US Israel Iran War: 120 सेकेंड...एक साथ मारे जाते US के 10000 फौजी?

By अभिनय आकाश | Mar 06, 2026

2 मिनट की देर हो जाती तो अमेरिका की मिलिट्री हिस्ट्री में नरसंहार का नया पन्ना जुड़ जाता। ईरान ने आज अमेरिका के सबसे बड़े एयरबेस पर बहुत बड़ी प्लानिंग के साथ हमला किया। यह हमला इतना सुनियोजित था कि अमेरिका के एडवांस रडार तक ईरानी फाइटर जेट को ट्रेस नहीं कर पाए। लेकिन गनीमत रही कि क़तर के एयर डिफेंस सिस्टम ने ना सिर्फ ईरानी जहाजों को रोका बल्कि हवा में ही उन्हें मार गिराया वरना आज का दिन अमेरिका के लिए काला दिन साबित होता। सुबह करीब 6:10 जगह क़तर। धमाके से आसमान गूंज उठा। जमीन से करीब 80 फीट ऊपर क़तर के एयर डिफेंस सिस्टम और ईरान के एसयू 24 टैक्टिकल बम्बर्स के टकराने की आवाज ने क़तर ही नहीं पूरे अमेरिका में सनसनी फैला दी। मिडिल ईस्ट में तैनात हर एक अमेरिकी सैनिक की फैमिली का दिल धड़क रहा था। क्योंकि क़तर के एयर डिफेंस सिस्टम और ईरान के एसयू2 बॉम्बर की टक्कर एयरबेस के बहुत नजदीक हुई थी। क़तर में मौजूद अमेरिका के इस अल उदैद एयरबेस पर अमेरिका के 10,000 जवानों की तैनाती है। अलउदे एयरबेस मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा एयरबेस माना जाता है। 

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अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद से ईरान खाड़ी क्षेत्र में लगातार जवाबी कारवाई कर रहा है। अब तक ईरान 400 से ज्यादा बैलेस्टिक मिसाइल और 1000 से अधिक ड्रोन खाड़ी के अरब देशों की ओर दाग चुका है। हालांकि ज्यादातर हमलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया है। लेकिन कुछ हमले कामयाब भी हुए हैं। लेकिन अगर 2 मिनट की देर हो जाती तो क़तर एयरबेस पर मौजूद 10,000 अमेरिकी फौजी सुपुर्दे खाक हो जाते। ईरान ने क़तर की ओर दो बैलस्टिक मिसाइलें दाग दी। इनमें से एक को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोक दिया। जबकि दूसरी दोहा के दक्षिण पश्चिम स्थित अल उदैद एयरबेस पर गिरी। कहा जा रहा है कि इसमें अमेरिका को 1.1 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। हालांकि इस हमले में किसी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई। 

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ईरान के जवाबी हमले में क़तर नंबर वन टारगेट है। क़तर के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ईरानी हमलों की शुरुआत से अब तक उसके हवाई क्षेत्र की ओर 101 बैलेस्टिक मिसाइलें, तीन क्रूज मिसाइलें और 39 आत्मघाती ड्रोन आते हुए पकड़े गए। मंत्रालय का दावा है कि सभी मिसाइलें और 24 ड्रोन इंटरसेप्ट कर दिए गए। जैसे ईरान के एसयू2 को समय रहते रोक लिया गया। अगर 120 सेकंड की देरी होती तो अमेरिका के 10,000 सैनिकों की मौत हो सकती थी। 

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