दिया गया। भारत में अभी तक केवल कोविड-19 की जांच के लिए 1036 प्रयोगशालाएं हैं। इनमें 749 सरकारी क्षेत्र की और 287 निजी क्षेत्र की प्रयोगशालाएं हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘‘रोजाना दो लाख से अधिक नमूनों की जांच की जा रही है। पिछले 24 घंटे में दो लाख 31 हजार 95 नमूनों की जांच हुई है। अभी तक 82 लाख 27 हजार 802 नमूनों की जांच हुई है।’’ रविवार की सुबह तक जिन 410 और लोगों की मौत हुई, उनमें से महाराष्ट्र में 167, तमिलनाडु में 68, दिल्ली में 66, उत्तर प्रदेश में 19, गुजरात में 18, पश्चिम बंगाल में 13, राजस्थान और कर्नाटक में 11-11, आंध्र प्रदेश में नौ, हरियाणा में सात, पंजाब और तेलंगाना में छह-छह, मध्य प्रदेश में चार, जम्मू कश्मीर में दो और बिहार, ओडिशा तथा पुडुचेरी में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।

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अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश को लॉकडाउन से बाहर निकलने और ‘अनलॉक’ के चरण में प्रवेश करते समय कोरोना वायरस को हराने तथा अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा से संकटों को सफलता की सीढ़ियों में परिवर्तित किया है, आपदाओं तथा चुनौतियों पर जीत हासिल की है और वह पहले से भी ज्यादा निखर कर निकला है। उन्होंने आकाशवाणी पर अपने मासिक ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘इस अनलॉक की अवधि में दो बिंदुओं पर ध्यान देना होगा- कोरोना वायरस को हराने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर।’’ मोदी ने कहा कि अनलॉक की इस अवधि में लोगों को बाहर निकलते समय लॉकडाउन की अवधि से अधिक सतर्क रहना होगा। उनका यह बयान देश के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की पृष्ठभूमि में आया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमेशा याद रखिए, अगर आप मास्क नहीं पहनते, दो गज की दूरी नहीं रखते और अन्य सावधानियां नहीं बरतते तो आप अपने साथ दूसरों को, खासकर घर में बुजुर्गों और बच्चों को भी खतरे में डाल रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि तमाम चुनौतियों के बावजूद देश इसी साल नए लक्ष्य प्राप्त करेगा, नयी उड़ान भरेगा और नयी ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संकट चाहे जितना भी बड़ा हो, भारत ने मुश्किल समय में दुनिया की मदद की और दुनिया ने भी भारत की इस ‘‘विश्व बंधुत्व’’ की भावना को महसूस किया है। मोदी ने कहा, ‘‘भारत का इतिहास ही आपदाओं और चुनौतियों पर जीत हासिल कर, और ज्यादा निखर कर निकलने का रहा है। सैकड़ों वर्षों तक अलग- अलग आक्रांताओं ने भारत पर हमला किया, उसे संकटों में डाला। लोगों को लगता था कि भारत की संरचना ही नष्ट हो जाएगी, भारत की संस्कृति ही समाप्त हो जाएगी लेकिन इन संकटों से भारत और भी भव्य होकर सामने आया।’' कोरोना वैश्विक महामारी को संपूर्ण ‘‘मानव जाति’’ पर आया ‘‘संकट’’ करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब छह-सात महीने पहले यह संकट आया था तब किसी को पता नहीं था कि इसके खिलाफ़ चल रही लड़ाई इतनी लम्बी चलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘ये संकट तो बना ही हुआ है, ऊपर से, देश में नित नयी चुनौतियां सामने आती जा रही हैं। अभी, कुछ दिन पहले, देश के पूर्वी छोर पर चक्रवात अंफान आया, तो पश्चिमी छोर पर चक्रवात निसर्ग आया। कितने ही राज्यों में हमारे किसान भाई-बहन टिड्डी दल के हमले से परेशान हैं। और कुछ नहीं तो देश के कई हिस्सों में छोटे-छोटे भूकंप रुकने का ही नाम नहीं ले रहे।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सबके बीच ‘‘हमारे कुछ पड़ोसियों’’ द्वारा जो हो रहा है, देश उन चुनौतियों से भी निपट रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने हमेशा, संकटों को सफलता की सीढ़ियों में परिवर्तित किया है। इसी भावना के साथ हमें आज भी आगे बढ़ते ही रहना है। आप भी इसी विचार से आगे बढ़ेंगे, 130 करोड़ देशवासी आगे बढ़ेंगे तो यही साल देश के लिए नए कीर्तिमान बनाने वाला साल साबित होगा। इसी साल में देश नए लक्ष्य प्राप्त करेगा, नयी उड़ान भरेगा, नयी ऊंचाइयों को छुएगा। मुझे 130 करोड़ देशवासियों की शक्ति पर पूरा विश्वास है, आप सब पर है, इस देश की महान परम्परा पर है।’’ मोदी ने कोरोना वायरस संकट के दौरान भारत की वैश्विक भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि संकट चाहे जितना भी बड़ा हो, भारत के संस्कार, नि:स्वार्थ भाव से सेवा की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने जिस तरह मुश्किल समय में दुनिया की मदद की उसने आज शांति और विकास में भारत की भूमिका को और मज़बूत किया है। दुनिया ने इस दौरान भारत की विश्व बंधुत्व की भावना को भी महसूस किया है।’’

14 प्रतिशत लोगों में कोविड-19 एंटीबॉडी मौजूद

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुंसधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा किए गए ‘सीरोप्रीवेलेंस’ सर्वेक्षण में मुताबिक कोलकाता के 14 प्रतिशत लोगों में कोविड-19 के एंडीबॉडी विकसित हो चुके हैं। सीरोप्रीवेलेंस सर्वेक्षण में लोगों का त्वरित जांच कर उनमें मौजूद आईजीएम और आईजीजी एंटीबॉडी का पता लगाया जााता है जिससे पता चलता है कि समुदाय में संक्रमण का स्तर क्या है और क्या उनमें वायरस के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो रही है। आईसीएमआर ने यह सर्वेक्षण यादृच्छिक नमूने के आधार पर किया है और नमूनों की संख्या की जानकारी नहीं दी गई है। वरिष्ठ डॉक्टरों के मुताबिक सर्वेक्षण इंगित करता है कि महानगर में संक्रमण की दर बहुत अधिक है और कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए प्रतिरोधक क्षमता एवं एंटीबॉडी विकास अब भी नहीं हो रहा है। सर्वेक्षण के मुताबिक पड़ोसी दक्षिण 24 परगना जिले में एंटीबॉडी विकसित होने की दर 2.5 प्रतिशत है जबकि अलीपुरद्वार जिले में यह दर एक प्रतिशत है। सर्वेक्षण के मुताबिक पूर्वी मिदनापुर, बांकुड़ा और झारग्राम जिले में एंटीबॉडी जांच में एक प्रतिशत से भी कम नमूनों के नतीजे पॉजिटिव आए। उल्लेखनीय है कि एंटीबॉडी रक्षात्मक प्रोटीन होता है जो प्रतिरोधक प्रणाली बाहरी संक्रमण से बचाने के लिए बनाती है। इस मामले में बाहरी संक्रमण कोरोना वायरस है।

गुजरात में 624 नए मामले

गुजरात में रविवार को कोविड-19 के एक दिन में सबसे ज्यादा 624 नए मामले सामने आने के साथ ही प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 31,397 हो गई। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यह जानकारी दी गई। विभाग के मुताबिक एक दिन में 19 लोगों की महामारी के कारण मौत से प्रदेश में अब तक इस बीमारी से जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 1,809 हो गया। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक आज 391 और मरीजों को छुट्टी मिलने के बाद प्रदेश में इस बीमारी से ठीक हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 22,808 हो गई। प्रदेश में अब 6,780 कोविड-19 मरीजों का इलाज चल रहा है जिनमें से 19 मरीजों की हालत गंभीर है।

मध्य प्रदेश में कोरोना के 167 नए मामले

मध्य प्रदेश में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 221 नए मामले सामने आए। इस तरह राज्य में कोविड-19 से अब तक संक्रमित पाये गये लोगों की संख्या 13,186 तक पहुंच गयी। राज्य में पिछले 24 घंटों में इन्दौर में 40 और भोपाल में 35 कोरोना वायरस के नए मरीज मिले हैं। शेष मरीज अन्य जिलों में मिले हैं। जबकि पिछले 24 घंटों में राज्य में 23 जिलों में कोरोना वायरस का कोई नया मरीज नहीं पाया गया है। राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से सात और व्यक्तियों की मौत हुई है जिससे इस महामारी से मरने वालों की संख्या 557 हो गयी है। मध्य प्रदेश के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण से इंदौर में चार, मुरैना में दो और उज्जैन में एक मरीज की मौत कोरोना संक्रमण से होने की पुष्टि हुई है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘राज्य में अब तक कोरोना वायरस से सबसे अधिक 222 मौत इन्दौर में हुई है। उज्जैन में 70, भोपाल में 94, बुरहानपुर में 23, खंडवा में 17, खरगोन में 14, सागर में 20, जबलपुर में 14, देवास में 10, मंदसौर में नौ और नीमच में सात लोगों की मौत हुई है। बाकी मौतें अन्य जिलों में हुई हैं।’’ उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 52 जिलों में अब तक कोरोना वायरस संक्रमित पाये गये हैं। जबकि चार जिलों में कोरोना का अब कोई मरीज उपाचाराधीन नहीं है। मध्यप्रदेश में रविवार को 113 कोविड-19 मरीज ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी लेकर अपने घर पहुंच गये हैं। अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में राज्य में कुल 1,081 निषिद्ध क्षेत्र हैं।

लद्दाख में तीन नए मामले

लद्दाख में रविवार को तीन और लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। इसी के साथ केन्द्र शासित क्षेत्र में संक्रमण के कुल मामले 963 पर पहुंच गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। संक्रमण के सभी नए मामले लेह जिले से हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया किउपचार के बाद रविवार को 32 मरीज स्वस्थ हो गए हैं और अब 376 लोगों का उपचार चल रहा है। संक्रमण के 376 मामलों में से 107 मामले लेह से और 269 मामले करगिल से हैं। अधिकारियों ने बताया कि एक मरीज की मौत हो चुकी है और अब तक 586 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।

महाराष्ट्र में 5,493 नये मामले

महाराष्ट्र में कोविड-19 के एक दिन में रिकॉर्ड 5,493 नये मामले सामने आने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,64,626 हो गई। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, कोविड-19 से और 156 लोगों की मौत होने के साथ ही राज्य में महामारी से जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 7,429 हो गया। अधिकारी ने बताया कि जान गंवाने वाले 156 लोगों में से 60 मौत बीते 48 घंटों के दौरान हुईं जबकि अन्य की मौत पहले हुई थी। अधिकारी ने बताया कि दिन में 2,230 लोगों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी गई जिससे ठीक हुए लोगों की संख्या 86,575 हो गई है। राज्य में अब भी 70,607 मरीज इलाजरत हैं। अब तक 9,23,502 लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण के लिए जांच की गई है।

30 जून के बाद भी पाबंदियां जारी रहेंगी: उद्धव

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि 30 जून के बाद भी राज्य में लॉकडाउन की पाबंदियां जारी रहेंगी। टेलीविजन पर संबोधन में ठाकरे ने पाबंदियों में ढील दिए जाने से इंकार करते हुए कहा कि राज्य में कोरोना वायरस का खतरा अब भी बना हुआ है। ठाकरे ने बाद में ट्वीट किया, ‘‘क्या 30 जून के बाद लॉकडाउन हटाया जाएगा? स्पष्ट उत्तर ‘नहीं’ है।’’ ठाकरे ने कहा कि अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए अनलॉक की प्रक्रिया को धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है, जिसे ‘मिशन बिगिन अगेन’ नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि 30 जून के बाद पाबंदियों में कुछ ढील होगी लेकिन धीरे-धीरे ज्यादा ढील दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में मिशन बिगिन अगेन के तहत अनलॉक प्रक्रिया शुरू की गई है। 30 जून के बाद भी पाबंदियां जारी रहेंगी लेकिन धीरे-धीरे लोगों को ज्यादा ढील दी जाएगी।’’ मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘मामले के आधार पर ढील दी जाएगी। उदाहरण के लिए यात्री परिवहन पर कुछ पाबंदियां जारी रहेंगी लेकिन कुछ स्थानीय सेवाओं को अनुमति दी जाएगी।’’ ठाकरे ने कहा कि चूंकि बड़ी संख्या में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं, इसलिए कड़ा अनुशासन लागू रहना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं लॉकडाउन शब्द का प्रयोग नहीं भी कर रहा हूं तो भी गलतफहमी में नहीं रहें और सुरक्षा कम नहीं करें। वास्तव में हमें ज्यादा अनुशासन दिखाने की जरूरत है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस युद्ध को अंतिम चरण में आधा-अधूरा नहीं छोड़ सकते। मुझे विश्वास है कि आप सरकार के साथ सहयोग करते रहेंगे ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि लॉकडाउन फिर से लागू नहीं हो।’’ उन्होंने कहा कि हम शिक्षा को फिर से शुरू करने पर ध्यान दे रहे हैं क्योंकि यह स्कूल खोले जाने से ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मॉनसून शुरू हो चुका है और भारी बारिश तथा बीमारियों जैसे मुद्दे के समाधान के लिए हमने बैठकें करनी शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बारिश के कारण बीमारियां फैल सकती हैं और हमने आसपास साफ-सफाई रखकर एहतियात बरतना शुरू कर दिया है और सुनिश्चित कर रहे हैं कि कहीं पानी जमा नहीं हो।’’ उन्होंने निजी डॉक्टरों से भी काम शुरू करने की अपील की ताकि स्वास्थ्य मशीनरी के बोझ को कम किया जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘पीपीई किट और एन-95 मास्क की कमी नहीं है। अगर चिकित्सकीय आपूर्ति में कमी है तो सरकार को बताएं। महाराष्ट्र को आपके अनुभव की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित मुंबई में ‘चेज द वायरस’ पहल के अच्छे परिणाम सामने आए और अब इसे राज्य के दूसरे हस्सों में भी लागू किया जाएगा। अभियान के तहत कोविड-19 रोगी के निकट संपर्क में आने वाले 15 लोगों को आवश्यक रूप से संस्थागत पृथक-वास केंद्र में रखा जाएगा, जबकि समुदाय के नेता लोगों को संस्थागत पृथक-वास केंद्रों में अन्य बीमारियों, भोजन और अन्य सुविधाओं की जानकारी देंगे। साथ ही वे क्लीनिक के समय के बारे में भी बताएंगे। इसे 27 मई को शुरू किया गया था। मुख्यमंत्री ने टेलीविजन से दिए गए संबोधन में कहा, ‘‘मुंबई में हमें चेज द वायरस अभियान के अच्छे परिणाम मिले और अब हमने इसे पूरे राज्य में लागू करने का निर्णय किया है।’’ उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अभियान का विस्तार करने की मांग की है ताकि महाराष्ट्र में कम कीमत पर गरीबों को खाद्यान्न की आपूर्ति की जा सके।

दिल्ली में 2889 नए मामले

दिल्ली में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 2,889 नए मामले सामने आए, जिसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 से प्रभावित लोगों की संख्या 83 हजार के आंकड़े को पार कर गई जबकि मृतक संख्या 2,623 तक पहुंच गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राष्ट्रीय राजधानी में 23 जून को अब तक एक ही दिन में सबसे अधिक 3,947 मामले सामने आए थे। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के रविवार के बुलेटिन के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के कारण 65 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही दिल्ली में इस घातक वायरस से अब तक 2,623 लोगों की जान जा चुकी है। इसके मुताबिक, दिल्ली में वायरस संक्रमण के 2,889 नए मामलों के साथ ही संक्रमितों की कुल संख्या 83,077 तक पहुंच चुकी है।

महामारी हमेशा नहीं बनी रह सकती है

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि कोविड-19 महामारी हमेशा के लिए नहीं बनी रह सकती है। उन्होंने इस घातक वायरस से बचने के लिए लोगों से सभी एहतियात बरतने का आग्रह किया। नायडू ने एक फेसबुक पोस्ट में लोगों से शांत रहने और दृढ़ विश्वास रखने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी तूफान हमेशा के लिए जारी नहीं रहता।’' उपराष्ट्रपति ने कहा कि अधिकांश देशों ने लॉकडाउन को समाप्त कर दिया है और अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगातार उपाय कर रही है और उन्होंने सभी को आवश्यक सावधानी बरतने और दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए इसका समर्थन करने को कहा। नायडू ने लोगों से इस वायरस के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति आध्यात्मिकता में विश्वास और विज्ञान में भरोसे में निहित है। उन्होंने कोविड-19 से बचने के लिए लोगों से मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाये रखने संबंधी नियम का पालन करने और लगातार हाथों को धोते रहने के लिए कहा।

हिमाचल प्रदेश में आठ नए मामले

हिमाचल प्रदेश में रविवार को सेना और बीएसएफ के एक-एक जवान समेत आठ लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 903 हो गई है। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आर डी धीमान ने बताया कि कांगड़ा से पांच, मंडी, सिरमौर और सोलन जिलों से एक-एक मामला सामने आया है। उपायुक्त राजेश प्रजापति ने कहा कि कांगड़ा में संक्रमित पाए गए लोगों में सेना और बीएसएफ के एक-एक जवान शामिल हैं। प्रजापति ने कहा कि रक्कर गांव का निवासी सेना का 39 वर्षीय जवान 23 जून को अरुणाचल प्रदेश से लौटा है। उसे सैन्य अस्पताल भेजा जाएगा। अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ का 54 वर्षीय जवान जिले के इंद्री गांव का निवासी है। वह 18 जून को जम्मू से लौटा है। उसे दाध में कोविड देखभाल केन्द्र भेजा जाएगा। हिमाचल प्रदेश में अबतक कोविड-19 प्रभावित कुल 515 लोग ठीक हो गए हैं जबकि 11 लोग राज्य से प्रवास कर चुके हैं। 367 लोग अब भी संक्रमित हैं। आठ लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में संक्रमण के सबसे अधिक 117 मामले हमीरपुर से सामने आए हैं। इसके बाद कांगड़ा में 111, सोलन में 44, ऊना में 28, शिमला में 19, बिलासपुर में 15, सिरमौर में 14, चंबा में 9, मंडी में 5, किन्नौर में चार और कुल्लू में एक मामला सामने आया है।

बिहार में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 9117 हुई

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान चार और व्यक्ति की मौत हो जाने से इस रोग से अब तक मरने वालों की संख्या 62 पहुंच गयी जबकि इस इस महामारी के मामले बढकर 9117 हो गये। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण से पिछले 24 घंटे के दौरान अरवल, नवादा, पटना एवं रोहतास में एक-एक व्यक्ति की मौत के साथ राज्य में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 62 हो गयी। बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण से अबतक पटना में छह, दरभंगा एवं सारण में पांच-पांच, बेगूसराय में चार, खगड़िया, नालंदा, नवादा, रोहतास एवं वैशाली में तीन-तीन, भोजपुर, गया, जहानाबाद, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सीतामढी एवं सिवान में दो-दो तथा अररिया, अरवल, औरंगाबाद, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, जमुई, कटिहार, मधेपुरा, मुंगेर, शिवहर एवं पश्चिम चंपारण जिले में एक-एक मरीज की मौत हुई है। पिछले 24 घंटे के भीतर कोरोना वायरस संक्रमण के 258 नए मामले प्रकाश में आने के साथ बिहार में रविवार को इस रोग के मामले बढ़कर 9117 हो गये। बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के अबतक प्रकाश में आए 9117 मामलों में से पटना के 584, सिवान के 402, भागलपुर के 479, मधुबनी के 439, बेगूसराय के 398, मुंगेर के 340, रोहतास के 330, समस्तीपुर के 316, खगडिया के 298, कटिहार के 291, पूर्णिया एवं मुजफ्फरपुर के 288—288, दरभंगा के 286, नवादा के 257, गोपालगंज के 248, जहानाबाद के 245, सुपौल के 228, बांका के 227, बक्सर के 224, औरंगाबाद के 210, भोजपुर के 209, नालंदा के 203, सारण के 200, गया के 199, मधेपुरा के 187, पूर्वी चंपारण के 176, कैमूर के 166, सहरसा के 164, किशनगंज के 157, पश्चिम चंपारण के 155, शेखपुरा के 145, वैशाली के 144, सीतामढी के 131, लखीसराय के 125, अररिया के 116, अरवल के 104, शिवहर के 81 तथा जमुई जिले के 77 मरीज शामिल हैं। बिहार में अब तक 2,05,832 नमूनों की जांच की जा चुकी है और कोरोना वायरस के 7156 मरीज ठीक हुए हैं।

केरल में 118 और लोग कोरोना पॉजिटिव

केरल में रविवार को दो डॉक्टरों और तीन स्वास्थ्य कर्मियों सहित 118 और लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के साथ राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 4,189 हो गई है। वहीं राज्य में करीब एक लाख 73 हजार लोगों को निगरानी में रखा गया है। राज्य में कम से कम 2,015 कोविड-19 मरीज उपचाराधीन हैं जबकि 2,150 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। संक्रमण मुक्त होने वाले मरीजों में 42 वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें रविवार को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई। केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने नये मामलों की जिलेवार जानकारी देते हुए बताया कि सबसे अधिक 26 मामले कन्नूर में आए है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा त्रिशूर में 17, कोल्लम-अलप्पुझा में 10-10, तिरुवनतंपुरम में नौ, एर्नाकुलम-कोझिकोड में सात-सात, कासरगोड में छह, कोट्टयम-मलप्पुरम-वायनाड में पांच-पांच, इडुकी-पलक्कड़ में चार-चार और पथनमथिट्टा में तीन नये मामले सामने आए हैं। शैलजा ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि रविवार को जिन लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, उनमें से 68 विदेश से जबकि 36 दूसरे राज्यों से लौटे हैं। उन्होंने बताया कि मलप्पुरम में 14 नये मामले सामने आए हैं जिनमें एक निजी अस्पताल के पांच कर्मचारी शामिल हैं और ये संक्रमित के संपर्क में आए थे। मंत्री ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में 1,75,734 लोगों को निगरानी में रखा गया है। विज्ञप्ति के मुताबिक 1,73,123 लोगों को गृह या संस्थागत पृथकवास में रखा गया है जबकि 2,611 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया हैं। इनमें से 335 लोगों को रविवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। शैलजा ने बताया कि अब तक केरल में 2,20,821 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से 4041 नमूनों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इसके अलावा प्रहरी निगरानी के तहत स्वास्थ्य और प्रवासी कामगारों, अधिक सामाजिक संपर्क वाले लोगों के 45, 592 नमूने जांच के लिए भेजे गए जिनमें से 43,842 नमूनों की रिपोर्ट निगेटिव आई। उन्होंने बताया कि 13 नये स्थानों को निषिद्ध क्षेत्र की सूची में शामिल किए जाने के बाद राज्य में कुल निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या बढ़कर 124 हो गई है। मंत्री के मुताबिक पलक्कड़ जिले में सबसे अधिक 261 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा मलप्पुरम में 224, कोल्लम में 189, कन्नूर में 179 और एर्नाकुलम में 173 मामले सामने आए हैं।

उत्तराखंड में मरने वालों की संख्या 38 पहुंची

उत्तराखंड में रविवार को एक और कोरोना वायरस मरीज की मौत हो गयी जबकि 32 और लोगो में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि होने से राज्य में महामारी से पीडितों की संख्या 2823 पर पहुंच गयी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, नैनीताल जिले के हल्द्वानी में एक अस्पताल में 65 वर्षीय पुरूष मरीज ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही राज्य में महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या 38 हो गयी है। राज्य में रविवार को सामने आए कोविड-19 के 32 नए मरीजों में से सर्वाधिक 14 नैनीताल जिले से और 10 देहरादून जिले से हैं। उत्तराखंड में 2018 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और उपचाराधीन मामलों की संख्या 649 हैं।

पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 572 नये मामले

पश्चिम बंगाल में रविवार को कोरोना वायरस से संक्रमण के 572 नये मामले दर्ज किए गए, जो एक दिन में राज्य में सामने आए सर्वाधिक मामले हैं। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 17,283 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, इस अवधि में 10 और संक्रमितों की मौत हुई है जिन्हें मिलाकार अबतक महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 639 हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि कोलकाता में सात लोगों की मौत हुई जबकि हावड़ा-पूर्वी बर्द्धवान-मुर्शिदाबाद में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है और सभी मरीज अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे। बुलेटिन के मुताबिक, रविवार को संक्रमण मुक्त होने के बाद 404 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी गई। इसके साथ ही राज्य में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 11,193 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य में कोविड-19 के 5,451 मरीज उपचाराधीन हैं। बुलेटिन के मुताबिक, शनिवार को राज्य में 10,563 नमूनों की जांच की गई।

तनाव कम करने के लिये अभियान चलाया

दिल्ली पुलिस ने कोविड-19 महामारी के बीच निजी या स्वास्थ्य समस्याओं के चलते तनाव का सामना कर रहे अपने कर्मियों के बीच पहुंचने के लिये अभियान चलाया है। उन्हें विशेषज्ञ पेशेवरों की मदद मुहैया कराई जा रही है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्य जिले ने 'हैल्दी पुलिस, हैप्पी पुलिस' अभियान चलाया है। मध्य जिला पुलिस में 2,705 कर्मी हैं। इनमें से कई ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों को बताया है कि वे निजी कारणों के चलते तनाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने उनसे काउंसलिंग के लिये मदद मांगी है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) संजय भाटिया ने कहा कि मदद मांगने वाले पुलिसकर्मियों की निजता का सम्मान करते हुए पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया है। भाटिया ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी के दौरान पुलिसकर्मी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे हैं। इससे न केवल शारीरिक बल्कि मनोवैज्ञानिक तनाव भी होता है।' उन्होंने कहा, “अभियान के तहत, जिले में तैनात सभी पुलिस कर्मियों को एक स्वास्थ्य समस्या प्रश्नावली भेजी गई और एक सीलबंद लिफाफे में उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली गई है।'' भाटिया ने कहा, 'स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के तीन भागों शारीरिक समस्याएं, मानसिक तनाव और घरेलू दिक्क्तों में बांटा गया है।' उन्होंने बताया कि प्राप्त सूचनाओं के आधार पर समय-समय पर एक परामर्श सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और घरेलू समस्याओं पर परामर्श देने वाले, पुलिस कर्मियों की समस्याओं को सुनकर उनका मार्गदर्शन करेंगे।' उन्होंने कहा कि मध्य जिले के कर्मियों को ऐसे 2,705 फार्म बांटे गए हैं, जिनमें से अब तक 1,500 फार्म वापस आ गए हैं। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में 26 जून को आयोजित एक सत्र में 30 कर्मियों के एक समूह ने पेशेवरों से परामर्श लिया। अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस के कर्मी कोविड-19 महामारी के दौरान आगे रहने वाले कर्मियों में शामिल हैं। ड्यूटी के दौरान न सिर्फ उनका स्वास्थ्य खतरे में है बल्कि निजी कारणों के चलते भी उनके बीच तनाव बढ़ गया है। अधिकारियों ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि 30 वर्षीय एक कांस्टेबल घर पर अपने परिवार के सदस्यों से अलग रह रहे हैं। वह हर दो या तीन मिनट के अंतराल पर अपने हाथों को संक्रमण मुक्त करते हैं। वह 15 मार्च के आसपास से नींद संबंधी दिक्कतों का भी सामना कर रहे हैं, जब यह महामारी चरम पर पहुंचनी शुरू हुई थी। ऐसे ही एक अन्य मामले में 42 वर्षीय उप निरीक्षक की मां की कोविड-19 के चलते मौत हो गई। अब वह यह सोचकर चिंतित हैं कि वह और उनका परिवार भी संक्रमण की चपेट में आ गया होगा। ऐसी ही एक महिला कर्मी भी हैं, जो महामारी के दौरान घर पर अधिक समय गुजार रही हैं। उनका परिवार उनकी शादी करना चाहता है, लेकिन उन्हें लगता है कि परिवार में इकलौता कमाने वाला होने के चलते उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे अपने छोटे भाई और बुजुर्ग मां का ध्यान रखना चाहिये। कई ऐसे कर्मी भी हैं जो दिल्ली से बाहर अपने पैतृक जिलों में चल रहे संपत्ति विवाद जैसे घरेलू मुद्दों के चलते तनाव या रक्तचाप अथवा मधुमेह से जूझ रहे हैं।

सीतारमण ने बंगाल को किया इंकार

केंद्र की जनसमर्थक नीतियों का कथित तौर पर विरोध करने के लिए पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि राज्य को ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ का लाभ नहीं मिल सकता क्योंकि इसने प्रवासी श्रमिकों का आंकड़ा मुहैया नहीं कराया है। बंगाल के लोगों के लिए आयोजित डिजिटल रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ‘‘राज्य में श्रमिक विशेष रेलगाड़ी सेवाओं की अनुमति देने में अनिच्छा जताने’’ के लिए भी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल सरकार केंद की सभी जन हितैषी नीतियों का विरोध करती रही है... प्रवासी श्रमिकों पर छह राज्यों ने आंकड़े साझा किए हैं। बहरहाल, पश्चिम बंगाल ने आंकड़ा साझा नहीं किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री ने एक योजना की शुरुआत की जिसमें देश के 116 जिलों को कवर किया जाएगा लेकिन बंगाल के किसी भी जिले को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा क्योंकि तृणमूल सरकार ने हमसे आंकड़ा साझा नहीं किया। बंगाल में सत्तारूढ़ दल केंद्र की किसी भी कल्याणकारी योजना को लागू नहीं करना चाहता।’’ तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ का लाभ राज्य को नहीं देने के लिए हाल में केंद्र सरकार की आलोचना की थी। बहरहाल, सीतारमण ने चीन-भारत सीमा गतिरोध पर केंद्र सरकार का समर्थन करने के लिए मुख्मयंत्री की प्रशंसा की। सीतारमण ने कहा, ‘‘मैं उन्हें एक बात का श्रेय दूंगी कि कम से कम चीन -भारत सीमा मुद्दे पर उन्होंने (ममता बनर्जी) केंद्र का साथ दिया।’’ टीएमसी सरकार को ‘‘जनविरोधी’’ करार देते हुए सीतारमण ने कहा कि राज्य को चक्रवात ‘अम्फान’ के बारे में 11 दिन पहले सूचित किया गया था लेकिन इसने पर्याप्त उपाय नहीं किए। उन्होंने कहा कि समय रहते कदम उठाए गए होते तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के पश्चिम बंगाल सरकार की कथित अनिच्छा के बारे में सीतारमण ने कहा कि यह एकमात्र ऐसा राज्य है जो अपने श्रमिकों को वापस नहीं लाना चाहता था। राज्य में कोविड-19 से निपटने के तरीकों की आलोचना करते हुए सीतारमण ने कहा कि स्थिति का आकलन करने के लिए राज्य के दौरे पर आयी अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। विधानसभा चुनावों में नागरिकता संशोधन कानून को बड़ा मुद्दा बनने के संकेत देते हुए सीतारमण ने मांग की कि बनर्जी कानून का विरोध करने के कारण बताएं। उन्होंने कहा, ‘‘शरणार्थियों की मदद के लिए यह कानून लाया गया था, इसमें नुकसान क्या है? ममता दीदी को बताना होगा कि वह सीएए का विरोध क्यों कर रही थीं, शरणार्थियों को नागरिकता देने में गलत क्या है।’’ राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार को ‘‘पूरी तरह विफल’’ करार देते हुए सीतारमण ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों को भाजपा को एक मौका देना चाहिए ताकि राज्य को नई ऊंचाईयों तक ले जाया जा सके।

आंध्र प्रदेश में 813 नए मामले

आंध्र प्रदेश में रविवार को एक ही दिन में सर्वाधिक कोविड-19 के 813 नये मामले सामने आने के बाद कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 13,098 पहुंच गई। हालिया बुलेटिन के अनुसार, एक ही दिन में कोरोना वायरस से 12 मरीजों की मौत के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 169 हो गई है। इसके अनुसार, पिछले 24 घंटे में इस घातक वायरस से कुरनूल जिले में छह, कृष्णा जिले में पांच और पश्चिमी गोदावरी में एक मरीज की मौत हुई। पिछले 24 घंटे में कडप्पा जिले में सबसे अधिक 111 मामले और कुरनूल में 103 मामले दर्ज किए गए। बुलेटिन के अनुसार, सामने आए नए 813 मामलों में से 755 स्थानीय लोग हैं जबकि 50 संक्रमित अन्य राज्यों से हैं और आठ लोग विदेश से हैं। इसके अनुसार, आंध्र प्रदेश में फिलहाल कोविड-19 के 7,021 मरीजों का इलाज चल रहा है और अब तक 5,908 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार तक 8,41,860 नमूनों की जांच हो चुकी है, जिसमें संक्रमण की दर 1.56 फीसदी है।

गुरुग्राम में शॉपिंग मॉल एक जुलाई से खुलेंगे

हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस प्रकोप से निपटने के लिए लगे लॉकडाउन के तीन महीने बाद एक जुलाई से गुरुग्राम और फरीदाबाद में शॉपिंग मॉल खोलने की अनुमति दे दी है। गुरुग्राम जिला प्रशासन ने कहा कि वह कुछ प्रतिबंधों के साथ मॉल को फिर से खोलने पर राज्य सरकार के फैसले को लागू करेगा, जबकि फरीदाबाद प्रशासन सोमवार को एक बैठक में इस मामले पर अंतिम फैसला लेगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गुरुग्राम और फरीदाबाद के जिला प्रशासनों को मॉल फिर से खोलने की अनुमति दी गई है। हरियाणा सरकार पहले गुरुग्राम और फरीदाबाद को छोड़कर, राज्य भर में 7 जून से मॉल को फिर से खोलने की अनुमति दे चुकी है। इन दोनों जिलों में कोविड-19 के मामले अधिक हैं। शनिवार को जारी स्वास्थ्य विभाग के एक बुलेटिन के अनुसार, राज्य के कुल 13,427 कोविड-19 मामलों में से 5,070 मामले गुरुग्राम में हैं, जबकि फरीदाबाद में 3,325 मामले हैं। राज्य में संक्रमण के कारण हुई 218 मौतों में से 83 गुरुग्राम में और 71 फरीदाबाद में हुई हैं। संपर्क करने पर गुरुग्राम के जिला आयुक्त अमित खत्री ने कहा कि प्रशासन मॉल खोलने पर राज्य सरकार के आदेश को लागू करेगा। फरीदाबाद के जिला आयुक्त यशपाल यादव ने हालांकि कहा कि जिला प्रशासन इस मामले पर अंतिम निर्णय सोमवार को होने वाली बैठक में लेगा।

स्विट्जरलैंड प्रशासन ने 300 लोगों को पृथकवास में भेजा

स्विट्जरलैंड प्रशासन ने ज्यूरिख के एक नाइट क्लब में कोरोना वायरस के 'सुपर स्प्रेडर’ का पता लगने के बाद 300 लोगों को पृथकवास में रहने का आदेश दिया है। ज्यूरिख के अधिकारियों ने आधिकारिक बयान में कहा कि फ्लेमिंगो क्लब में एक सप्ताह पहले आए व्यक्ति के बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उसके साथ रहने वाले पांच लोगों की भी जांच की गई और प्रशासन को उनके भी कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना मिली है। बयान में कहा गया कि नाइट क्लब द्वारा मेहमानों की मुहैया कराई गई सूची के आधार पर अधिकारी उनसे संपर्क करने में कामयाब हुए और शनिवार से अगले 10 दिनों तक पृथकवास में रहने का आदेश दिया ताकि संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके। स्विस अधिकारियों ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से हटाने के बावजदू साफ-सफाई और सामाजिक दूरी के नियम का अनुपालन करना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर क्लब में इसी तरह के सुपरस्प्रेडर (सामान्यत: बिना लक्षण वाला संक्रमित व्यक्ति जो बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित कर सकता है) की घटनाएं सामने आती हैं तो उन्हें इन सुविधाओं को दोबारा बंद करना होगा। उल्लेखनीय है कि कई यूरोपीय देशों की तरह स्विट्जरलैंड में भी संक्रमण के नये मामलों में कमी आई है और अब दोबारा अर्थव्यवस्था को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। स्विट्जरलैंड द्वारा रविवार को जारी अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार से शनिवार के बीच कोविड-19 के 69 नये मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही देश में कुल संक्रमितों की संख्या 31,555 हो गई है जिनमें से 1,681 लोगों की मौत हुई है।

स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन की तैयारी

ब्रिटेन सरकार ने रविवार को कहा कि वह कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की योजना बना रही है, क्योंकि नवीनतम आंकड़ों से पता चला है कि ब्रिटेन के जातीय अल्पसंख्यकों के बीच भारतीय मूल के लोग इस जानलेवा वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित लोगों की श्रेणी में आते हैं। गृह मंत्री प्रीति पटेल ने लीसेस्टर में इस तरह के पहले स्थानीय लॉकडाउन की खबरों को 'सही' बताया है। पूर्वी ब्रिटेन के इस क्षेत्र में भारतीय मूल के लोगों की अच्छी खासी तादाद है। पटेल ने कहा, 'हम विशेष रूप से पिछले तीन या चार हफ्तों से देश भर में संक्रमण के मामलों में तेज बढ़ोतरी देख रहे हैं। लीसेस्टर में मदद भेजी जा रही है।' उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर बढ़ोतरी को देखते हुए यही सही है कि हम संक्रमण की रोकथाम के लिये स्थानीय स्तर पर ही समाधान तलाशें। इसके तहत शारीरिक दूरी का सख्ती से पालन कराने, जांच तेज करने समेत अन्य कदम उठाए जाएं। ऐसा करने से हम वायरस को फैलने से रोक सकते हैं। हमारे यहां संक्रमण चरम पर पहुंच सकता है। पटेल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ब्रिटेन में मृतकों की दैनिक संख्या में कमी आ रही है और चार जुलाई से लॉकडाउन पाबंदियों में ढील देने की तैयारी चल रही है। इसके तहत बार, रेस्त्रां और सिनेमाघर लोगों के लिये खोल दिये जाएंगे। हालांकि इस दौरान कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई है। इस बीच, एनएचएस इंग्लैंड के नवीनतम आंकड़ों से पता चला है कि भारतीय मूल के 763 लोग अब तक कोविड-19 के चलते जान गंवा चुके हैं।

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संक्रमितों की संख्या एक करोड़ से अधिक हुई

दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो गई है। जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय ने भारत और रूस में संक्रमण के हजारों नए मामले सामने आने के बाद रविवार को एक तालिका तैयार की, जिसके अनुसार अमेरिका में सर्वाधिक, 25 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। हॉपकिंस की तालिका के अनुसार, दुनियाभर में लगभग 5 लाख लोगों की जान कोविड-19 महामारी के कारण जा चुकी है। इस तालिका में उन्हीं मामलों को जोड़ा गया है, जिनकी पुष्टि की जा चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमितों की वास्तविक संख्या इस आंकड़े से 10 गुणा अधिक हो सकती है क्योंकि बहुत से लोग जांच नहीं करा सके या वे वायरस की चपेट में तो आ गए लेकिन उनमें इसके लक्षण दिखाई नहीं दिये।

अधिकतर परियोजनाएं कोविड-19 महामारी से प्रभावित

चीन की अरबों डॉलर वाली महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) परियोजना के तहत चलने वाली अधिकतर परियोजनाएं कोरोना वायरस संक्रमण के कारण आंशिक रूप से या बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। एक चीनी अधिकारी ने यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मामलों के विभाग के महानिदेशक वांग चियालोंग के मुताबिक चीन के वैश्विक प्रभाव को और विस्तार देने के लिये एशिया, अफ्रीका और यूरोप में कोरोबार और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य वाली बीआरआई की परियोजनाओं का करीब पांचवां हिस्सा महामारी से “बुरी तरह प्रभावित” हुआ हैं। हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंगपोस्ट ने वांग को उद्धृत करते हुए कहा कि करीब 40 प्रतिशत परियोजनाएं “बुरी तरह प्रभावित” हुई हैं और 30 से 40 प्रतिशत परियोजनाओं पर “कुछ असर पड़ा” है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 2013 में सत्ता में आने पर बीआरआई को शुरू किया था। इसका उद्देश्य सड़क और समुद्री मार्ग से दक्षिणपूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ना है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ने वाला चीन-पाक आर्थिक गलियारा (सीपीईसी), बीआरआई की मुख्य परियोजना है। इन परियोजनाओं को फिर से गति देने के प्रयास के तहत चीन ने पिछले हफ्ते बीआरआई की पहली वीडियो कॉन्फ्रेंस की। रिपोर्ट में कहा गया है कि जो परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं उनमें 60 अरब अमेरिकी डॉलर वाली सीपीईसी भी शामिल है। भारत ने सीपीईसी को लेकर चीन से अपना विरोध जताया था क्योंकि यह पाक के कब्जे वाले कश्मीर से होकर जा रही है। अखबार के मुताबिक मलेशिया, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, कंबोडिया और श्रीलंका समेत कुछ एशियाई देशों ने चीनी वित्त पोषण वाली इन परियोजनाओं पर या तो रोक लगा दी है या उन्हें विलंबित किया है। खबर में कहा गया कि उदाहरण के लिये कोविड-19 की बाधा ने सीपीईसी, कंबोडिया के शिहानुकविले विशेष आर्थिक क्षेत्र और इंडोनेशिया की जकार्ता-बानडुंग हाईस्पीड रेल परियोजना को प्रभावित किया है। बीआरआई के तहत कई परियोजनाओं को या तो रोक दिया गया है या उनमें बेहद कम काम हो रहा है। बीआरआई को चीन के विदेश में प्रभाव को बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है जिसमें वो दुनिया भर में अपने निवेश से आधारभूत परियोजनाओं का संचालन कर रहा है। श्रीलंका द्वारा 2017 में अपने कर्ज के बदले चीन को 99 सालों के लिये हंबनटोटा बंदरगाह के इस्तेमाल का पट्टा देने के बाद चीन पर यह आरोप भी लगने लगे हैं कि वह छोटे देशों को कर्ज के बोझ तले दबा रहा है।

डिजिटल माध्यमों से बिक्री में तेजी बने रहने के अनुमान

लॉकडाउन के दौरान बिक्री के लिये डिजिटल माध्यमों को अपनाने वाले खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि इस तरह से बिक्री में तेजी आयी है। उन्हें अनुमान है कि यह तेजी आगे भी बनी रहेगी क्योंकि पाबंदियों में ढील के बाद भी उपभोक्ता ऑनलाइन खरीदारी को तरजीह दे रहे हैं। कई खुदरा विक्रेता पहले खाने-पीने तथा किराने के जरूरी सामान ही ऑनलाइन माध्यमों से बेच रहे थे, उन्होंने अब बाकी सामानों को भी ऑनलाइन उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। वे अब कपड़े, उपकरण, और इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान आदि भी उपलब्ध करा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अब ऑनलाइन चैनल पारंपरिक खुदरा विक्रेताओं के लिये ‘अपरिहार्य’ बन गया है और स्थानीय किराना दुकानों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिये उन्हें इस चैनल को और आगे बढ़ाना होगा, जो अब लॉकडाउन अवधि के दौरान डिजिटल तकनीकों को अपनाकर और भी स्मार्ट हो रहे हैं। ईवाई के पार्टनर एवं नेशनल लीडर (कंज्यूमर प्रोडक्ट्स एंड रिटेल) पिनाकिरंजन मिश्रा ने कहा, ‘‘मैं उम्मीद करता हूं कि रिटेलर्स ने लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन बिजनेस के लिए जो गति पकड़ी है, उसे भविष्य में बढ़ायेंगी।’’ फ्यूचर ग्रुप के अध्यक्ष (खाद्य एवं एफएमसीजी) कमलदीप सिंह ने कहा कि उनकी कंपनी के हाइपरमार्ट्स (ऑफलाइन स्टोर) पर अभी भी लोग आ रहे हैं, लेकिन यह महामारी से पहले के स्तर की तुलना में कम है। उन्होंने कहा कि खरीदार सुरक्षित विकल्प के तौर पर होम डिलिवरी को पसंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ''बिग बाजार ने बिगबाजार डॉट कॉम, व्हाट्सएप ऑर्डर करने और फोन के माध्यम से ऑर्डर करने में उछाल देखा है।’’ इसी तरह के रुझान कैश एंड कैरी रिटेलर्स जैसे- वॉलमार्ट, मेट्रो कैश एंड कैरी और लॉट्स होलसेल के भी देखे गये। मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अरविंद मेदिरत्ता के अनुसार, जो काम नोटबंदी ने डिजिटल भुगतान के लिये किया था, लॉकडाउन ने खुदरा कारोबार में प्रौद्योगिकी के लिये वही किया है। वॉलमार्ट इंडिया ने कहा कि लॉकडाउन के बाद इसकी ई-कॉमर्स बिक्री 4.5 गुना बढ़ गई है। इसने एक नया ई-कॉमर्स एप लॉन्च किया है, जिसे पांच लाख बार डाउनलोड किया जा चुका है।

-नीरज कुमार दुबे