By अभिनय आकाश | Dec 08, 2025
लोकसभा में भारत की सबसे प्रतिष्ठित देशभक्ति रचनाओं में से एक, वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर एक दिन की विशेष चर्चा शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहस की शुरुआत करेंगे और 7 नवंबर से शुरू हो रहे एक साल के राष्ट्रीय उत्सव के तहत 10 घंटे की इस चर्चा की शुरुआत करेंगे। कई वरिष्ठ नेताओं के भाग लेने की उम्मीद है। इस सत्र में इस गीत की उत्पत्ति, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसके महत्व और भारत की सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय पहचान पर इसके स्थायी प्रभाव पर फिर से चर्चा की जाएगी।
वंदे मातरम चर्चा पर, भाजपा सांसद अरुण गोविल ने कहा कि यह राष्ट्रीय गीत के बारे में जागरूकता बढ़ाने का एक प्रयास है और नेहरू के समय में देवी-देवताओं को समर्पित कुछ पंक्तियाँ इसमें से हटा दी गई थीं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम पर कई बार सवाल उठाए गए हैं, इसलिए इस मुद्दे पर बहस ज़रूरी थी। दरअसल, यह कोई बहस नहीं, बल्कि वंदे मातरम के बारे में जागरूकता बढ़ाने का भाजपा का प्रयास है। जवाहरलाल नेहरू के समय में, देवी-देवताओं को समर्पित कुछ पंक्तियाँ वंदे मातरम में से हटा दी गई थीं।
संसद में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर होने वाली चर्चा पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि प्रधानमंत्री आज इस पर चर्चा करेंगे, लेकिन राज्यसभा सचिवालय के बुलेटिन, भाग दो, 65855, राज्यसभा सदस्यों की पुस्तिका में कहा गया है कि वंदे मातरम गाना संसद की मर्यादा के विरुद्ध है।