Unlock 1 के 29वें दिन सरकार ने जारी किये अनलॉक 2 के दिशानिर्देश, जानिये बड़ी बातें

Unlock 1 के 29वें दिन सरकार ने जारी किये अनलॉक 2 के दिशानिर्देश, जानिये बड़ी बातें

मध्य प्रदेश में सोमवार को संक्रमण के 184 नए मामले सामने आए। इस तरह प्रदेश में अब तक संक्रमित पाये गये लोगों की संख्या 13,370 तक पहुंच गयी। राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से सात और व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है जिससे मरने वालों की संख्या 564 हो गयी है।

महाराष्ट्र, दिल्ली और हरियाणा ऐसे उन राज्यों में से हैं जो कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल करने पर जोर दे रहे हैं। उधर, देश में लगातार छठे दिन सोमवार को कोविड-19 के नये मामलों की संख्या 15 हजार से अधिक रही। महाराष्ट्र में बिना और रियायत दिये लॉकडाउन की अवधि 31 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार को कोविड-19 के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए ‘प्लाज्मा थैरेपी- सह-परीक्षण’ परियोजना की शुरूआत की। राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने इसे दुनिया में अपनी तरह की सबसे बड़ी पहल बताया। इस पद्धति में ऐसे लोगों के रक्त से प्लाज्मा प्राप्त किया जाता है जो इस संक्रमण से उबर चुके हैं। इसके बाद वह प्लाज्मा इलाज करा रहे रोगियों को दिया जाता है। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोविड-19 से संक्रमित गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए ‘प्लाज्मा बैंक’ स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह बैंक दिल्ली सरकार द्वारा संचालित यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान में स्थापित किया जाएगा और डॉक्टरों तथा अस्पतालों को मरीज की जरूरत को देखते हुए प्लाज्मा के लिए यहां संपर्क करना होगा। महाराष्ट्र और दिल्ली इस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित है जहां मामलों की संख्या क्रमश: 1,69,833 और 83,077 है और मौतों की संख्या क्रमश: 7,610 और 2,623 है। महाराष्ट्र में सोमवार को लगातार चौथे दिन कोविड-19 के पांच हजार से अधिक नये मामले सामने आये है। हरियाणा में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 13,829 है जबकि मृतकों की संख्या 223 है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में एक दिन में कोविड-19 के 19,459 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5,48,318 हो गई। वहीं, 380 और लोगों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा 16,475 पर पहुंच गया। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार यह लगातार छठा दिन है जब कोरोना वायरस संक्रमण के 15 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं। देश में एक जून के बाद 3,57,783 मामले सामने आ चुके हैं। मंत्रालय द्वारा अद्यतन आकंड़ों के अनुसार अभी देश में 2,10,120 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि 3,21,722 लोग उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं एक मरीज देश से बाहर चला गया है। मंत्रालय ने कहा कि अभी तक 58.67 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 28 जून तक 83,98,362 लोगों की जांच की गई है, जिनमें से 1,70,560 लोगों की रविवार को जांच की गई थी। मामलों में वृद्धि होने के चलते महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मणिपुर की तरह ही नगालैंड ने भी लॉकडाउन को 30 जून से आगे विस्तार देने की घोषणा की। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार को कोविड-19 के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए ‘प्लाज्मा थैरेपी- सह-परीक्षण’ परियोजना की शुरूआत की। राज्य के एक अधिकारी ने कहा, 'इस परियोजना का नाम 'प्लेटिना' रखा गया है। यह दुनिया में इस तरह की सबसे बड़ी परियोजना है। इसके तहत हमारा इरादा कोरोना वायरस के 500 गंभीर मरीजों का जीवन बचाना है। यह परीक्षण मुंबई में बीएमसी द्वारा संचालित चार कॉलेज समेत 21 मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा।' अधिकारी ने कहा कि सभी गंभीर रोगियों को 200 मिली प्लाज्मा की दो खुराक मुफ्त दी जाएंगी। इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 से संक्रमित गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए ‘प्लाज्मा बैंक’ स्थापित करने की घोषणा की है। वीडियो कांफ्रेंस के जरिये एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो दिन में यह बैंक काम करने लगेगा। उन्होंने बताया कि आप सरकार कोविड-19 से स्वस्थ हो चुके लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने अब तक कोविड-19 के 29 मरीजों पर प्लाज्मा थैरेपी का क्लीनिकल परीक्षण किया है और इसके परिणाम 'उत्साहजनक' रहे हैं। उधर, हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘आईसीएमआर से स्वीकृति मिलने के बाद हरियाणा कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए अपने सभी मेडिकल कॉलेजों में प्लाज्मा पद्धति की शुरुआत करेगा।’’ अन्य राज्यों में कोरोना वायरस की जांच में तेजी लाए जाने के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रदेश में कोविड-19 परीक्षण सुविधाओं में वृद्धि करने के निर्देश दिए हैं। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जांच क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग किया जाए। ट्रूनैट मशीनों तथा रैपिड एंटीजेन जांच मशीनों को पूरी क्षमता से संचालित करते हुए ज्यादा से ज्यादा जांच की जाएं। संक्रमण पर नियंत्रण के लिए निजी चिकित्सालयों में ट्रूनैट मशीनों के प्रयोग के बढ़ावा दिया जाए। वहीं, हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल और स्पीति में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला सोमवार को सामने आया है। बिहार निवासी एक श्रमिक (25) में संक्रमण की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने बताया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के लिए काम करने वाले श्रमिक को केलांग क्षेत्रीय अस्पताल ले जाया गया है। इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 918 हो गई। तमिलनाडु में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के करीब 4,000 नए मामले सामने आए जिसके बाद राज्य में कोविड-19 के मामलों का आंकड़ा 86,000 के पार चला गया। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में इस संक्रमण से 62 और लोगों की मौतें हुई हैं जिसके बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,141 पर पहुंच गई है। इसी तरह, आंध्र प्रदेश में सोमवार को कोविड-19 के 783 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की संख्या 13,891 पहुंच गई जबकि और 11 मरीजों की मौत के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 180 हो गई है।

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अनलॉक-2 के दिशानिर्देश

गृह मंत्रालय ने एक से 31 जुलाई के बीच देश में शुरू हो रहे ‘अनलॉक-2’ के लिए दिशानिर्देश सोमवार को जारी कर दिये। गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस प्रतिबंधों पर कहा, ''सभी स्कूल और कॉलेज 31 जुलाई तक बंद रहेंगे। ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा की अनुमति होगी और उन्हें बढ़ावा दिया जाएगा।'' गृह मंत्रालय ने कहा है कि घरेलू उड़ानों और यात्री ट्रेन सेवाओं को अनलॉक 2 में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। गृह मंत्रालय ने कहा कि ‘अनलॉक 2’ के दौरान अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा, मेट्रो रेल, सिनेमाघर, जिमनाजियम, बार बंद रहेंगे। दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि पूरे देश में रात दस बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक रात का कर्फ्यू अनलॉक 2 में भी लगा रहेगा, केवल जरूरी सेवाएं उससे बाहर होंगी।

महाराष्ट्र में लॉकडाउन 31 जुलाई तक बढ़ाया गया

महाराष्ट्र सरकार ने संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच सोमवार को प्रदेश में कोविड-19 संबंधी लॉकडाउन, बिना कोई और रियायत दिये, 31 जुलाई तक बढ़ा दिया। प्रदेश में लॉकडाउन 30 जून को खत्म हो रहा था और अब इसे एक और महीने के लिये बढ़ा दिया गया है। मुख्य सचिव अजॉय मेहता की ओर से सोमवार को जारी एक आदेश में कहा गया है कि मास्क लगाने, शारीरिक दूरी, सभाओं पर पाबंदी और अन्य नियमों का पालन जारी रहना चाहिये। प्रतिबंधों में किसी नई ढील की घोषणा नहीं की गई है और “मिशन बिगिन अगेन” के तहत पूर्व में दी गई छूट इस लॉकडाउन के दौरान भी नागरिकों के लिये जारी रहेगी। आदेश स्पष्ट रूप से लोगों की अंतरराज्यीय आवाजाही और बिना किसी आपात स्थिति के लंबी दूरी की यात्रा को प्रतिबंधित करता है। सरकार ने सलाह दी है कि जहां तक संभव हो सके घर से ही दफ्तर का काम किया जाए। मेहता के आदेश में कहा गया है कि निजी कार्यालय 10 प्रतिशत कर्मचारियों या 10 लोगों, जो भी अधिक हो, तक के साथ काम कर सकते हैं। राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिये यह अनुपात 15 प्रतिशत या 15 कर्मचारी, जो भी ज्यादा हो, का है। आदेश में कहा गया कि विभिन्न सेवाओं को चरणबद्ध रूप से खोला जाएगा। आदेश में कहा गया कि अनिवार्य सेवाओं से जुड़ी सभी दुकानें संचालित होती रहेंगी। इसमें कहा गया कि गैर अनिवार्य दुकानें 31 मई और चार जून को जारी आदेशों के तहत, और “अपने-अपने नगर निगमों की नीतियों के मुताबिक” संचालन जारी रखेंगी। आदेश में कहा गया कि मॉल और वाणिज्यिक परिसरों को छोड़कर, सभी गैर अनिवार्य बाजार, बाजार-क्षेत्र और दुकानें सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खुली रहेंगी। इसमें कहा गया कि शराब की दुकानों का संचालन जारी रहेगा और जहां इजाजत होगी वहां घर पर डिलीवरी भी की जा सकेगी। इसमें कहा गया कि अनिवार्य व गैर-अनिवार्य चीजों के लिये ई-कॉमर्स गतिविधियां जिनमें विभिन्न तरह की होम डिलीवरी सेवाएं भी आती हैं पहले की तरह जारी रहेंगी। जिन औद्योगिक इकाइयों को खोलने की इजाजत अभी है वो आगे भी काम जारी रख सकती हैं। आदेश में कहा गया कि जिन सार्वजनिक और निजी निर्माण स्थलों पर काम पहले ही शुरू हो चुका है वो आगे काम जारी रख सकते हैं। मार्च के अंत से बंद स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान और शॉपिंग मॉल उन प्रतिष्ठानों में शामिल हैं जिन्हें खोलने की इजाजत अभी नहीं दी गई है। महाराष्ट्र में रविवार को एक दिन में कोविड-19 के सबसे अधिक 5,493 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 1,64,626 हो गई थी। राज्य में अब तक कुल 7,429 लोगों की मौत हो चुकी है।

गुजरात में संक्रमण के 6246 नए मामले

गुजरात में सोमवार को कोविड-19 के एक दिन में सबसे ज्यादा 626 नए मामले सामने आने के साथ ही प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 32,023 हो गई। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यह जानकारी दी गई। विभाग के मुताबिक एक दिन में 19 लोगों की महामारी के कारण मौत से प्रदेश में अब तक इस बीमारी से जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 1,828 हो गया। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक आज 440 और मरीजों को छुट्टी मिलने के बाद प्रदेश में इस बीमारी से ठीक हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 23,248 हो गई। प्रदेश में अब 6,947 कोविड-19 मरीजों का इलाज चल रहा है जिनमें से 63 मरीजों की हालत गंभीर है। राज्य में अब तक कुल 3,67,739 नमूनों की कोरोना वायरस की जांच हुई है।

मेट्रो ट्रेन सेवाओं को जल्द से जल्द शुरू करने का आग्रह

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता मेट्रो के अधिकारियों से ‘‘सीमित’’ तरीके से ट्रेनों का संचालन जल्द से जल्द फिर से शुरू करने का सोमवार को आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव जल्द ही इस मुद्दे पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से बात करेंगे। बनर्जी ने कहा कि यदि संचालन सीमित तरीके से शुरू होता है, यानी केवल आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों को ले जाने के लिए, तो इससे शहर के एक-चौथाई यात्रियों को लाभ होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम मेट्रो अधिकारियों से अनुरोध कर रहे हैं कि वे जल्द से जल्द सेवाएं फिर से शुरू करें। मुझे पता है कि वे मुंबई में उपनगरीय ट्रेनों का संचालन कैसे कर रहे हैं (केवल आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों के लिए)।’’ बनर्जी ने यहां राज्य सचिवालय में कहा, ‘‘हमने उनसे सभी के लिए इसे शुरू करने को कहा, लेकिन वे केवल आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों की मदद के लिए केवल सीमित सेवाओं को फिर से शुरू करने के पक्ष में है।’’ कोलकाता मेट्रो रेलवे के अधिकारी आपातकालीन सेवाओं में लगे लोगों की मदद करने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने एक जुलाई से मेट्रो सेवाओं को शुरू करने की इच्छा जताई थी, जिसको लेकर कोलकाता मेट्रो अधिकारियों और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच सोमवार को राज्य सचिवालय में बैठक हुई। राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मेट्रो अधिकारियों ने कहा कि सेवा शुरू होने के बाद ट्रेनों और स्टेशनों पर सामाजिक दूरी बनाये रखने के लिए भीड़ को नियंत्रित करना एक चुनौती होगी। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘मेट्रो अधिकारियों ने राज्य सरकार को सूचित किया कि वह सीमित संख्या में ट्रेनों को चला सकती है। केवल आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों को कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए सामाजिक दूरियों के मानदंडों को सुनिश्चित कर ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति दी जा सकती है।’’

प्लाज्मा बैंक बनेगा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 से संक्रमित गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए ‘प्लाज्मा बैंक’ स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह बैंक दिल्ली सरकार द्वारा संचालित यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान में स्थापित किया जाएगा और डॉक्टरों तथा अस्पतालों को मरीज की जरूरत को देखते हुए प्लाज्मा के लिए यहां संपर्क करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार कोविड-19 से स्वस्थ हो चुके लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा दान से जुड़ी जानकारियों को लेकर सरकार हेल्पलाइन भी स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि जो भी प्लाज्मा दान करने के इच्छुक होंगे, उनके लिए सरकार यात्रा का प्रबंध करेगी। उन्होंने कहा, ''कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा बैंक शायद अपनी तरह की पहली ऐसी व्यवस्था होगी। शायद यह देश में पहला प्लाज्मा बैंक होगा।’’ उन्होंने कहा कि लोग प्लाज्मा हासिल करने के लिए काफी परेशान हो रहे थे, जिसको देखते हुए इस बैंक की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने बताया कि निजी और सरकारी अस्पताल दोनों ही यहां से प्लाज्मा हासिल कर सकेंगे। हालांकि, केजरीवाल ने यह भी कहा कि प्लाज्मा थेरेपी ‘संजीवनी बूटी’ नहीं है। उन्होंने कहा, ''सामान्य तौर पर उन मरीजों की जान बचा पाना काफी मुश्किल हो जाता है जो अंतिम स्थिति में हैं या उन्हें पहले से ही बीमारियां हैं और वेंटिलेटर पर हैं। वैसे मरीज जिनकी स्थिति मध्यम स्तर पर है, उनके लिए यह थेरेपी लाभदायक है।’’ वैसा व्यक्ति जो हाल ही में कोविड-19 से उबरा है और उसमें एंटीबॉडी विकसित हुई है, प्लाज्मा थेरेपी में ऐसे ही मरीजों के खून से एंटीबॉडीज ली जाती है और इसका इस्तेमाल संक्रमित मरीजों के इलाज में किया जाता है। केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने अब तक कोविड-19 के 29 मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी का क्लीनिकल परीक्षण किया है और इसके परिणाम 'उत्साहजनक' रहे हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी कोविड-19 से संक्रमित थे और उन पर भी प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया गया। अब वह स्वस्थ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल में 35 मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया गया, जिनमें से 34 की जान बचाई गई और एक मरीज की मौत हो गई। इसी तरह से निजी अस्पतालों में 49 मरीजों पर इस थेरेपी का इस्तेमाल हुआ, जिनमें से 46 लोग स्वस्थ हो गए। मुख्यमंत्री ने लोगों से आगे आकर प्लाज्मा दान करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, ‘‘ पूरे जीवन में दूसरों की जान बचाने के बहुत कम मौके आते हैं और आपके पास (कोविड-19 से स्वस्थ हुए लोग) यह मौका है।’’ केजरीवाल ने कहा कि कोविड-19 मरीज के रिश्तेदार मरीजों को प्लाज्मा देने के लिए स्वतंत्र हैं । सिर्फ बैंक में ही दान देना आवश्यक नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिस्तरों की संख्या में कमी नहीं है और इस महामारी से निपटने के लिए कई प्रभावी तरीके अपनाए गए हैं। रविवार को दिल्ली में संक्रमण के 2,889 मामले सामने आए जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 83,000 से अधिक हो गई और अब तक 2,623 लोगों की मौत हो चुकी है। महानगर में अब 421 निरूद्ध क्षेत्र हैं।

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हरियाणा में नौ और लोगों की मौत, 381 नये मामले

हरियाणा में कोविड-19 से नौ और लोगों की मौत हो गई और 381 नये मामले सामने आये हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार राज्य में सोमवार को मृतकों की संख्या 232 पहुंच गई और संक्रमितों की संख्या 14,210 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य जल्द ही अपने सभी मेडिकल कॉलेजों में कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी शुरू करेगा। विज ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘हरियाणा आईसीएमआर से मंजूरी के बाद अपने सभी मेडिकल कॉलेजों में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी शुरू करेगा।’’ बुलेटिन के अनुसार गुड़गांव राज्य में इस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित जिला है जहां छह लोगों की मौत हुई है, फरीदाबाद में दो लोगों और महेंद्रगढ़ में एक व्यक्ति की मौत हुई है। राज्य में अभी 4,476 मरीजों का इलाज चल रहा है और 9,502 को स्वस्थ होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। राज्य में सोमवार को स्वस्थ होने की दर 66.87 प्रतिशत है।

भारत इजरायली समाधान का उपयोग करेगा

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के मद्देनजर भारत अपने सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित रखने के लिए इजरायल के एक खास कीटाणुनाशक सॉल्यूशन (समाधान) का उपयोग करेगा। एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। इजरायल के रक्षा बलों के लिए इसे विशेष तौर पर जैविक हमले से निपटने के लिए विकसित किया गया था। संक्रमण मुक्त करने के लिए उपयोग होने वाले इस विशेष सॉल्यूशन को इजरायल जैविक अनुसंधान संस्थान (आईआईबीआर) ने विकसित किया है। यह संस्थान सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय और रक्षा मंत्रालय की निगरानी में कार्य करता है। आईआईबीआर कोरोना वायरस का टीका विकसित करने में भी प्रयासरत है। इस सॉल्यूशन को इजरायली कंपनी टेरा नोवैल के जरिए वितरित किया जाता है। यरुशलम पोस्ट की रविवार की रिपोर्ट के मुताबिक, टेरा नोवैल एक गोपनीय समझौते के तहत अपने भारतीय वितरक झीवा इनोवेशंस बायोटेक के जरिए भारत में इस सॉल्यूशन को मुहैया कराएगा। इसके मुताबिक, इस खास यौगिक का उपयोग हवाई अड्डे, अस्पतालों, सार्वजनिक परिवहन प्रणाली समेत अन्य स्थानों को संक्रमण मुक्त करने में किया जाएगा। यह नया सॉल्यूशन सतह पर सभी तरह के किटाणुओं, विषाणुओं (कोरोना वायरस समेत) और कवक आदि को शत-प्रतिशत मारने में सक्षम पाया गया है। इतना ही नहीं एक बार सतह पर स्प्रे करने के बाद यह सॉल्यूशन लंबे समय तक सक्रिय रहता है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के साथ समन्वय समझौते पर हस्ताक्षर से पहले इस सॉल्यूशन की तकनीक का इजरायल में कई सार्वजनिक स्थानों पर सफल परीक्षण किया जा चुका है। संक्रमण के अधिक जोखिम वाले स्थानों पर भी इसे कारगर पाया गया है। रिपोर्ट में टेरा नोवैल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केरेन कोहेन हाजोन के हवाले से कहा गया कि इसकी विशेषताएं इसे सार्वजनिक स्थानों, संस्थानों, पर्यटन स्थल अथवा घरेलू इस्तेमाल में भी उपयुक्त बनाती हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि यह सॉल्यूशन कोरोना वायरस से निपटने के भारत के प्रयासों में मददगार साबित होगा।'

महाराष्ट्र में 5,257 नये मामले

महाराष्ट्र में कोविड-19 के 5,257 नये मामले सामने आने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,69,883 हो गई। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, कोविड-19 से और 181 लोगों की मौत होने के साथ ही राज्य में महामारी से जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 7,610 हो गया। पिछले चार दिनों से लगातार राज्य में कोविड-19 के 5,000 से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि जान गंवाने वाले 181 लोगों में से 76 मौत बीते 48 घंटों के दौरान हुईं जबकि अन्य की मौत पहले हुई थी। अधिकारी ने बताया कि दिन में 2,385 लोगों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी गई जिससे ठीक हुए लोगों की संख्या 88,960 हो गई है। राज्य में अब भी 73,298 मरीज इलाजरत हैं।

श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की मांग नहीं

रेलवे ने सोमवार को बताया कि अब किसी राज्य से श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की मांग नहीं की जा रही है, लेकिन राज्यों द्वारा अनुरोध किए जाने पर ऐसी रेलगाड़ियों को चलाने की पेशकश की। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को कोई श्रमिक विशेष रेलगाड़ी नहीं चलाई गई और न ही मंगलवार को ऐसी रेलगाड़ी चलाने की योजना है। उन्होंने कहा, ‘‘केवल एक रेलगाड़ी की मांग कर्नाटक की ओर से की गई थी जो आज (सोमवार को) बेंगलुरु से बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए चलाई जा रही है। कल भी ऐसी रेलगाड़ी की कोई मांग नहीं है। हम राज्यों से मांग किए जाने पर श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन करेंगे।’’ प्रवक्ता के मुताबिक एक मई से अब तक 4,596 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां चलाई गई हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जून के शुरुआत से श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की मांग में उल्लेखनीय कमी आई है। 31 मई को रेलवे ने केवल 69 श्रमिक रेलगाड़ियों का परिचालन किया जबकि अगले दिन करीब 100 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन किया गया। श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन राज्यों के अनुरोध पर किया जा रहा था जो कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य भेजना चाहते थे। प्रवक्ता ने बताया कि एक जून से चलाई जा रही 200 मेल/ एक्सप्रेस विशेष रेलगाड़ियों से रोजाना 20 से 22 करोड़ रुपये की आय हो रही है। उन्होंने बताया कि 12 मई से राजधानी एक्सप्रेस के रूट पर चलाई जा रही 15 जोड़ी वातानुकूलित रेलगाड़ियों में क्षमता के अनुपात में 80 प्रतिशत सीटें भर रही हैं। प्रवक्ता ने कहा कि श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की मांग कम होने के साथ-साथ बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से मुंबई, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों को जाने वाली गाड़ियां शत प्रतिशत भरी हुई जा रही हैं जो संकेत है कि अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है। उन्होंने बताया कि कुल चलाई गई 4,596 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की 81 प्रतिशत रेलगाड़ियां इन्हीं राज्यों में आई। उल्लेखनीय है कि रेलवे एक जून से 100 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस रेलगाड़ियों और 15 जोड़ी रेलगाड़ियों का परिचालन राजधानी एक्सप्रेस के रूट पर कर रहा है। पांच राज्यों के रेलवे स्टेशन पर खड़ी कोविड-मरीज देखभाल बोगी की जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि 20 जून से 59 मरीज उत्तर प्रदेश के मऊ स्टेशन पर खड़े विशेष डिब्बे में भर्ती थे जिनमें से 56 को छुट्टी दे दी गई है जबकि दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर खड़ी कोविड-19 देखभाल कोच में भर्ती 32 मरीजों में से नौ को अब तक छुट्टी दी गई है। प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे ने अब तक रद्द टिकटों के किराए का पूरा भुगतान करने का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि हाल में रेलवे ने नियमित यात्री रेलगाड़ियों को 12 अगस्त तक के लिए रद्द कर दिया था, लेकिन विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन जारी रहेगा।

रेमडेसिविर का इस्तेमाल

देश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में इस महामारी के मध्यम लक्षणों वाले मरीजों पर वायरसरोधी दवा रेमडेसिविर का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक इसके आरंभिक नतीजे उत्साहजनक रहे हैं। श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सैम्स) के छाती रोग विभाग के प्रमुख डॉ. रवि डोसी ने सोमवार को "पीटीआई-भाषा" को बताया कि पहले चरण में कोविड-19 के मध्यम लक्षणों वाले ऐसे सात मरीजों पर रेमडेसिविर का इस्तेमाल शुरू किया गया है जो आईसीयू में भर्ती हैं और सांस लेने में बड़ी दिक्कत के कारण कृत्रिम ऑक्सीजन पर निर्भर हैं। सातों मरीजों को प्रोटोकॉल के तहत अन्य दवाएं भी दी जा रही हैं। डोसी ने बताया कि ये मरीज 28 से 68 वर्ष तक की उम्र के हैं। इनमें से पांच लोगों को पुरानी बीमारियां भी हैं जिनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप और गठिया शामिल हैं। उन्होंने बताया, "इन मरीजों को इंजेक्शन के माध्यम से रेमडेसिविर इसलिये दी जा रही है ताकि हम उनकी हालत बिगड़ने से रोक सकें और उन्हें जीवन रक्षक यंत्र (वेंटिलेटर) पर रखने की नौबत न आने पाये।" डोसी ने बताया कि सातों मरीजों को पिछले तीन दिन से हर रोज रेमडेसिविर का एक-एक इंजेक्शन लगाया जा रहा है। तय डोज के मुताबिक ये इंजेक्शन कुल पांच दिन तक लगाये जाने हैं। उन्होंने बताया, "शुरूआती रूप से इन मरीजों पर रेमडेसिविर का परिणाम उत्साहजनक रहा है। हालांकि, पांच दिन का डोज पूरा होने के बाद ही इस विषय में पुख्ता तौर पर कुछ कहा जा सकेगा।" आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इंदौर जिले में अब तक कोविड-19 के कुल 4,664 मरीज मिले हैं। इनमें से 226 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि 3,435 लोग उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं।

तमिलनाडु में 3,949 नए मामले

तमिलनाडु में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3,949 नए मामले सामने आए जिसके बाद राज्य में कोविड-19 के मामलों का आंकड़ा 86,000 के पार चला गया। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में इस संक्रमण से 62 और लोगों की मौत हुई हैं जिसके बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,141 पर पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन में कहा गया कि सोमवार को सामने आए 3,949 नए मामलों में अकेले चेन्नई से संक्रमण के 2,167 मामले हैं। इसके अलावा चेंगलपेट में 187, तिरुवल्लूर में 154 और मदुरई में 303 मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन में कहा गया कि राज्य में संक्रमण के कुल 86,224 मामले हैं। वहीं सोमवार को 2,212 मरीजों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जिससे स्वस्थ हो चुके लोगों की संख्या 47,749 हो गई है। राज्य में अब 37,331 मरीजों का उपचार चल रहा है। राज्य के 44 सरकारी और 18 निजी अस्पतालों में कोविड-19 से संक्रमित 62 लोगों की मौत हो गई जिनमें से 51 मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। 25 जून से ही तमिलनाडु में रोजाना 3500 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं और पिछले दो दिनों से यह आंकड़ा चार हजार के करीब पहुंच चुका है। रविवार को संक्रमण के 3,940 मामले सामने आए थे।

नगालैंड सरकार ने लॉकडाउन बढ़ाया

नगालैंड सरकार ने कोविड-19 महामारी का प्रसार रोकने के लिये प्रदेश में बंद को 15 जुलाई तक बढ़ा दिया है। सरकार के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। योजना और समन्वय तथा संसदीय मामलों के मंत्री नेइबा क्रोनू, जो कोविड-19 पर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता भी हैं, ने कहा कि बंद को बढ़ाने का फैसला मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने व्यापक विचार-विमर्श और संबंधित जिलों के कोविड-19 कार्यबल की अनुशंसा के बाद मौजूदा बंद के उपायों को लेकर यथास्थिति बनाए रखने का फैसला किया। राज्य सरकार ने इससे पहले विभिन्न अधिसूचनाओं के जरिये कृषि गतिविधियों, आवश्यक सामानों की आवाजाही, धार्मिक या सार्वजनिक स्थलों को खोलने और स्थानीय टैक्सी या ऑटोरिक्शा को खोलने के लिये रियायत दी थी। क्रोनू ने कहा कि असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश से लगने वाली अंतरराज्यीय सीमाएं बंद रहेंगी और अंतरराज्यीय प्रवेश बिंदुओं पर तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस बीच प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एस पांगन्यू फोम ने कहा कि नगालैंड में 18 सैन्यकर्मियों समेत 19 और लोग संक्रमित पाए गए हैं जिन्हें मिलाकर सोमवार को राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 434 पहुंच गई। उन्होंने बताया कि कुल 434 मामलों में से 266 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि 168 ठीक हो चुके हैं।

उत्तराखंड में आठ नये मामले सामने आये

उत्तराखंड में सोमवार को एक और कोरोना वायरस संक्रमित मरीज की मौत हो गयी जबकि इसके आठ नए मामले सामने आने से इसकी कुल संख्या बढ़कर 2831 हो गयी। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां जारी बुलेटिन के अनुसार, देहरादून में सरकारी अस्पताल में भर्ती 65 वर्षीय एक मरीज ने दम तोड़ दिया। इसी बीच, उसकी जांच रिपोर्ट में उसके कोविड-19 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसके साथ ही प्रदेश में महामारी से मरने वालों की संख्या 39 हो गयी है। प्रदेश में सोमवार को सामने आए आठ नए मरीजों में से चार देहरादून से और दो—दो नैनीताल और उधमसिंह नगर जिले से हैं। उत्तराखंड में 2111 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और उपचाराधीन मामलों की संख्या 659 हैं।

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कर्नाटक के मंत्री ने कड़े कदम उठाने का संकेत दिया

कर्नाटक के राजस्व मंत्री आर अशोक ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर इस शहर और राज्य के अन्य हिस्सों में उसके प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सात जुलाई के बाद और कड़े नियम लाये जाने की संभावना है। खबरों के अनुसार राज्य सरकार इस संक्रमण पर काबू पाने के लिए कुछ कठोर कदम उठाने के लिए चार जुलाई को एसएसएलसी की परीक्षा के समाप्त हो जाने का इंतजार कर रही है। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच अंतर-राज्यीय यात्रा पर रोक जैसी पाबंदियों के बारे में पूछे जाने पर अशोक ने कहा, ''इन सभी बातों के लिए मैं समझता हूं कि आपको बच्चों के हित में सात जुलाई तक प्रतीक्षा करनी होगी। सात जुलाई के बाद मुख्यमंत्री विभिन्न बदलाव करने का निर्णय लेंगे।’’ बेंगलुरु में कोविड-19 प्रबंधन के प्रभारी मंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई और अगस्त में दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़ेंगे यानी भारत और कर्नाटक एवं बेंगलुरू में भी इस महामारी के मरीज बढेंगे, इसलिए एहतियाती उपाय किये जायेंगे। हाल ही में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के बाद पिछले सप्ताह ऐसी अटकलें लगने लगीं थी कि सरकार फिर लॉकडाउन लगा सकती हैं और कुछ मंत्री इसका संकेत भी देने लगे थे लेकिन सरकार ने यह कहते हुए ऐसे किसी कदम से इनकार किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार लाना और विकास गतिविधियां चलाना उतना ही महत्वपूर्ण है। राज्य में रविवार को एक दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक 1200 से अधिक नये मामले सामने आये थे और 16 मरीजों की जान चली गयी थी। राज्य में अब तक इस महामारी के मामले 13,190 हो गये जबकि 207 लोगों की जान इस बीमारी के चलते चली गयी।

बदतर हालात सामने आ रहे

विश्व के समृद्ध देशों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद कोरोना वायरस ने तेजी से इन्हें अपनी चपेट में ले लिया। अब कोरोना वायरस गरीब और युद्ध से प्रभावित देशों में तेजी से पैर पसार रहा है और इन देशों में वायरस से निपटने को लेकर स्वास्थ्य, पृथक-वास और परीक्षण सुविधाओं का भी अभाव है। विशेषज्ञों ने कई महीने पहले ही इस बाबत चेतावनी दी थी और अब काफी हद तक ये डर सामने आने लगा है। दक्षिणी यमन में सुरक्षा उपकरणों की कमी का हवाला देते हुए बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी अपने पदों को छोड़ रहे हैं और कुछ अस्पताल श्वास संबंधी मरीजों को लौटा रहे हैं। वहीं, सूडान के युद्ध प्रभावित दारफुर प्रांत में परीक्षण की क्षमता बेहद कम है और यहां कोविड-19 के जैसे लक्षणों वाली रहस्यमय बीमारी शिविरों के जरिए फैल रही है। इस बीच, भारत और पाकिस्तान में भी कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इन देशों के अधिकारियों का कहना है कि गरीबी अधिक होने के कारण लंबे समय तक देशव्यापी लॉकडाउन लागू रखना संभव नहीं है। उधर, लातिन अमेरिका में ब्राजील में वायरस के मामले अमेरिका के बाद सबसे अधिक हैं। इस देश में घातक वायरस से जान गंवाने वालों की संख्या भी काफी अधिक है। इसके नेताओं पर वायरस को काबू करने के लिए कारगर कदम उठाए जाने के इच्छुक नहीं होने के आरोप लग रहे हैं। इसी तरह, मामले सामने आने के शुरुआती समय में ही लॉकडाउन लागू करने के बावजूद पेरु, चिली, इक्वाडोर और पनामा में हालात बिगड़ रहे हैं। अफ्रीका महाद्वीप के अन्य देशों के मुकाबले दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्यवस्था बेहतर है। इसके बाद भी वहां के अस्पतालों में मरीजों के लिए पर्याप्त इलाज मुहैया कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक अस्पताल पूरा भर जाने के बाद मरीजों को परिसर में बिस्तर पर लेटे देखा जा सकता है। जोहानिसबर्ग में एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ फ्रांसिस वेंटर ने कहा, ' अब हम बवंडर का सामना कर रहे हैं।' जॉन हॉप्किंस विश्वविद्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, विश्व में कोरोना वायरस संक्रमण के 1.1 करोड़ मामले सामने आ चुके हैं और अब तक पांच लाख से अधिक मौतें हो चुकी हैं। 'डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' के आपातकालीन विंग की प्रमुख केट व्हाइट ने कहा कि सुरक्षा उपकरणों की वैश्विक मांग के चलते इनके दामों में वृद्धि हुई है। जांच किट प्राप्त करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह, मरीजों के लिए पृथक-वास की सुविधाओं और संक्रमित के संपर्कों का पता लगाने के लिए भी बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों की आवश्यकता है। केट ने कहा, 'जब बात अन्य देशों के मुकाबले आर्थिक रूप से कमजोर देशों की आती है तो वे प्रतिकूल रूप से अधिक प्रभावित होंगे।'

नई दवा की पहचान

शोधकर्ताओं ने पाया है कि कोरोना वायरस अपने लक्षित उत्तकों में प्रोटीन को निशाना बनाता है और फिर लंबी श्रृंखला बनाकर नजदीक के उत्तक तक पहुंचता है और संक्रमण फैलाता है। इस शोध से क्लीनिकली स्वीकृत ऐसी दवाओं की पहचान हो सकेगी, जो वायरस की इस प्रक्रिया को बाधित कर सकती है। अमेरिका के ईएमबीएल के यूरोपीय बायोइन्फॉर्मेटिक्स इंस्टीट्यूट (ईएमबीएल-ईबीआई) और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय सैन फ्रांसिस्को के वैज्ञानिकों ने वायरस, जिनमें कोरोना वायरस सार्स कोव-टू के वायरस भी शामिल हैं, वे उत्तकों पर नियंत्रण करते हैं और नये वायरल कण उत्पादित करने के लिए इसमें छेड़छाड़ करते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार इससे प्रोटीन की गतिविधियां और एंजाइम जैसे महत्वपूर्ण अणु प्रभावित होते हैं और इसके ढांचे में बदलाव कर प्रोटीन की कार्यविधि में बदलाव लाते हैं। पत्रिका सेल में रविवार को प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने सभी मूल एवं वायरल प्रोटीन का विश्लेषण किया जिसने सार्स कोव-टू संक्रमण के बाद एंजाइम की प्रक्रिया में बदलाव को दर्शाया, जिसे फॉसफोरिलेशन कहा जाता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक मूल प्रोटीन में फॉसफोरिलेशन पैटर्न में बदलाव लाकर वायरस अपने संचरण को दूसरे उत्तकों तक प्रसार को बढ़ावा देता है। उन्होंने पाया कि वायरस के संपर्क में आने वाले 12 फीसदी तक मूल प्रोटीन बदल जाते हैं।

छूट दे सकता है रिजर्व बैंक

रिजर्व बैंक ने कोविड-19 महामारी की वजह से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों के लिये कर्ज के एक बारगी पुनर्गठन की दिशा में पहल शुरू कर दी है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और कई अन्य संगठनों ने रिजर्व बैंक के साथ-साथ सरकार को भी इस संबंध में ज्ञापन दिये हैं। इन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से कारोबार में जबर्दस्त उथल पुथल के कारण कर्ज का एक बारगी पुनर्गठन किया जाना चाहिये। सूत्रों ने बताया कि केन्द्रीय बैंक ने इन सभी सुझावों पर गौर किया है और सिफारिशों की जांच पड़ताल हो रही है। इसके आधार पर ही उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां पुराने कर्ज की किस्तों के पुनर्गठन की छूट दी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार अगस्तके अंत तक इस इस विषय में कुछ ठोस बात तय हो सकती है। अगस्त में कर्ज की किस्त चुकाने को दी गयी छह माह की मोहलत खत्म हो रही है। इस लिहाज से जिन क्षेत्रों के बीच कर्ज के पुनर्गठन को लेकर गौर किया जा सकता है उनमें आतिथ्य, पर्यटन, विमानन और निर्माण क्षेत्र प्रमुख हैं। रिजर्व बैंक ने इससे पहले फरवरी में जीएसटी पंजीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के संकटग्रस्त ऋणों के एकबारगी पुनर्गठन का लाभ देने का फैसला किया था। यह सुविधा ऐसे एमएसएमई को दी गई जो कि एक जनवरी 2020 को ‘डिफाल्ट’ थे। रिजर्व बैंक ने यह सुविधा बजट घोषणा के अनुरूप उपलब्ध कराई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषणा में कहा था, ‘‘रिजर्व बैंक द्वारा पिछले साल रिण के पुनर्गठन की अनुमति देने से पांच लाख से अधिक एमएसएमई को फायदा हुआ। यह पुनर्गठन सुविधा 31 मार्च 2020 को समाप्त होनी है। सरकार ने रिजर्व बैंक से इस सुविधा को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाने को लेकर विचार करने को कहा है।’’ गत सप्ताह वित्त मंत्री ने कहा कि दबाव वाली कंपनियों की मदद के लिये रिण के एकबारगी पुनर्गठन को लेकर सरकार रिजर्व बैंक के साथ बातचीत कर रही है। इससे पहले वर्ष 2008 में लेहमन ब्रादर्स के दिवालिया होने के बाद दुनियाभर में वित्तीय संकट खड़ा होने पर भी रिजर्व बैंक ने कई क्षेत्रों के लिये एकबारगी रिण पुनर्गठन की घोषणा की थी ताकि वह आर्थिक संकट से उबर सकें। हालांकि, इस सुविधा का कई कार्पोरेट कर्जदारों, बैंकों ने दुरुपयोग किया और रिजर्व बेंक को 2015 में इसके नियमों को सख्त करना पड़ा। इसके बाद रिजर्व बैंक ने दिसंबर 2015 में संपत्ति गुणवत्ता की समीक्षा करना भी शुरू कर दिया। इससे कर्ज खातों को हर समय मानक दर्जे का बनाये रखने और प्रावधान से बचने की सुविधा देते रहने की धारणा हमेशा के लिये समाप्त कर दी गई। इसके बाद कर्ज किस्त के भुगतान में तय समय से एक दिन की भी देरी होने पर खाते को डिफाल्ट माने जाने का नियम शुरू हो गया और ऐसे मामलों को दिवालिया एवं रिण शोधन अक्षमता कानून के तहत समाधान के लिये भेज दिया जाता है।

-नीरज कुमार दुबे