100% स्वदेशी...फाइटर जेट इंजन पर लाल किले से मोदी का बड़ा ऐलान

By अभिनय आकाश | Aug 15, 2026

15 अगस्त की सुबह लाल किले की प्राचीन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वो गर्जना जिसने भारतीय रक्षा गलियारों में एक नई हलचल पैदा कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ भाषण नहीं दिया बल्कि भारत की हवाई संप्रभुता का नया घोषणापत्र जारी कर दिया। अब यह ऐलान है स्वदेशी फाइटर जेट इंजन का आज मेरा लाल किले की प्राचीन से मेरे देश के युवा वैज्ञानिकों को मेरे टैलेंटेड यूथ को मेरे इंजीनियर्स को और प्रोफेशनल्स को और सरकार के हर विभागों को भी मेरा आह्वान है क्या हमारा अपना मेड इन इंडिया फाइटर जेट्स के लिए जेट इंजीन हमारा होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 सालों के बदलाव का एक ऐसा रिपोर्ट कार्ड पेश किया जिसने आलोचकों को चुप करा दिया। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत अब सिर्फ बातें नहीं करता बल्कि जमीन पर नतीजे दिखाता है। प्यारे देशवासियों पिछले 12 वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन करीब चार गुना। खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना हुआ। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब सात गुना बढ़ा। आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना बढ़ा। मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा। इतना ही नहीं आधुनिक युग को देकर के भी डिजिटल और इनोवेशन की दुनिया में भी हमने अपना परचम लहराया। इंटरनेट यूजर इंटरनेट कंज्यूमर करीब करीब चार गुना बढ़े। पेटेंट ग्रांट होने की संख्या चार गुना बढ़ी। डिजिटल ट्रांजैक्शन 100 गुना बढ़े। सामान्य मानवी की सुविधाओं की तरफ भी हमने उतना ही गंभीरता से काम किया। हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से हमने नल से जल कनेक्शन दिए। 

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अब आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में परमाणु बम बनाना आसान है। लेकिन एक फाइटर जेट का इंजन बनाना उससे कहीं ज्यादा जटिल है। आज दुनिया में सिर्फ अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन ही ऐसे देश हैं जिनके पास अपनी पूरी तरह से स्वदेशी जेट इंजन तकनीक है। चीन भी इसमें दशकों से लगा है लेकिन उसे भी अब तक पूर्ण सफलता नहीं मिली है। एक फाइटर जेट इंजन के अंदर का तापमान 1600 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है। यह इतना तापमान है कि साधारण स्टील मक्खन की तरह पिघल जाए। इसके लिए सिंगल क्रिस्टल ब्लेड और सुपर एलॉय जैसी तकनीक चाहिए होती है। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लाल किले से कहा कि इंजन हमारा ही होना चाहिए तो उनका इशारा किसी क्रिटिकल टेक्नोलॉजी को घर में विकसित करने की ओर था। अभी हमारे पास तेजस है लेकिन उसका दिल यानी कि इंजन अमेरिकी है। पीएम मोदी चाहते हैं कि आने वाले समय में तेजस मार्क 2 या एमका के अंदर जो भी इंजन धड़के वो मेड इन इंडिया हो। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों में एक इमोशनल टच भी था। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों के पसीने से बनी हुई वह चीजें जिसमें भारत की मिट्टी की महक हो हम उसे ही खरीदेंगे। यह एक बहुत बड़ा नीतिगत बदलाव है। यह सेनाओं और सरकारी विभागों को एक स्पष्ट आदेश है कि अब प्राथमिकता स्वदेशी ही होगी। 

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अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे एक सामूहिक संकल्प बताया। जब 140 करोड़ से ज्यादा लोग तय कर लेते हैं कि हमें स्वदेशी बनना है तो बाजार की ताकतें भी झुक जाती है। जेट इंजन के निर्माण से ना केवल हजारों हाईटेक नौकरियां पैदा होंगी बल्कि भारत की अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा भी बचेगी जो हम इंजनों के रखरखाव और खरीद में खर्च करते हैं। अब लाल किले से हुआ यह ऐलान भविष्य के भारत की नींव है। स्वदेशी इंजन का मतलब है कि युद्ध के समय हमें किसी दूसरे देश के सामने हाथ नहीं फैलाने होंगे। अगर कोई भी देश हमें पुर्जे देने से मना भी कर देता है तो भी हमारे विमान आसमान में दुश्मनों से मुकाबला करते रहेंगे। खैर स्वतंत्रता दिवस पर भारत ने अपनी गुलामी की एक और बेड़ी विदेशी तकनीक पर निर्भरता को तोड़ने का संकल्प लिया है। 

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