Unlock 2 के 28वें दिन कोरोना के लगभग 5 लाख सक्रिय मामले, साढ़े 9 लाख से ज्यादा ठीक हुए

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केरल में मंगलवार को सर्वाधिक 1,167 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही राज्य में कोविड-19 के कुल प्रभावितों की संख्या 20,894 हो गई है। मंगलवार को चार और संक्रमित मरीजों की मौत हो गई।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि 18 जून को कोविड-19 से मृत्यु दर 3.33 प्रतिशत थी जो अब घटकर 2.25 प्रतिशत हो गयी है। वहीं, मध्य जून में ठीक होने की दर करीब 53 प्रतिशत थी जो अब 64 प्रतिशत से ज्यादा हो गयी है। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 35,176 मरीजों को छुट्टी मिलने के साथ देश में संक्रमण से ठीक हुए लोगों की संख्या 9,52,743 हो गयी है। लगातार पांचवें दिन देश में 30,000 से ज्यादा लोग संक्रमण से ठीक हो गए। कोविड-19 के 47,703 नए मामले आने से मंगलवार को संक्रमित मरीजों की संख्या 14,83,156 हो गयी। संक्रमण से 654 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 33,425 हो गयी है। मंत्रालय ने बताया, ‘‘मध्य जून में कोविड-19 से मृत्यु दर 3.33 प्रतिशत थी जो मंगलवार को घटकर 2.25 प्रतिशत हो गयी। भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां मृत्यु दर कम है।’’ मंत्रालय ने कहा है कि निषिद्ध क्षेत्र को लेकर बनायी गयी ठोस रणनीति, घर-घर जाकर जांच करने, जांच की संख्या बढ़ाने और अस्पताल के मामलों में प्रभावी प्रबंधन जैसे प्रयासों की बदौलत मृत्यु दर को कम करने में कामयाबी मिली है। मंत्रालय ने कहा कि अस्पतालों के बोझ को कम करना सुनिश्चित किया गया और बिना लक्षण वाले मरीजों को निगरानी में घर में पृथक-वास में रखने की पहल की गई। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों ने गंभीर मामलों से निपटने में प्रभावी तरीके अपनाए। स्वास्थ्य क्षेत्र के जमीनी कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल करते हुए अत्यधिक जोखिम वाली आबादी की, प्राथमिकता के साथ देखभाल करने के लिए कदम उठाए गए। इन सब प्रयासों से देश में कोविड-19 की मृत्यु दर को कम करने में मदद मिली। इस दौरान, त्रि-स्तरीय अस्पतालों के ढांचे को भी बेहतर बनाया गया। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मध्य जून में ठीक होने की दर 53 प्रतिशत थी जो मंगलवार को 64.24 प्रतिशत हो गयी है। वर्तमान में संक्रमण के 4,96,988 मामले हैं और सारे मरीज चिकित्सकीय निगरानी में हैं। मंत्रालय ने कहा है कि एम्स, नयी दिल्ली की विशेषज्ञ टीम द्वारा राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को संक्रमण के मामलों से निपटने में मदद की जा रही है। संक्रमित मरीज की जल्दी पहचान की जा रही है और उन्हें पृथक-वास में भेजा जा रहा है। इसके साथ ही अस्पताल के मामलों में प्रभावी प्रबंधन को लेकर कदम उठाए गए हैं। केंद्रीय दल का भी लगातार दौरा हो रहा है। इन सब प्रयासों की बदौलत मृत्यु दर कम हो रही है और ठीक होने की दर बेहतर हो रही है। लगातार दो दिनों तक एक दिन में पांच लाख से ज्यादा नमूनों की जांच की गयी। देश में 26 जुलाई को 5,15,000 नमूनों और 27 जुलाई को 5,28,082 नमूनों की जांच की गयी। देश में अब तक कुल मिलाकर 1,73,34,885 जांच की गयी है। भारत में जांच की क्षमता को और मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नोएडा, मुंबई और कोलकाता में तीन अत्याधुनिक जांच केंद्रों की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होने की दर भी अन्य देशों के मुकाबले बहुत ज्यादा है और दिनोंदिन सुधार भी हो रहा है। मंत्रालय ने कहा कि देश में 1310 प्रयोगशालाएं हैं। इनमें से 905 सरकारी और 405 निजी प्रयोगशाला हैं।

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केजरीवाल का दावा

दिल्ली सरकार के सबसे बड़े कोविड-19 निर्दिष्ट एलएनजेपी अस्पताल में सोमवार को, इस बीमारी के कारण किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई। ऐसा पिछले कुछ महीनों में पहली बार हुआ है कि संक्रमण के कारण किसी मरीज की जान नहीं गई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को ट्विटर पर घोषणा की, ‘‘कल हमारे सबसे बड़े कोविड अस्पताल एलएनजेपी में कोई मौत नहीं हुई।’’ 2,000 बिस्तरों वाले इस अस्पताल के चिकित्सा निदेशक ने इस राहत का श्रेय व्यापक आईसीयू देखभाल, प्लाज्मा बैंक सुविधा, उत्तम स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं और डॉक्टरों तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण को दिया। चिकित्सा निदेशक सुरेश कुमार ने कहा, ‘‘पिछले कुछ महीनों में कोविड-19 के कारण कम से कम एक मौत प्रतिदिन दर्ज की गई, लेकिन कल एलएनजेपी में कोई भी मौत नहीं हुई।’’ उन्होंने कहा कि मंगलवार शाम तक अस्पताल के 2,000 बेड में से 389 पर कोविड-19 के रोगी भर्ती हैं, जिनमें से 88 आईसीयू में हैं और दो वेंटिलेटर पर हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,056 मामले सामने आए, जिससे कुल मामले 1.32 लाख से अधिक हो गए, जबकि पिछले 24 घंटों में संक्रमण के कारण 28 मौतें होने से महानगर में बीमारी से मरने वालों की संख्या 3,881 हो गई। जून में, राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में भारी वृद्धि देखी गई और मौत के मामले भी बढ़े , लेकिन जुलाई में इनमें कमी आने लगी।

मध्य प्रदेश में कोविड-19 के 628 नए मामले

मध्य प्रदेश में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 628 नए मामले सामने आने के साथ ही राज्य में अभी तक कुल 29,217 लोग के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। राज्य में पिछले 24 घंटे में इस बीमारी से 10 और लोगों की मौत हुई है। मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक 830 लोग की मौत हुई है। मध्य प्रदेश के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से छतरपुर में तीन, इंदौर में दो और भोपाल, उज्जैन, रतलाम, टीकमगढ़ एवं सीहोर में एक-एक मरीज की मौत की पुष्टि हुई है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘राज्य में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से सबसे अधिक 306 मौतें इन्दौर में हुई हैं। भोपाल में 160, उज्जैन में 73, सागर में 32, जबलपुर में 26, बुरहानपुर में 23, खंडवा में 19 एवं खरगोन में 17 लोगों की मौत हुई है। बाकी मौतें अन्य जिलों में हुई हैं।’’ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में मंगलवार को कोविड-19 के सबसे अधिक 170 नये मामले भोपाल में आए हैं। जबकि इंदौर में 73, ग्वालियर में 51, छतरपुर में 48, बड़वानी में 33, सीहोर में 25 और जबलपुर में 23 नये मामले आये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 29,217 संक्रमितों में से अब तक 20,343 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गये हैं और 8,044 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को 552 रोगियों को संक्रमण मुक्त होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में राज्य में कुल 3,226 निषिद्ध क्षेत्र हैं।

आंध्र प्रदेश में संक्रमण के 7,948 मामले

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को देखते हुए लगता है कि हमें इसके साथ ही जीना होगा। आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 7,948 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद मंगलवार को कुल संक्रमितों की संख्या 1,10,297 हो गई। अब तक 52,622 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। वहीं 56,527 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में 58 और लोगों की मौत हो गई जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 1,148 हो गई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आंध्र प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जो 32,761 प्रति 10 लाख जनसंख्या की दर से प्रतिदिन 50,000 से अधिक जांच की जा रही थीं। उन्होंने जिला कलेक्टरों और अन्य अधिकारियों के साथ की जा रही वीडियो कांफ्रेंस बैठक में कहा कि जब अधिक मामले सामने आ रहे हों तो अधिकारी आशंकित हो जाते हैं। वे आंकड़ों (जांच और मामलों के) के साथ फेरबदल करने की कोशिश करते हैं लेकिन आंध्र प्रदेश में ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में कोविड-19 के एक लाख से अधिक मामले सामने आए हैं जिनमें से 50,000 से अधिक पहले ही ठीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। हम ऐसी स्थिति में हैं जहां हमें कोरोनो वायरस के साथ रहना पड़ सकता है। संक्रमित होना कोई पाप नहीं है। हमें टीका मिलने तक इंतजार करना होगा।

सिक्किम में कोविड-19 के 24 नए मामले

सिक्किम में मंगलवार को कोविड-19 के 24 नए मामले सामने आए जिससे इस हिमालयी राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 579 हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। महानिदेशक (डीजी) और सचिव, स्वास्थ्य डॉ. पेमा टी भूटिया ने कहा कि नए मामलों में से 16 मरीज पूर्वी सिक्किम जबकि आठ अन्य दक्षिणी जिले में पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कुल 579 मामलों में से 186 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं जबकि 392 मरीजों का इलाज चल रहा है। राज्य में अब तक संक्रमण के कारण एक मरीज की मौत हुई है। राज्य के पूर्वी सिक्किम में कोविड-19 के सर्वाधिक 386 मामले सामने आए हैं जबकि दक्षिणी जिले में 139 मरीज हैं।पश्चिमी सिक्किम में 41 और उत्तरी सिक्किम में एक मरीज मिला है। अब तक राज्य में 22,993 मरीजों की जांच की जा चुकी है।

फ्रांस ने वेंटिलेटर, जांच किट भारत को सौंपे

फ्रांस ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में सहयोग के तहत मंगलवार को भारत को वेंटिलेटर, जांच किट और अन्य मेडिकल उपकरण सौंपे। भारत में फ्रांस के राजूदत एमैनुएल लेनिन ने फ्रांसीसी वायुसेना के एक विशेष विमान से सहायता सामग्री यहां पहुंचने के बाद पालम एयर फोर्स स्टेशन पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी को मेडिकल उपकरण सौंपे। फ्रांसीसी राजदूत ने ट्वीट किया, ‘‘फ्रांस से आये कोविड-19 मेडिकल उपकरण इंडियन रेड क्रॉस महासचिव आर के जैन को सौंप कर खुश हूं।’’ उन्होंने मेडिकल उपकरण सौंपे जाने की तस्वीर भी ट्वीट के साथ साझा की। उन्होंने कहा, ‘‘फ्रांस ने इससे पहले भारत को फ्रांसीसी विकास एजेंसी से जरिये 20 करोड़ यूरो की वित्तीय सहायता भी दी है।’’ फ्रांस दूतावास के एक बयान के मुताबिक फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैकों ने भारत को मेडिकल उपकरण दान में दिये जाने की घोषणा की थी। इसमें कहा गया था कि मेडिकल सहायता पैकेज के तहत भारत को फ्रांस 50 ओरीसीस-3 वेंटिलेटर और 70 युवेल 830 वेंटिलेटर दान कर रहा है। बयान में कहा गया कि फ्रांस द्वारा दान में दिये गये मेडिकल उपकरण में 50,000 अत्यधिक गुणवत्ता वाले सीरोलॉजिक जांच किट भी शामिल हैं।

43 प्रतिशत भारतीय अवसाद के शिकार

भारत में पिछले पांच महीने से जारी महामारी और उसपर नियंत्रण करने लिए अभूतपूर्व तरीके से लागू लॉकडाउन से भारतीयों में तनाव बढ़ा है। हालिया अध्ययन के मुताबिक करीब 43 प्रतिशत भारतीय अवसाद के शिकार हैं। स्मार्ट तकनीक से लैस रक्षात्मक स्वास्थ्य देखभाल मंच जीओब्यूआईआई द्वारा करीब 10 हजार भारतीयों पर यह जानने के लिए सर्वेक्षण किया गया कि वे कोरोना वायरस से उत्पन्न परिस्थिति का किस तरह से सामना कर रहे हैं। अध्ययन में शामिल 26 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बताया कि वे हल्के अवसाद से ग्रस्त हैं जबकि 11 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि वे काफी हद तक अवसाद से ग्रस्त हैं। वहीं छह प्रतिशत प्रतिभागियों ने अवसाद के गंभीर लक्षण होने की बात स्वीकार की। अध्ययन में कहा गया, ‘‘गत पांच महीने बहुत ही अनपेक्षित रहे हैं। इस स्थिति का नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है। कई चरणों के लॉकडाउन, नौकरी से छंटनी, स्वस्थ्य संबंधी भय और कुल मिलाकार अनिश्चित वातावरण से लोगों में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है।’’ अध्ययन में कहा गया, ‘‘बहुत अधिक तनाव अवसाद का रूप ले लेती है। मौजूदा लॉकडाउन और जीवनशैली में आए अचानक बदलाव की वजह से हमने देखा कि 43 प्रतिशत भारतीय अवसादग्रस्त हैं और इससे निपटने का प्रयास कर रहे हैं।’’ सर्वेक्षण में शामिल प्रतिभागियों में अवसाद के स्तर को आंकने के लिए अध्ययनकर्ता मरीज द्वारा स्वयं भरी जाने वाली प्रश्नावली या पीएचब्यू-9 (मनोरोग का प्राथमिक देखभाल मूल्यांकन फार्म) पर निर्भर थे। अध्ययन में प्रतिभागियों के जीवन के नौ पहलुओं पर भी गौर किया गया, उदाहरण के लिए दिनचर्या, भूख, सोने का समय, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और उनमें मौजूद ऊर्जा। जीओक्यूआईआई के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल गोंदल ने कहा, ‘‘हमारा अध्ययन संकेत करता है कि कोरोना वायरस का प्रसार और उसकी वजह से लागू लॉकडाउन से देश में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से सामना करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बढ़ती अनिश्चितता उच्च तनाव सूचकांक का आधार है जिसे संतुलित भोजन, दिनचर्या में बदलाव, उचित नींद लेकर नियंत्रित किया जा सकता है।’’ अध्ययन के मुताबिक जिन लोगों ने अवसादग्रस्त होने की शिकायत की उन्होंने बताया कि उन्हें काम करने में रुचि नहीं होती, वे नाउम्मीद हो चुके हैं, बेतरतीब नींद के शिकार हैं, ठीक से खा नहीं रहे हैं और उन्हें शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो रही है। अध्ययन के मुताबिक, ‘‘59 प्रतिशत भारतीयों ने कहा कि इन दिनों उन्हें काम करने में बहुत कम आनंद आता है। इनमें से 38 प्रतिशत लोगों में यह भावना कुछ दिनों तक रही जबकि नौ प्रतिशत ने कहा कि आधे से अधिक दिनों तक इस भावना से ग्रस्त रहे। वहीं करीब 12 प्रतिशत ने कहा कि हर रोज उन्हें ऐसा महसूस होता है।’’ अध्ययन में शामिल 57 प्रतिशत प्रतिभागियों ने शिकायत की कि गत हफ्तों के कुछ दिन से वे थका हुआ या ऊर्जा विहीन महसूस कर रहे हैं। अध्ययन में सलाह दी गई है कि रोजाना एक बार व्यायाम करने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।

केरल में संख्या 20 हजार के पार पहुंची

केरल में मंगलवार को सर्वाधिक 1,167 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही राज्य में कोविड-19 के कुल प्रभावितों की संख्या 20,894 हो गई है। मंगलवार को चार और संक्रमित मरीजों की मौत हो गई। संक्रमित मरीजों में 33 स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पत्रकारों को बताया कि 10,091 कोविड-19 मरीज इस समय उपचाराधीन हैं। मंगलवार को 697 लोगों को स्वास्थ्य लाभ के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उन्होंने बताया कि मेनामकुलम में किनफ्रा पार्क में 300 लोगों की जांच की गई जिनमें से 88 लोग संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 888 नये मरीज पूर्व में संक्रमित पाए गए लोगों के संपर्क में आने की वजह इस महामारी की चपेट में आए जबकि 55 लोगों के संक्रमण के स्रोत की जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 122 संक्रमित लोग विदेश से लौटे हैं जबकि 96 संक्रमित दूसरे राज्यों से लौटे हैं। एर्नाकुलम, कासरगोड, अलप्पुझा और तिरुवनंतपुरम जिलों में चार संक्रमित मरीजों की मौत हुई हैं।

बिहार में अभी तक 269 लोग की मौत

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटे में 14 और लोग की मौत होने के साथ ही इस जानलेवा संक्रमण से मरने वालों की संख्या मंगलवार को 269 हो गई। वहीं राज्य में अभी तक कुल 43,591 लोग के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य में पिछले 24 घंटे में गया और नालंदा में तीन—तीन, बेगूसराय और पटना में दो—दो, औरंगाबाद, लखीसराय, मुंगेर और नवादा में एक—एक व्यक्ति की मौत हुई है। प्रदेश में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण से 269 लोग की मौत हुई है। राज्य में संक्रमण से सबसे ज्यादा 41 लोग की मौत पटना में हुई है। वहीं भागलपुर में 26, गया में 17, रोहतास में 13, नालंदा में 15, मुजफ्फरपुर और मुंगेर में 11-11, दरभंगा, बेगूसराय और समस्तीपुर में 10-10, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण और सारण में भोजपुर और सिवान में सात, नवादा में छह, खगड़िया और वैशाली में पांच-पांच, अररिया, औरंगाबाद, जहानाबाद, किशनगंज, पूर्णिया और सीतामढी में चार-चार, कैमूर और कटिहार लखीसराय में तीन-तीन, अरवल, बांका, बक्सर और मधुबनी में दो-दो जबकि गोपालगंज, जमुई, मधेपुरा, सहरसा, शेखपुरा, शिवहर और सुपौल जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। राज्य में मंगलवार शाम चार बजे तक कोरोना वायरस संक्रमण के 2480 नए मामले सामने आने के साथ ही अभी तक कुल 43,591 लोग के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के अबतक जो 43,591 मामले सामने आए हैं उनमें पटना जिला के 7481, भागलपुर के 2335, मुजफ्फरपुर के 1943, गया के 1819, नालंदा के 1745, रोहतास के 1695, बेगूसराय के 1497, सिवान के 1341, सारण के 1326, नवादा के 1213, भोजपुर के 1252, पश्चिम चंपारण के 1150, समस्तीपुर के 1091, वैशाली के 1053, पूर्णिया के 1026, मुंगेर के 978, पूर्वी चंपारण 970, मधुबनी के 935, खगडिया के 933, कटिहार के 926, बक्सर के 831, गोपालगंज के 817, जहानाबाद के 791, सुपौल के 758, औरंगाबाद के 745, दरभंगा के 741, लखीसराय के 717, जमुई के 710, मधेपुरा के 601, किशनगंज के 598, सहरसा के 572, बांका के 526, शेखपुरा के 480, अररिया के 476, अरवल के 461, सीतामढी के 422, कैमूर के 385 तथा शिवहर जिले के 251 मामले शामिल हैं। राज्य में पिछले 24 घंटे में 16275 नमूनों की जांच की गयी और 1376 मरीज संक्रमण मुक्त हुए हैं।

तमिलनाडु में 6,972 नए मामले

तमिलनाडु में मंगलवार को कोविड-19 के 6,972 नए मामले सामने आए जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 2.27 लाख से अधिक हो गई। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के संक्रमण के कारण 88 और लोगों की मौत के बाद इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ कर 3,659 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक बुलेटिन के अनुसार, आज 4,707 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई। अब तक कुल 1,66,956 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 57,073 मरीज उपचाराधीन हैं। राज्य में 119 जांच प्रयोगशालाओं में 61,000 से अधिक नमूनों की जांच की गई।

दिल्ली में 1,056 नये मामले सामने आये

दिल्ली में मंगलवार को कोरोना वायरस के 1,056 नये मामले सामने आने के बाद कोविड-19 से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 1.32 लाख से अधिक पहुंच गई जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 3,881 हो गई हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में इस महामारी से 28 लोगों की मौत हुई है। बुलेटिन के अनुसार, इस समय 10,887 मरीजों का इलाज चल रहा है। दिल्ली में कोविड-19 से मृतकों की संख्या सोमवार को 3,853 थी। मंगलवार के बुलेटिन में कहा गया कि कोरोना वायरस से मृतकों की संख्या 3,881 रही और मामलों की संख्या बढ़कर 1,32,275 हो गई हैं।

ट्रोल पर बरसे महानायक

अपने स्वभाव से विपरीत जाते हुए महानायक अमिताभ बच्चन ने एक अनाम ट्रोल को सोशल मीडिया पर आड़े हाथ लिया जिसने यह मंशा जतायी थी कि कि कोरोना वायरस से बच्चन की मृत्यु हो जाए। बच्चन (77) और उनके पुत्र अभिषेक की जांच में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें 11 जुलाई को नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। किसी “अनाम” व्यक्ति को संबोधित करते हुए बच्चन ने अपने ब्लॉग पर लिखा कि ट्रोल उनके जैसे फिल्मी सितारे पर हमला कर अपना महत्व बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। बच्चन ने लिखा, “यदि मेरी मृत्यु हो जाती है तो तुम्हें अपने निंदनीय शब्द लिखने को नहीं मिलेंगे। तुम किसी बड़ी शख्सियत पर टिप्पणी नहीं कर पाओगे। तरस आता है कि तुम्हारे लेखन पर लोगों का ध्यान इसलिए गया क्योंकि तुमने अमिताभ बच्चन पर टिप्पणी की थी। और वह नहीं रहेगा।” उन्होंने लिखा, “यदि भगवान की कृपा से मैं जीवित रह गया तो तुम्हें मेरे अलावा नौ करोड़ से अधिक फॉलोवर का कोप झेलना पड़ेगा।” बच्चन ने कहा कि हालांकि उन्होंने अपने प्रशंसकों से ट्रोल के विरुद्ध कोई कार्रवाई न करने को कहा है, यदि वे जीवित रहेंगे तो वे खुद कार्रवाई करेंगे। बच्चन ने हिंदी में भी एक अनुच्छेद लिखा जिसमें उन्होंने ट्रोल को “समाज पर एक धब्बा” करार दिया।

अंडमान में कोविड-19 के 14 नए मामले

अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में कोरोना वायरस संक्रमण के 14 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या सोमवार को 338 हो गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुलेटिन से यह जानकारी मिली। बुलेटिन के अनुसार ये नए मामले संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों के हैं। पिछले 24 घंटों में 10 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 145 हो गई। वहीं, कोविड-19 के 192 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण सोमवार को पहली मौत हुई। अधिकारियों ने बताया कि उप निदेशक (स्वास्थ्य) अविजित रॉय भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। वह द्वीप पर कोविड-19 से निपटने के प्रयासों में सबसे आगे थे। इस बीच मध्य अंडमान व्यापारी संघ ने मंगलवार से दुकानों को सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक खोलने का निर्णय लिया है।

पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन 31 अगस्त तक बढ़ा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को निषिद्ध क्षेत्रों में लॉकडाउन 31 अगस्त तक बढ़ाने की घोषणा की। इसके अलावा पूरे प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सप्ताह में दो दिन का लॉकडाउन भी लागू रहेगा। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि सभी स्कूल और कॉलेज 31 अगस्त तक बंद रहेंगे और उन्हें खोलने का निर्णय सितंबर में लिया जाएगा। बनर्जी ने कहा, ''निषिद्ध क्षेत्रों (कंटेन्मेंट जोन) में 31 अगस्त तक लॉकडाउन जारी रहेगा। पूरे राज्य में सप्ताह में दो दिन का लॉकडाउन भी अगले माह के अंत तक लागू रहेगा।” बनर्जी ने कहा कि दो, पांच, आठ, नौ, 16, 17, 23, 24 और 31 अगस्त को राज्य में पूर्ण लॉकडाउन रहेगा।" दो दिन का लॉकडाउन ज्यादातर शनिवार और रविवार को लागू किया जाएगा। लेकिन चूंकि ईद जैसे त्यौहार और स्वतंत्रता दिवस शनिवार को ही पड़ रहे हैं, इसलिए किसी और दिन लॉकडाउन लागू किया जाएगा।" राज्य के कुछ हिस्सों में सामुदायिक प्रसार के संदिग्ध मामलों के मद्देनजर इस महीने की शुरुआत में सप्ताह में दो दिन के लॉकडाउन को लागू करने का निर्णय लिया गया। राज्य में सोमवार तक कोविड-19 के 60,000 से अधिक मामले सामने आए थे।

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उत्तर प्रदेश में 3,490 नये मामले

उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 3,490 नये मामले सामने आये जबकि संक्रमण से 41 और लोग की मौत होने के साथ ही मंगलवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 1,497 हो गयी। अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान संक्रमण के 3,490 नये मामले सामने आये हैं, इसके साथ ही राज्य में उपचाराधीन मामले बढ़कर 27,934 हो गए हैं। अवस्थी ने बताया कि कुल 44,520 लोग उपचार के बाद संक्रमण मुक्त होकर घर लौट चुके हैं, वहीं संक्रमण से अभी तक 1,497 लोग की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को 91,830 नमूनों की जांच की गई। उन्होंने बताया कि कुल 5,006 लोग को अपने घर में ही पृथक-वास में रहने की अनुमति दी गई है।

डिजिटल अपनाने को प्रेरित किया

कोरोना वायरस महामारी ने भारतीय उपभोक्ताओं को डिजिटल भुगतान की ओर मोड़ा है। एक अध्ययन के मुताबिक संक्रमितों की बढ़ती संख्या के चलते लोग वस्तुओं समेत वह अन्य तरह की खरीद के लिए भी इसके उपयोग का इरादा रखते हैं। डेलॉइट ग्लोबल के ‘स्टेट ऑफ द कंज्यूमर ट्रैकर’ सर्वेक्षण के अनुसार भारत में लोग 55 फीसदी किराना सामान पर, 49 फीसदी घरेलू सामान पर, 44 फीसदी दवाओं पर और 26 फीसदी किताबों पर खर्च करने का इरादा रखते हैं। यह अध्ययन उपभोक्ताओं के पिछले चार सप्ताह की तुलना में अगले चार सप्ताह में किए जाने वाले खर्च की योजना और उनके इरादे की पहचान करता है। वैश्विक परामर्श कंपनी डेलोइट ने कहा, ''उपभोक्ताओं के बीच चुनिंदा तरह के सामानों की खरीदारी के लिए ऑनलाइन और ई-वाणिज्य मंचों के उपयोग की प्रवृत्ति बढ़ रही है। जैसे कि अगले चार हफ्तों में 53 प्रतिशत परिधान, 50 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीद ऑनलाइन माध्यम से करेंगे।’’ सर्वेक्षण में कहा गया है कि संक्रमितों की बढ़ती संख्या के साथ ही उपभोक्ता अलग-अलग तरह से नकद बिक्री और लेनदेन से बचकर संक्रमण के जोखिम को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सर्वेक्षण 15 अप्रैल से 15 जुलाई के बीच 18 देशों में किया गया था। इसमें हर देश से 18 साल से अधिक की उम्र के 1,000 लोगों से सवाल-जवाब किए गए।

-नीरज कुमार दुबे

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