By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 13, 2026
सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने से मुक्त व्यापार समझौते के रास्ते दुबई से आयात बढ़ सकता है। आर्थिक शोध संस्थान जीटीआरआई ने बुधवार को यह बात कही। ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव’ (जीटीआरआई) के अनुसार, शुल्क बढ़ोतरी से भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के तहत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के जरिये होने वाले बहुमूल्य धातुओं के आयात से आर्थिक गतिविधियों में बड़ा बदलाव आ सकता है।
सीईपीए के तहत भारत ने मई, 2022 से शुरू 10 वर्ष की अवधि में चांदी पर आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने पर भी सहमति जताई थी। वर्तमान में यूएई से चांदी के आयात पर रियायती शुल्क सात प्रतिशत है। जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ भारत द्वारा सामान्य शुल्क 15 प्रतिशत करने से शुल्क अंतर आठ प्रतिशत अंक तक बढ़ सकता है जिससे दुबई के रास्ते आयात के लिए बड़ा अवसर बनता है। यह अंतर 2031 तक सीईपीए के तहत शुल्क शून्य होने तक हर वर्ष और बढ़ेगा।’’
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने लगभग 72 अरब अमेरिकी डॉलर का सोना आयात किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक है। चांदी के आयात में भी 150 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, जीटीआरआई ने वित्त मंत्रालय से इन शुल्क परिवर्तनों से संबंधित अधिसूचनाओं की को सरल बनाने का आग्रह किया क्योंकि वे समझने में बेहद कठिन हैं। गौरतलब है कि सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर बुधवार को 15 प्रतिशत कर दिया। प्लैटिनम पर कर 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप सोने/चांदी के डोरे, सिक्के, अन्य वस्तुएं आदि पर भी कर में बदलाव किए गए हैं।