By अभिनय आकाश | Jan 01, 2026
2026 मोदी सरकार और भारतीय राजनीति के लिए बेहद अहम साल साबित होने वाला है, क्योंकि इसी दौरान राज्यसभा में सत्ता संतुलन बदलने की पूरी संभावना बन रही है। मोदी सरकार के छह मंत्रियों सहित कई बड़े नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल पूरा हो रहा है, ऐसे समय में जब मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल और राजनीतिक पुनर्संतुलन की अटकलें तेज़ हैं। खास तौर पर महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में खाली होने वाली सीटें न केवल दलों की संख्या तय करेंगी, बल्कि एनडीए और विपक्षी गठबंधनों की ताकत भी परखेंगी। उत्तर प्रदेश में 10, बिहार में 5 और महाराष्ट्र में 7 सीटों का खाली होना सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा है। वहीं पश्चिम बंगाल और बिहार में बदलती विधानसभा गणित राज्यसभा चुनावों को और दिलचस्प बना सकती है। कुल मिलाकर, 2026 के राज्यसभा चुनाव सिर्फ संख्या का खेल नहीं होंगे, बल्कि सत्ता की दिशा तय करने वाला निर्णायक मोड़ साबित हो सकते हैं।
यूपी से 10 राज्यसभा सीटें खाली होगी। मौजूदा वक्त में इनमें से 8 सीटें बीजेपी के पास है। नवबर में जिन बीजेपी सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें नीरज शेखर, दिनेश शर्मा, हरदीप पुरी, बीएस वर्मा, बृज लाल और सीमा द्विवेदी शामिल है। समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव और बीएसपी के रामजी गौतम का कार्यकाल भी नए साल के नवबर महीने में खत्म हो रहा है। राज्य विधानसभा में बीजेपी की स्थिति को देखते हुए पार्टी अपनी 8 सीटों को कायम रख सकती है, समाजवादी पार्टी को भी दो सीटें मिल सकती है। बीएसपी के पास इतने नबर नहीं है कि वह अपने किसी नेता को राज्यसभा भेज सके। ऐसे में लगभग दो दशक बाद ऐसे हालात बनेंगे कि बीएसपी को एक भी सांसद नहीं होगा।
बिहार में अप्रैल में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही है। राज्यसभा में जिन सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें राष्ट्रीय जनता दल के प्रेम चंद गुप्ता, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, आरएलएम उपेंद्र कुशवाहा, जेडीयू के हरिवंश नारायण शामिल हैं। 243 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट पर जीत के लिए 41 विधायकों के सपोर्ट की जरूरत है।
बंगाल से पांच सीटों पर चुनाव होगा, खाली होने वाली सीटों में चार टीएमसी से हैं। सीपीएम के बिकास रंजन भट्टाचार्य का कार्यकाल भी अप्रैल में खत्म हो रहा है। राज्य में मार्च-अप्रैल में चुनाव हो सकते हैं। इस लिहाज से विधानसभा की स्थिति बदल जाएगी और जिससे ये चुनाव प्रभावित होंगे। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 3 सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है।