158 सीटें महाराष्ट्र में BJP के लिए लॉक हो गई! राहुल के जाति कार्ड को सुलगाने से पहले ही मोदी-फडणवीस ने चल दिया कौन सा बड़ा दांव?

By अभिनय आकाश | Oct 17, 2024

कांग्रेस अब तक हरियाणा की हार को नहीं समझ पा रही है। उनकी गाड़ी अब तक हरियाणा की हार में ही अटकी हुई है तो दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी की गाड़ी बढ़कर महाराष्ट्र पहुंच चुकी है। पूरा फोकस इस बात पर है कि हरियाणा जैसी जीत झारखंड और महाराष्ट्र में कैसे दिलाई जाए। इसलिए आपको याद होगा कि हरियाणा जीतने के 24 घंटे के अंदर ही पीएम मोदी और महाराष्ट्र सरकार ने बैक-टू-बैक फैसले और ताबड़तोड़ बयानों से महाराष्ट्र चुनाव का रुख पलटना शुरू कर दिया। हरियाणा चुनाव के परिणाम आने के 24 घंटे तक तो राहुल गांधी सामने ही नहीं आए थे। दूसरी तरफ हरियाणा में जीत के 24 घंटे के अंदर ही पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के नेताओं का टारगेट सेट कर दिया। उन्हें हरियाणा से भी बड़ी जीत सुनिश्चित करने के लिए बूस्ट किया गया है। हरियाणा चुनाव की तरह की कांग्रेस की जाति की राजनीति को काटने के लिए पीएम मोदी ने हिंदुत्व का कार्ड चला। वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए कनेक्ट होकर पीएम मोदी ने महाराष्ट्र सरकार को सात हजार 6 सौ करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट की सौगात दे दी। यानी पीएम मोदी ने महाराष्ट्र में विकास और हिंदुत्व दोनों का एजेंडा एक साथ सेट कर दिया। 

इसे भी पढ़ें: Haryana की तरह क्या महाराष्ट्र में भी कांग्रेस को बड़ा झटका लगेगा? या 20 अक्टूबर को खोलेगी अपना पहला ‘पत्ता'

पीएम मोदी से लेकर अमित शाह का दौरा लगातार 

पिछले चार महीने में पीएम मोदी चार बार महाराष्ट्र का दौरा कर चुकेहैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री अमित शाह भी चुनावी तैयारियों का जायजा लेने और सीट शेयरिंग को फाइनल करने महाराष्ट्र का दौरा कर चुके हैं। बीजेपी गठबंधन के लिए महाराष्ट्र का विधानसभा चुनाव नाक का भी सवाल है। लोकसभा में यूपी के बाद सबसे ज्यादा सीटें महाराष्ट्र में ही है। बीजेपी को उम्मीद है कि हरियाणा की जीत का असर महाराष्ट्र पर भी दिखेगा और पीएम मोदी ने हरियाणा जीत के दिन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ये कहा भी था। महाराष्ट्र में बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था और बीजेपी की कोशिश होगी कि उसकी याद को नई जीत से मिटाया जाए। 

राहुल की जाति की राजनीति से पहले बीजेपी ने चला अपना दांव 

राहुल गांधी महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार कर चुके हैं। लेकिन इससे पहले की राहुल महाराष्ट्र में दलित और पिछड़े वर्ग की राजनीति को सुलगाते उससे पहले बीजेपी ने बड़ा दांव चल दिया। चुनाव से ठीक पहले दलित, ओबीसी, अल्पसंख्यक और आदिवासियों को साधा जा रहा है। सबसे ज्यादा नजर ओबीसी वोट बैंक पर है। इसका अंदाजा दो बड़े फैसले से लगाया जा सकता है। जैसे महाराष्ट्र सरकार ने ओबीसी वर्ग के लिए नॉन क्रीमिलेयर की इनकम लिमिट आठ लाख से बढ़ाकर 15 लाख करने की सिफारिश केंद्र से कर दी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने महाराष्ट्र में सात जातियों और 12 उपजातियों को ओबीसी की सेंट्रल लिस्ट में भी शामिल करने की सिफारिश कर दी है। इससे इन जातियों को भी केंद्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण मिल पाएगा। इन जातियों का महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा प्रभाव है और इनके करीब 10 लाख वोटर्स हैं। 

इसे भी पढ़ें: Maharashtra पर समाजवादी पार्टी की नजर, इंडिया ब्लॉक के सामने रखी 12 सीटों की मांग, कांग्रेस का आया जवाब

150 से अधिक सीटों पर बीजेपी लड़ सकती है चुनाव

महायुति में बीजेपी के अलावा शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार) भी शामिल है। अभी तक सीट शेयरिंग फॉर्मूला फाइनल नहीं हुआ है। दिल्ली में बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक हुई। बताया जा रहा है कि इस बैठक में 100 से ज्यादा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की गई। कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी सत्तारूढ़ गठबंधन में न सिर्फ बड़े भाई की भूमिका में रहेगी बल्कि 158 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बीजेपी अपने इन सीटों में कुछ सीटें अपने छोटे सहयोगियों को दे सकती है।  

All the updates here:

प्रमुख खबरें

US के साथ व्यापार समझौते पर बोले Piyush Goyal, Rahul Gandhi फैला रहे झूठ, भारत को मिलेगा पूरा फायदा

IND vs NAM Live Cricket Score Updates: भारत की पहले बल्लेबाजी, Playing XI में बड़े बदलाव

Kiren Rijiju का Rahul Gandhi पर बड़ा हमला, बोले- वह Media के सवालों का जवाब नहीं देना चाहते

Sansad Diary: बजट पर वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman का जवाब, लोकसभा से Industrial Relations Bill पास