अग्निपथ योजना: फेक न्यूज फैलाने वालों के खिलाफ शुरू हुआ एक्शन, 35 वॉट्सऐप ग्रुप पर लगा बैन

By अंकित सिंह | Jun 19, 2022

सेना में भर्ती को लेकर लाई गई अग्निपथ योजना के खिलाफ 4 दिन तक युवाओं का जबरदस्त तरीके से प्रदर्शन हुआ। हालांकि, आज भी इस योजना को लेकर विपक्ष नरेंद्र मोदी सरकार पर हमलावर रहा। आज तीनों सेना की ओर से एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन करके अग्निपथ योजना से जुड़ी हुई सवालों के जवाब देने की भी कोशिश की गई है। इन सबके बीच इस योजना को लेकर फर्जी खबर फैलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय ने फर्जी खबर फैलाने के आरोप में 35 व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रतिबंध लगा दिया है। खबर तो यह भी है कि फिलहाल इस मामले को लेकर 10 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। हालांकि, गिरफ्तारी की पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश में अग्निपथ की योजना को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: 'अग्निपथ योजना पर ना हो राजनीति', भाजपा का विपक्ष पर निशाना- राष्ट्रनीति को कुछ लोग नहीं कर पा रहे हजम

इस योजना के खिलाफ सबसे ज्यादा विरोध बिहार में हुआ। बिहार में भी पुलिस कार्यवाही शुरू हो गई है। पुलिस के मुताबिक बिहार में आज कोई घटना नहीं हुई। 16 से 18 जून तक सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 145 प्राथमिकी दर्ज की गई है और 804 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मौजूदा हालात को देखते हुए 17 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। वहीं ADCP(कानून व्यवस्था), नोएडा ने कहगा कि 'अग्निपथ' को लेकर जो प्रदर्शन हो रहे हैं, उसमें वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया गया है। जानकारी मिली है कि कल भारत बंद के मद्देनजर कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया जा सकता है। गौतमबुद्ध नगर में धारा 144 लागू है। जो भी व्यक्ति समूह में या अकेले इस प्रकार की गतिविधि में लिप्त होगा उसके खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रमुख खबरें

Election Commission के खिलाफ धरने पर बैठे Rahul Gandhi हिरासत के बाद रिहा

इलाहाबाद High Court ने 2 साल से लापता महिला की तलाश का जिम्मा CBI को सौंपा

Maharashtra Drought: 32 जिलों का मुआयना करने इसी हफ्ते पहुंचेगी केंद्रीय टीम, फडणवीस ने दी जानकारी

सहारनपुर की आयशा मस्जिद में अजान पर रोक न लगाए प्रशासन, Allahabad High Court का निर्देश