Unlock 3 के 26वें दिन तक कोरोना को हराने वाले लोगों का कुल आंकड़ा 25 लाख के पार

Unlock 3 के 26वें दिन तक कोरोना को हराने वाले लोगों का कुल आंकड़ा 25 लाख के पार

आंध्र प्रदेश में बुधवार को कोविड-19 के रिकॉर्ड 10,830 नए मामले आने से संक्रमितों की संख्या 3,82,469 हो गयी। बुधवार सुबह नौ बजे तक पिछले 24 घंटे में 61,838 नमूनों की जांच की गयी। इससे पहले नौ अगस्त को संक्रमण के 10,820 मामले आए थे। राज्य में संक्रमण दर 11.19 प्रतिशत है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 महामारी से लड़ने की भारत की रणनीति में समय पर और तत्परता से जांच कर संक्रमण का शीघ्र पता लगाये जाने ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, देश में अब तक कुल 3,76,51,512 नमूनों की जांच की गई है। मंत्रालय ने कहा कि ‘जांच करो-संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आये लोगों का पता करो-उपचार करो’ की केंद्र सरकार की नीति, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के समन्वित प्रयासों से भारत लगातार अपनी जांच क्षमता बढ़ा रहा है और यह प्रतिदिन 10 लाख जांच तक पहुंच गई है। मंत्रालय के मुताबिक मंगलवार को 24 घंटे की अवधि में 8,23,992 जांच किये जाने के साथ आज की तारीख तक कुल 3,76,51,512 हो चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘सतत आधार पर इतनी अधिक संख्या में जांच किये जाने से रोग का शुरूआत में पता लगाने में मदद मिली। साथ ही, इससे संक्रमण की पुष्टि वाले मरीजों को समय रहते पृथक करने या अस्पताल में भर्ती कराने का मौका भी मिला। इससे, मृत्यु दर में कमी आई।’’ मंत्रालय के बुधवार सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक भारत में अब तक 24,67,758 लोग इस रोग से उबर चुके हैं हालांकि देर शाम तक यह आंकड़ा 25 लाख को पार कर गया और इसकी दर 76 प्रतिशत से अधिक है। वहीं, मृत्यु दर 1.84 प्रतिशत है। मंत्रालय ने इस बात का जिक्र किया कि कोविड-19 के इलाजरत मरीजों की संख्या कुल मामलों का सिर्फ 21.87 प्रतिशत है। मंत्रालय ने कहा कि प्रति 10 लाख की आबादी पर जांच की संख्या बढ़ कर 27,284 हो गई है। देश में कोविड-19 जांच प्रयोगशाला भी बढ़ रही है और इनकी कुल संख्या 1540 है। इनमें 992 प्रयोगशाला सरकारी क्षेत्र में है। भारत में भारत में कोविड-19 के 67,151 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़ कर बुधवार को 32.34 लाख हो गए। मंत्रालय ने बताया कि 1,059 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 59,449 हो गई है।

पंजाब में 23 मंत्री और विधायक संक्रमित

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह ने बुधवार को कहा कि राज्य में 28 अगस्त को विधानसभा सत्र शुरू होने से दो दिन पहले 23 मंत्री और विधायक कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिये हुई बैठक के दौरान यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने हालात के मद्देनजर जेईई और नीट की परीक्षाएं आयोजित नहीं कराने पर जोर दिया। सिंह ने हालांकि यह नहीं बताया कि पंजाब के कितने मंत्री और विधायक अब तक ठीक हो चुके हैं। उन्होंने एक विज्ञप्ति में कहा, 'पंजाब विधानसभा का सत्र शुरू होने में अब दो दिन बाकी हैं। 23 मंत्री और विधायक कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। अगर विधायकों और मंत्रियों की यह हालत है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि जमीनी हालात कितने गंभीर होंगे। परीक्षाएं कराने के लिये माहौल अनुकूल नहीं है।' 

जम्मू-कश्मीर में कोविड-19 से 19 मरीजों की मौत

जम्मू-कश्मीर में कोविड-19 के 704 नये मामले आने के साथ केंद्र-शासित प्रदेश में संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या बढ़ कर 34,480 हो गई। वहीं, प्रदेश में संक्रमण के कारण 19 और मरीजों की मौत हो गई जिससे संक्रमण से अपनी जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 657 हो गई। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार शाम पांच बजे तक पिछले 24 घंटों में कश्मीर घाटी में 15 संक्रमित मरीजों की मौत हुई जबकि चार मरीजों की मौत जम्मू क्षेत्र में हुई है। उन्होंने बताया कि 704 नये मामलों में से 195 मामले जम्मू क्षेत्र से और 509 मामले कश्मीर से हैं। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर जिले मे सर्वाधिक 198 नये मामले सामने आये, जिसके बाद जम्मू का स्थान है जहां 98 नये मामले सामने आये। उन्होंने बताया कि केंद्र-शासित प्रदेश में 7,630 इलाजरत मरीज हैं, जबकि अब तक 26,193 मरीज संक्रमण मुक्त हुए हैं।

इसे भी पढ़ें: जेईई-नीट की परीक्षाओं को लेकर सभी पक्षों को सुने सरकार: राहुल गांधी

अक्टूबर से लग सकती हैं नियमित कक्षाएं

कर्नाटक सरकार ने डिग्री कॉलेजों में एक अक्तूबर से नियमित कक्षाएं शुरू करने को मंजूरी दे दी है। उप मुख्यमंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण ने बुधवार को यह जानकारी दी। अश्वथ ने साथ ही कहा कि कॉलेजों को खोलने के बारे में उच्च शिक्षा विभाग केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का इंतजार करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस बारे में अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा। गौरतलब है कि कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन के चलते कॉलेज मार्च से बंद हैं। नारायण जोकि उच्च शिक्षा मंत्री भी हैं, ने कहा कि एक सितंबर से ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ हो जाएंगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सरकार ने सभी अकादमिक गतिविधियों को अगले महीने से डिजिटल तौर पर शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, अक्टूबर में सभी कॉलेज खुल जाएंगे और छात्र उनमें व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित हो सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के बाद ऑफलाइन कक्षाएं (व्यक्तिगत उपस्थिति) शुरू करने की व्यापक तैयारी राज्य सरकार कर चुकी है। हालांकि ये संकेत उन्होंने नहीं दिए कि स्कूल कब खुलेंगे। कर्नाटक में कोविड-19 के मामले तीन लाख के करीब पहुंचते दिख रहे हैं तथा मंगलवार को यहां संक्रमण के 8,161 नए मामले सामने आए हैं।

दूसरे चरण का परीक्षण पुणे में शुरू

ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके का मानव पर दूसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण यहां बुधवार को एक मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में शुरू हो गया। इस टीके का विनिर्माण यहां स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा किया जा रहा है। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो स्वयंसेवियों को भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में टीके की खुराक दी गई। ये दोनों पुरूष हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षण दोपहर करीब एक बजे शुरू हुआ। भारती विद्यापीठ के मेडिकल कॉलेज, अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के मेडिकल निदेशक डॉ. संजय लालवानी ने कहा, ‘‘अस्पताल के चिकित्सकों ने 32 वर्षीय एक व्यक्ति की कोविड-19 जांच रिपोर्ट और एंटीबॉडी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उसे ‘कोवीशील्ड’ टीके की पहली खुराक दी।’’ उन्होंने बताया कि 48 वर्षीय एक अन्य व्यक्ति को भी इस टीके की खुराक दी गई। डॉ. लालवानी ने बताया कि एसआईआई से खुराक मंगलवार को प्राप्त होने बाद पांच स्वयंसेवियों ने परीक्षण के लिये अपना नाम पंजीकृत कराया था। उन्होंने बताया, ‘‘सभी पांच स्वयंसेवियों की कोविड-19 और एंटीबॉडी जांच की गई। उनमें से तीन व्यक्तियों में एंटीबॉडी पाए गए। इसलिए उन पर टीके का परीक्षण नहीं किया गया।’’ डॉ. लालवानी ने बताया, ‘‘जिन दो स्वयंसेवियों को टीके की खुराक दी गई उनकी निगरानी की जा रही है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘स्वयंसेवियों को घर जाने की अनुमति दे दी गई। हमारी टीम उनकी निगरानी करेगी। वे उनसे संपर्क में हैं। अब तक कोई समस्या नहीं आई है।’’ दोनों स्वयंसेवियों को एक महीने के बाद फिर से टीके की खुराक दी जाएगी। उनके मुताबिक, अगले सात दिनों में यहां कुल 25 स्वयंसेवियों को टीके की खुराक दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे चरण का परीक्षण 100 स्वयंसेवियों पर देश में कुछ स्थानों पर होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इन 100 परीक्षणों में सुरक्षा की कोई चिंता नहीं होना सुनिश्चित होने पर, 1500 लोगों को अगले चरण में देश भर में संभावित टीका लगाया जाएगा और शरीर में एंटीबॉडी बनने की निगरानी की जाएगी।’’ यदि एंटीबॉडी बनती है तो टीका उपलब्ध कराये जाने की संभावना है। एसआईआई ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के जेनर इंस्टीट्यूट द्वारा ब्रिटिश-स्वीडिश औषधि कंपनी एस्टाजेनेका के सहयोग से विकसित संभावित टीका बनाने लिये एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।

तरुण गोगोई कोरोना वायरस से संक्रमित

असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने बुधवार को कहा कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गये हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोगोई ने पिछले कुछ दिनों में उनके संपर्क में आए सभी लोगों से जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने ट्वीट किया, 'कल मेरे कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। बीते कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए लोगों को तत्काल जांच करानी चाहिये।' पार्टी सूत्रों ने बताया कि उनकी पत्नी डॉली गोगोई में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि डॉक्टरों ने 85 वर्षीय गोगोई को घर में पृथक रहने की सलाह दी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत विश्व सरम ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भाजपा में शामिल होने से पहले तरूण गोगोई के मंत्रिमंडल में वरिष्ठ मंत्री रहे सरमा ने कहा कि वरिष्ठ नेता को बेहतर मेडिकल देखभाल उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों की एक टीम तैयार रखी गयी है। उन्होंने ट्वीट किया, ''मैं पूर्व मुख्यमंत्री तरूण गोगोई के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं, वह कोविड-19 संक्रमित पाये गये हैं। हमने अपने सम्मानीय वरिष्ठ नेता को बेहतर मेडिकल देखभाल एवं सहायता उपलब्ध कराने डॉक्टरों की एक टीम तैयार रखी है।’’ गोगोई 2021 के असम विधानसभा चुनाव में भाजपा को टक्कर देने के लिए विरोधी दलों का ‘महागठबंधन’ बनाने की कांग्रेस की पहल में सबसे आगे हैं। वह अपनी पार्टी एवं भाजपा विरोधी अन्य दलों के सदस्यों के साथ नियमित रूप से बैठकें कर रहे थे। उन्होंने यहां एक होटल में प्रदेश कांग्रेस इकाई की कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा लिया था और पिछले कुछ दिनों में अपने निवास पर कई बैठकों की मेजबानी भी की। जोहराट जिले की तीताबोर विधानसभा सीट से विधायक गोगोई कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए असम के 13वें विधायक हैं। उनके पूर्व मंत्रिमंडलीय सहयोगी एव गोलाघाट के विधायक अजंता नियोग मंगलवार को कोविड-19 से संक्रमित पाये गये थे और उन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक अन्य पूर्व कांग्रेस मंत्री एवं सामागुरी के विधायक रकीबुल हुसैन और उनकी पत्नी भी कोविड-19 संक्रमित हैं। जिन 13 विधायकों को संक्रमित पाया गया है उनमें सात भाजपा के, तीन कांग्रेस के, दो असम गण परिषद और एक एआईयूडीएफ के हैं।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में कोरोना के मामलों में हुई वृद्धि, केजरीवाल बोले- एक हफ्ते के भीतर दोगुनी की जाएगी जांच

मिजोरम में संक्रमण के 14 नए मामले

मिजोरम में कोरोना वायरस संक्रमण के 14 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद इस पूर्वोत्तर राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 967 हो गई। राज्य के सूचना और जनसंपर्क विभाग के अनुसार छह नए मामले आइजोल जिले, दो मामले सेरछिप और तीन-तीन मामले कोलासिब और ममीत जिले से आए हैं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी बयान में बताया गया कि नए संक्रमित मरीजों में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान और एक स्वयंसेवक शामिल हैं। दोनों ने पिछले कुछ दिनों में कोई यात्रा नहीं की थी। बयान के अनुसार बाकी मरीज पश्चिम बंगाल, गोवा, असम और कर्नाटक से मिजोरम लौटे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में कोविड-19 के 503 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि 464 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। राज्य में अब तक कुल 35,214 नमूनों की जांच की जा चुकी है।

दिल्ली में जांच दोगुनी की जाएगी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि शहर में एक हफ्ते के भीतर कोविड-19 की जांच दोगुनी बढ़ाकर 40,000 कर दी जाएगी क्योंकि कोरोना वायरस के मामलों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है। उन्होंने कहा कि महामारी से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर जांच और पृथक-वास की नीति जारी रहेगी। केजरीवाल ने ऑनलाइन प्रेस वार्ता में कहा कि ऐसा नहीं है कि संक्रमण की दर बढ़ गयी है। उन्होंने जोर दिया कि कोविड-19 की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मामूली बढोतरी हुई है लेकिन उनकी सरकार शहर में स्थिति खराब नहीं होने देगी। सरकार ने अस्पताल से छुट्टी दिए जाने वाले लोगों के लिए जरूरत पड़ने पर ऑक्सीमीटर और ऑक्सीजन की व्यवस्था करने का भी फैसला किया है। इससे पहले दिन में केजरीवाल ने दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर चर्चा करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलायी। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक हफ्ते के भीतर रोजाना जांच को 20,000 से बढ़ाकर 40,000 करने जा रहे हैं। सघन जांच और पृथक-वास को लेकर हमारी रणनीति जारी रहेगी।’’ मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के लक्षण मिलने पर लोगों से जांच कराने की अपील की। दिल्ली में मंगलवार को कोविड-19 के 1544 मामले आए। पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय में पहली बार 1500 से अधिक मामले आए। उन्होंने कहा कि 17 अगस्त के बाद, राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के मामले मामूली रूप से बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 24 घंटों में, दिल्ली में कोविड-19 के 1,693 नये मामले सामने आए हैं। साथ ही कहा कि सरकार के पास कुल 14,130 कोविड बिस्तर हैं और इनमें से 10,448 बिस्तर रिक्त हैं। केजरीवाल ने कहा, ''अब तक 3,700 मरीजों ने कोविड बिस्तर लिए हैं और इनमें से 2,900 दिल्लीवासी हैं और 800 अन्य राज्यों के लोग हैं।” उन्होंने कहा कि 14 जुलाई के बाद से दिल्ली में घर में पृथक रह रहे किसी कोविड-19 मरीज की मौत नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नया रूझान देखने को मिला है कि कोविड-19 के मरीज जब ठीक हो जाते हैं और घर आ जाते हैं तो उनमें लक्षण बना रहता है तथा मरीजों में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है । ऐसे लोगों को श्वसन संबंधी दिक्कतें भी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऑक्सीजन स्तर कम होने के कारण कुछ मरीजों की जान चली गयी। हमारे स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो गए लेकिन स्वस्थ होने और सामान्य स्थिति में लौटने में उन्हें कुछ दिन लग गए।’’ 

तेजी से बढ़ रही है उपचाराधीन रोगियों की संख्या

दिल्ली में कोविड-19 के उपचाराधीन रोगियों की संख्या में पांच अगस्त के बाद से तीन दिन को छोड़कर तेजी से वृद्धि देखी गई है। इन तीन दिनों में पिछले दिन की तुलना में मामूली गिरावट देखी गई थी। दिल्ली में पांच अगस्त को इलाज करा रहे लोगों की संख्या 10,072 जबकि इससे पहले चार अगस्त को यह संख्या 9,897 थी। तब से दिल्ली में उपचाराधीन रोगियों की संख्या पांच अंकों में रही है। दिल्ली में मंगलवार को संक्रमण के 1,544 नए मामले सामने आए, जो अगस्त महीने में सबसे अधिक हैं। इसके साथ ही दिल्ली में संक्रमितों की कुल संख्या 1.64 लाख हो गई। वहीं मृतकों की संख्या 4,330 थी। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार मंगलवार को 11,998 लोग वायरस से संक्रमित थे। उससे पिछले दिन यह संख्या 11,626 थी। दिल्ली में बीते कई दिन से उपचाराधीन मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में मामूली वृद्धि के मद्देनजर बुधवार को कहा कि दिल्ली में एक हफ्ते के भीतर हर दिन कोविड-19 की जांच दोगुनी बढ़ाकर 40,000 कर दी जाएगी। चार अगस्त को काफी लंबे समय के बाद उपचाराधीन मरीजों की संख्या चार अंकों में रह गई थी। इससे पिछले कुछ महीनों में संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के अनुसार राजधानी में 23 जुलाई को उपचाराधीन रोगियों की संख्या 14,554 थी। 31 जुलाई को यह घटकर 10,705 रह गई थी। एक अगस्त को यह और गिरकर 10,596 रह गई। चार अगस्त को इसमें और गिरावट हुई और उपचाराधीन रोगियों की संख्या 9,897 रह गई। अगले दिन से इसमें फिर से बढ़ोतरी शुरू हुई, जो 25 अगस्त तक जारी थी। 25 अगस्त को इलाज करा रहे लोगों की संख्या 11,998 थी। हालांकि 5 से 25 अगस्त के बीच तीन दिन (10,16 और 24 अगस्त) ऐसे भी आए जिनमें उपचाराधीन रोगियों की संख्या में पिछले दिन के मुकाबले गिरावट आई। नौ अगस्त को कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या 10,729 थी, जो दस अगस्त को घटकर 10,346 रह गई। इसी तरह 15 अगस्त को ऐसे मामलों की संख्या 11,498 थी जो 16 अगस्त को घटकर 10,823 रह गई। ऐसे ही 23 अगस्त को उपचाराधीन रोगियों की संख्या 11,778 थी, जो 24 अगस्त को कम होकर 11, 626 रह गई।

महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में वृद्धि हो रही

महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों और इससे हो रही मौतों से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। महामारी फैलने के शुरुआती महीनों में संक्रमण के ज्यादातर मामले महानगरों और शहरी क्षेत्रों में सामने आ रहे थे लेकिन अब स्थिति धीरे-धीरे बदल रही है। अधिकारी ने कहा कि राज्य में लॉकडाउन के पांचवें महीने के अंत तक ग्रामीण इलाकों में संक्रमण के मामलों और संक्रमण से होने वाली मौत की संख्या में वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में अब तक (25 अगस्त तक) संक्रमण के कुल 7,03,823 मामलों की पुष्टि हुई है जिनमें से 5,07,022 मामले (72.03 प्रतिशत) नगर निगम क्षेत्रों के हैं। उसी प्रकार अब तक राज्य में 22,794 लोग संक्रमण के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं जिनमें से 17,423 (76.43 प्रतिशत) लोगों की मौत नगर निगम क्षेत्रों में हुई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाले लोगों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में भी संक्रमण ने अपने पांव पसार लिए हैं। अधिकारी ने कहा कि उदाहरण के लिए,एक अगस्त तक महाराष्ट्र में कोविड-19 के 4,22,118 मामले सामने आए थे जिनमें से 3,36,740 (79.77 प्रतिशत) मामले नगर निगम क्षेत्रों से थे। उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह, एक अगस्त तक राज्य में कुल 14,994 लोगों की मौत हुई थी जिनमें से 12,543 (83.65 फीसदी) लोगों की मौत शहरी क्षेत्रों और 2,451 लोगों की मौत ग्रामीण क्षेत्रों में हुई थी।’’ उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि कोरोना वायरस अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैल गया है। अधिकारी ने कहा ‘‘हमें यह स्वीकार करना होगा कि कुछ लोगों ने अवैध रूप से (लॉकडाउन मानदंडों का उल्लंघन करते हुए) ग्रामीण इलाकों में यात्रा की, जिससे इन इलाकों में भी संक्रमण फैल गया।’’

इसे भी पढ़ें: मोदी के नेतृत्व वाले नये भारत की शक्ति की दुनियाभर में हो रही है सराहना

बिहार में कोरोना से 9 और लोगों की मौत

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटों के दौरान 9 और लोगों की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या बुधवार को 653 तक पहुंच गयी। इसके साथ ही इस रोग से अब तक संक्रमित लोगों की संख्या बढकर 126990 हो गयी। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण से पटना में 9 और व्यक्ति की मौत हो जाने के साथ मरने वालों की संख्या बढकर 653 हो गयी। बिहार में मंगलवार शाम 4 बजे से बुधवार 4 बजे तक कोरोना वायरस संक्रमण के 2163 नए मामले प्रकाश में आने के साथ प्रदेश में अब तक इस रोग से संक्रमित मामले बढकर 126990 हो गये हैं। इन 2163 नए मामलों में पटना जिले के 339, पूर्वी चंपारण के 132, मुजफ्फरपुर के 124, अररिया के 117, मधुबनी एवं सारण के 97—97, पूर्णिया के 93, बेगूसराय के 76 मामले शामिल हैं। बिहार में अब तक सबसे ज्यादा 19721 मामले पटना जिला में आए हैं। उसके बाद मुजफ्फरपुर में 5506, भागलपुर में 4987, बेगूसराय में 4967 मामले आए हैं। बिहार में पिछले 24 घंटों के भीतर 102590 नमूनों की जांच की गयी और कोरोना वायरस संक्रमित 2234 मरीज ठीक हुए।

राजस्थान में जांच क्षमता बढ़कर 50 हजार

राजस्थान ने कोरोना वायरस संक्रमण की जांच क्षमता बढ़ाते हुए अब हर दिन 50000 से अधिक जांच करने की क्षमता हासिल कर ली है। राज्य के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि राज्य में 51640 जांच प्रतिदिन करने की क्षमता विकसित कर ली गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 22 जिलों में जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं और जल्द ही शेष सभी जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच होने लगेगी। शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। इसके लिए अमेरिका से दो कोबास-8800 मशीनें मंगवाने का ऑर्डर किया था। पहली मशीन अगस्त के अंत में और दूसरी मशीन अक्टूबर में पहुंच जाएंगी। इन मशीनों के बाद राज्य में 60 हजार से ज्यादा जांच हो सकेंगी। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 75 हजार लोग अभी पृथकवास में हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामलों के दोगुना होने की दर हो या मृत्युदर या मरीजों के स्वस्थ होने की दर, इन सभी मानकों में राजस्थान अव्वल खड़ा नजर आ रहा है।

केरल में 2,476 मामले सामने आए

केरल में बुधवार को एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 2,476 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 64,354 हो गई है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने बताया कि 13 रोगियों की मौत के बाद मृतकों की तादाद 257 तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि नए संक्रमितों में 69 स्वास्थ्य देखभाल कर्मी भी शामिल हैं। मंत्री ने एक विज्ञप्ति में कहा कि विभिन्न अस्पतालों से कम से कम 1,351 मरीजों को ठीक होने के बाद छुट्टी दी गई है। 22,344 रोगियों का अब भी इलाज चल रहा है।

कोलकाता के लिए उड़ान सेवा होगी बहाल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोविड-19 से ज्यादा प्रभावित छह शहरों से उड़ानें बहाल करने की अनुमति के साथ ही कई छूट की बुधवार को घोषणा की, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों के खुलने पर रोक 20 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी। पश्चिम बंगाल में सात, 11 और 12 सितंबर को संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा करते हुए बनर्जी ने कहा कि सामाजिक दूरी का पालन करने और अन्य एहतियाती उपायों को लागू करने के साथ मेट्रो रेल सेवा बहाल की जा सकती है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 से ज्यादा प्रभावित छह शहरों से उड़ान परिचालन बहाल करने के संबंध में हमें कई अनुरोध मिले हैं, इसलिए एक सितंबर से इन छह शहरों से सप्ताह में तीन बार उड़ानें संचालित हो सकेंगी।’’ कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 31 अगस्त तक दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, पुणे, नागपुर और अहमदाबाद से कोलकाता के लिए यात्री उड़ानों पर रोक लगा दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान 20 सितंबर तक बंद रहेंगे। अन्य पाबंदी भी लागू रहेगी। सात, 11 और 12 सितंबर को संपूर्ण लॉकडाउन होगा।’’ बनर्जी ने कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए राज्यों को पीएम-केयर्स कोष से राशि वितरित की जानी चाहिए।

त्रिपुरा में कोविड-19 के 329 नये मामले

त्रिपुरा में बुधवार को 329 और लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया, जिससे राज्य में कोविड-19 के कुल 9,542 मामले हो गये, जबकि संक्रमण के कारण चार और मृत्यु होने से मृतकों की संख्या 83 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। संक्रमण के नये मामले आने के बाद राज्य में उपचाराधीन रोगियों की संख्या 2,866 हो गई है, जबकि 6,574 लोग अब तक इस बीमारी से उबर चुके हैं। 19 मरीज दूसरे राज्यों में चले गए हैं। त्रिपुरा में कोविड-19 के लिए अब तक 2,51,660 नमूनों की जांच की गई है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को कुल 160 लोगों को बीमारी से ठीक होने के बाद अगरतला राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल(एजीएमसी) से छुट्टी दे दी गई। उन्होंने कहा कि मंत्री परिषद ने राज्य में कोविड-19 स्थिति की समीक्षा की और जांच की संख्या बढ़ाकर और अस्पतालों में अधिक बुनियादी ढांचे का निर्माण महामारी के बेहतर प्रबंधन पर बल दिया। मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने राज्य की कोविड-19 कोर कमेटी के अधिकारियों को जांच बढ़ाने का निर्देश दिया है और लोगों से महामारी के खिलाफ लड़ाई में सरकार का सहयोग करने की अपील की है।

झारखंड में कोरोना के 1056 नए मामले

झारखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस से संक्रमित 17 मरीजों की मौत हो गयी और इसके साथ ही राज्य में मृतकों की कुल संख्या 352 तक पहुंच गयी। इस बीच राज्य में संक्रमण के 1056 नये मामले सामने आये जिन्हें मिलाकर राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 32174 हो गयी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में पिछले 24 घंटो में 17 और संक्रमितों की मौत हो गयी। इसके अलावा राज्य में संक्रमण के 1056 नये मामले दर्ज किये गये। राज्य के 32174 संक्रमितों में से 21750 लोग ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। इसके अलावा 10072 अन्य संक्रमितों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। पिछले 24 घंटों में प्रयोगशालाओं में कुल 16990 नमूनों की जांच हुई जिनमें 1056 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुयी।

हर्षवर्धन ने दो मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ बुधवार को राज्य के भीलवाड़ा और भरतपुर में दो मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया, जो पहले जिला अस्पताल थे। आधुनिक चिकित्या सुविधाओं का विस्तार करके इन्हें मेडिकल कालेजों में तब्दील किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि भीलवाड़ा के राजमाता विजया राजे सिंधिया (आरवीआरएस) मेडिकल कॉलेज और भरतपुर मेडिकल कॉलेज का केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे की मौजूदगी में डिजिटल उद्घाटन किया गया। कोटा में सरकारी मेडिकल कॉलेज, बीकानेर में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज और उदयपुर में रवींद्र नाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज में बनाए गए सुपर-स्पेशलिटी ब्लॉक का भी उद्घाटन किया गया। इन परियोजनाओं में 828 करोड़ रुपये का संयुक्त निवेश किया गया है, जिसमें से 150-150 करोड़ रुपये इन मेडिकल कॉलेजों में निवेश किए गए, जिनमें 150 स्नातक छात्रों की क्षमता है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भरतपुर मेडिकल कॉलेज में 34 आईसीयू बेड सहित 525 बेड होंगे, जबकि आरवीआरएस मेडिकल कॉलेज में 458 बेड होंगे। इस अवसर पर, हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने चिकित्सा शिक्षा में सुधारों को प्राथमिकता दी है।’’ सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में, 158 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। 157 नए कॉलेजों की योजना बनाई गई है, जिनमें से 75 को 2019-20 में मंजूरी दी गई। हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘पिछले पांच वर्षों में, हम एमबीबीएस में लगभग 26,000 सीटें और स्नातकोत्तर में 30,000 सीटें जोड़ पाए हैं। इतनी बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और देश में मेडिकल की सीटों में वृद्धि सरकार द्वारा की गई कई पहलों और सुधारों का परिणाम है।’’ इस मौके पर मुख्यमंत्री गहलोत ने राजस्थान में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को स्थापित करने में सक्रिय भूमिका के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया और उन संभावित तरीकों पर चर्चा की, जिनसे कोविड-19 संकट में राजस्थान के लोगों की मदद के लिए केंद्र-राज्य सहयोग बढ़ाया जा सके।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान में कोरोना वायरस संक्रमण के आंकड़े पहेली बनते जा रहे हैं

गोवा में कोविड-19 के मामले 15,000 के पार

गोवा में बुधवार को कोविड-19 के 497 नये मामले सामने आने के साथ ही कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 15,027 हो गई है। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने दी। संक्रमण से आठ लोगों की मौत के साथ ही मृतकों की संख्या 165 पहुंच गई है। इसने कहा कि दिन में विभिन्न अस्पतालों से 287 मरीजों को छुट्टी दी गई जिससे ठीक होने वालों की संख्या 11,511 हो गई है। गोवा में कोविड-19 के 3351 मरीजों का इलाज चल रहा है और अभी तक 1,87,140 लोगों के नमूनों की जांच हो चुकी है।

लद्दाख में कोविड-19 के एक और मरीज की जान गयी

लद्दाख में कोरोना वायरस से एक और व्यक्ति की मौत हो जाने के साथ ही केंद्रशासित प्रदेश में इस महामारी से अबतक 24 लोग जान गंवा चुके हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि लेह जिले में मंगलवार को कोविड-19 के इस मरीज की जान चली गयी और उसका अंतिम संस्कार निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया। अधिकारियों के अनुसार लेह जिले में कोरोना वायरस के चलते यह आठवीं मौत है। बाकी कोविड-19 के 16 मरीज कारगिल जिले के थे। लद्दाख में कोरोना वायरस के मामले 2420 हो गये हैं। उनमें 1549 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं जबकि 847 अभी उपचाररत हैं। लेह में कोविड-19 के 535 एवं कारगिल में 312 मरीजों का उपचार चल रहा है। इस बीच, एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि लेह और उसके आसपास कोविड नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए विभिन्न समितियां बनायी गयी हैं।

उत्तर प्रदेश में 82 और लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19 संक्रमित 82 और लोगों की मौत हो गई तथा संक्रमण के 5898 नए मामले सामने आए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बुधवार को यहां बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में संक्रमित 82 और लोगों की मौत हो गई। प्रदेश में अब तक इस वायरस से 3141 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोविड-19 के 5898 नए मरीजों का पता लगा है। प्रदेश में इस वक्त कुल 51317 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। संक्रमित होने के बाद पूरी तरह ठीक हो चुके लोगों की संख्या अब बढ़कर 148562 हो गई है। प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में मंगलवार को जांच का एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया। मंगलवार को राज्य में 144802 नमूनों की जांच की गई। राज्य में अब तक 4941679 नमूनों की जांच की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस वक्त उपचाराधीन 51317 में से 25279 संक्रमित व्यक्ति घरों में पृथकवास में हैं। अब तक 83575 व्यक्तियों ने घरों में पृथकवास के विकल्प को चुना है जिनमें से 58296 लोगों की घरों में पृथकवास की अवधि पूरी हो चुकी है। प्रसाद ने बताया कि विगत में ट्रेन और हवाई जहाज से सात दिनों से ज्यादा समय के लिए प्रदेश में आने वाले लोगों को 14 दिन के पृथकवास जबकि विदेश से आने वाले लोगों को सात दिन के संस्थागत पृथकवास और फिर इतने ही समय तक घरों में पृथकवास में रहना होता था। अब केंद्र सरकार ने इन दिशानिर्देशों में कुछ बदलाव किया है जिसके अनुरूप प्रदेश में शासनादेश जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब जो लोग विदेश से आएंगे, वे पूरे 14 दिन अपने घर में ही पृथकवास में रह सकते हैं। प्रसाद ने बताया कि हालांकि इस छूट में कुछ शर्तें होंगी। जैसे गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ, अगर किसी के घर में कोई मृत्यु हुई है और वह इसी के लिए विदेश से आ रहा है तो उसे भी यह छूट दी जा सकती है। इसी तरह अगर कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से ग्रस्त है या कोई ऐसा व्यक्ति विदेश से लौटा है जो 10 साल से छोटे बच्चों का अभिभावक है तो उसे भी यह छूट दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अगर विदेश से आ रहे किसी व्यक्ति ने अपनी यात्रा शुरू करने से पहले 96 घंटे की अवधि में अपना आरटीपीसीआर टेस्ट कराया है और वह नेगेटिव आया है तो उस प्रमाण पत्र पर भी उसे संस्थागत पृथकवास से छूट दी जा सकती है। प्रसाद ने बताया कि अब अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी काम, व्यावसायिक कार्य या किसी अन्य काम से प्रदेश से बाहर जाता है और पांच दिन के भीतर वापस लौटता है और उसमें कोविड-19 संक्रमण के कोई लक्षण नहीं है तो उसे किसी भी तरह के पृथकवास में जाने की जरूरत नहीं होगी।

अंतरराष्ट्रीय मुसाफिर सीधे एयरलाइन्स में बुकिंग करें

भारत से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रा करना चाह रहे यात्रियों को नागर विमानन मंत्रालय में आवेदन करने की जरूरत नहीं है और वे सीधे एयरलाइन्स से अपनी टिकट बुक करा सकते हैं। एक आधिकारिक वक्तव्य में बुधवार को यह जानकारी दी गयी। गृह मंत्रालय द्वारा 22 अगस्त को जारी मानक परिचालन प्रोटोकॉल में कहा गया था कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रा करने के पात्र लोगों को नागरिक उड्डयन मंत्रालय या मंत्रालय द्वारा चिह्नित किसी एजेंसी में आवश्यक विवरण के साथ आवेदन करना होगा जिसमें प्रस्थान और आगमन स्थल की जानकारी शामिल हो। मंत्रालय ने बुधवार को ट्विटर पर कहा कि उसने वंदे भारत मिशन तथा ‘वायु यातायात बबल प्रणाली’ के तहत संचालित सभी विमानन कंपनियों को इस मकसद से निर्दिष्ट एजेंसी चिह्नित किया है। द्विपक्षीय ‘एयर बबल व्यवस्था’ के तहत दोनों देशों की एयरलाइन्स कुछ पाबंदियों के साथ विशेष अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों को संचालित कर सकती हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘यात्री संबंधित एयरलाइन्स से सीधे टिकट बुक करा सकते हैं। उन्हें नागर विमानन मंत्रालय में आवेदन/पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है।’’ देश में कोरोना वायरस महामारी के कारण 23 मार्च से निर्धारित अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें निलंबित चल रही हैं, वहीं वंदे भारत मिशन और द्विपक्षीय एयर बबल व्यवस्थाओं के तहत विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन किया जा रहा है। भारत ने इस साल जुलाई से अब तक अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात तथा कतर जैसे अनेक देशों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय एयर बबल व्यवस्थाओं पर दस्तखत किये हैं।

कोविड-19 का डर कम होना प्रमुख कारण

जनता के बीच कोविड-19 को लेकर डर कम होने और उत्सवों के मौसम तथा भारी बारिश के कारण अब कम संख्या में लोग जांच करा रहे हैं। विशेषज्ञों ने बुधवार को अगस्त में दिल्ली में कोरोना वायरस की जांच के रोजाना के आंकड़ों में बदलाव के मद्देनजर यह बात कही। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को आगाह किया था कि इस मामले में आत्मसंतुष्ट नहीं हो जाना चाहिए और लोगों को कोरोना वायरस के लक्षण होने पर अपनी जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर प्रतिदिन कोविड-19 के लिए जांच की संख्या दोगुनी करके 40 हजार प्रतिदिन की जाएगी। आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अगस्त में जांच की संख्या जुलाई की तुलना में कम हो गयी। अधिकारियों ने एक अगस्त से 15 अगस्त के बीच दिल्ली में कोविड-19 के लिए 2.58 लाख से अधिक नमूनों की जांच की, वहीं जुलाई में इसी अवधि में यह आंकड़ा 3.13 लाख से अधिक था। केजरीवाल ने कहा, ‘‘हम एक हफ्ते के भीतर रोजाना जांच को 20,000 से बढ़ाकर 40,000 करने जा रहे हैं। सघन जांच और पृथक-वास को लेकर हमारी रणनीति जारी रहेगी।’’ दिल्ली में मंगलवार को कोविड-19 के 1,544 मामले सामने आए। पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय में पहली बार 1,500 से अधिक मामले आए। मीडियोर अस्पताल कुतुब इंस्टीट्यूशन एरिया में प्रभारी डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि भारी बारिश के कारण कुछ दिन तक कोरोना वायरस की जांच के लिए कम संख्या में लोग अस्पताल आए, इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी जैसे अवकाश वाले दिनों और त्योहारों पर भी जांच के लिए कम संख्या में लोग आए। राममनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में कोविड-19 के लिए नोडल अधिकारी देश दीपक ने कहा कि जांच की संख्या में बदलाव आ रहा है क्योंकि लोग छुट्टी वाले दिन बड़ी संख्या में नहीं आते।

संपर्क रहित उपस्थिति दर्ज करने वाला उपकरण पेश

कोविड-19 संकट के बाद दफ्तरों और कारखानों में कर्मचारियों की बिना किसी उपकरण को छुए उपस्थिति दर्ज करने के लिए केंट आरओ ने बुधवार को ‘कैम अटेंडेस’ उपकरण पेश किया। यह उपकरण कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस-एआई) आधारित कूटभाषा का प्रयोग करता है जो कर्मचारियों का चेहरा पहचान कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करता है। एक वर्चुअल कार्यक्रम में केंट आरओ सिस्टम्स लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक महेश गुप्ता ने इसे पेश किया। उन्होंने कहा, ‘‘इस उपकरण को लगाने के बाद कर्मचारियों को कार्य स्थल पर उपस्थित दर्ज कराने के लिए न तो हस्ताक्षर करने होंगे और न ही बायोमीट्रिक प्रणाली के तहत उंगली स्कैन करनी होगी।’’ उन्होंने कहा कि केंट कैम अटेंडेस एक अगली पीढ़ी की चेहरा पहचानने की प्रणाली है। यह एआई प्रौद्योगिकी पर आधारित है। यह उपकरण क्लाउड से जुड़ा रहता है जहां कर्मचारियों के पूरे रिकॉर्ड, उनका फोटो एवं डाटा रखा जाता है। इसे कंपनियों की मौजूदा मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के साथ जोड़ दिया जाता है। इस उत्पाद को भारत में विकसित किया गया है और इसका डेटा एवं सर्वर भी यहीं है। गुप्ता ने कहा कि एक ही कार्यस्थल पर कई ‘कैम अटेंडेंस’ उपकरणों को लगाया जा सकता है और क्लाउड की मदद से इनका केंद्रीय स्तर पर नियंत्रण भी संभव है। कंपनी ने इस उत्पाद के लिए फिल्म अभिनेता शाहरुख खान को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है।

-नीरज कुमार दुबे





Related Topics
unlock 3 unlock 3 guidelines unlock 3 rules unlock 3 latest news lockdown news lockdown unlock 3 lockdown unlock 3 guidelines unlock 3 india unlock 3 phase 3 news lockdown latest news lockdown news lockdown unlock 3 guidelines lockdown news lockdown unlock 3 rules unlock 3 rules unlock 3.0 rules covid-19 test kit covid-19 test kit in India corona vaccine Unlock2 PM Modi coronavirus मोदी लॉकडाउन कोरोना वायरस कोरोना संकट कोरोना वायरस से बचाव के उपाय आरोग्य सेतु एप कोरोना टेस्ट नरेंद्र मोदी अर्थव्यवस्था भारतीय अर्थव्यवस्था एमएसएमई केंद्रीय मंत्रिमंडल Coronavirus India LIVE Updates COVID-19 recovery rate India Lockdown News Live Updates coronavirus coronavirus latest news india coronavirus cases lockdown news lockdown latest news coronavirus today news corona cases in india india news coronavirus news covid 19 india coronavirus live news corona news corona latest news india coronavirus coronavirus live news coronavirus latest news in india coronavirus live update covid 19 tracker india covid 19 tracker covid 19 tracker live corona cases in india corona cases in india delhi coronavirus news Union Health Minister Dr Harsh Vardhan केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना वायरस संक्रमण कोविड-19 एच1एन1 फ्लू कोरोना वायरस महामारी व्हाइट हाउस ऑक्सफोर्ड डॉ. हर्षवर्धन जम्मू-कश्मीर अमरिन्दर सिंह तरुण गोगोई अरविंद केजरीवाल ममता बनर्जी अशोक गहलोत