24 घंटे में कम हो सकता है 25% टैरिफ, ट्रंप के करीबी ने भारत के सामने रख दी कौन सी शर्त

By अभिनय आकाश | Aug 28, 2025

अमेरिका एक तरफ भारत को यूक्रेन में युद्ध का सीधा जिम्मेदार बता रहा है। कह रहा है कि शांति का रास्ता दिल्ली से होकर गुजरता है। वहीं अब अमेरिका के सुर कुछ ढीले भी पड़ रहे हैं। 50 प्रतिशत का टैरिफ 27 लागू हो चुका है। अब अमेरिका में ट्रंप के खासमखास एडवाइजर और रोजाना बयान जारी करके भारत को युद्ध के लिए जिम्मेदार, यूक्रेनियों की मौत के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं। वो अब कह रहे हैं कि 24 घंटे में 25 % टैरिफ कम हो सकता है, बस रूस से तेल खरीदना भारत बंद कर दे। लेकिन इसके साथ ही वो कह रहे हैं कि भारत बड़ा घमंडी भी है। ट्रंप के एडवाइजर ने रूस और यूक्रेन के बीच के युद्ध को मोदी का युद्ध बता दिया। व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने रूस यूक्रेन जंग को मोदी का युद्ध बताते हुए कहा कि शांति का रास्ता नई दिल्ली से होकर जाता है। 

इसे भी पढ़ें: तुरंत वापल लो टैरिफ, भारत पर 50% ड्यूटी से भड़क गया NATO

यह टिप्पणी बुधवार को ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के प्रभावी होने के बाद आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस कदम को नई दिल्ली द्वारा रूसी तेल की निरंतर खरीद से जोड़ा है। इस टैरिफ ने इस महीने की शुरुआत में लगाए गए मौजूदा 25 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क को दोगुना कर दिया है। नवारो ने दावा किया कि मास्को ने नई दिल्ली द्वारा 'छूट वाले' कच्चे तेल की खरीद से प्राप्त धन का उपयोग अपनी युद्ध मशीनरी के वित्तपोषण के लिए किया। उन्होंने तर्क दिया कि बदले में, कीव से हथियारों और धन के लिए अनुरोधों के रूप में अमेरिकी संसाधनों पर कर लगाया गया है। नवारो ने कहा कि भारत जो कर रहा है, उससे अमेरिका में हर कोई हार रहा है। उपभोक्ता, व्यवसाय और हर चीज़ हार रही है, और मज़दूर भी हार रहे हैं क्योंकि भारत के ऊँचे टैरिफ़ की वजह से हमारी नौकरियाँ, कारखाने, आमदनी और ऊँची मज़दूरी छिन रही है। और फिर करदाताओं का भी नुकसान हो रहा है क्योंकि हमें मोदी के युद्ध का वित्तपोषण करना पड़ रहा है। 

इसे भी पढ़ें: इस चु*** के साथ हमें 4 साल और...भारत पर टैरिफ लगाने को लेकर इस अमेरिकी महिला ने ट्रंप को हिंदी में LIVE गाली दे डाली

नवारो ने कहा कि यदि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर दे और युद्ध मशीन को चलाने में मदद करे तो उसे कल 25 प्रतिशत की छूट मिल सकती है। भारत पर लगाया गया 50 प्रतिशत शुल्क, अमेरिका द्वारा किसी भी एशियाई देश पर लगाया गया अब तक का सबसे बड़ा पारस्परिक शुल्क है। इससे भारत के सबसे बड़े निर्यात बाजार, अमेरिका को भेजे जाने वाले 55 प्रतिशत से ज़्यादा भारतीय सामान पर असर पड़ेगा। हालाँकि इलेक्ट्रॉनिक्स और दवाइयों जैसे कई प्रमुख उत्पादों को फिलहाल छूट दी गई है, लेकिन इन शुल्कों का असर कपड़ा और आभूषण सहित कई श्रम-प्रधान उद्योगों पर पड़ा है। 

प्रमुख खबरें

Hindustan Zinc में Stake Sale की तैयारी, ₹80,000 करोड़ का Disinvestment Target पूरा करेगी सरकार

Womens Asia Cup से पहले Pakistan को बड़ा झटका, Najiha Alvi चोटिल होकर बाहर, Sadaf Shamas की हुई एंट्री

England Cricket में बड़ा बवाल, Nightclub के बाहर हथकड़ी में दिखे Brydon Carse टेस्ट मैच से बाहर

हरियाणा में Godrej Group का मेगा प्लान, 20,000 करोड़ के Investment से खुलेंगे 40,000 Jobs के नए द्वार