Prabhasakshi
गुरुवार, सितम्बर 20 2018 | समय 00:21 Hrs(IST)

घरेलू नुस्खे

इस तरह बनाएं बैंगन का भरता, उंगलियां चाटते रह जाएंगे सभी

By मिताली जैन | Publish Date: Sep 13 2018 6:13PM

इस तरह बनाएं बैंगन का भरता, उंगलियां चाटते रह जाएंगे सभी
Image Source: Google
पोषक तत्वों से भरपूर बैंगन की सब्जी अधिकतर घरों में बनाई जाती है। विटामिन सी, विटामिन के, विटामिन बी 6, नियासिन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, कॉपर, फाइबर, पोटेशियम और मैंगनीज युक्त बैंगन के स्वास्थ्य लाभ का अवसर इसे डाइट में शामिल करके लिया जा सकता है। अगर आप भी बैंगन को टेस्टी तरीके से खाना चाहते हैं तो बैंगन का भरता बनाइए। बेहद आसानी से बनने वाला बैंगन का भरता खाने में बेहद ही लजीज होता है। तो चलिए जानते हैं बैंगन का भरता बनाने की विधि के बारे में−
 
सामग्री
 
बैंगन एक बड़ा
अदरक बारीक कटा
बारीक कटा प्याज
बारीक कटा टमाटर 
नमक स्वादानुसार
लाल मिर्च
आधी कप उबली मटर
बारीक कटा हरा धनिया
लम्बी कटी एक या दो हरी मिर्च
हरा धनिया
आधा चम्मच धनिया पाउडर 
आधा चम्मच जीरा पाउडर
 
विधि− बैंगन का भरता बनाने के लिए सबसे पहले हाथों पर थोड़ा-सा ऑयल लीजिए। अब इसे बैंगन के ऊपर लगाइए और स्लो गैस पर चारों तरफ से अच्छी तरह भूनें। इसके बाद इसे ठंडा होने के लिए एक प्लेट में रख दें। 
 
अब बारी आती है इसकी ग्रेवी तैयार करने की। इसके लिए एक कड़ाही में थोड़ा-सा तेल डालकर इसमें दो चम्मच बारीक कटा अदरक डालकर चलाएं व इसके बाद इसमें प्याज डालकर हल्का भूनें। ध्यान रखें कि प्याज को सिर्फ इतना भूनना है, ताकि यह साफट हो जाए। इसके बाद इसमें टमाटर, नमक व लाल मिर्च डालकर पकने दें। फिर इसमें उबली हुई मटर डालकर अच्छे से चलाएं और फिर पकने के लिए रख दें।
 
अब बैंगन को ठंडे पानी में डालें और फिर इसे पानी में से निकालकर इसका छिलका उतारें व चाकू की मदद से इसे मैश करें। अब तैयार ग्रेवी में मैश बैंगन डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। इसके पश्चात इसमें लिड लगाकर करीबन दस मिनट के लिए पकने दें।
 
अब लिड हटाकर इसमें धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, कटी हरी मिर्च व हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।
 
आपका टेस्टी बैंगन का भरता बनकर तैयार है। बस एक बाउल में निकालें और गरमा−गरम रोटी के साथ सर्व करें। 
 
-मिताली जैन

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप



Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.

शेयर करें: